Uncategorised

नान्देड़ – श्रीगंगानगर के बीच भुसावल, अहमदाबाद होकर चलनेवाली साप्ताहिक गाड़ी सुपरफास्ट होंगी। साथ ही दमरे के विशेष गाड़ियोंकी अवधि बढाई गयी।

09 मई 2023, मंगलवार, जेष्ठ, कृष्ण पक्ष, चतुर्थी, विक्रम संवत 2080

17623/24 नान्देड़ श्रीगंगानगर नान्देड़ साप्ताहिक एक्सप्रेस को जुलाई की 20/23 तिथियों से सुपरफास्ट श्रेणी में वर्ग की जा रही है। उपरोक्त रेल विभाग की प्रशासनिक गतिविधियों के चलते गाड़ी का क्रमांक बदला जाएगा साथ ही गाड़ी को सुपरफास्ट श्रेणी के मानदंड में वर्गीकृत करने हेतु नान्देड़ से श्रीगंगानगर के बीच 600 सेकण्ड और श्रीगंगानगर से नान्देड़ आते वक्त प्रचण्ड ऐसी 300 सेकण्ड स्पीड अप की गई है। 😊

निम्नलिखित साप्ताहिक विशेष गाड़ियोंके फेरे बढ़ाये गए।

Uncategorised

यात्री उपभोक्ता समिती भुसावल मण्डल के अंतर्गत, जलगाँव स्टेशन समिती की बैठक सम्पन्न

09 मई 2023, मंगलवार, जेष्ठ, कृष्ण पक्ष, चतुर्थी, विक्रम संवत 2080

आज दिनांक 09/05/2023 को यात्री उपभोक्ता समिति (PAC) की बैठक संपन्न हुई।

इस अवसर पर भुसावल मंडल के मुख्य स्टेशन प्रबंधक ए. एम. अग्रवाल, मंडल वाणिज्य प्रबंधक ए. के. पाठक, वाणिज्य निरीक्षक प्रमोद सालुंखे, रेलवे सुरक्षा बल निरीक्षक डी. एच. पाटिल, मुख्य टिकट पर्यवेक्षक वी. एम. पाटिल, मुख्य पार्सल पर्यवेक्षक एवं उपभोक्ता समिति के समन्वयक कपोते इसके अलावा अन्य सदस्य दीपक साखरे, रेखा वर्मा,  आनंद कोळी, मनोहर जाधव, दिशांत दोषी इन्होंने इस बैठक में यात्रियों के लिए निम्नलिखित मुद्दों पर चर्चा की।

भुसावल – पुणे के बीच प्रतिदिन चलनेवाली हुतात्मा एक्सप्रेस में दो स्लीपर कोच लगाने का अनुरोध किया गया। फ़िलहाल इस गाड़ी में केवल सिटिंग कोच की ही संरचना है। चूँकि यह गाड़ी पुणे – मनमाड़ के बीच चलती थी तब दिन भर में अपनी यात्रा किसी इण्टरसिटी गाड़ी की तरह कर लेती थी, अब यह विस्तारित भाग में “ओवरनाइट” यात्रा करती है। ऐसी अवस्था मे कमसे कम 2 स्लिपर कोच इस गाड़ी में जोड़े जाने की माँग सर्वथा जायज़ है।

रेलवे स्टेशन पर जनरल टिकट व रिजर्वेशन टिकट खरीदने के लिए रेलवे विभाग द्वारा “यूटीएस” नामक एक मोबाइल एप तैयार किया गया है, जलगाँव रेलवे स्टेशन पर इस एप की जानकारी एवं जन जागृती की जाए।

जलगाँव रेलवे स्टेशन के बाहर रात नौ बजे से सुबह चार बजे तक ठेले और नाश्ते की गाड़ियाँ अगल-बगल, पूरे रेल आहाते को घेरे खड़ी रहती है, जिससे रेल यात्रियों को रात में काफी परेशानी हो रही है।

