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मध्य रेलवे की समर स्पेशल ट्रेनों का विस्तार

रेलवे ने यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को कम करने के लिए संशोधित संरचना के साथ निम्नलिखित समर स्पेशल ट्रेनों की अवधि को नीचे दिए गए विवरण के अनुसार विस्तारित करने का निर्णय लिया है: –

ए. पुणे से/के लिए स्पेशल ट्रेनों का विस्तार

  1. 01329/01330 पुणे-गोरखपुर स्पेशल
    01329 पुणे-गोरखपुर स्पेशल को दिनांक 1.6.2021, 3.6.2021, 5.6.2021, 8.6.2021, 10.6.2021, 12.6.2021 और 15.6.2021 (7 ट्रिप) को विस्तारित किया गया है और
    01330 गोरखपुर-पुणे स्पेशल को 3.6.2021, 5.6.2021, 7.6.2021, 10.6.2021, 12.6.2021, 14.6.2021 और 17.6.2021 (7 ट्रिप) को विस्तारित किया गया है।

2:. 01331/01332 पुणे – दानापुर स्पेशल
01331 पुणे – दानापुर स्पेशल को दिनांक 4.6.2021, 7.6.2021, 11.6.2021 और 14.6.2021 (4 ट्रिप) को विस्तारित किया गया है और
01332 दानापुर-पुणे सुपरफास्ट स्पेशल को 5.6.2021, 8.6.2021, 12.6.2021 और 15.6.2021 (4 ट्रिप) को विस्तारित किया गया है।01333/01334 पुणे-दरभंगा स्पेशल

01333 पुणे-दरभंगा स्पेशल को दिनांक 3.6.2021 और 10.6.2021 (2 ट्रिप) तक विस्तारित किया गया है और
01334 दरभंगा-पुणे स्पेशल को दिनांक 5.6.2021 और 12.6.2021 (2 ट्रिप) तक विस्तारित किया गया है।

01335/01336 पुणे – भागलपुर स्पेशल
01335 पुणे – भागलपुर स्पेशल को दिनांक 6.6.2021 और 13.6.2021 (2 ट्रिप) तक विस्तारित किया गया है और
01336 भागलपुर-पुणे स्पेशल को दिनांक 8.6.22021 और 15.6.202 1 (2 ट्रिप) तक विस्तारित किया गया है।

बी. मुंबई से/के लिए स्पेशल ट्रेनों का विस्तार

  1. 01359/01360 मुंबई-गोरखपुर स्पेशल
    01359 छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस मुंबई-गोरखपुर स्पेशल को दिनांक 2.6.2021, 4.6.2021, 6.6.2021, 7.6.2021, 9.6.2021, 11.6.2021, 13.6.2021 और 14.6.2021 (8 ट्रिप) तक विस्तारित किया गया है और
    01360 गोरखपुर – छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस मुंबई स्पेशल को दिनांक 4.6.2021, 6.6.2021, 8.6.2021, 9.6.2021, 11.6.2021, 13.6.2021 15.6.2021 और 16.6.2021 (8 ट्रिप) तक विस्तारित किया गया है।
  2. 01361/01362 मुंबई – दानापुर सुपरफास्ट स्पेशल
    01361 छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस मुंबई – दानापुर सुपरफास्ट स्पेशल को दिनांक 3.6.2021 और 10.6.2021 (2 ट्रिप) तक विस्तारित किया गया है और
    01362 दानापुर-छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस मुंबई सुपरफास्ट स्पेशल को दिनांक 4.6.2021 और 11.6.2021 (2 ट्रिप) तक विस्तारित किया गया है।
  3. 01363/01364 मुंबई-दरभंगा स्पेशल
    01363 छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस मुंबई-दरभंगा स्पेशल को दिनांक 1.6.2021, 8.6.22021 और 15.6.2021 (3 ट्रिप) तक विस्तारित किया गया है और
    01364 दरभंगा-छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस मुंबई स्पेशल को दिनांक 3.6.2021, 10.6.2021 और 17.6.2021 (3 ट्रिप) तक विस्तारित किया गया है।
  4. 01365/01366 मुंबई – छपरा स्पेशल
    01365 छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस मुंबई-छपरा स्पेशल को दिनांक 5.6.2021 और 12.6.2021 (2 ट्रिप) तक विस्तारित किया गया है और
    01366 छपरा – छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस मुंबई सुपरफास्ट स्पेशल को 7.6.2021 और 14.6.2021 (2 ट्रिप) तक विस्तारित किया गया है।
  5. 01355/01356 मुंबई-गोरखपुर स्पेशल
    01355 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-गोरखपुर स्पेशल को दिनांक 1.6.2021, 8.6.22021 और 15.6.2021 (3 ट्रिप) तक विस्तारित किया गया है और
    01330 गोरखपुर – लोकमान्य तिलक टर्मिनस स्पेशल को 3.6.2021, 10.6.2021 और 17.6.2021 (3 ट्रिप) तक विस्तारित किया गया है।

