13 नवम्बर 2023, सोमवार, कार्तिक, कृष्ण पक्ष, अमावस्या, विक्रम संवत 2080
हाल ही में सूरत से बिहार की ओर जानेवाली गाड़ियोंमें यात्रिओंमें मची भगदड़ से अनहोनी सी घटना हुई। पश्चिम रेल प्रशासन ने मामलात पर तुरन्त ही व्यवस्था में सुधार लाया और अब बिहार के भागलपुर, समस्तीपुर, पटना, कटिहार के लिए लगातार विशेष गाड़ियोंका प्रबन्ध किया और इतना ही नही, उन्होंने अपनी पूर्वघोषित आरक्षित गाड़ियोंको भी अनारक्षित करने की कार्रवाई की। पश्चिम रेल का यह कदम, उत्तम आपदा प्रबन्धन का उदाहरण हो सकता है।
दूसरी ओर मध्य रेल भी बिहार की ओर मुम्बई, पुणे से लगातार अपनी विशेष गाड़ियाँ बढ़ा रहा है। वैसे महानगरों से उत्तरी भारत की ओर यात्रिओंका रेला छुट्टियोंमे रहना हमेशा की बात है। रेल प्रशासन विशेष गाड़ियाँ चलाता तो है, मगर बगैर किसी अग्रिम पूर्वनियोजन के। बहुतांश यात्री अपनी यात्रा का नियोजन 8-15 दिन पहले कर लेते है और रेलवे मात्र 2 दिन, 1 दिन पहले अपनी विशेष गाड़ियोंका शेड्यूल प्रकाशित करती है या बुकिंग्ज खोलती है। ऐसी अवस्था मे नियमित गाड़ियोंमें यात्रिओंका भार बेतहाशा हो जाता है और विशेष गाड़ियाँ बगैर यात्रिओंको लिए खाली ही फेरे लगाते रहती है।
इधर मध्य रेल के 2-3 मण्डलोंमें एक नियमित मेल/एक्सप्रेस को विस्तारित करने से बड़ी अफरातफरी मची है। इस अफरातफरी को समझने के लिए हमे इस के जड़ तक जाना होगा।
विदर्भ से पुणे के लिए नियमित यात्री गाड़ी की माँग हमेशा से ही रही है। ऐसे में रेल राज्यमंत्री रावसाहेब दानवे की ओर से अमरावती – पुणे के बीच एक प्रतिदिन नई मेल/एक्सप्रेस चलाने की घोषणा हुई। यात्रिओंके बीच हर्ष की लहर छा गयी। मगर… मगर हक़ीकत में जो हुवा, वह अकल्पनीय था। लगातार अपना परिचालन बदलती पुणे – भुसावल – पुणे प्रतिदिन हुतात्मा एक्सप्रेस का समय और मार्ग परिवर्तन कर अमरावती तक विस्तार करने की घोषणा कर दी गयी।


यहांसे खेला बिगड़ा। रेल प्रशासन ने पहले एक परिपत्रक जारी किया और इस गाड़ी को विशेष श्रेणी में, 01101/02 में चलाने का ऐलान किया। मध्य रेल ने यह विशेष गाड़ी 10 नवम्बर को पुणे से और 11 नवम्बर को अमरावती से चलाने का नियोजन किया। ऑनलाइन बुकिंग्ज खुल गयी और यात्री उस पर उमड़ पड़े। दीपावली के पहले 01101 पुणे – अमरावती और बाद में 01102 अमरावती पुणे लगभग एक सप्ताह के आरक्षित कोच में रातोंरात प्रतिक्षासूची लग गयी।
परिचालन विभाग की दिक्कतें यहाँ से शुरू हुई। 12157/58 पुणे सोलापुर पुणे हुतात्मा, 01101/02 पुणे अमरावती पुणे विशेष और 12119/20 अमरावती अजनी अमरावती इनको रैक के लिए इंटीग्रेट किया गया। सोलापुर से अजनी के लिए एकल फेरा बनाकर सिस्टम में एक अतिरिक्त रैक जोड़ा गया। मगर हाय… मार्ग पर गाड़ियोंकी भरमार, मनमाड़ – दौंड के बीच रेल दोहरीकरण कार्य के चलते रेल यातायात की परेशानी। सब नियोजन ढहते चला गया। सारे रैक लिंक की गाड़ियोंकी समयसारणी गड़बड़ा गयी और इसका भुगतान पुणे सोलापुर हुतात्मा के यात्रिओंको करना पड़ा। ऐन दीपावली की भागदौड़ की बीच उनकी गाड़ी 4-6 घण्टे लेट चली।

इधर पुणे अमरावती को विशेष श्रेणी में चलाने से उसके किराए कहीं के कहीं पहुंच गए। उसपर अलग बवाल खड़ा हो रहा था। आननफानन में मध्य रेल का बदला हुवा फैसला आया। दिनांक 13 नवम्बर से 01101/02 को रद्द करार दिया गया और 11025/26 पुणे भुसावल पुणे इस नियमित गाड़ी को ही अमरावती तक विस्तारित बताकर उसका बुकिंग शुरू किया गया। यह गाड़ी 13 नवम्बर से शुरू की गई।

अब समस्या पर आते है, इन सारे खेल में कई यात्रिओंने विशेष गाड़ी 01101/02 में अपनी टिकटें बुक करा ली और प्रशासन ने उस गाड़ी को रद्द घोषित कर दिया। ऐसी हालातों में कन्फर्म टिकट धारी यात्री पेशोपेश में है, क्या उनकी विशेष गाड़ी की कन्फर्म टिकटें ऑटोमेटिकली 11025/26 में एडजस्ट, समाहित हो जाएगी? मित्रों, सुरतेहाल समझ लीजिए, ऐसा नही होगा। गाड़ी रद्द हो गई है तो आपकी टिकट रद्द समझी जाएगी। टिकट ऑनलाइन बुक्ड है तो चार्टिंग के समय टिकट रद्द कर, फूल रिफण्ड आपको वर्ग कर दी जाएगी। टिकट छपी हुई, PRS वाली है तो भी रद्द ही होगी। बशर्ते आपको रिफण्ड काउंटर से कलेक्ट करना होगा।


अब क्या होनेवाला है किस अफरातफरी का अन्देशा है? जिन यात्रिओंके टिकट 01101/02 में बुक्ड है, वह सीधे गाड़ी पर पहुचेंगे, जहाँ उन्हें 11025/26 के बुक्ड यात्री मिलेंगे और जगह एक और दावेदार अनेक। इस अफरातफरी से रेल प्रशासन को बचना है तो कमसे कम आठ दिनों तक उन्हें एक स्लिपर कोच अतिरिक्त रूप से चलाना होगा। अन्यथा आरक्षित कोच के यात्रिओंमें घमासान होना तय है। और यह प्रसंग मध्य रेल के पुणे और भुसावल मण्डल के दहलीज पर खड़ा है।