रेल्वे प्लेटफॉर्म पर “मे आई हेल्प यू/ क्या मैं आपकी मदत कर सकता हूँ” प्रकार का मदत केन्द्र, रेल प्रशासन द्वारा स्थापित किया जाना चाहिए ताकि यात्री अपनी परेशानी में रेल विभाग से सहायता ले सकें।

आज की बैठक में एक बार फिर भुसावल – पुणे के बीच एक नई ट्रेन शुरू करने की मांग की गई।

स्टेशन पर यात्रियों के लिए सुविधाओं के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए रेलवे स्टेशन के सामने उपयुक्त बैनर लगाए जाने चाहिए।

राजस्थान – तेलंगाना ( बीकानेर – जोधपुर – सिकंदराबाद ) के यात्रियों के लिए प्रतिदिन ट्रेन शुरू की जाए।

गौरतलब यह है, रेल यात्री उपभोक्ता समितियों का दायरा केवल स्टेशन पर यात्रिओंके लिए उपयुक्त सुविधाओं का जायज़ा लेना, जो सुविधाएं उपलब्ध नहीं है या सही अवस्था मे नही है उन्हें पुनर्स्थापित करवाना इत्यादि तक सीमित है। मगर यात्रिओंकी गाड़ियोंको लेकर माँग इतनी तीव्र है, की स्टेशन उपभोक्ता समिति के सदस्यगण इनसे अछूते नहीं रह पाए। खैर, तकरीबन सभी PAC, उपभोक्ता समितियोंकी माँगे रेल गाड़ियों के परिचालन तक पहुंच ही जाती है।

Uncategorised

भारतीय रेल के वाणिज्य विभाग का सम्पूर्ण डिजिटलिकरण ; सम्भव है, मगर नियत? शायद नही!

07 मई 2023, रविवार, जेष्ठ, कृष्ण पक्ष, द्वितीया, विक्रम संवत 2080

भारतीय रेल की हाल ही में एक खबर आई थी, रेल विभाग ने अपनी खुद के सारे याने पाँच मुद्रणालय बन्द करने का निर्णय लिया है। इन मुद्रणालयों में रेल विभाग की स्टेशनरी, फॉर्म्स, टिकट एवं समयसारणीयाँ छापी जाती थी। इस डिजिटलाइजेशन एवं कम्प्यूटर युग मे कागज़ी कार्रवाई दिनोंदिन कम होती जा रही है। रेल विभाग ने अपनी समयसारणीयाँ तो बरसोंसे या तो बन्द कर दी है या उन्हें निजी ठेकोंपर उतार दिया है। आरक्षित यात्री टिकटें 80 प्रतिशत से ज्यादा डिजिटली, ई-टिकट्स में बुक होती है। ऐसे में क्या रेल्वेके वाणिज्य विभाग अर्थात यात्री टिकट्स के हिस्से का सम्पूर्ण डिजिटलाइजेशन सम्भव है?

आज भारत की आबादी के 90 फीसदी से ज्यादा लोग मोबाईल का उपयोग करते है, यह संख्या तकरीबन 120 करोड़ है। उनमें करीबन 60 करोड़ से ज्यादा स्मार्ट फोन उपभोक्ता है। इन यूजर्स को हम डिजिटल ग्राहक मान सकते है। आरक्षित ई-टिकट के लिए रेलवे के पास IRCTC की वेबसाइट एवं मोबाईल ऍप की उन्नत व्यवस्था है। साथ ही अनारक्षित टिकटोंके लिये UTS ऍप कार्यान्वित है। रेल्वेके PRS काऊंटर्स से सुदुर बैठा व्यक्ति भी इन माध्यमोंसे अपने यात्री टिकट बड़ी आसानीसे खरीद सकता है। ऐसे में यात्री टिकटोंका सम्पूर्ण डिजिटलाइजेशन सहज सम्भव है। आगे इस खण्ड के डिजिटलाइजेशन के सम्भाव्य फायदे/नुकसान देखते है।