सभी स्पेशल मौजूदा पथ, टाइमिंग और हॉल्ट के साथ चलेंगी।

आरक्षण: मुंबई और पुणे से छूटने वाली पूरी तरह से आरक्षित विशेष ट्रेनों की विस्तारित ट्रिप्स के लिए बुकिंग विशेष शुल्क पर सभी कम्प्यूटरीकृत आरक्षण केंद्रों और वेबसाइट http://www.irctc.co.in पर दिनांक 29.5.2021 को आरंभ होगी।

विस्तृत समय और ठहराव के लिए कृपया http://www.enquiry.indianrail.gov.in देखें या एनटीईएस ऐप डाउनलोड करें।

केवल कन्फर्म टिकट वाले यात्रियों को ही इस विशेष ट्रेन में यात्रा करने की अनुमति होगी।

यात्रियों को बोर्डिंग, यात्रा और गंतव्य पर COVID19 से संबंधित सभी मानदंडों, एसओपी का पालन करने की सलाह दी जाती है।

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मडगाँव जनशताब्दी एवं डेक्कन एक्सप्रेस की बदलेगी सूरत

01151/52 दादर मडगाँव दादर जनशताब्दी विशेष और 01007/08 मुम्बई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से पुणे के बीच चलनेवाली डेक्कन विशेष का रंगरूप बदलने जा रहा है।

मडगाँव जनशताब्दी जो दादर से चलायी जा रही है, वह दिनांक 10 जून से मुम्बई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से चलेगी और अत्याधुनिक LHB कोच से सुसज्जित की जाएगी। आगे यही गाड़ी का रैक शेयरिंग मुम्बई पुणे के बीच चलनेवाली डेक्कन एक्सप्रेस से होने के कारण यह गाड़ी भी LHB कोच के साथ चलाई जाएगी। यज्ञपि इसके LHB करण की तारीख सुनिश्चित नही की गई है।

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“तीर्थयात्रियों को चार धामों के साथ बीजी लिंक से आगे तेज, सुरक्षित और आरामदायक गंतव्य संपर्क मिलनी चाहिए” – श्री पीयूष गोयल

रेल और वाणिज्य एवं उद्योग व उपभोक्ता कार्य और खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री पीयूष गोयल ने चार धाम परियोजनाओं के लिए अंतिम मील संपर्क योजनाओं की समीक्षा की

चार धाम यानी यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ से नई बीजी रेल संपर्क के लिए अंतिम स्थान सर्वेक्षण (एफएलएस) पूरा होने के करीब है

रेल और वाणिज्य एवं उद्योग व उपभोक्ता कार्य और खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री पीयूष गोयल ने चार धाम परियोजनाओं के लिए अंतिम मील कनेक्टिविटी योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा, “तीर्थयात्रियों को चार धामों के साथ बीजी लिंक से आगे तेज, सुरक्षित और आरामदायक गंतव्य संपर्क मिलनी चाहिए।”

मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी विकल्पों की एक विस्तृत समीक्षा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि संपूर्ण परियोजना के पूरा होने तक के लिए विस्तृत लागत अनुमानों के साथ सभी अंतिम गंतव्य की संपर्क के विकल्पों की जांच की जानी चाहिए।

मंत्री ने कहा कि पर्यटन की जरूरत को पूरा करने और तीर्थयात्रियों के लिए सुरक्षित और समय पर मंदिर तक पहुंचने को सुविधाजनक बनाने को लेकर परियोजना के लिए एक व्यापक योजना बनाने की आवश्यकता है।

