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मध्य रेल की अतिरिक्त विशेष गाड़ियाँ

पनवेल-गोरखपुर/छपरा के बीच पूर्णत: आरक्षित विशेष गाडि़यों का संचालन

रेलवे ने यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को कम करने के लिए पनवेल-गोरखपुर और पनवेल-छपरा के बीच विशेष शुल्क पर पूरी तरह से आरक्षित समय‌ स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है, जिसका विवरण नीचे दिया गया है :–

  1. पनवेल – गोरखपुर – पनवेल विशेष (14 ट्रिप)

05064 विशेष गाड़ी पनवेल से दिनांक 7.6.2021, 11.6.2021, 14.6.2021, 18.6.2021, 21.6.2021, 25.6.2021 एवं 28.6.22021 (7 ट्रिप) को 14.20 बजे रवाना होगी और अगले दिन 19.20 बजे गोरखपुर पहुंचेगी।

05063 स्पेशल गाड़ी गोरखपुर से दिनांक 6.6.2021, 10.6.2021, 13.6.2021, 17.6.2021, 20.6.2021, 24.6.2021 और 27.6.2021 (7 ट्रिप) को 08.00 बजे रवाना होगी अगले दिन 12.40 बजे पनवेल पहुंचेगी.

हॉल्ट: कल्याण, नासिक रोड, भुसावल, इटारसी, भोपाल, झांसी, उरई, कानपुर सेंट्रल, लखनऊ, गोंडा, बस्ती, खलीलाबाद

संरचना: दो 3एसी, 8 स्लीपर और 12 सेकेंड क्लास सीटिंग

२. पनवेल – छपरा – पनवेल सुपरफास्ट स्पेशल (6 ट्रिप)

05194 स्पेशल गाड़ी पनवेल से दिनांक 13.6.2021, 20.6.2021, 27.6.2021 (3 ट्रिप) को 23.40 बजे रवाना होगी और तीसरे दिन 05.30 बजे छपरा पहुंचेगी.

05193 स्पेशल गाड़ी छपरा से दिनांक 12.6.2021, 19.6.2021, 26.5.2021 (3 ट्रिप) को 15.35 बजे रवाना होगी और अगले दिन 22.50 बजे पनवेल पहुंचेगी।

हॉल्ट: कल्याण, नासिक रोड, भुसावल, इटारसी, जबलपुर, कटनी, सतना, प्रयागराज जं, वाराणसी, गाजीपुर सिटी, बलिया

संरचना: दो 3एसी, 8 स्लीपर और 12 सेकेंड क्लास सीटिंग

आरक्षण: पूरी तरह से आरक्षित विशेष ट्रेन संख्या 05064 और 05194 के लिए बुकिंग विशेष शुल्क पर सभी कम्प्यूटरीकृत आरक्षण केंद्रों और वेबसाइट http://www.irctc.co.in पर 3.6.2021 को शुरू होगी।

विस्तृत समय और ठहराव के लिए कृपया http://www.enquiry.indianrail.gov.in देखें या एनटीईएस ऐप डाउनलोड करें।

केवल कन्फर्म टिकट वाले यात्रियों को ही इन विशेष ट्रेनों में यात्रा करने की अनुमति है।

यात्रियों को बोर्डिंग, यात्रा और गंतव्य पर COVID19 से संबंधित सभी मानदंडों, एसओपी का पालन करने की सलाह दी जाती है।

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उत्तर रेलवे के आगामी समय सारणी के बदलावोंकी कुछ झलकियां

उत्तर रेलवे की समय सारणी में बदलावोंके प्रस्तावोंके कुछ पॉइंट्स सोशल मीडिया पर झलके है, उन्ही को हम आपके सामने रख रहे है।

19415/16 अहमदाबाद श्री माता वैष्णो देवी कटरा अहमदाबाद साप्ताहिक गाड़ी का मार्ग परिवर्तन का प्रस्ताव है। यह गाड़ी अब अमृतसर होकर ले जाने के बजाय पठानकोट से सीधे ही जम्मूतवी होकर कटरा जाने का प्रस्ताव उत्तर रेलवे ने दिया है।

उत्तर रेलवे ने, अपने क्षेत्र की 159 सवारी गाड़ियोंको मेमू गाड़ियोंमे बदला जाए, ऐसी मांग की है। जिसके लिए मेमू के 53 रैक लगेंगे। नजीबाबाद कोटद्वारा के बीच चलनेवाली सवारी गाड़ियाँ मेमू गाड़ियोंमे तब्दील हो जाती है तो उन्हें हरिद्वार और ग़जरौला तक एक्सटेंड किया जा सकेगा। इस से इस क्षेत्र की सम्पर्कता अच्छे से बढ़ जाएगी।

