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वन्देभारत ; बनारस – नई दिल्ली – बनारस

16 दिसम्बर 2023, शनिवार, मार्गशीर्ष, शुक्ल पक्ष, चतुर्थी, विक्रम संवत 2080

लीजिए साहब,

रिवर्स वन्देभारत एक्सप्रेस! रिवर्स इसलिए एक वन्देभारत एक्सप्रेस जो देश की सबसे पहली वन्देभारत थी, नई दिल्ली – वाराणसी – नई दिल्ली, सुबह दिल्ली से निकल वाराणसी पहुंच रात दिल्ली वापसी। अब नई घोषित गाड़ी ठीक इसके उल्टे है। यह सुबह बनारस के निकल, दिल्ली पहुंच रात बनारस वापसी करेंगी।

22415/16 बनारस – नई दिल्ली – बनारस वन्देभारत एक्सप्रेस सप्ताह में छह दिन प्रत्येक मंगलवार छोड़कर चलेगी।

स्टोपेजेस : प्रयागराज जंक्शन एवं कानपुर

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‘काशी – तमिळ संगमम’ 8 जोड़ी विशेष गाड़ियाँ

14 दिसम्बर 2023, गुरुवार, मार्गशीर्ष, शुक्ल पक्ष, द्वितीया, विक्रम संवत 2080

रेल विभाग, तामिलनाडु के चेन्नई, कन्याकुमारी, कोयम्बटूर से काशी, वाराणसी के बीच सम्पर्कता कराने वाली विशेष गाड़ियाँ चला रहा है। यह गाड़ियोंमें आरक्षण खुल चुका है। यात्रीगण से निवेदन है, इन विशेष गाड़ियोंका लाभ ले।

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लोकमान्य तिलक टर्मिनस स्टेशन के कैंटीन में लगी भयंकर आग

13 दिसम्बर 2023, बुधवार, मार्गशीर्ष, शुक्ल पक्ष, प्रतिपदा, विक्रम संवत 2080

आज दोपहर लगभग 15:00 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनस स्थित कैंटीन में भयंकर आग लग गयी। आग पर जल्द ही काबू पा लिया गया। किसी जान के नुकसान की खबर नही है।

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नई साप्ताहिक गाड़ी की घोषणा : 16367/68 कन्याकुमारी – बनारस वाया पैरांबुर, बल्हारशाह, गोंदिया, बालाघाट, जबलपुर, प्रयागराज छिंवकी

13 दिसम्बर 2023, बुधवार, मार्गशीर्ष, शुक्ल पक्ष, प्रतिपदा, विक्रम संवत 2080

भारतीय रेल मुख्यालय ने कन्याकुमारी – बनारस के बीच एक नई साप्ताहिक गाड़ी ‘काशी तमिल संगम एक्सप्रेस’ शुरू किए जाने की घोषणा की है।

16367 काशी तमिल संगम एक्सप्रेस, कन्याकुमारी से प्रत्येक गुरुवार को 20:55 को रवाना होगी और शनिवार रात 23:35 को बनारस पहुँचेंगी। वापसी में 16368 काशी तमिल संगम एक्सप्रेस, बनारस से प्रत्येक रविवार को शाम 16:20 को रवाना हो कर मंगलवार को 20:55 को कन्याकुमारी पहुँचेंगी।

मार्ग में दोनो ओरसे स्टोपेजेस निम्नलिखित रहेंगे। कन्याकुमारी से चलने के बाद यह गाड़ी नागरकोईल, तिरुनेलवेली, विरुदूनगर, मदुरई, डिंडीगुल, तिरुचिरापल्ली, तंजावुर, कुम्भकोणम, मैलादुत्तराई, सिरकाजी, चिदंबरम, कुड्डालोर पोर्ट, विल्लुपुरम, चेंगलपट्टू, कांचीपुरम, आरकोणाम, पैराबुर, नेल्लोर, ओङ्गल, तेनाली, विजयवाड़ा, खम्मम, वारंगल, सिरपुर कागज़ नगर, बल्हारशाह, गोंदिया, बालाघाट, नैनपुर, जबलपुर, कटनी, मैहर, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिंवकी, वाराणसी जंक्शन एवं बनारस पहुँचेंगी।

गाड़ी की कोच संरचना : वातानुकूल प्रथम -1, वातानुकूल टु टियर – 2, वातानुकूल थ्री टियर – 3, वातानुकूल थ्री टियर इकोनॉमी – 3, स्लिपर – 6, पेंट्रीकार – 1, द्वितीय श्रेणी साधारण जनरल – 4, एसएलआर – 1, जनरेटर वैन – 1 कुल 22 LHB कोच

संक्षिप्त समयसारणी :-

इस साप्ताहिक गाड़ी रेल मुख्यालय ने सम्बंधित रेल विभागोंको जल्द ही शुरू करने की हिदायत दी है।

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हुतात्मा में कोच संरचना बदलेगी, ‘कहीं खुशी कहीं ग़म’