इस बात को रेखांकित किया जा सकता है कि चार धाम यानी यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ से नई बीजी रेल संपर्क के लिए अंतिम स्थान सर्वेक्षण (एफएलएस) पूरा होने के करीब है।

केदारनाथ और बद्रीनाथ रेल संपर्क कर्णप्रयाग स्टेशन से शुरू होगा, जो 125 किलोमीटर लंबी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग नई बीजी रेल लाइन परियोजना का हिस्सा है, जिसका निर्माण काफी तेजी से किया जा रहा है। गंगोत्री और यमुनोत्री रेल कनेक्टिविटी मौजूदा डोईवाला स्टेशन से शुरू होगी। चार धाम बीजी रेल कनेक्टिविटी सर्वेक्षण के अनुसार, नई बीजी रेल लाइन का टर्मिनल स्टेशन बरकोट, उत्तरकाशी, सोनप्रयाग और जोशीमठ में समाप्त हो रहा है, जो कि तीव्र ढलाने वाले भूभाग और बीजी व्यवस्था की ढाल की सीमा के कारण चार धाम मंदिरों से कम हैं।

पर्यटन की जरूरत को पूरा करने और तीर्थयात्रियों के सुरक्षित और समय पर मंदिरों तक पहुंचने को सुविधाजनक बनाने के लिए, नए बीजी रेलवे टर्मिनल स्टेशनों को धामों (मंदिरों) से जोड़ने के लिए पैमाइश इंजीनियरिंग सर्वेक्षण (आरईएस) उपयुक्त प्रणाली की तलाश के उद्देश्य से किया जा रहा है, जो पर्यावरण के अनुकूल, सुरक्षित और साथ ही पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है।

देशभर से बड़ी संख्या में तीर्थयात्री चार धाम में आते हैं और बड़ी संख्या में विदेशी और घरेलू पर्यटक उत्तराखंड राज्य में ट्रेकिंग और दृश्य देखने के लिए आकर्षित होते हैं। मौजूदा सड़क संपर्क कमजोर पहाड़ी ढलानों से होकर गुजरता है और भार, क्षमता, सुरक्षा व गति की गंभीर बाधाओं का सामना करता है। इन चार धामों से रेल संपर्क होने के बाद यात्रा को अधिक सुरक्षित, सस्ती, आरामदायक, पर्यावरण के अनुकूल और सभी मौसमों के अनुकूल बना देगा।

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Pib.Gov.in की प्रेस रिलीज

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मध्य रेल, भुसावल मण्डल के चांदनी स्टेशन की बिल्डिंग ढहने के खबर की हक़ीकत

विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि यह क्षति पुष्पक एक्सप्रेस के 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गुजरने के कारण हुई है। इस संबंध में, यह स्पष्ट किया जाता है कि क्षति किसी तेज गति वाली ट्रेन के गुजरने के कारण नहीं हुई है, क्योंकि घटना दिनांक 26.5.2021 को दोपहर 3.55 बजे हुई थी और घटना के समय कोई भी ट्रेन चांदनी स्टेशन से नहीं गुजर रही थी। साथ ही पुष्पक एक्सप्रेस दिनांक 26.5.2021 को शाम 5.14 बजे स्टेशन से गुजरी थी, यानि घटना के 79 मिनट बाद।

मध्य रेल के मुख्य अभियंता (C E) द्वारा घटना स्थल पर प्रारंभिक जांच से पता चला है कि 1.8 मीटर चौड़ाई का कैंटिलीवर छज्जा जिसमें एक ड्रॉप वॉल है और 5 कैंटिलीवर बीम पर टिकी हुई है। कैंटिलीवर बीम में जंग के कारण छज्जा स्लैब स्टेशन की इमारत की सामने की दीवार से टकराकर नीचे गिर गया जिससे सामने की ओर की ईंट की दीवार को नुकसान पहुंचा है। यह भी बताया जाता है कि अन्य तीन दीवारें और छत बरकरार हैं और स्टेशन भवन सुरक्षित है।

इस घटना में किसी को भी कोई चोट नहीं आई है तथा रेल यातायात में कोई अवरोध उत्पन्न हुआ है और ट्रेनें धीमी गति से स्टेशन से गुजर रही थीं।

मौजूदा लोड बियरिंग भवन ढांचे को अस्थाई सहायता प्रदान की गई है, आज शाम को पहले ही सिग्नल पर यातायात की आवाजाही तुरंत बहाल कर दी गई है।

प्रारंभिक जांच के आधार पर उस समय इस भवन के निर्माण कार्य का सुपरविजन करने वाले वरिष्ठ अनुभाग अभियंता (कार्य) को निलंबित कर दिया गया है।

मध्य रेल के महाप्रबंधक द्वारा मुख्य अभियंता के स्तर पर जांच का आदेश दिया गया है जो घटना के कारणों की जांच करेगा, जिम्मेदारी तय करेगा और व्यवस्था में सुधार के उपाय सुझाएगा.

