Uncategorised

आपदा में अवसर ढूंढ, स्टेशनोंपर गुंडागर्दी की जा रही है।

11 फरवरी 2025, मंगलवार, माघ, शुक्ल पक्ष, चतुर्दशी, विक्रम संवत 2081

महाकुम्भ 2025 निमित्त नियमित गाड़ियोंके साथ-साथ कई विशेष गाड़ियोंका परिचालन किया जा रहा है। चूँकि नियमित गाड़ियोंमे आरक्षण दो, तीन माह पहले शुरू होकर अब तक पूर्णतः बुक हो गए है और विशेष गाड़ियोंमे भी आरक्षण खुलते ही बुकिंग फूल हो जा रही है। इस अवस्था मे आसपास के शहरोंसे निकलने वाले, महाकुम्भ श्रद्धालु, आरक्षित यानोंमें जबरन घुसपैठ करते दिखाई दे रहे है।

हाल ही में वाराणसी जंक्शन पर खड़ी एक महाकुम्भ विशेष गाड़ी के लोको, इंजिन में ही यात्री चढ़ते नजर आए। लोको पायलट ने रेल पुलिस की मदत से लोको खाली करवाया। आम यात्री कभी ऐसी अराजकता नही फैलाते है। यहाँ असामाजिक तत्व सक्रिय हो कर आम यात्रिओंको उकसाते है।

रेल विभाग में लोको या गार्ड की कैबिन में किसी आम यात्री का यात्रा करना प्रतिबन्धित है, रेल कानून में जुर्म है, दण्डित किए जाने का हक़दार है। लोको और गार्ड कैबिन में कई परिचालन से जुड़ी यन्त्र सामग्री होती है जो किसी आम व्यक्ति के समझ से परे होती है और वह उसका गलत तरीक़े से उपयोग कर रेल सामग्री और सवार यात्रिओंकी जान जोखिम में डाल सकता है।

आज बिहार के मधुबनी स्टेशन पर प्रयागराज होकर जानेवाली, स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस पर हुए कायराना और मूर्खतापूर्ण हमले के वीडियो वायरल हुए है। कुछ युवा गाड़ी के वातानुकूलित कोचों की खिड़कियाँ पत्थर से तोड़ रहे है। यह दृश्य इतने डरावने और खौफ़नाक है, की आम रेल यात्री की सुरक्षा पर बड़ा सा प्रश्नचिन्ह खड़ा कर देते है। इतनी गुंडागर्दी? आखिर रेल सुरक्षा बल कर क्या रहा है? साफ दिखाई दे रहा है, गाड़ी के अंदर बैठे यात्री कितने सहमे हुए, खौफजदा है।

एक बात तो निश्चित है, यह तोडफ़ोड़ करने वाले कोई महाकुम्भ जानेवाले श्रद्धालु हो ही नही सकते। यह केवल आपत्ति, आपदा में, यात्री भीड़ का फायदा उठाकर, आम यात्रिओंको डरा कर, मज़े लेनेवाले मनचले गुंडे है।

रेल विभाग ने की कार्रवाई,

कल कुंभ मेले जाने वाले यात्रियों की अप्रत्याशित भीड़ मधुबनी, दरभंगा तथा समस्तीपुर रेलवे स्टेशनो पर हो गई थी जिसका संज्ञान लेते हुए रेलवे सुरक्षा बल, जीआरपी, टीटीई, टीसी एवं अन्य वाणिज्य स्टॉफ द्वारा इन यात्रियों को सहयोग कर ट्रेन में बोर्ड करने में मदद की गई है।

इन स्टेशनों सहित मंडल के विभिन्न छोटे बड़े स्टेशनो पर निरंतर उदघोषणा की जा रही है । जो यात्री ट्रेन में सवार नहीं हो सके उनके लिए आसानी से टिकट रद्द करने की व्यवस्था रेलवे द्वारा आरंभ है ।

दरभंगा में 126 अनारक्षित तथा 21 आरक्षित टिकट की वापसी हुई।

इस दौरान अव्यवस्था फैलाने तथा तोड़फोड़ करने वाले 4 व्यक्तियों को चिन्हित करते हुए इन्हें रेल सुरक्षा बल (RPF ) समस्तीपुर द्वारा गिरफ्तार किया गया है।