कुछ गाड़ियोंका लाय ओवर पीरियड मतलब गन्तव्य पर पहुंचने के बाद सर्व साधारण रखरखाव का समय बहुत ज्यादा है, इस समय का पुनरावलोकन कर उन गाड़ियोंको समय बदल कर जल्दी छोडे जाने की मांग की गई है।

22181 जबलपुर हज़रत निजामुद्दीन एक्सप्रेस प्रतिदिन सुबह 5:15 को निजामुद्दीन पहुंच जाती है और 22182 शाम 17:50 को वापसी यात्रा शुरू करती है। इस वापसी यात्रा को 12:15 पर शुरू करवाने का प्रस्ताव रखा गया है।

12964 उदयपुर निजामुद्दीन मेवाड़ प्रतिदिन गाड़ी सुबह 6:35 पर निजामुद्दीन पहुंचती है और शाम 19:00 बजे 12963 बनकर निकलती है। इस गाड़ी को शाम 19:00 के बजाय दोपहर 12:30 को निकालने का प्रस्ताव रखा गया है।

12121/22 जबलपुर निजामुद्दीन मध्यप्रदेश सम्पर्क क्रान्ति त्रिसाप्ताहिक और 12823/24 दुर्ग निजामुद्दीन छत्तीसगढ़ सम्पर्क क्रान्ति त्रिसाप्ताहिक इन दोनों गाड़ियोंके निजामुद्दीन पहुंचने के समय सुबह 9:05 के है और वापसीमे निकलने का समय 17:25 है। इन दोनों गाड़ियोंको निजामुद्दीन से दोपहर को 13:40 से निकालने का प्रस्ताव है।

12650/12630 कर्णाटक सम्पर्क क्रान्ति गाड़ियोंके समय मे भी बदलाव कर सुबह 6;45/8:45 की जगह दोपहर 14:50 करने की मांग है।

नई गाड़ी : लखनऊ से योगनगरी हृषिकेश के बीच नई साप्ताहिक गाड़ी का प्रस्ताव है।

गाड़ियोंका मार्ग विस्तार

14163/64 प्रयागराज मेरठ कैंट प्रयागराज संगम एक्सप्रेस प्रतिदिन का मेरठ कैंट से आगे सहारनपुर या अम्बाला तक विस्तार

15955/56 डिब्रूगढ़ दिल्ली डिब्रूगढ़ ब्रम्हपुत्र मेल प्रतिदिन का दिल्ली से आगे जोधपुर तक विस्तार

64931/32 दिल्ली रोहतक – रोहतक नई दिल्ली मेमू का रोहतक से आगे जिन्द तक विस्तार

12462/61 जोधपुर दिल्ली जोधपुर मण्ड़ोर प्रतिदिन का दिल्ली से आगे मेरठ कैंट तक विस्तार

12915/16 अहमदाबाद दिल्ली अहमदाबाद आश्रम प्रतिदिन का दिल्ली से आगे मेरठ कैंट तक विस्तार

14854/64/66 और 14853/63/65 जोधपुर वाराणसी जोधपुर मरुधर एक्सप्रेस का वाराणसी से आगे वाराणसी सिटी तक विस्तार

11071/72 लोकमान्य तिलक टर्मिनस वाराणसी लोकमान्य तिलक टर्मिनस कामायनी प्रतिदिन गाड़ी को वाराणसी से आगे अनौरिहार, गाज़ीपुर सिटी, बलिया के रास्ते छपरा तक विस्तार

19167/68 अहमदाबाद वाराणसी अहमदाबाद साबरमती एक्सप्रेस का वाराणसी से आगे गाज़ीपुर सिटी, बलिया, छपरा, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर के रास्ते दरभंगा तक विस्तार

22969/70 ओखा वाराणसी ओखा गाड़ी का वाराणसी से आगे अनौरिहार, गाज़ीपुर सिटी, बलिया के रास्ते छपरा तक विस्तार

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गोल्डन टेम्पल मेल का बदला हुवा टाइमटेबल अब 10 जून से लागू होगा।

पश्चिम रेलवे की प्रतिष्ठित गाड़ी 02903/04 गोल्डन टेम्पल मेल अब 10/12 जून से नई समयसारणी के अनुसार चलाई जाएगी।

