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अब क्यों न भुसावल – पुणे के बीच कल्याण होकर एक वन्देभारत चलें!

29 अगस्त 2023, मंगलवार, निज श्रावण, शुक्ल पक्ष, त्रयोदशी, विक्रम संवत 2080

मित्रों, कल दिनांक 28 सितम्बर को भुसावल मण्डल ने एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की। कल 12860 हावड़ा मुम्बई गीतांजलि एक्सप्रेस ने भुसावल मण्डल में 130 kmph की दौड़ लगाई। यूँ तो भुसावल मण्डल में 130 के गति से LHB रैक वाली गाड़ियाँ चलाने की अनुमति मिल गई थी, मगर यह कल से ही शुरू हुई है। अब सारी LHB रैक वाली गाड़ियाँ 130 kmph गति से मार्गक्रमण करेंगी।

कई सोशल मीडिया में 130 गति की गुणा गणित लगा कर भुसावल से 4 घण्टे में मुम्बई, 3 घण्टे में नागपुर, भोपाल, सूरत यह दिखाना शुरू हो जाएगा, मगर ऐसा नही होता। मित्रों, यह रेलवे ट्रैक है, कोई रोडवेज नही। यहाँ पर ट्रैक पर रेल गाड़ियोंकी कतारें लगी होती है और भला हो आधुनिक सिग्नल सिस्टम का, के स्लॉट्स 8-10 किलोमीटर से घट कर 2-3 किलोमीटर पर आ गया है। यदि गाड़ी को 130 kmph अर्थात अमूमन 2 किलोमीटर प्रति मिनट चलना है तो उसका रास्ता लम्बी दूरी तक साफ होना जरूरी है। इसी वजह से गाड़ियोंकी अधिकतम गति भले ही 130 kmph हुई हो, एवरेज गति लगभग पुरानी या उससे थोड़ी बेहतर ही रहेंगी। हाँ यह है, की अब गाड़ियाँ अपने शेडयूल को बेहतर रखने की भरकस कोशिश करेंगी, समयपर चलेंगी।

चलिए, हम हमारे विषयपर आते है। अब तक भुसावल मण्डल में मुम्बई – शिर्डी वन्देभारत इगतपुरी से मनमाड़, अंकाई तक चल रही है। ऐसे में हम हमारे क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से आग्रह करेंगे, क्यों न भुसावल – पुणे के बीच कल्याण होकर एक वन्देभारत चला दी जाए?

भुसावल – पुणे के बीच प्रतिदिन चलनेवाली हुतात्मा एक्सप्रेस जो स्थानीय यात्रिओंके बीच बेहद लोकप्रिय थी, स्थायी रूप से बन्द कर दी गयी है। इस गाड़ी में दो वातानुकूल चेयर कार हुवा करती थी, जो सदा ही फूल चलती थी। दूसरा यह गाड़ी कल्याण होकर चलती थी। इससे क्षेत्र के यात्रिओंको पुणे, पनवेल, मुम्बई (कल्याण) नासिक, मनमाड़ सभी स्टेशनोंकी कनेक्टिविटी मिल जाती थी। अतः इस बन्द गाड़ी के ऐवज में अब वन्देभारत प्रीमियम गाड़ी चलाने में कतई हर्ज नहीं। आगे हम देखते है, रेल प्रशासन प्रत्येक वन्देभारत शुरू करवाने हेतु कुछ तथ्य जाँचती है, उन पर चर्चा करते है।

वन्देभारत एक्सप्रेस यह सम्पूर्ण वातानुकूलित प्रीमियम रेल सेवा है। अतः रेल प्रशासन किसी क्षेत्र में इस गाड़ी को लॉन्च करने से पहले यह देखना चाहता है, स्थानीय यात्रिओंकी क्या जरूरतें है और वह किस तरह पूर्ण होती है। वन्देभारत जिन दो स्टेशनोंके बीच चलेगी, उन में से एक कमसे कम जिला मुख्यालय हो, उच्च शैक्षणिक संस्थानों से परिपूर्ण हो, बिजनेस हब हो या औद्योगिक इकाइयों से समृध्द हो। उक्त स्थानों के बीच सड़क, रेल एवं हवाई यातायात की स्थिति कैसी है, माँग और आपूर्ति की क्या व्यवस्था है यह भी जाना जाता है।