यात्री टिकिटिंग के डिजिटलाइजेशन के फायदे यात्री की नज़र से देखें तो, यात्री को अपने रेल टिकट, घर बैठे, बिना भीड़भाड़ का सामना किये, क़तारों में लगे बगैर बड़ी आसानी से मिल सकते है। वह बड़े इत्मिनान से अपनी सुविधानुसार अनेक गाड़ियाँ, सभी श्रेणियों को खंगाल कर अपनी टिकट बनवा सकता है। बनी हुई टिकटोंमे अकस्मात बदलाव अर्थात रद्दीकरण, सवार होने के स्टेधन में बदलाव इत्यादि बड़ी सुगमता से कर सकता है। डिजिटल पेमेंट में लेनदेन भी बड़ा सुविधाजनक होता है। अब रेल्वेके हैसियत से देखे तो, यात्री की रेल आहाते में टिकट व्यवस्था करना, उसकी सुविधाओं का ध्यान रखना, अलग अलग कर्मियों की नियुक्ति करना, स्टेशनरी का उपयोग करना, धन संग्रह और उसका लेनदेन सम्भालना, दलालों की दखल इन सब से रेल विभाग निज़ात पा सकता है।

डिजिटलाइजेशन के नुकसान भी है, यात्रिओंको अपने रेल टिकट की व्यवस्था खुद करनी है। टिकट निकालने के साधन से लेकर उसे जरूरतनुसार छापने तक और कुछ गलती हो गयी तो जिम्मेवारी भी उनकी खुद की। दूसरी बात रेल तकनीक की है। कई बार पेमेंट हो जाती है और टिकट नहीं बनती। ऐसी स्थिति में कई बार ग्राहक का बटुवा साफ़ हो जाता है, और हाथ बिना टिकट के ही रह जाते है। यह बात और है, अन बुक्ड टिकट का धन 2-4 दिन में खाते में लौट जाता है। मगर रेल टिकट बुकिंग में समय की नज़ाकत, जरूरत तो ई-टिकट निकालने वाले भलीभाँति जानते है। 😊

अब रेल विभाग के नुकसान की बात करते है। वैसे रेल विभाग का सीधा तो नुकसान नहीं है, बस PRS प्रतिक्षासूची के टिकट धनवापसी के लिए उपस्थित नहीं होते और वह यात्री जैसेतैसे अपनी रेल यात्रा पूरी कर लेते है। वहीं ई-टिकट के प्रतिक्षासूची टिकट अपने आप रद्द हो कर धनवापसी भी हो जाती है। यह रेल विभाग का एक तरह का घाटा है।

सम्पूर्ण डिजिटाइजेशन में रेल विभाग अपनी प्रतिक्षासूची पर भी अंकुश रख सकता अर्थात प्रतिक्षासूची के 4 महीने अग्रिम धन की नीयत पर न हो तो!😊 रेल विभाग जब अपनी आरक्षित टिकिटिंग सम्पूर्ण डिजिटलाइज कर दें, तब जो गाड़ियाँ पूर्णतयः बुक हो चुकी हो, उन्हें बुकिंग सूची से हटा देना चाहिए, अर्थात जैसे ही पूर्व बुक्ड टिकटोंका कैंसलेशन हो और सीट्स/बर्थस बुकिंग के लिए उपलब्ध हो जाये, वह गाड़ी फिर से बुकिंग साइट्स पर दिखने लग जाएगी। यह चीजें यदि आरक्षित टिकटोंका सम्पूर्ण डिजिटलाइजेशन हो चुका हो, तभी सम्भव है।