कुंभ मेला जाने वाले यात्रियों के लिए समस्तीपुर मंडल द्वारा दरभंगा, रक्सौल, जयनगर तथा सहरसा स्टेशनों से प्रयागराज होते हुए कानपुर के लिए आज 11-02-25 को 4 स्पेशल ट्रेने चलाई जा रही है ।

आशा करते है, रेल विभाग और रेल सुरक्षा बल सक्रियता से इन लोगोंकी पहचान करे, और उनपर कड़ी कानूनी कार्रवाई करे। सार्वजनिक क्षेत्र में पुलिस के रहते इतनी गुंडागर्दी की हिम्मत किस तरह की जा सकती है? बड़ा आश्चर्य है।

Uncategorised

प्रयागराज महाकुम्भ 2025 : स्वच्छ, सुन्दर, सात्विक एवं सुरक्षित!

09 फरवरी 2025, रविवार, माघ, शुक्ल पक्ष, द्वादशी, विक्रम संवत 2081

प्रयागराज महाकुम्भ 2025 निमित्त हमारी बहुत सी पोस्ट आई। कुछ विशेष गाड़ियोंकी, गाड़ियोंके नियंत्रण की और कुछ वहाँ के व्यवस्थाओं के बारे में थी। महाकुम्भ मेला अभी 26 फ़रवरी, महाशिवरात्रि तक जारी है। आज हम यहाँ पर कुछ आँखोँ देखी बयाँ करनेवाले है।

प्रयागराज महाकुम्भ 2025 में, पूर्ण पर्व काल मे लगभग 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन का अनुमान था, मगर कल दिनांक 08 फरवरी तक ही यह आँकड़ा 35 करोड़ तक पहुंच गया है और श्रद्धालुओं की संख्या अनुमान से डेढ़ गुना पहुँच सकती है।

एक बहुत ही कम समय की, पन्धरह घण्टे की महाकुम्भ मेला यात्रा में हमने प्रयागराज में, रेलवे और शहर व्यवस्था में कुछ उल्लेखनीय बातें नोट की है। प्रयागराज में उत्तरमध्य रेलवे का क्षेत्रीय मुख्यालय है। प्रयागराज के सभी स्टेशनोंपर नैनी, प्रयागराज जंक्शन, प्रयाग, प्रयागराज संगम, प्रयागराज छिंवकी, प्रयागराज रामबाग़ में रेल विभाग द्वारा रेल यात्रिओंका उत्कृष्ट प्रबंधन किया गया है। प्रयागराज जंक्शन पर प्रत्येक 10 मीटर पर रेल सुरक्षा बल के जवान तैनात है। यह तैनाती प्लेटफार्म, ऊपरी पैदल पुल, सर्क्युलेटिंग एरिया में आप को दिखाई देंगी।

किसी भी तरह की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा कर्मियोंके साथ उत्तम सार्वजनिक सम्बोधन प्रणाली, पब्लिक अड्रेसिंग सिस्टम की आवश्यकता होती है। स्टेशनपर राउण्ड दी क्लॉक, 24 घण्टे यह जारी है। इसके अलावा प्रत्येक सुरक्षा बल का जवान चाहे वह महिला हो या पुरुष कर्मी, यात्रिओंको बेहद विनम्रता से सहयोग, सहायता एवं सलाह देने के लिए तत्पर है। अनारक्षित एवं आरक्षित यात्रिओंके लिए भिन्न भिन्न आगमन एवं प्रस्थान द्वार बनाए गए है। यात्रिओंकी अवांछनीय भीड़ के नियंत्रण हेतु सर्क्युलेटिंग एरिया में बनाए गए विशाल तंबुओं में उन्हें रुकाया जाता है और गाड़ी के आगमन सुचना की उद्घोषणा के साथ उन्हें प्लेटफार्म पर छोड़ा जाता है। प्लेटफार्म पर तैनात सुरक्षा बल के जवान, गाड़ी प्लेटफार्म पर स्थिर होने तक प्लेटफार्म के किनारोंपर यात्री सुरक्षा को मुस्तैदी से सम्भाल रहे है, जो बेहद उल्लेखनीय सेवा है।

रेलवे प्लेटफार्म और तमाम सर्क्युलेटिंग एरिया में साफसफाई व्यवस्था देखते ही बनती है। सैकड़ों सफाई कर्मचारी चौबीसों घण्टे, अविरत सेवा दे रहे है।

