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‘उत्सव स्पेशल’ गाड़ियोंका संयुक्त परीपत्रक, किराया भी होगा ‘स्पेशल’

हाल ही के लेख में हमने कहा था, की सभी गाड़ियोंकी संयुक्त सूची, रेल प्रशासन ने यात्रिओंके लिए उपलब्ध कराना चाहिए। आज यह सभी क्षेत्रीय रेल विभाग की ओरसे घोषित उत्सव, पूजा, हॉलिडे विशेष गाड़ियोंकी सूची जारी हुई है। कुल 196 जोड़ी गाड़ियोंकी सूची दी गयी है। यह गाड़ियाँ 20 अक्टूबर से लेकर 30 नवम्बर तक चलाई जाएगी। सभी गाड़ियाँ “उत्सव स्पेशल” रहेगी।

यात्रीगण कृपया यह बात ध्यान में ले ले, की इन सभी गाड़ियोंका किराया विशेष गाड़ियोंको लगाए जानेवाला किराया होगा। जिसका फॉर्म्युला 2015 के परीपत्रक क्रमांक 30 में दिया गया था। railduniya.in प्रमुख बात यह है कि अब तक जितनी गाड़ियाँ चली उसी प्रकार यह भी सारी गाड़ियाँ पुर्णतयः आरक्षित आसन व्यवस्थावाली रहेंगी। इन गाड़ियोंका किरायोंका गणित नियमित मेल/एक्सप्रेस के किरायोंपर आधारित है, द्वितीय श्रेणी के किराए मुलभूत (बेसिक) किरायोंसे 10% ज्यादा होंगे और बाकी सारे श्रेणियोंमे याने स्लिपर क्लास, वातानुकूलित 1,2,3 टियर, चेयर कार आदि में 30% तक ज्यादा रहेंगे।

टिकट बुकिंग के लिए डिस्टेन्स रिस्ट्रिक्शन्स भी रहेंगे। द्वितीय श्रेणी के लिए 100 km, वातानुकूलित चेयर कार के लिए 250 km, वातानुकूलित प्रथम श्रेणी के लिए 300 km और स्लिपर क्लास, वातानुकूलित 2, 3 टियर के लिए 500 km कमसे कम अंतर का किराया देय होगा।

इसका मतलब यह है, की आप भलेही 200 किलोमीटर की टिकट स्लिपर क्लास में बुक करते है, लेकिन किराया आपको तय 500 किलोमीटर को जितना बेसिक किराया लगता है वह देना होगा और इतर जोड़ गणित भी देख लीजिए। उस बेसिक किरायोंमे 30% ज्यादा जोड़ने के बाद जो रकम आएगी वह होगा आपका ‘उत्सव स्पेशल’ का बेसिक किराया। और सुपरफास्ट चार्जेस, आरक्षण शुल्क ई. अतिरिक्त चार्जेस मिलाकर आपको किराया देना होगा।

यदि क्षेत्रीय रेलवे, जो यह ट्रेन को चला रही है, सोचती है की एक दिशा में ही गाड़ी फूल चल रही है और वापसी में खाली तो वह क्षेत्रीय रेलवे का निर्णय होगा कि एडिशनल 10 से 30 प्रतिशत किराया ले या न ले।

इन गाड़ियोंके किरायोंमे किसी भी तरह के रियायती टिकट की बुकिंग नही दी जाएगी।

तत्काल कोटा की बुकिंग भी नही होगी, यज्ञपी क्षेत्रीय रेलवे चाहे तो प्रीमियम तत्काल बुकिंग, यात्रिओंकी ज्यादा मांग होनेपर शुरू कर सकती है।

इतने सारे नियम और एक्सट्रा किरायोंको जानने के बाद भी यात्री जरूरतमंद है और उसको यात्रा करनी है तो उनके लिए हाजिर है ‘उत्सव स्पेशलगाड़ियोंकी लिस्ट और वह परीपत्रक जिससे आपको किरायोंका गणित जोड़ना है।

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क्या भारतीय रेल गाड़ियाँ, पुर्णतयः वातानुकूलित कर दी जाएगी?

कल से देश के प्रमुख वार्तापत्रोंमें और सोशल मीडिया में इस तरह की ख़बर घूम रही है। चलिए इस खबर के पीछे के तथ्योंको जानते है।

आप को ज्ञात होगा, भारतीय रेल अपनी सभी मेल, एक्सप्रेस गाड़ियोंको स्पीड अप कर रही है। रेल नेटवर्क में पटरियों, सिग्नलों, रेल इंजिनों, डिब्बों पर और ऐसे तमाम पहलुओंपर काम किया जा रहा है, जो रेलगाड़ियोंकी गती बढाने ने काम करती हो। जगह जगह की लेवल क्रॉसिंग्स को बदल कर ROB/RUB याने रेल ओवर ब्रिज/ रेल अंडर ब्रिज में तब्दील किया जा रहा है। मवेशी पटरी पर न आ पाए इसके लिए बैरिकेडिंग की जा रही है। यात्री रेल गाड़ियोंकी स्पीड 110 kmph से बढ़ाकर 130/160/200 किलोमीटर प्रति घंटे तक बढाने पर काम किया जा रहा है। कई मार्ग 130 kmph के कर लिए गए है।

