08 जुलाई 2023, शनिवार, श्रावण, कृष्ण पक्ष, षष्टी, विक्रम संवत 2080
रेल मंत्रालय ने अनुभूति और विस्टाडोम कोच सहित एसी सिटिंग सुविधा वाली सभी ट्रेनों की एसी चेयर कार और एक्जीक्यूटिव क्लास में छूट की योजना शुरू की है। हालाँकि इस योजना में बहुत से किंतु, परन्तु जुड़े है। आइए देखते है,
छूट का तत्व मूल किराये पर अधिकतम 25% तक होगा। लागू होने वाले अन्य शुल्क जैसे की आरक्षण, सुपरफास्ट अधिभार, जीएसटी एवं खानपान शुल्क अलग से लगाए जाएंगे। यात्री सहभाग ( ऑक्यूपेंसी ) के आधार पर किसी या सभी वर्गों में छूट प्रदान की जा सकती है। इसके आगे टर्म्स / कंडिशन्स शुरू होती है,
छूट के लिए, पिछले 30 दिनों के दौरान 50% से कम (या तो अंत से अंत तक या कुछ निर्दिष्ट चरणों/खंडों में) ऑक्यूपेंसीवाली या 50% से कम यात्री सहभाग वाले वर्ग की गाड़ियोंका विचार किया जाएगा।
यह छूट तत्काल प्रभाव से लागू की जा रही है।
पहले से बुक किए गए यात्रियों के लिए किराए की कोई धनवापसी, रिफंड स्वीकार्य नहीं होगा।
उन गाड़ियोंके मामले में, जहां किसी विशेष श्रेणी में फ्लेक्सी किराया योजना लागू है और ऑक्यूपेंसी कम है, यात्रिओंका सहभाग बढ़ाने के उपाय के रूप में शुरू में फ्लेक्सी किराया योजना को वापस लिया जा सकता है। यदि इससे यात्री सहभाग में सुधार नहीं होता है, तभी उन गाड़ियों या उनकी श्रेणियों में छूट योजना लागू की जा सकती है।
यह योजना अवकाश/त्यौहार विशेष आदि के रूप में शुरू की गई विशेष ट्रेनों पर लागू नहीं होगी।
गाड़ियोंके यात्रियों द्वारा अधिकतम उपयोग के उद्देश्य से, रेल मंत्रालय ने निम्नलिखित नियमों और शर्तों के अधीन, वातानुकूलित सिटिंग सुविधा वाली गाड़ियों में रियायती किराया योजना शुरू करने के लिए क्षेत्रीय रेलवे को समुचित शक्तियां सौंपने का निर्णय लिया है।
यह योजना अनुभूति और विस्टाडोम कोचों सहित वातानुकूलित कुर्सी यानों वाली सभी ट्रेनों की वातानुकूलित चेयर कार और एक्जीक्यूटिव कक्षाओं में लागू होगी।
पिछले 30 दिनों के दौरान 50% से कम ऑक्यूपेंसी वाली ट्रेनों (या तो अंत से अंत तक या कुछ निर्दिष्ट लेग/सेक्शन में उन सेक्शन के आधार पर जहां छूट प्रदान की जानी है) को ध्यान में रखा जाएगा। छूट की मात्रा तय करते समय परिवहन के प्रतिस्पर्धी माध्यम का किराया मानदंड होगा।
छूट यात्रा के पहले चरण और/या यात्रा के अंतिम चरण और/या मध्यवर्ती खंडों और/या यात्रा के अंत से अंत तक के लिए दी जा सकती है, बशर्ते कि उस चरण/खंड/अंत से अंत तक यात्री सहभाग 50% से कम हो।
इस तरह की छूट शुरू में ट्रेन के आरंभिक स्टेशन के, क्षेत्रीय रेल के PCCM वाणिज्यिक अधिकारी द्वारा तय की गई अवधि के लिए लागू की जाएगी, जो इसके लागू होने से यात्रा की तारीखों के लिए अधिकतम छह महीने के अधीन होगी। रियायती किराया उपरोक्त अवधि के मांग पैटर्न के आधार पर पूरी अवधि या आंशिक अवधि या माहवार या मौसमी या सप्ताह के दिनों/सप्ताहांत के लिए दिया जा सकता है।
आन्तर क्षेत्रीय, प्रारम्भिक-गन्तव्य जोड़े / गंतव्यों वाली ट्रेनों के लिए, कोंकण रेल के मामले में अन्य क्षेत्रीय रेलवे के पीसीसीएम/प्रबंध निदेशक या सीओएम/सीसीएम के परामर्श से किराए में छूट दी जा सकती है।
आगे की समीक्षा नियमित रूप से की जाएगी और यात्री सहभाग के आधार पर छूट को संशोधित /विस्तारित / वापस लिया जा सकता है।
यदि योजना में छूट / वापसी में संशोधन का निर्णय लिया जाता है तो उसे तत्काल प्रभाव से लागू भी किया जा सकता है। हालाँकि, पहले से बुक किए गए यात्रियों से किराए में कोई अंतर नहीं लिया जाएगा, उसी तरह धनवापसी भी नही होगी।
पीटीओ पर टिकट, रेलवे पास पर किराये का अंतर, रियायती वाउचर, विधायक/पूर्व विधायक कूपन, वारंट, सांसद/पूर्व सांसद/स्वतंत्रता सेनानियों आदि को मूल श्रेणीवार किराये पर ही बुक किया जाएगा। इन्हें रियायती किराये की छूट नहीं मिल पाएगी।
यदि प्रारम्भिक स्टेशन से गन्तव्य स्टेशन तक छूट प्रदान की जाती है, तो ऐसी ट्रेनों में तय अवधि के लिए तत्काल कोटा निर्धारित नहीं किया जाएगा। इसके अलावा, यदि ट्रेन की आंशिक यात्रा के लिए छूट प्रदान की जाती है, तो यात्रा के उस हिस्से के लिए तत्काल कोटा प्रदान नहीं किया जा सकता है जिन खण्डों पर छूट दी गई है।
छूट पहले चार्ट की तैयारी तक और वर्तमान बुकिंग के दौरान बुक किए गए टिकटों के लिए होगी। टीटीई द्वारा ‘ऑन बोर्ड’ छूट की भी अनुमति दी जा सकती है।
फिलहाल इस योजना का प्रावधान 1 वर्ष की अवधि तक लागू रहेगा।
यह लेख PIB द्वारा प्राप्त प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है।