  • शिवाजी सुतार,
    मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, मध्य रेल्वे.
मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, मध्य रेल का ट्वीट

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जयपुर बीदर जयपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस : एक चर्चा

मित्रों, हाल ही में सोशल मिडियापर जयपुर बीदर जयपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस के घोषित किए जाने की सम्भावना पर चर्चा ज़ोरोंसे चल रही है।

अब राजस्थान की गाड़ियोंकी हालत ऐसी रहती है, की ‘एक अनार और सौ बीमार’ गाड़ी केवल टाइमटेबल कमिटी में प्रस्तावित है, वह भी बीते वर्ष की मगर खींचातानी तो ऐसे हो रही है मानो गाड़ी चल ही पड़ी हो। खैर, हम आपको केवल इसके विभिन्न मार्ग बताए देते है। जब गाड़ी शुरू होगी तब ही पता चलेगा कि निर्णय क्या हुवा है।

वर्ष 2020, IRTTC का प्रस्ताव, इसमें स्पष्ट दिखाई दे रहा है, की तमाम क्षेत्रीय रेलवे ने इसे मंजूरी दे दी है।

अब एक बात और समझ लीजिए कि पास किया गया प्रस्ताव वर्ष 2019-2020 IRTTC का है और इसके बाद ZBTT के बिगुल बजे थे, जिसमे ढेर गाड़ियोंका समय परिवर्तन किया जाना है।

1: प्रस्तवित मार्ग

जयपुर बीदर जयपुर साप्ताहिक

मार्ग एवं स्टापेजेस :
जयपुर, फालना, किशन गढ़, अजमेर, भीलवाड़ा, चितौड़गढ़, नीमच, मन्दसौर, नागदा रतलाम, उज्जैन, संत हिरदाराम, भोपाल, हरदा, टिमरनी, खण्डवा, भुसावल, मनमाड़, कोपरगाँव, बेलापुर, अहमदनगर, दौंड जंक्शन, कुरदुवादी, सोलापुर, कलबुर्गी, बीदर

कुल 2035 किलोमीटर अन्तर

2: शॉर्टेस्ट रूट, सबसे कम अन्तर वाला मार्ग

जयपुर, सवाई माधोपुर, कोटा, रुठियायी, गुना, बीना, भोपाल, इटारसी, नरखेड़, बडनेरा, अकोला, पूर्णा, परभणी, लातूर रोड, बीदर – कुल 1677 किलोमीटर

3: जयपुर, फालना, किशन गढ़, अजमेर, भीलवाड़ा, चितौड़गढ़, नीमच, मन्दसौर, नागदा रतलाम, उज्जैन, संत हिरदाराम, भोपाल, हरदा, टिमरनी, खण्डवा से आगे मार्ग अलग भुसावल बाइपास अकोला, पूर्णा, परभणी, लातूर रोड, बीदर – कुल 1796 किलोमीटर अन्तर

4 : यदि अहमदाबाद, कल्याण, नासिक होकर जावे,

जयपुर, अजमेर, मारवाड़ जंक्शन, अबु रोड, अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत, वसई रोड, कल्याण, नासिक, मनमाड़, औरंगाबाद, परभणी, लातूर रोड, बीदर कुल 1803 किलोमीटर अन्तर

एक वैकल्पिक मार्ग यह भी है,

5: जयपुर, अजमेर, मारवाड़ जंक्शन, अबु रोड, अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत, भुसावल, अकोला पूर्णा, परभणी, लातूर रोड, बीदर इसका कुल 1804 किलोमीटर अन्तर पड़ता है।

अब गौरतलब यह है, रेल यात्री संगठन किस तरह इस गाड़ी की खींचतान करवाते है, और राजनीतिक दबाव बनाकर घी को अपनी थाली में मोड़ लेते है। ☺️😊