इन्ही गती बढाने के प्रयासोंमे यात्री गाड़ी के डिब्बों में साधारण ग़ैरवातानुकूलित बदलाव उन्हें वातानुकूलित किया जाने की तकनीकी जरूरत उभरकर सामने आई है। सामान्यतः किसी भी वाहन को वेगवान होने के लिए हवा का गतिरोध काटना पड़ता है। वातानुकूलित वाहनोंमें सभी खिड़कियाँ, दरवाजे बन्द होने के कारण हवा का गतिरोध नही होता और वाहन बड़ी आसानी से स्पीड अप किया जा सकता है, यही कारण है, की जो भी गाड़ियाँ 130kmph या उससे ज्यादा गती से चलने के लिए निर्धारित की जाएगी उनके सारे डिब्बे वातानुकूलित किए जाएंगे।

भारतीय रेल पर फ़िलहाल राजधानी, शताब्दी, तेजस, गतिमान, हमसफर और गरीबरथ पुर्णतयः वातानुकूलित गाड़ियाँ चलाई जा रही है। इन गाड़ियोंकी गति जब भी गाड़ियोंका संचालन नियमित हो जाएगा और नई समयसारणी आएगी तब यह गाड़ियाँ बढ़े हुए स्पीड के साथ एक अलग ही अंदाज में हमे दिखाई देगी। लेकिन सवाल यह है, क्या सभी मेल, एक्सप्रेस भी वातानुकूलित हो जाएगी? तो मित्रों, शुरवात की जा रही है, यह सब प्रयोगात्मक स्वरूप में है। कुछ कम स्टापेजेस वाली गाड़ियोंका चिन्हांकन किया जाएगा और उनके साधारण ग़ैरवातानुकूलित डिब्बों को हटाकर, नए 83 शयिका (बर्थ) वाले वातानुकूलित डिब्बों में बदला जाएगा।

हमने हमारी पिछली पोस्ट में इन डिब्बों के डिज़ाइन से आपको अवगत कराया था। आज फिर से उन्हें आपके सामने प्रस्तुत कर रहे है।

83 बर्थवाले वातानुकूलित स्लिपर और 100 सीट्स वाले वातानुकूलित चेयर कार का निर्माण किया जा रहा है। रेल प्रशासन का दावा है, इन डिब्बों का किराया, नियमित वातानुकूलित 3 टियर से कम और साधारण स्लिपर से थोड़ा ज्यादा होगा। भारतीय रेलवे का यह नया दौर होगा। नई तेज गती की वातानुकूलित गाड़ियाँ, जिसमे सर्वसाधारण जनता भी यात्रा करेगी। रेल यात्रा सुरक्षित, सुखद और तेज हो रही है, चलिए इस नए गतिमान दौर के लिए तैयार हो जाइए।

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गाड़ियाँ तो बहुतें चला दी, अब मासिक पासधारकोंकी भी सुध ले रेलवे।

रेलवे के तमाम क्षेत्रीय कार्यालयोंने विविध परीपत्रक जारी कर कर के, गाड़ियोंकी घोषणा कर दी। किसी की 5 तो किसी की 15 गाड़ियाँ चल पड़ेंगी, यहाँतक की विन्टर स्पेशल गाड़ियांभी 15 अक्टूबर से चल पड़ेंगी। लेकिन मित्रों यह जो भी गाड़ियाँ है सारी की सारी स्पेशल और आरक्षित आसन व्यवस्थाओंके साथ चलाई जा रही है।

जब तक (पता नही कब तक☺️) यह विशेष और आरक्षित आसन व्यवस्थाओंके साथ गाड़ियोंका दौर चलता रहेगा, तब तक मासिक पास धारकोंकी दखल लेनेवाला कोई नहीं है। न सिर्फ उपनगरीय अपितु देशभर की सारी रेल सेवाओंपर हजारों, लाखोंकी संख्या में मासिक पास धारक है। आसपास के शहरोंमें नौकरी करनेवाले, कॉलेज और क्लासेस मे पढनेवाले विद्यार्थी इस तरह के मासिक पास निकालते है। मासिक पास रोज का जाना आना करनेवालोंके लिए बेहद उपयोगी और आर्थिक दृष्टिकोण से किफायती भी है। एक बार पास बना लिया तो इन लोगोंको टिकट खिड़की की लम्बी क़तारों में खड़ा रहने की जरूरत नही और दूसरा किफायती इतनी की नियमित किरायोंसे 25 से 30 प्रतिशत शुल्क में महीनेभर यात्रा की जा सकती है।

