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पुणे – कोल्हापुर के बीच रेल ब्लॉक, महाराष्ट्र एक्सप्रेस पुणे – गोंदिया के बीच ही चलेगी। कई गाड़ियाँ रद्द, डाइवर्ट, नियंत्रित

18 फरवरी 2024, रविवार, माघ, शुक्ल पक्ष, नवमी, विक्रम संवत 2080

मध्य रेल से प्राप्त प्रेस विज्ञप्ती के अनुसार, मध्य रेल पुणे मंडल के पुणे और मिरज खंड में तारगांव, मसूर और शिरवडे स्टेशनों के बीच रेल दोहरीकरण के लिए प्री-नॉन-इंटरलॉकिंग और नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के लिए यातायात और पावर ब्लॉक परिचालित करेगा।

प्री नॉन-इंटरलॉकिंग ब्लॉक के परिणामस्वरूप होने वाले ट्रेन सेवाओं में परिवर्तन इस प्रकार हैं:

मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों का रेगुलेशन:
12780 हज़रत निज़ामुद्दीन-वास्को डी गामा गोवा एक्सप्रेस दिनांक- 22.02.2024 को 02 घंटे रेगुलेशन किया जायेगा।
ट्रेनों का डायवर्जन:
12630 हज़रत निज़ामुद्दीन-यशवंतपुर एक्सप्रेस को यात्रा शुरू दिनांक 21.02.2024 को दौंड, पंढरपुर, मिरज के रास्ते डायवर्ट किया जाएगा
*ट्रेनों का शॉर्ट टर्मिनेट:
11040 गोंदिया-कोल्हापुर महाराष्ट्र एक्सप्रेस यात्रा शुरू दिनांक 21.02.2024 को पुणे स्टेशन पर समाप्त होगी। यह ट्रेन पुणे और कोल्हापुर के बीच रद्द रहेगी।
11039 कोल्हापुर – गोंदिया महाराष्ट्र एक्सप्रेस यात्रा शुरू दिनांक 22.02.2024 को
यह पुणे स्टेशन से अपने निर्धारित समय पर रवाना होगी. यह ट्रेन कोल्हापुर और पुणे के बीच रद्द रहेगी।
बुनियादी ढांचे के रखरखाव और संरक्षा के लिए रखरखाव मेगा ब्लॉक आवश्यक है। यात्रियों से अनुरोध है कि वे इस असुविधा के लिए रेलवे प्रशासन को सहयोग दें।

01023/24 पुणे – कोल्हापुर – पुणे एक्सप्रेस 20 और 21 फरवरी को रद्द कर दी गई है.

11029/30 मुम्बई – कोल्हापुर – मुंबई कोयना एक्सप्रेस 22/23 फरवरी को प्रस्थान कर रही है, रद्द कर दी गई हैं.

21 और 22 फरवरी को रवाना होने वाली डेमू संख्या 01542 कोल्हापुर – सतारा कर्हाड तक ही चलेगी। 01541 सतारा – कोल्हापुर डेमू यात्रा कर्हाड से कोल्हापुर की ओर शुरू होगी। यानी यह ट्रेन सतारा – कर्हाड के बीच रद्द रहेगी.

21 और 22 फरवरी को रवाना होने वाली ट्रेन संख्या 11425 पुणे – कोल्हापुर एक्सप्रेस सतारा में समाप्त होगी

ट्रेन नंबर 11426 कोल्हापुर – पुणे एक्सप्रेस सतारा से पुणे के लिए रवाना होगी यानी यह ट्रेन कोल्हापुर – सतारा के बीच नहीं चलेगी

21 फरवरी को गोंदिया से प्रस्थान करने वाली ट्रेन संख्या 11040 गोंदिया – कोल्हापुर महाराष्ट्र एक्सप्रेस पुणे में समाप्त होगी, इसलिए 22 फरवरी को कोल्हापुर से प्रस्थान करने वाली ट्रेन संख्या 11039 कोल्हापुर-गोंदिया महाराष्ट्र एक्सप्रेस पुणे से ही प्रस्थान करेगी।

21 फरवरी को हज़रत निज़ामुद्दीन से प्रस्थान करने वाली 12630 हज़रत निज़ामुद्दीन – यशवंतपुर सम्पर्क क्रांति एक्सप्रेस दौंड – कुर्दुवाड़ी – पंढरपुर – मिरज के परिवर्तित मार्ग से चलेगी।

21 फरवरी को बेंगलुरु से प्रस्थान करने वाली 16505 बेंगलुरु – जोधपुर एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग मिरज – पंढरपुर – कुर्दुवाड़ी – दौंड – पुणे होकर चलेगी। यह ट्रेन सांगली, कर्हाड , सतारा को नहीं जाएगी।

17 और 18 फरवरी को कोल्हापुर से प्रस्थान करने वाली 11030 कोल्हापुर – मुंबई कोयना एक्सप्रेस ने कोल्हापुर से अपना नियमित प्रस्थान समय बदल दिया है। यह गाड़ी अपने नियमित समय 08.15 के बजाय 10.15 बजे यानी दो घंटे देरी से रवाना होगी।

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रेल विभाग कब निभाएगा अपनी जवाबदेही?

