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आखिर क्या? जीने के तौर तरीके सुधारने होंगे।

मित्रों, लॉक डाउन 15 – 15 दिनोंसे आगे बढ़ता ही जा रहा है और संक्रमण भी अपनी गति से जो उसकी चपेट में आ रहा है उसे नापते आगे बढ़ ही रहा है। दुनिया का दस्तूर है, जानेवाले के साथ कोई चला नही जाता। रिवाज़ जो जी रहा है, उसके लिए चलते ही रहते है।

अब तक लोगोंको राशन सप्लाई, जरूरी पार्सल, माल लदान करने वाली रेल, अपने यात्रिओंके लिए भी खुल गयी है। 12 मई से राजधानी स्पेशल चल पड़ी है और 1 जुन से 100 जोड़ी मेल / एक्सप्रेस गाड़ियोंको यात्रिओंकी सेवा के लिए पटरी पर उतारा जा रहा है। शुरुवात में बचतेबचाते अंदाज़ में रेल प्रशासन ने 7 दिनोंकी ARP एडवांस रिजर्वेशन पीरियड के साथ ई-बुकिंग शुरू की थी जिसे दिनांक 24 मई से 30 दिनोंके लिए बढ़ा दिया है। RAC और वेटिंगलिस्ट टिकट भी कटाना शुरू कर दिया गया है। PRS काऊंटर्स खोल दिए गए है। जैसे सुबह को सो कर उठे बालक अपनी मिचमिचातीआंखें थोड़ी ही खोल कर देखते है, जब अहसास हो जाता है, उनके लिए सब सुरक्षित है तब अपनी आँखोंको धीरे धीरे खोलते है, अपनी गतिविधियाँ बढाते है, यह ठीक उसी तरह चल रहा है।

अब आप सोच रहे होंगे, इतनी सी गाड़ियाँ ही क्यों? अभी भी सारी कनेक्टिविटी नही बन पा रही है। इसमें महाराष्ट्र राज्य शासन ने राज्य अन्तर्गत रेल यात्रा पर रोक लगा दी। राज्य के अंदर ही अंदर यात्रा की जाने वाली कई कन्फर्म्ड टिकटें रद्द की गई। इस तरह मुम्बई एरिया से नागपुर, गोंदिया तक और नान्देड से भुसावल तक उधर दक्षिण में मिरज, सोलापुर से मुम्बई ऐसी कई यात्राओंपर रोक लग गयी है। एक तरफ हावड़ा मेल, कुशीनगर, जनता और सचखण्ड एक्सप्रेस जैसी गाड़ियाँ चलती देख छोटे स्टेशन वाले यात्रिओंकी बाँछे खिल गयी थी, मगर यात्रा की अनुमति नही होने के कारण सारे यात्री नाराज़ हो गए।

यह बात भी सही है, की राज्य अन्तर्गत परिवहन के लिए स्टेट ट्रांसपोर्ट की बसें चलाई जा रही है अतः यात्री उससे अपनी यात्रा कर सकते है। लेकिन उसमे बहोत सारी मर्यादा है। उदाहरण के तौर पर लीजिए, मुम्बई से गोंदिया करीबन 1000 किलोमीटर पड़ता है और कोई सीधी बसें उपलब्ध नही है। उसी प्रकार मुम्बई से भुसावल या नान्देड से भुसावल भी सड़क के मार्ग से काफ़ी वक्त लगता है, बैठ के यात्रा करनी पड़ती है, जिसके बदले रेल यात्रा कई तरह से बेहतर मालूम पड़ती है।