भुसावल शहर, जलगाँव जिला मुख्यालय से मात्र 25 किलोमीटर है। इसके अलावा भुसावल मण्डल में बुरहानपुर जिला 50 किलोमीटर, बुलढाणा जिला 100 किलोमीटर पड़ता है। भुसावल, जलगाँव क्षेत्र से पूरे देशभर में केला, इस फल का वितरण होता है। मार्ग के चालीसगांव जंक्शनसे धुलिया जिला जुड़ा है। नासिक यह बड़ा औद्योगिक हब और तीर्थ क्षेत्र भी भुसावल रेल मण्डल के अंतर्गत आता है। नासिक से पुणे के बीच फिलहाल कोई भी सीधा रेल सम्पर्क नही है, अपितु हजारों करोड़ रुपये की सेमी हाई स्पीड रेल परियोजना वर्षोँसे प्रलम्बित है, जिसे धरातल पर आने के लिए और लम्बा इंतज़ार करना होगा। भुसावल – कल्याण के बीच रेल सेवा तो बेहतर है मगर बसें, हवाई जहाज जो जलगाँव हवाई अड्डे से जुड़ती है न के बराबर है। भुसावल – जलगाँव क्षेत्र के बहुत से छात्र और कामगार वर्ग नासिक, मुम्बई और पुणे के लिए नियमित यात्रा करते है।

नियमित रेल गाड़ियाँ मुम्बई के लिये करीबन 8, 9 घंटे, पुणे के लिए करीबन 10 घण्टे का अवधि लेती है। वहीं बसेस को भी अमूमन 12 घंटे लग जाते है। बसों के किराए मुम्बई, पुणे के लिए, ₹ 1000 से 2000 के बीच है, तो जलगाँव से पुणे के बीच हवाई सेवा चली, जो की फिलहाल उपलब्ध नही है, तकरीबन किराए ₹3000 रह सकते है और शहर से शहर के बीच (एयर पोर्ट टु एयर पोर्ट नहीं) हवाई यात्रा का समय 4 से 6 घण्टे हो सकता है।

उपरोक्त स्थितियोंको देखते हुए, यह सहज है की भुसावल – पुणे वन्देभारत इन स्टोपेजेस के साथ चले, जलगाँव, पाचोरा, चालीसगांव, मनमाड़, लासलगांव (प्याज की अग्रगण्य मंडी), निफाड़ (अंगूर उत्पादन क्षेत्र) नासिक (बड़ा औद्योगिक शहर एवं तीर्थ क्षेत्र), इगतपुरी (भगवान बुद्ध तीर्थ), कल्याण मुम्बई कनेक्टिविटी हेतु (लोको रिवर्सल) कर्जत, लोनावला, चिंचवड़, शिवाजीनगर होकर पुणे पहुंचे। यह ज्यादा स्टोपेजेस वन्देभारत एक्सप्रेस गाड़ीका तकनीकी बलस्थान है। इस गाड़ी में तुरन्त पिकअप और इंस्टैंट कण्ट्रोल क्षमता है। साथ ही गाड़ी कण्ट्रोल के समय बिजली रिजनरेशन तकनिक मौजूद है।

इस गाड़ी की समयसारणी मध्य रेल की जो दिल्ली से मुम्बई के बीच राजधानी चलती है, उसके आगे या पीछे चलाई जा सकती है। सम्पूर्ण रेल मार्ग FEDL (फुल्ली इलेक्ट्रीफाइड डबल लाइन) है, 130 kmph गति के लिए अनुमति प्राप्त है। भुसावल से पुणे का पूर्ण सफर अमूमन 7 घंटे में पूरा कर सकती है। ऐसे में सुबह 6 बजे भुसावल से निकल 13 बजे पुणे पहुंचेगी और वापसी 14 बजे पुणे से निकल रात 22 बजे भुसावल लौट सकती है।

उपरोक्त समयसारणी के साथ यह वन्देभारत गाड़ी क्षेत्र में बेहद लोकप्रिय हो सकती है। आशा है, न सिर्फ जलगाँव क्षेत्र के अपितु धुळे, नासिक और पुणे क्षेत्र के जनप्रतिनिधि भी इस गाड़ी के लिए रेल प्रशासन से आग्रह करेंगे।

Photo courtesy : indiarailinfo.com

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