13 दिसम्बर 2023, बुधवार, मार्गशीर्ष, शुक्ल पक्ष, प्रतिपदा, विक्रम संवत 2080

सोलापुर – पुणे, पुणे – अमरावती, अमरावती – अजनी और इसी उल्टे क्रम से फिर सोलापुर पहुंचने वाली हुतात्मा एक्सप्रेस के रैक की यह लिंक है। रेल विभाग अपनी गाड़ियाँ इस तरह से लिंकिंग करते है ताकी रेल सामग्रियों का यात्री सुविधाओं के हित मे, ज्यादा से ज्यादा उपयोग किया जा सके।

12157/58 सोलापुर – पुणे – सोलापुर हुतात्मा एक्सप्रेस अपनी दोनों दिशाओं की यात्रा दिन में करती है। 11025/26 पुणे – अमरावती – पुणे एक्सप्रेस अपनी पुणे से अमरावती यात्रा दिन में और अमरावती से पुणे की यात्रा लगभग 60% रात में करती है। वहीं फिर 12119/20 अमरावती अजनी अमरावती इन्टरसिटी एक्सप्रेस भी अपनी दोनोंही दिशामे दिन-दिन में ही चलती है। ऐसे में गाड़ी की संरचना में स्लिपर कोचों की आवश्यकता केवल 11025/26 पुणे अमरावती पुणे के रन में ही है।

मार्ग बदलते रूप बदलती हुतात्मा एक्सप्रेस। यहां सोलापुर – पुणे – भुसावल है।
यहां सोलापुर – पुणे – अमरावती है।
यहां सोलापुर – पुणे – अमरावती – अजनी/नागपुर है। “दुग्गल साब, आज क्या है?” ☺️😊

यह चर्चा इसलिए हो रही है, अमरावती, अकोला, मलकापुर और भुसावल, जलगाँव के यात्रिओंकी इस गाड़ी में स्लिपर, वातानुकूल थ्री टियर जोड़ने की पुरजोर माँग थी और सम्भवतः 15 दिसम्बर से हुतात्मा के रैक में कुल दो स्लिपर और एक वातानुकूल थ्री टियर इकोनॉमी कोच जुड़ेंगे। दरअसल जब यह गाड़ी भुसावल – पुणे के बीच चल रही थी तब तत्कालीन साँसद ने यात्रिओंकी माँग को रेल मुख्यालय से मंजूरी दिलवा, 1-1 स्लिपर और वातानुकूल थ्री टियर कोच की संरचना करवा ली थी।

तो परेशानी कहाँ है? 😊 जी, परेशानी तो दिन की यात्रा करने वाले सोलापुरकर एवं अजनी इन्टरसिटी के यात्रिओंको है। इनकी गाड़ी संरचना में तीन द्वितीय श्रेणी अनारक्षित कोच कम कर के ही यह एक स्लिपर और एक वातानुकूल थ्री टियर इकोनॉमी कोच जोड़ा जा रहा है। सोलापुरकर इस बात से सख्त नाराज है, उनके तीन अनारक्षित कोच जिनकी यात्री क्षमता अमुमन 300 यात्रिओंकी है, रद्द हो जाएंगे और उनकी जगह एक एक स्लिपर एवं वातानुकूल थ्री टियर इकोनॉमी के आरक्षित कोच ले लेंगे। इससे उनकी यात्रा किराया पर भी खासा असर पड़ेंगा। पुणे सोलापुर के बीच द्वितीय श्रेणी अनारक्षित किराया मात्र ₹115/- देना है तो स्लिपर में ₹220/- और वातानुकूल थ्री टियर इकोनॉमी में ₹555/- देने होंगे। वहीं अमरावती – पुणे के बीच यात्रा करने वाले यात्री इस कोच संरचना के बदलाव से समाधान व्यक्त कर रहे है। हालाँकि उनकी तो पूर्ण गाड़ी में कमसे कम 7 से 10 शयनयान के कोच हों यह माँग थी।

दरअसल यह सारा माजरा इन्टरसिटी रैक को ओवरनाइट यात्रा में चलाने से उत्पन्न हुवा है। अमरावती, अकोला से पुणे के बीच एक डेडिकेटेड, समर्पित, प्रतिदिन रेल सेवा की माँग हमेशा से ही रही है और उन्हें इस पुणे – भुसावल इन्टरसिटी को विस्तारित कर पूरा कर संतुष्ट करने का प्रयास किया गया।

इस खींचतान और उधेड़बुन में हुतात्मा इन्टरसिटी का आखिर क्या हाल होना है, यह देखने लायक होगा। विशेष टिप्पणी; नासिक के यात्री अलग नाराज चल रहे है। यह जो पुणे – भुसावल और विस्तारित अमरावती एक्सप्रेस है, दरअसल पुणे – मनमाड़ -पुणे वाया नासिक, पनवेल थी। जिसे विस्तारित करते करते अब सीधे मनमाड़, अहमदनगर, दौंड कोर्ड ऐसे मार्ग परिवर्तन कर नासिक से गायब ही कर दिया है। अवस्था यह है, नासिक – पुणे के बीच अब कोई सीधी रेल सेवा नही है।