यही सारी व्यवस्था आप को रेल परिसर के दायरे से बाहर, प्रयागराज शहर में भी दिखाई देंगी। यहाँ राज्य शासन के पुलिस कर्मी यह जिम्मेदारी सम्भाल रहे है, जिससे तमाम यात्रिओंको, अपनेआप को सुरक्षित होने का एहसास दिलाता है। उनके सहयोग में कई अन्य केंद्रीय राखीव पुलिस CRPF, RAF की टुकड़ियाँ तैनात है। शहर महानगर निगम के सफाई कर्मी भी बेहद सतर्कता से अविरत सेवा दे रहे है।

शहर में दिनभर में अनुमान से दुगने यात्रिओंकी आवाजाही हो रही है। शहर की सार्वजनिक यातायात के लिए रिक्शा, ई-रिक्शा के अलावा शहर के कई युवा निम्न दर में अपने दुपहिया वाहन लेकर जरूरतमंद यात्रिओंको शहर के हर क्षेत्र में पहुँचाने के लिए उस्फूर्त सेवाएं दे रहे है।

कुम्भ के मेला क्षेत्र में भी श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था अतिउत्तम रखी गयी है। अनगिनत पुलिस कर्मी, सफाई कर्मी तैनात किए गए है। भीड़ को नियंत्रित करने हेतु, बैरिकेडिंग कर के आने-जाने के मार्गोंको विभाजित किया गया है। हालाँकि इन कारणोंसे श्रद्धालुओं को कुछ ज्यादा पैदल चलना पड़ता है, मगर नियोजन के लिए यह आवश्यक ही है।

महाकुम्भ के सुचारू नियोजन के लिए राज्य पुलिस बल एवं केन्द्रीय सुरक्षा बल, रेल विभाग, शहर यातायात विभाग का समन्वय बहुत उल्लेखनीय है। इसके साथ ही प्रयागराज के स्थानीय व्यवसायी, शहरवासी भी शहर पर आने वाले यात्रिओंके अतिरिक्त दबाव को बेहद शांतता एवं समझदारी से निभा रहे है। निगम के आवाहन पर अपने निजी बड़े वाहनों के उपयोग से और बिनावजह मेला क्षेत्र में जाने से परहेज कर रहे है।

कुल मिलाकर यह समझा जा सकता है, सभी सुरक्षा एजंसियों, यातायात व्यवस्था, नगर निगम सफाई व्यवस्थाओंके उत्कृष्ट समन्वय से महाकुम्भ 2025 यात्रिओंके लिए सुगम एवं सुरक्षित चल रहा है। जहाँ अनुमान से दुगुना, तिगुना जनसैलाब पहुँच जाए तो कुछ अप्रत्याशित घटना हो जाती है। हालाँकि इससे निपटने के लिए प्रशासन तुरन्त अपनी व्यवस्थाओंका केंद्रीकरण कर पहुँच रहा है। अन्ततः प्रयागराज शहर वासियोंके उत्कृष्ट सहयोग के साथ ही यात्रिओं, श्रद्धालुओं के भी अनुशासित रहने की नितान्त आवश्यकता है।

Uncategorised

रेल बजट 2025-26 हाईलाइट्स

03 फरवरी 2025, सोमवार, माघ, शुक्ल पक्ष, पंचमी, विक्रम संवत 2081

रेलवे बजट 2025-26 में रेल के बुनियादी ढांचे, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, माल ढुलाई गलियारों और यात्री सेवाओं पर इसके पडने वाले परिणामों के बारे में समझते है।

इसके लिए हमें पहले बजट 2025-26 में रेल क्षेत्र के विकास के लिए प्रमुख आबंटन, परियोजना पर किया जानेवाला निवेश और सरकारी प्राथमिकताओं को समझना होगा।

आर्थिक वर्ष 2025-26 के लिए रेलवे बजट की घोषणा कर दी गई है, जिसमें पिछले साल के जितना ही 2.65 लाख करोड़ रुपये का कुल आबंटन किया गया है।

बजट में पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) और बुनियादी ढांचे के विस्तार पर जोर दिया गया है, लेकिन ग्राहक अर्थात मुख्यतः यात्री सुविधाओं, सार्वजनिक क्षेत्र के निवेश और माल ढुलाई गलियारों के लिए आबंटन में कटौती ने चिंता बढ़ा दी है।