यात्रिओंको याद होगा, यह गाड़ी का समय बदलाव पहले 21 मई को घोषित किया गया था और 27/29 मई से लागू होने वाला था, मगर समय बदलाव का परीपत्रक जारी होते ही मात्र 2 घण्टे में इसे खारिज किया गया और समय बदलाव टल गया।

दरअसल ऐसी लम्बी दूरी की गाड़ियोंके समय बदलाव किसी एक क्षेत्र या एक मण्डल के निर्णय से अमल में लाना या रद्द करना सम्भव नही होता इसमें गाड़ी जिस जिस क्षेत्र और मण्डलोंसे गुजरती है उन सबकी सहमति आवश्यक होती है। उस वक्त जरूर मार्ग के किसी क्षेत्र या मण्डल की कोई तकनीकी मजबूरी रही होगी इसीलिए समय परिवर्तन को 15 दिनों तक टाला गया जो अब लागू होने जा रहा है।

इस समय परिवर्तन से गोल्डन टेम्पल मेल के सम्पूर्ण रन में तकरीबन 4 से 5 घण्टे की बचत होगी और यात्रिओंकी रेल यात्रा जल्द पूरी होगी। मार्ग के कुछ स्टेशन इस बदलाव से नाखुश थे, उनके लिए यह समय परिवर्तन सुविधाजनक नही है। लेकिन ऐसे निर्णय सम्पूर्ण यात्रा मतलब एन्ड टू एन्ड जर्नी को मद्देनजर रखकर लिए जाते है। यह गाड़ी अब सूरत, वडोदरा के यात्रिओंको ज्यादा सुविधाजनक हो रही है।

खैर, आने वाले दिनोंमें रेलवे की समयसारणी में ‘शून्याधारित समयसारणी’ के लागू करने की कवायद के चलते इस तरह के जबरदस्त बदलाव देखने को मिल सकते है। कई सारे गाड़ियोंके स्लॉट इधर से उधर होंगे। रेल प्रेमियोंको इन बदलावों का बडा बेसब्री से इंतजार है।

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विविध क्षेत्रोंसे रद्द की रेल गाड़ियाँ

लॉक डाउन के निर्बंधोके चलते रेल गाड़ियोंमे यात्रिओंकी संख्या में लक्षणीय कमी आई है। ऐसे में लगभग सभी क्षेत्रीय रेलवे अपनी गाड़ियोंका रद्दीकरण, फेरोंमें कमी या गंतव्यों में बदलाव कर रहा है।

पूर्वी रेल मालगाड़ियों का समर्पित गलियारे (EDFCCIL) अम्बाला मण्डलपर पिलखनी – सनेहवाल मार्ग पर सरहिंद स्टेशन पर तकनीकी कार्य हेतु गाड़ियोंका आवागमन बाधित रहेगा, यात्रीगण कृपया अपनी रेल यात्रा का उचित नियोजन करे।

दक्षिण मध्य रेलवे ने अपनी गाड़ियोंके रद्दीकरण को लगभग 15 जून तक विस्तारित किया।

दक्षिण रेलवे ने अपनी गाड़ियोंके रद्दीकरण को लगभग 15 जून तक विस्तारित किया।

पूर्व तटीय रेलवे ने अपनी गाड़ियोंके रद्दीकरण को लगभग 10 जून तक विस्तारित किया।

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इगतपुरी स्टेशन का मिथक भी समाप्त होने को है।

भारतीय रेल वर्ष 2023/24 तक पूर्णतयाः विद्युतीकरण की जा रही है, ऐसे में कई जंक्शन स्टेशन पर इंजिन, लोको के बदलाव के इंतज़ार में खड़ी गाड़ियाँ अब शायद ही दिखाई देती है।

मध्य रेलवे में लोंको बदलने, स्टाफ़ बदलने के लिए आधा एक घण्टा खड़ी रहने वाली गाड़ियाँ भुसावल, नागपुर, दौंड, पुणे, मनमाड़, वर्धा, इगतपुरी ऐसे स्टेशनोंपर दिखाई देती थी। वैसे पुराने जमाने मे मध्य रेलवे मुम्बई से लेकर तुगलकाबाद (दिल्ली) तक, भुसावल से मानिकपुर, भुसावल से नागपुर और कल्याण से वाड़ी तक पसरा हुवा था। ढेरों जंक्शन थे, जगह जगह पर स्टाफ़ बदलना, गाड़ी में पानी भरना और कुछ स्टेशनोंपर इलेक्ट्रिक लोंको, डीजल लोको का बदलाव होना लाज़मी था। मगर इन सब स्टेशनोंमें इगतपुरी की अलग विशेषता थी।

