02 नवम्बर 2023, गुरुवार, कार्तिक, कृष्ण पक्ष, पंचमी, विक्रम संवत 2080
यात्रिओंकी पुरजोर मांग के मद्देनजर, मध्य रेल ने 02107 पुणे – नागपुर एकतरफा विशेष गाड़ी का नियोजन किया है। यात्रिओंको निवेदन है, कृपया विशेष सेवा का उपयोग लें।
कोच संरचना : कुल 24 ICF कोच, स्लिपर – 13, वातानुकूल टु टियर 01, वातानुकूल थ्री टियर 02, द्वितीय श्रेणी साधारण जनरल 06, एसएलआर 2
01 नवम्बर 2023, बुधवार, कार्तिक, कृष्ण पक्ष, चतुर्थी, विक्रम संवत 2080
09039/40 बान्द्रा टर्मिनस बाड़मेर बान्द्रा टर्मिनस साप्ताहिक विशेष वाया भीलड़ी, समदड़ी
09039 बान्द्रा टर्मिनस बाड़मेर साप्ताहिक विशेष दिनांक 08 नवम्बर से 27 दिसम्बर तक प्रत्येक बुधवार को रवाना होगी और वापसी में 09040 बाड़मेर बान्द्रा टर्मिनस साप्ताहिक विशेष दिनांक 09 नवम्बर से 28 दिसम्बर तक प्रत्येक गुरुवार को रवाना होगी।
कोच संरचना : 12 वातानुकूल थ्री टियर, 08 स्लिपर और 02 पॉवर कम लगेज कार कुल 22 कोच
30 अक्तूबर 2023, सोमवार, कार्तिक, कृष्ण पक्ष, द्वितीया, विक्रम संवत 2080
चालीसगांव स्टेशन पर विशेष पॉवर एवं ट्रैफिक ब्लॉक
भुसावल मंडल के चालीसगांव स्टेशन पर पुराना फुट ओवर ब्रिज (FOB) को हटाने के कार्य के लिए यातायात और पावर ब्लॉक परिचालित करेगा।
ब्लॉक की तिथि : दिनांक- 31.10.2023 यह ब्लॉक अप-डाउन दोनों मार्ग पर लिया जाएगा। ब्लॉक के परिणामस्वरूप होने वाले ट्रेन सेवाओं में किए जानेवाले परिवर्तन निम्नलिखित है,
अप मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों का रेगुलेशन: • दिनांक- 31.10.2023 को चालीसगांव से गुजरने वाली गाड़ियाँ,
11078 जम्मूतवी – पुणे झेलम एक्सप्रेस को वाघली स्टेशन पर 08.15 से 11.00 बजे तक (02.45 घंटा) तक रेगुलेशन किया जाएगा।
12142 पाटलिपुत्र – लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस को कजगांव स्टेशन पर 08.30 से 11.00 बजे तक (02.30 घंटा) तक रेगुलेशन किया जाएगा।
15065 गोरखपुर – पनवेल एक्सप्रेस को गालन स्टेशन पर 08.40 बजे से 11.00 बजे तक (02.20 घंटा) रेगुलेशन किया जाएगा।
11060 छपरा – लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस को पचोरा स्टेशन पर 08.45 से 11.00 बजे तक (02.15 घंटा) रेगुलेशन किया जाएगा।
12780 हज़रत निज़ामुद्दीन – वास्को डी गामा गोवा एक्सप्रेस को माहेजी स्टेशन पर 09.50 से 11.00 बजे तक (01.10 घंटा) रेगुलेशन किया जाएगा।
डाउन मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों का रेग्युलेशन :
20103 लोकमान्य तिलक टर्मिनस – गोरखपुर एक्सप्रेस को हीरापुर स्टेशन पर 25 मिनट के लिए रेगुलेशन किया जाएगा।
15018 गोरखपुर – लोकमान्य तिलक टर्मिनस काशी एक्सप्रेस को म्हसावद स्टेशन पर 10.30 बजे से 11.00 बजे तक (30 मिनट) रेगुलेशन किया जाएगा।
15946 गुवाहाटी – लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस को शिरसोली स्टेशन पर 15 मिनट के लिए रेगुलेशन किया जाएगा।
यात्रीगण, कृपया अपनी रेल यात्रा के लिए रेल विभाग की हेल्पलाइन 139, वेबसाइट या ऍप का उपयोग कर जानकारी लें।
30 अक्तूबर 2023, सोमवार, कार्तिक, कृष्ण पक्ष, द्वितीया, विक्रम संवत 2080