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जोर देकर कहा की पिछले साल के बजट आबंटन को बनाए रखने से बुनियादी ढांचे के विकास को निरंतर बढ़ावा मिलता है, जबकि दीर्घकालिक निवेश पर ध्यान केंद्रित किया जाता है।

आइए बजट 2025-26 रेलवे की मुख्य बातों पर नज़र डालते है।

रेल बजट 2025-26 आवंटन और व्यय
कुल आवंटन: ₹2.65 लाख करोड़ (पिछले वर्ष जितनाही)
पूंजीगत व्यय (कैपेक्स): ₹2.52 लाख करोड़, जिसमें सार्वजनिक और निजी भागीदारी (पीपीपी) निवेश शामिल है।
वित्त वर्ष 2024-25 में व्यय: ₹2.09 लाख करोड़ (23 जनवरी, 2025 तक 79.33% उपयोग किया गया)
वित्त वर्ष 2023-24 के लिए वास्तविक व्यय: ₹2.45 लाख करोड़
बेहतर सुरक्षा के लिए आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम की स्थापना
फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन निवेश
रेलवे की माल ढुलाई और विद्युतीकरण लक्ष्यों में वृद्धि
रिकॉर्ड माल ढुलाई क्षमता

रेल मंत्री वैष्णव ने घोषणा की कि मार्च 2025 तक, भारतीय रेलवे 1.6 बिलियन टन माल ढुलाई क्षमता में मील का पत्थर हासिल कर लिया जाएगा, जिससे यह चीन (3.7 बिलियन टन) के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा रेलवे कार्गो वाहक बन जाएगा।

100% विद्युतीकरण लक्ष्य :

रेलवे वित्त वर्ष 2025-26 में अपने नेटवर्क का 100% विद्युतीकरण करने के लिए तैयार है। जिससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और ऊर्जा दक्षता में सुधार होगा।

बुलेट ट्रेन और हाई-स्पीड रेल विकास

स्वदेशी बुलेट ट्रेन परियोजना भारत रक्षा पीएसयू बीईएमएल और एनएचएसआरसीएल के सहयोग से हाई-स्पीड बुलेट ट्रेनों के स्वदेशी उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ रहा है। जापानी सरकार के निरंतर समर्थन से इन ट्रेनों को 280 किमी प्रति घंटे की गति से चलाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

वित्त वर्ष 2023-24 बुलेट ट्रेन व्यय: ₹18,295 करोड़
वित्त वर्ष 2025-26 बजट आवंटन: ₹19,000 करोड़

बजट 2025 रेलवे क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखेगा: टिकट बिक्री, उन्नत गाड़ियोंमे यात्रिओंकी ऑक्यूपेंसी, संचालन दक्षता,
भविष्य की योजनाएँ और उनके विस्तार के लक्ष्य,
सेमी-हाई-स्पीड और मेट्रो कनेक्टिविटी का विस्तार,
रेलवे स्टेशनों और टर्मिनलों का आधुनिकीकरण
सुरक्षा उपायों और एआई-आधारित निगरानी प्रणालियों को मजबूत करना।

मगर रेल यात्रिओंके विचार में रेल बजट को लेकर कुछ प्रमुख बिंदु चिन्ता का विषय है,

  • बीते वर्ष जितना ही आवंटन : एक तरफ देश की सबसे किफायती, अन्तिम छोर तक पहुँच और सुरक्षित यातायात होने के वजह से यात्रिओंकी गाड़ियोंको लेकर लगातार माँग बढ़ रही है। यात्री गाड़ियाँ बढाना हो तो रेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर बढाना होगा। नई रेल लाइनें, नई गाड़ियाँ, ज्यादा प्लेटफार्म इत्यादि
  • यात्री सुविधाओं के लिए बीते वर्ष से कटौती
  • डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के लिए बेहद कम आबंटन : नए कॉरिडोर के विकास पर असर
  • यात्री किरायोंसे वृद्धि का लक्ष्य बढाया : मगर क्या द्वितीय श्रेणी कोच की बढ़ोतरी से यह लक्ष्य हासिल हो पाएगा? यात्रिओंकी प्रीमियम श्रेणी की गाड़ियोंमे भी मांग बढ़ती जा रही है। प्रीमियम गाड़ियाँ माँग के बावजूद नही चल रही है।
Uncategorised