अभी इसमें एक परेशानी और खड़ी हो गयी। संक्रमण काल मे रेलवे कर्मचारियोंकी उपस्थिति काफ़ी कम है, गाड़ियाँ तो चला दी मगर वर्किंग स्टाफ़ की कमी से बहोत सारे टेक्निकल प्रोब्लेम्स आ रहे। हाल ही में भुसावल खण्डवा के बीच श्रमिक गाड़ियाँ 12-12 घंटे तक खड़ी करनी पड़ी। यहाँ तक की कई गाड़ियोंको बैक करके भुसावल नागपुर इटारसी या भुसावल अमरावती नरखेड़ के रास्ते आगे भेजना पड़ा। अभी तो कुछैक श्रमिक गाड़ियाँ चल रही है, गर 1 जुन से चलाई जाने वाली गाड़ियाँ शुरू होने तक रेल प्रशासन को अपने कर्मचारियोंकी भी हाज़िरी पर ध्यान देना होगा।

दूसरी महत्वपूर्ण बात यह है, हमने अपनी स्कूली पढ़ाई के दौरान जो अनुशासन और स्वच्छता के पाठ पढ़े, जिन्हें हालिया जीवन मे बिल्कुल ही भुला चुके है। लेकिन इस संक्रमण के दौर में हर व्यक्ति को उन पढ़े हुए पाठ की याद दिलाने की जरूरत पड़ गयी है। हर जगह अब अनुशासन के साथ कतार लगाकर काम किए जा रहे है। स्वच्छता रखना अब जिम्मेदारी की बात हो गयी है। बार बार हाथ- पैर धोना, चेहरे को ढांकना, छिंक और खांसी आए तो सुरक्षित तरीके से करना और थूंकना तो सख्त मना ही है। आखिर बेबाक़ जीने का तरीका बदलना ही होगा।

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विशेष सूचना

रेल प्रशासन ने अपने लगभग सभी प्रमुख स्टेशनोंके PRS रिजर्वेशन काऊंटर्स खोल दिए है। हालाँकि यह काऊंटर्स केवल रिजर्वेशन करने के लिए खोले गए है, यात्रिओंसे नम्र निवेदन है, कृपया रिफण्ड के लिए अभी भीड़ न करें। 22 मार्च से जो गाड़ियाँ रद्द की गई थी, उनके रद्दीकरण कर रिफण्ड लेने की अवधि छह महीने के लिए बढ़ा दी गयी है।

पश्चिम रेलवे की ओरसे इस सम्बन्घ में एक परीपत्रक जारी किया है।

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महारष्ट्रवासियों कृपया ध्यान दीजिए।

महाराष्ट्र में रहनेवाले यात्रिओंके लिए बुरी खबर है, जो रेल गाड़ियाँ अब तक शुरू की गई है उनमेसे राजधानी स्पेशल तो महाराष्ट्र की सीमाओं में ज्यादातर चल ही नही रही है लेकिन जो गाड़ियाँ 1 जुन से चलाई जानी है, उनमें आप लोग इंटर डिस्ट्रिक्ट याने आन्तर जिला यात्रा नही कर सकते हो। राज्य शासन की ओरसे यह अनुमति नही दी गयी है।

जिन यात्रिओंने राज्य सीमा के अंदर ही किसी एक जिले से दूसरे जिले में जाने के लिए आरक्षण कर लिए है, चूँकि इन गाड़ियोंका आरक्षण आज सुबह शुरू हो गया था अतः इस तरह के सभी आरक्षण रेल प्रशासन द्वारा रद्द किए गए है। उदाहरण के लिए जैसे 02809 मुम्बई हावड़ा मेल वाया नागपुर में मुम्बई से लेकर गोंदिया तक, या बीच के किसी स्टेशन जैसे नागपुर, वर्धा, बडनेरा, अकोला, भुसावल, जलगाव ई स्टेशनोके लिए बुक किए गए सभी टिकट रद्द किए गए है। इन टिकटोंके फूल रिफण्ड बिना किसी कटौती के यात्रिओंके अकाउंट में जमा किए जाएंगे।

इसके बाद आगे भी, जब तक राज्य शासन से अनुमति नही दी जाती तब तक, किसी भी यात्री को महाराष्ट्र के अंदर आन्तर जिला रेल से यात्रा करने की अनुमति नही है और कोई भी टिकट की बुकिंग नही की जाएगी। रेल प्रशासन ने इसके लिए परीपत्रक जारी किया है जिसे साथ मे जोड़ रहे है।