आजकल आरक्षित कोचों में अतिरिक्त, अनारक्षित और प्रतिक्षासूची धारकोंकी बड़ी भीड़ चलती है। यह लोग उक्त श्रेणियों का पूर्ण किराया चुकाए रहते है, अतः नैतिक रूप से उन्हें चेकिंग स्टाफ उतारते नही। दूसरा काम नियमानुसार कार्रवाई का होता है, जो रेल्वेके दो स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था में बंट जाने की वजह से जटिल हो जाता है। रेल सम्बन्धी जानकारों ने बताया, रेल सुरक्षा बल को किसी भी अवांछित यात्री को कानूनी प्रक्रिया हेतु GRP स्थानीय पुलिस दल को सौंपना पड़ता है। इसी के चलते, रेल जाँच दल, सुरक्षा बल अपनी कार्रवाई को दण्ड तक सीमित कर लेते है और ऐसे अवांछनीय यात्री, अवैध विक्रेता और तृतीय पंथी, मांगनेवाले लोग रेल क्षेत्र, गाड़ियोंमे टहलते, यात्रा करते नजर आते है।

आखिर प्रश्न वहीं के वहीं रह जाता है, क्या रेल विभाग अपने यात्रियोंके साथ डिजिटलाइजेशन का कड़वा घूँट पिने को तैयार है? क्योंकि रेल यात्रिओंको भी अब PRS के छपे टिकटोंकी प्रतिक्षासूची वाले, अपनेआप रद्द न होने वाले टिकट पर सवारी करने की आदत हो गयी है।

Uncategorised

प रे WR की बरौनी के लिए एक और विशेष गाड़ी, यह गाड़ी रतलाम, मथुरा, कानपुर, लखनऊ, वाराणसी, पाटलिपुत्र होकर चलेगी। 😊

05 मई 2023, शुक्रवार, वैशाख, शुक्लपक्ष, पूर्णिमा, विक्रम संवत 2080

09061 मुम्बई सेंट्रल बरौनी साप्ताहिक विशेष दिनांक 09 मई से 04 जुलाई तक प्रत्येक मंगलवार मुम्बई सेंट्रल से दिन में 11:00 को रवाना होगी। वापसीमे 09062 बरौनी मुम्बई सेंट्रल साप्ताहिक विशेष दिनांक 12 मई से 07 जुलाई तक प्रत्येक शुक्रवार को बरौनी से चलेगी।

गाड़ी संरचना में 02 वातानुकूल प्रथम/टू टियर, 02 वातानुकूल थ्री टियर, 12 स्लिपर, 04 द्वितीय साधारण और 02 एसएलआर ऐसे कुल 22 कोच रहेंगे। यात्रीगण ज्ञात रहें, उक्त विशेष गाड़ी TOD अर्थात यात्री मांग के अंतर्गत चलाई जा रही है अतः यात्री किराये नियमित किराया दर से 1.3 गुना ज्यादा रहेंगे।

Uncategorised

प रे WR की उधना – बरौनी के बीच भुसावल, जबलपुर, दानापुर होते हुए द्वीसाप्ताहिक विशेष

05 मई 2023, शुक्रवार, वैशाख, शुक्लपक्ष, पूर्णिमा, विक्रम संवत 2080

09033 उधना बरौनी द्विसाप्ताहिक विशेष दिनांक 03 मई से 31 मई तक प्रत्येक सोमवार एवं बुधवार को उधना से शाम 20:35 को रवाना होगी। वापसीमे 09034 बरौनी उधना द्विसाप्ताहिक विशेष दिनांक 05 मई से 02 जून तक प्रत्येक बुधवार एवं शुक्रवार को बरौनी से चलेगी।

गाड़ी संरचना में 01 वातानुकूल टू टियर, 02 वातानुकूल थ्री टियर, 15 स्लिपर, 04 द्वितीय साधारण और 02 एसएलआर ऐसे कुल 24 कोच रहेंगे। यात्रीगण ज्ञात रहें, उक्त विशेष गाड़ी TOD अर्थात यात्री मांग के अंतर्गत चलाई जा रही है अतः यात्री किराये नियमित किराया दर से 1.3 गुना ज्यादा रहेंगे।