पहले ही बहुत सारे बदलावों को झेल चुकी हुतात्मा एक्सप्रेस अब और एक करवट लेने जा रही है। सबसे पहले पुणे – नासिक – मनमाड़ के बीच चलती इस नासिक डेडिकेटेड ( समर्पित ) गाड़ी को भुसावल तक विस्तारित किया गया था। संक्रमण काल मे बन्द किए जाने के बाद से जब यह गाड़ी पुनर्स्थापित हुई है, तब से इसे कुछ ग्रहण सा लग गया है। चलने से ज्यादा रद्द, फिर आँशिक रद्द केवल भुसावल से इगतपुरी के बीच और वह भी मेमू रैक के साथ और अब नया खिलवाड़ के नासिक, पनवेल होकर जाएगी ही नही।
भुसावल – पुणे के बीच नासिक, पनवेल होकर प्रतिदिन चलनेवाली ‘हुतात्मा’ इन्टरसिटी का दौंड होकर मार्ग परिवर्तन एवं भुसावल से आगे अमरावती तक मार्ग विस्तार किए जाने घोषणा होना, केवल एक राजनीतिक इच्छा पूर्ति का अट्टहास समझा जा रहा है। स्थानीय हलकों में इस निर्णय पर बेहद नाराजी दिखाई दे रही है। गौरतलब यह है, हुतात्मा एक्सप्रेस का अमरावती तक विस्तार होना यह समस्या है ही नही, अपितु समस्या मनमाड़ से आगे अहमदनगर, दौंड कोर्ड होकर मार्ग परिवर्तन यह है।
अमरावती से पुणे वाया मनमाड़, दौंड कोर्ड यह अंतर 727 किलोमीटर है वहीं यह गाड़ी अपने नियमित मार्ग पुणे, कल्याण, पनवेल, नासिक मनमाड़ होकर भुसावल पहुंचती और फिर उससे आगे अमरावती तक चलती तो कुल 51 किलोमीटर का फेरा बढ़ता अर्थात 778 किलोमीटर अन्तर उसे पुणे से अमरावती के बीच तय करना होता था जो उसकी कुल न्यूनतम यात्रा (जिस मार्ग की घोषणा हुई है ) के अनुपात में महज 7% ज्यादा होता।
मध्य रेल प्रशासन ने रेल राज्य मंत्री के अमरावती – पुणे के बीच गाड़ी चलाने के वादे के मद्देनजर, हाथ लगी गाड़ी, हुतात्मा एक्सप्रेस को ही आसान टारगेट बनाया और बड़ी कुशलतासे उसे कम अन्तर से चलवाकर अपने आप की पीठ थपथपाई करवा ली। न नई गाड़ी शुरू करने की कवायद, न नए स्लॉट की खोज करने का झमेला। पुणे स्टेशन पर नए गाड़ी का कोई अतिरिक्त बोझ नही। इधर भुसावल – नागपुर प्रतिदिन सवारी की मांग की तोड़ भी निकल गयी। भुसावल से अमरावती के बीच सेवाग्राम के अलावा यात्रिओंके लिए एक यात्री गाड़ी और चलाने का पुण्य भी पल्ले पड़ गया। इस तरह एक तीर से कई निशाने साध लिए गए।
चूँकि इस निर्णय से नासिक – पुणे का सीधा रेल सम्पर्क टूट रहा है, इसके चलते न सिर्फ नासिक, पनवेल के यात्री असहज हुए है, बल्की भुसावल, जलगाँव के स्थानीय यात्री और जिन्हें यह अतिरिक्त सेवा उपहार में मिल रही है वह मलकापुर, शेगांव, अकोला एवं अमरावती के यात्री भी अनमने से हो रहे है। इन यात्रिओंको भी अहमदनगर होकर गाड़ी चलने के बजाए नासिक, पनवेल होकर चलती तो ज्यादा उपयोगी रहती ऐसे लगता है। विदर्भ, खान्देश के अमूमन विद्यार्थी, कामकाजी लोग पुणे के तलेगांव, आकुर्डि, पिम्परी, चिंचवड़, खड़की, शिवाजीनगर से यात्रा चाहते है। वही उन्हें नासिक, कल्याण, पनवेल से सम्पर्कता बढ़ने में ज्यादा सुविधाजनक लगता है।
पुणे – भुसावल – पुणे हुतात्मा एक्सप्रेस भले अमरावती तक विस्तारित हो मगर चले अपने पुराने, मनमाड़, नासिक, कल्याण, पनवेल, कर्जत, लोनावला मार्ग से यही बेहतर पर्याय है ऐसी स्थानीय यात्रिओंकी पुरजोर मांग है। यदि रेल प्रशासन चाहे, तो अमरावती – पुणे के बीच अलग नई सेवा चला दे या अमरावती – पुणे के बीच चल रही साप्ताहिक सेवा के फेरे बढ़ा दे यह भी समुचित रहेगा, केवल दबाव आनेपर आपूर्ति करनेभर का दिखावा करना और चलित सुविधाओं का दमन करना यह कदापि योग्य निर्णय नहीं होगा।