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आसान शब्दोंमें स्पेशल गाड़ियोंके यात्रिओंके लिए नियमावली

प्रिय मित्रों,
1 जुन से 100 जोड़ी शेड्यूल्ड याने रेलवे की समयसारिणी नुसार चलनेवाली यात्री गाड़ियाँ शुरू होने जा रही है। इन गाड़ियोंकी ऑनलाईन टिकट बुकिंग आईआरसीटीसी के वेबसाइट पर आज दिनांक 21 मई से सुबह 10:00 बजे से उपलब्ध होगी। इन यात्री गाड़ियोंमे यात्रा करने की नियमावली बनाई गई है। आइए आसान भाषामे इसको समझ लेते है।

यह स्पेशल गाड़ियाँ “श्रमिक स्पेशल ” गाड़ियोंके अलावा चलाई जा रही है, जिसमे आप को यात्रा करने के लिए आरक्षित, कन्फर्म टिकट खरीदनी होगी।

इन गाड़ियोंका स्टेट्स स्पेशल ट्रेन्स इस तरह का है, अतः इसमें कोई भी द्वितिय श्रेणी याने जनरल क्लास नही होगा। सेकन्ड क्लास टिकट की भी कन्फर्म टिकट होगी जिसे आरक्षित सेकन्ड क्लास (2S) ट्रीट किया जाएगा और यात्री को सीट नम्बर दिया जाएगा। इस 2S क्लास का किराया रेग्युलर 2S किरायोंके तरह का ही रहेगा।

यह सारी गाड़ियाँ उनके रेग्युलर नाम और नम्बर्स के मुताबिक शेड्यूल याने टाइमटेबल के अनुसार और डिब्बा संरचना याने कोच फॉर्मेशन के साथ ही चलाई जाएगी।

टिकट केवल आईआरसीटीसी की ई-टिकट ही उपलब्ध रहेगी, कोई भी PRS याने काउंटर टिकट नही बेची जाएगी।

यज्ञपी टिकट बुक करते वक्त RAC और वेटिंग लिस्ट टिकट आबंटित किए जाएंगे लेकिन फाइनल चार्ट बनने के बाद चार्ट पर जो टिकट कन्फर्म्ड है वहीं टिकटधारी यात्री इन गाड़ियोंमे यात्रा कर पाएंगे।

टिकट बुकिंग की अग्रिम अवधी याने एडवांस रिजर्वेशन पीरियड (ARP) 30 दिनोंकी रहेगी, पहले रेग्युलर यात्रा में यह अवधि 120 दिनोंकी थी।

यात्रा करने वाले यात्री को अपनी गाड़ी में चढ़ने के लिए गाड़ी के शेड्यूल्ड याने टाइम टेबल नुसार छूटने के 90 मिनट पहले स्टेशनपर आना होगा। यात्री की स्क्रीनिंग की जाएगी और उसकी स्वास्थ्य अवस्था ठीक है तो ही यात्रा की अनुमति दी जाएगी।

इन गाड़ियोंमे रियायती टिकट की श्रेणी में केवल दिव्यांग रियायत और 11 तरह के बीमारी से पीड़ित यात्रिओंके लिए जो रियायतें रेल प्रशासन द्वारा दी गयी है केवल वही रियायतें उपलब्ध रहेगी। वरिष्ठ नागरिक याने सीनियर सिटीजन कन्सेशन भी उपलब्ध नही किया जा रहा है।

इन गाड़ियोंके टिकटोंके आरक्षण केवल आईआरसीटीसी के वेबसाइट और एप पर ही उपलब्ध है, रेलवे के अधिकृत एजेंट्स भी बुक नही करा पाएंगे।