महाकुम्भ 2025 : बसंत पंचमी अमृत स्नान हेतु रेल विभाग ने जारी की सूचना। कई गाड़ियाँ रद्द, तो कुछ के मार्ग परिवर्तन

01 फरवरी 2025, शनिवार, माघ, शुक्ल पक्ष, तृतीया, विक्रम संवत 2081

रेल विभाग ने महाकुम्भ मेले की भीड़ के नियंत्रण संहिता के मद्देनजर, निम्नलिखित 22 गाड़ियोंके परिचालन को दिनांक 03 फरवरी 2025 को पुर्णतः रद्द कर दिए है।

12816 आनन्द विहार टर्मिनस पुरी नंदनकानन एक्सप्रेस

12488 आनन्द विहार टर्मिनस जोगबनी सीमांचल एक्सप्रेस

18310 जम्मूतवी सम्बलपुर एक्सप्रेस

22460 आनन्द विहार टर्मिनस मधुपुर बैद्यनाथ धाम हमसफर एक्सप्रेस

12316 उदयपुर सिटी कोलकाता अनन्य एक्सप्रेस

22806 आनन्द विहार टर्मिनस भुबनेश्वर एक्सप्रेस

14050 दिल्ली जंक्शन गोड्डा एक्सप्रेस

15631 बाड़मेर गौहाटी एक्सप्रेस

12561 जयनगर नई दिल्ली स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस दिनांक 03 एवं 04 फरवरी को अपने प्रारम्भिक स्टेशन से पुर्णतः रद्द की गई है।

12562 नई दिल्ली जयनगर स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस दिनांक 02 एवं 03 फरवरी को अपने प्रारम्भिक स्टेशन से पुर्णतः रद्द की गई है।

15004 गोरखपुर कानपुर अनवरगंज चौरीचौरा एक्सप्रेस दिनांक 02, 03, 04 फरवरी को अपने प्रारम्भिक स्टेशन से पुर्णतः रद्द की गई है।

15003 कानपुर अनवरगंज गोरखपुर चौरीचौरा एक्सप्रेस दिनांक 03, 04, 05 फरवरी को अपने प्रारम्भिक स्टेशन से पुर्णतः रद्द की गई है।

12333 हावड़ा प्रयागराज रामबाग़ विभूति एक्सप्रेस दिनांक 02, 03, 04 फरवरी को अपने प्रारम्भिक स्टेशन से पुर्णतः रद्द की गई है।

12334 प्रयागराज रामबाग़ हावड़ा विभूति एक्सप्रेस दिनांक 03, 04, 05 फरवरी को अपने प्रारम्भिक स्टेशन से पुर्णतः रद्द की गई है।

14006 आनन्द विहार टर्मिनस सीतामढ़ी लिच्छवी एक्सप्रेस दिनांक 02, 03, 04 फरवरी को अपने प्रारम्भिक स्टेशन से पुर्णतः रद्द की गई है।

14005 सीतामढ़ी आनन्द विहार टर्मिनस लिच्छवी एक्सप्रेस दिनांक 03, 04, 05 फरवरी को अपने प्रारम्भिक स्टेशन से पुर्णतः रद्द की गई है।

15130/29 वाराणसी सिटी गोरखपुर कैंट वाराणसी सिटी एक्सप्रेस दिनांक 03, 04, 05 फरवरी को अपने प्रारम्भिक स्टेशन से पुर्णतः रद्द की गई है।

15131/32 वाराणसी सिटी गोरखपुर जंक्शन वाराणसी सिटी एक्सप्रेस दिनांक 02, 03, 04 फरवरी को अपने प्रारम्भिक स्टेशन से पुर्णतः रद्द की गई है।

15103/04 बनारस गोरखपुर जंक्शन बनारस इंटरसिटी एक्सप्रेस दिनांक 03, 04, 05 फरवरी को अपने प्रारम्भिक स्टेशन से पुर्णतः रद्द की गई है।

परावर्तित मार्ग से चलाई जानेवाली गाड़ियाँ :

20416 इन्दौर वाराणसी महाकाल एक्सप्रेस, जो दिनांक 03 फरवरी को इन्दौर से रवाना होगी, अपने नियमित मार्ग की जगह कानपुर, लखनऊ होकर वाराणसी पहुँचेंगी।