जहाँ उपनगरीय गाड़ियाँ चलती है, जैसे मुम्बई, पुणे या इतर बड़े महानगर वहाँपर धीरे धीरे यात्रिओंके लिए यात्रा की सुविधा खोली जा रही है। लेकिन जहाँपर उपनगरीय गाड़ियाँ नही चलती, वहाँ के मासिक पासधारकोंकी अवस्था बड़ी भीषण है। इन लोगोंकी तकलीफ यह है, की सारी गाड़ियाँ आरक्षित और द्वितीय श्रेणी टिकट बन्द होने के कारण यह लोग ट्रेनोंमें यात्रा नही कर पा रहे है और सड़क मार्ग से यात्रा करने के लिए मजबूर है। सड़क मार्ग से रोजाना जाना आना कर के इन लोगोंकी शारारिक, मानसिक और आर्थिक परिस्थिति बड़ी ही बिकट हो गयी है। आधे से ज्यादा तनख्वाह, बाइक या कार के इन्धन और रखरखाव पर खर्च हो जाती है। विशेष बात तो यह है, की न तो कोई नेता या कोई रेल यात्री संगठन इनकी तकलीफों पर गौर कर रहा है।

संक्रमण काल के 22 मार्च से लेकर आज तक छह महीने बीत गए और अब सातवाँ महीना चल रहा है। अनलॉक 5 भी आ गया, लेकिन रेल प्रशासन मासिक पास धारकोंकी सुध लेने को तैयार ही नही। तमाम आरक्षण स्पेशल गाड़ियोंसे इन लोगोंको कोई लेनादेना नही, इनके लिए तो इनकी सवारी गाड़ियाँ, डेमू, मेमू चलना चाहिए। जहाँतक बात यात्री रिकॉर्ड की है, तो हर एक मासिक पास धारक का रिकॉर्ड रेलवे के पास उसकी फोटो आइडेंटिटी और ऐड्रेस के साथ रखा जा सकता है। इतनी सारी औपचारिकता अपनाने के बाद भी रेल प्रशासन इन सीज़न पास धारकोंकी कोई व्यवस्था क्यों नही कर पा रहा है, यह एक संशोधन का विषय हो जाता है। हम तो रेल यात्री संगठनोंको भी आवाहन करते है, आए दिन फलाँ गाड़ी शुरू हो रही है या फलाँ गाड़ी को एक्सटेंड करवाना है, स्टापेजेस बढ़वाना है इसके परे जाकर थोड़ा मासिक पास धारकोंके लिए भी पत्राचार करे, उनकी तकलीफों को भी महसूस करें, रेल मंत्री, अफ़सरोंतक पासधारकोंकी बात अब अग्रक्रम से रखी जाना चाहिए।

सवारी गाड़ियोंको चलवाना रेल प्रशासन मुनासिब नही समझता तो कम अन्तरोंके स्टापेजेस वाली कई एक्सप्रेस गाड़ियाँ चल पड़ी है, उन गाड़ियों में ही पास धारकोंकी व्यवस्था करवा दी जाए।

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उत्तर रेलवे की विशेष 12 जोड़ी गाड़ियाँ, इसमें 5 जोड़ी विन्टर स्पेशल्स भी है, 15 अक्टूबर से शुरू होने वाली है।

उत्तर रेलवे अपनी यात्री सेवाएं आरक्षित स्पेशल्स की तर्ज पर दिनांक 15 अक्तूबर से शुरू करने जा रहा है।

1: 02017/02018 नई दिल्ली देहरादून नई दिल्ली शताब्दी स्पेशल, प्रतिदिन

2: 02011/02012 नई दिल्ली कालका नई दिल्ली शताब्दी स्पेशल प्रतिदिन

3: 02494/02493 हज़रत निजामुद्दीन पुणे हज़रत निजामुद्दीन पुणे दर्शन साप्ताहिक स्पेशल

4: 22439/22440 नई दिल्ली श्री माता वैष्णो देवी कटरा नई दिल्ली वन्देभारत सप्ताह में 6 दिन, मंगलवार छोड़कर

5: 02029/02030 नई दिल्ली अमृतसर नई दिल्ली शताब्दी स्पेशल, सप्ताह में 6 दिन, गुरुवार को छोड़कर।

6: 02264/02263 हज़रत निजामुद्दीन पुणे हज़रत निजामुद्दीन दुरन्तो द्विसाप्ताहिक स्पेशल

7: 02462/02461 श्री माता वैष्णो देवी कटरा नई दिल्ली श्री माता वैष्णो देवी कटरा वातानुकूलित स्पेशल प्रतिदिन

8: 04422/04421 आनंदविहार लखनऊ आनंदविहार वातानुकूलित विन्टर स्पेशल त्रिसाप्ताहिक

9: 04010/04009 आनंदविहार जोगबनी आनंदविहार विन्टर स्पेशल साप्ताहिक

10: 04401/04402 नई दिल्ली श्री माता वैष्णो देवी कटरा नई दिल्ली वातानुकूलित द्विसाप्ताहिक विन्टर स्पेशल

11: 04924/04923 चंड़ीगढ़ गोरखपुर चंड़ीगढ़ साप्ताहिक विन्टर स्पेशल