केवल साधारण टिकट बुकिंग ही कि जाएगी, तत्काल या प्रिमियम तत्काल श्रेणी बन्द रहेगी।

गाड़ी का पहला चार्ट हमेशा की तरह गाड़ी छूटने के समय से 4 घंटे पहले तैयार किया जाएगा। मगर फाइनल चार्ट जो की अब तक गाड़ी छूटने के 30 मिनट पहले तैयार किया जाता था वह अब गाड़ी छूटने के समय से 2 घंटे पहले ही तैयार किया जाएगा। पहले चार्ट और फाइनल चार्टिंग के बीच के समय मे खाली सीट्स या बर्थस की बुकिंग, करन्ट कोटे से जारी की जाएगी।

जिस यात्री का कन्फर्म्ड टिकट है, केवल उसे ही यात्रा की और स्टेशन पर आने की अनुमति होगी। यात्रा के दौरान यात्री को अपना मास्क पहने रहना अनिवार्य है। जिस यात्री का स्वास्थ्य स्टेशन पर जो स्क्रीनिंग की जा रही है, के दौरान ठीक होगा उसे ही यात्रा की अनुमति होगी। यात्रा के दौरान यात्री को खुद के और अन्य यात्रिओंकी सुरक्षा हेतु संक्रमण के दौरान जारी किए गए सारे नियमोंका पालन करना अनिवार्य है। यात्री को अपने गन्तव्य स्थान पर पोहोंचने के बाद वहाँ के सारे हेल्थ प्रोटोकॉल का पालन करना होगा।

अभी तक जो भी आरक्षित कोटा उदाहरण के लिए, लोअर बर्थ कोटा, महिला कोटा, दिव्यांग कोटा ई. जारी थे वह सभी यथावत उपलब्ध रहेंगे।

यात्रा रद्द किए जाने पर या टिकट रद्द करने पर रिफण्ड के नियम भी यथावत याने अब तक की नियमावली अनुसार ही रहेंगे। जो यात्री स्टेशन पर स्क्रीनिंग टेस्ट पास नही कर पाएगा, या उसे कोरोना संक्रमण के लक्षण दिखाई देते है, उसका टिकट रद्द किया जाएगा, वह गाड़ीमे यात्रा नही कर पाएगा। इस अवस्था मे उसकी टिकट रद्द कर के उसे बिना किसी कटौती के, पूरा रिफण्ड मिलेगा। यदि ग्रुप टिकट हो और ग्रुप में कोई यात्री स्क्रीन टेस्ट पास नही कर पाता है और केवल उसी का टिकट रद्द कर के बाकी यात्री अपनी यात्रा कर सकते है, इस अवस्था मे वाणिज्य विभाग के कर्मी उस यात्री के टिकट के लिए TDR देंगे और नियमानुसार फूल रिफण्ड उसे मिलेगा। साथ ही यदि बाकी सब यात्री भी उस पीड़ित यात्री के साथ अपनी टिकट रद्द कराना चाहे तो भी सभी यात्रिओंके टिकट रद्द कर के फूल रिफण्ड के लिए पात्र समझे जाएंगे।

यात्रा के दौरान यात्री को अपने खान-पान की व्यवस्था खुद को ही करनी होगी। रेलवे प्रशासन टिकटोंमे कैटरिंग चार्जेस सम्मिलित नही कर रही है। स्टेशनोंपर सभी खान-पान के स्टॉल्स, बुक स्टॉल्स, क्युरिओ और मेडिकल स्टॉल्स खुले रहेंगे। खान-पान के स्टॉल्स पर केवल टेक अवे याने ले जाईए फैसिलिटी ही उपलब्ध रहेगी, कैंटीन में बैठकर खाना मना रहेगा।

यात्रा के दौरान कम्बल, या चद्दर उपलब्ध नही होंगे, यात्री को अपनी व्यवस्था खुद करनी होगी। इस सम्बंध में और भी जानकारी टिकट बुकिंग के दौरान दी जाएगी।