मुम्बई का रेल क्षेत्र भारत भर के 25 किलो वाट AC लाइन से जुदा था, यहाँपर 1500 वाट DC इलेक्ट्रिक लाइन थी। यह लाइन इगतपुरी से लेकर मुम्बई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस तक और कल्याण से पुणे तक थी। इगतपुरी तक गाड़ियाँ AC लोको से आती और ट्रिप शेड के व्यवस्था से लाइन ट्रेक्शन बदलकर गाड़ी को DC लोको जोड़ा जाता था, जो आगे मुम्बई तक गाड़ी को ले जाता था। इसके चक्कर मे हर एक गाड़ी का इगतपुरी स्टेशनपर कमसे कम आधा घण्टा खड़ा रहना सहज था। इगतपुरी आते ही यात्री बड़े सकुन से गाड़ी से प्लेटफार्म पर उतर कर यहां के प्रसिद्ध वडा पाव का आनन्द लेते थे।

रेलवे प्रशासन को इगतपुरी का यह AC/DC का झंझट कभी न कभी खत्म करना ही था। मौजूदा डीसी ट्रैक्शन सिस्टम की सीमाओं को ध्यान में रखते हुए, 1996-97 में इसे 25 केवी एसी ट्रैक्शन में बदलने का निर्णय लिया गया। इगतपुरी – कल्याण खंड के डीसी से एसी ट्रैक्शन में परिवर्तन 12.11.2006 को पूरा हुआ। 24.10.2010 को पुणे – लोनावाला – कल्याण खंड; कल्याण – ठाणे खंड 24-1-2014 को और ठाणे – मुम्बई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस 8-6-2015 को पूरा हुवा। इसके साथ, मध्य रेलवे में संपूर्ण विद्युतीकृत मेनलाइन रेल नेटवर्क 25 केवी एसी का उपयोग शुरू हुवा। कुछ घाट सेक्शन में लोको की कमी के चलते वर्ष 2016 में एसी लोको की गाड़ियाँ सीधी मुम्बई तक चलने लगी। यहाँपर इगतपुरी के ट्रिप शेड और AC/DC लोको का बदलाव पूरी तरह से खत्म हुवा। मगर अभी एक गाड़ी का लोको बदलाव जारी था।

यह गाड़ी थी हज़रत निजामुद्दीन से एर्नाकुलम के बीच चलनेवाली मंगला लक्षद्वीप एक्सप्रेस। यह गाड़ी चूँकि कोंकण रेलवे में इलेक्ट्रिक ट्रेक्शन नही था तो डीजल से इगतपुरी तक आती थी और आगे निजामुद्दीन के लिए इलेक्ट्रिक लोको से चलाई जाती थी। अब 1 जून 2021 से इस गाड़ी को इलेक्ट्रिक लोको से ही इगतपुरी से आगे कोंकण रेलवे के रत्नागिरी तक चलाए जाने की घोषणा हो चुकी है।

इगतपुरी मध्य रेलवे के मुख्य रेलवे मार्ग का एक सुन्दर पहाड़ी रेलवे स्टेशन। गाड़ियाँ यहाँपर सुस्ताती थी और गाड़ी के यात्री निहारी करने बड़े आरामसे बैठ जाते थे।

इस तरह इगतपुरी के जंक्शन नही होने के बावजूद हर गाड़ी लम्बे समय तक खड़े रहने का मिथक टूटता हुवा दिखाई दे रहा है। फिलहाल मुम्बई से इगतपुरी और इगतपुरी से भुसावल तक अलग अलग लोंको चालक गाड़ी चलाते है मगर मध्य रेलवे की राजधानी के साथ इगतपुरी में लोंको स्टाफ़ का बदलाव भी खत्म किया गया है। राजधानी एक्सप्रेस के चालक मुम्बई से जलगाँव तक सीधे आते है। समय भर की बात है, इगतपुरी का स्टाफ बदलाव भी हो सकता है जल्द खत्म हो जाए और एक सुन्दर पहाड़ी रेलवे स्टेशन पर यात्रिओंका आधा घण्टा बिताने का सौभाग्य छीन जाए।