15018 गोरखपुर लोकमान्य तिलक टर्मिनस काशी एक्सप्रेस, जो दिनांक 03 फरवरी को गोरखपुर से रवाना होगी, अपने नियमित मार्ग की जगह  लखनऊ, कानपुर होकर लोकमान्य तिलक टर्मिनस पहुँचेंगी।

11060 छपरा लोकमान्य तिलक टर्मिनस गोदान एक्सप्रेस, जो दिनांक 03 फरवरी को गोरखपुर से रवाना होगी, अपने नियमित मार्ग की जगह  लखनऊ, कानपुर होकर लोकमान्य तिलक टर्मिनस पहुँचेंगी।

15017 लोकमान्य तिलक टर्मिनस गोरखपुर काशी एक्सप्रेस, जो दिनांक 02 फरवरी को लोकमान्य तिलक टर्मिनस से रवाना होगी, अपने नियमित मार्ग की जगह  कानपुर, लखनऊ होकर गोरखपुर पहुँचेंगी।

11055 लोकमान्य तिलक टर्मिनस गोरखपुर गोदान एक्सप्रेस, जो दिनांक 02 फरवरी को लोकमान्य तिलक टर्मिनस से रवाना होगी, अपने नियमित मार्ग की जगह  कानपुर, लखनऊ होकर गोरखपुर पहुँचेंगी।

22103 लोकमान्य तिलक टर्मिनस अयोध्या कैंट एक्सप्रेस, जो दिनांक 03 फरवरी को लोकमान्य तिलक टर्मिनस से रवाना होगी, अपने नियमित मार्ग की जगह  कानपुर, लखनऊ होकर गोरखपुर पहुँचेंगी।

(परावर्तित मार्ग विस्तार से जानने के लिए यात्री रेल विभाग की हेल्पलाइन 139 से सम्पर्क कर सकते है अथवा रेल विभाग की वेबसाइट, NTES ऍप पर देख सकते है।)

निम्नलिखित गाड़ियाँ अपने नियमित मार्ग से चलाई जाएंगी, जिन्हें पूर्वघोषणा में, मार्ग बदल कर चलना था।

15007/08 लखनऊ वाराणसी सिटी लखनऊ जो दिनांक 02 एवं 04 फरवरी को अपने प्रारम्भिक स्टेशनोंसे लखनऊ – गोरखपुर – लखनऊ के बीच ही चलेगी। गोरखपुर – वाराणसी के बीच अंशतः रद्द की गई है।

Uncategorised

भारतीय रेल का ‘ऑल इन वन’ ऍप तैयार, परीक्षण जारी।

31 जनवरी 2025, शुक्रवार, माघ, शुक्ल पक्ष, द्वितीया, विक्रम संवत 2081

जी हाँ! आप रेल विभाग की सेवाओंके लिए अलग अलग ऍप, वेबसाइट खंगालते परेशान हो चुके थे। टिकट आरक्षित करने एक तो अनारक्षित टिकट के लिए अलग।  गाड़ियोंको ट्रैक करने के लिए एक तो रेल मद्त माँगने फिर दूजा ऍप। पार्सल बुकिंग, ट्रेकिंग के लिए कही और जाना पड़ रहा है, बहुत परेशानी थी। माननीय प्रधानमंत्री जी ने इस बात पर संज्ञान लेकर रेल विभाग की सारी सार्वजनिक सेवाओं को समेकित करने वाला एक ही ‘ऑल इन वन’ ऍप बनाया जाए, यह सूचना दी थी। उसी के मद्देनजर भारतीय रेल विभाग के सेंटर फॉर रेल इन्फर्मेशन सिस्टम्स CRIS ‘क्रिस’ ने SwaRail नामक ऍप बनाया है।

यह ऍप एंड्रॉयड एवं एपल फोन के प्ले स्टोर्स पर अपलोड किया जा चुका है। हालाँकि अभी यह परीक्षण दौर से गुजरेगा और केवल अर्ली एक्सेस प्रोग्राम के तहत ही उपलब्ध किया गया है।

हमारे पास ऍप की कुछ झलकियाँ है, आइए देखते है

फिलहाल प्ले स्टोअर पर ऍप सर्च करनेपर यह दृश्य दिखाई दे रहा है। अर्थात परीक्षण सदस्यों की संख्या अब पूर्ण हो चुकी है और हमे नियमित ऍप आने की प्रतीक्षा करनी होंगी।