17 फरवरी 2024, शनिवार, माघ, शुक्ल पक्ष, अष्टमी, विक्रम संवत 2080

आजकल भारतीय रेलवे पर अमूमन हर क्षेत्रीय रेलवे में विकास कार्य जारी है। कहीं रेल दोहरीकरण, कही तीसरी लाइन, चौथी लाइन डल रही है। कहीं रेल लाइने, विद्युतीकरण कर अद्ययावत की जा रही है तो कहीं प्लेटफॉर्म, और  स्टेशनोंका पुनर्निर्माण किया जा रहा है। इन सब के बीच यात्री सुविधाओं और सेवाओं पर इसका असर पड़ना बिल्कुल स्वाभाविक है। कई क्षेत्रीय रेल विभाग इस सम्बन्धी जो भी रेल ब्लॉक लिए जाते है, उसके बारे में रेल यात्रिओंके लिए सूचना जारी करते है और उसका व्यापक प्रचार, प्रसार भी करते है। मगर कुछ क्षेत्रीय रेलवे को अब भी अपनी कार्यकुशलता (?) को सुधारने की जरूरत है।

दपुमरे SECR इस क्षेत्रीय रेल विभाग में रेल तिहरी करण, चौपदरी करण का कार्य बड़े तीव्र गति से किया जा रहा है। यह कार्य दपुमरे के झारसुगुड़ा से नागपुर तक चल रहा था जो करीबन अब अपने आखरी पड़ाव राजनांदगांव – गोंदिया – नागपुर खण्ड के आसपास बाकी रह गया होगा। वैसे इस क्षेत्र में मालवाहक गाड़ियोंकी आवाजाही भी बहुतायत में है और यहाँतक यात्री गाड़ियोंको बगल कर के भी मालगाड़ी को चलाया जाता है चूँकि कई खण्ड में अभी डेडिकेटेड समर्पित मालगाड़ी हेतु विशेष रेल लाइनें बनी नही है, कार्य प्रगतिपथ पर है मगर इसका अर्थ यह नही की रेलवे यात्रिओंकी सेवा और सुविधाओं को संकुचित कर दें?

दपुमरे रेल प्रशासन उनके कार्य समयपर जो गाड़ी उनके आड़े आती है, उसे साइड लाइन कर देती है और उसकी कोई सूचना यात्रिओंको नही देती। वैसे अपेक्षा तो अग्रिम सूचनाओंकी होती है मगर यात्री गाड़ी को ब्लॉक, नियंत्रित करने के बावजूद भी कहीं कोई सूचनाओंका प्रसारण नही किया जाता।

रेल विभाग के पास NTES नैशनल रेल इन्क्वायरी सिस्टम नामक वेबसाइट एवं ऍप है जो सम्बंधित रेलवे स्टेशन के डाटा, जानकारी संकलित कर उसे पारित, प्रसारित करता है, अद्यतन करते रहता है। वहीं काम गूगल का WIMT व्हेयर इज माई ट्रेन नामक ऍप भी करता है। चूँकि डाटाबेस NTES का ही होता है मगर WIMT में यात्री जो गाड़ी में सवार है उसके लॉग इन का भी डाटा सम्मिलित किया जाता है अतः उसमे कई बार गाड़ी की रियल लोकेशन सटीक आती है ( रेल विभाग इस शैली पर अवश्य विचार करें) और इससे यह पता चलता है, गाड़ी अब भी फलाँ स्टेशन पर नहीं पहुंची है।

दपुमरे अपनी गाड़ियोंका डाटाबेस सही तरीकेसे अद्यतन नहीं करता। 11039 महाराष्ट्र एक्सप्रेस इन दिनों अमूमन रात 20:00 बजे अपने गंतव्य स्टेशन, गोंदिया पहुंच रही है। वहीं NTES उसे समयपर अर्थात 18:00 पहुंच गई दिखलाता है। यह कैसी जवाबदेही है? क्या रेल कर्मचारी झूठे बयान रख अपनी समयपालनता पर झूठी ही शाबाशी लेना चाहते है?

यह आज गोंदिया पहुंचने वाली 11039 कोल्हापुर गोंदिया महाराष्ट्र एक्सप्रेस की चल स्थिति है। NTES उसे समयपर बल्कि समय से पहले पहुंची दिखा रहा है, जबकि WIMT उसे 4 घण्टे 43 मिनट देरी से पहुंची यह दिखाता है और यह 100% सच बात है।

दपुमरे में इस प्रकार की कार्यप्रणाली है। इसके बाद यही खेल अन्य एक्सप्रेस एवं सुपरफास्ट गाड़ियोंमे में भी होता है जिसके कई उदाहरण आपको मिल जाएंगे।

एकतरफ रेल विकास का दम्भ भरा जा रहा है दूसरी तरफ जवाबदेही बेहद झूठी, बनावटी है। क्या अन्य क्षेत्रीय रेलवे में भी इस तरह का बनावटी समय पालनता के उदाहरण होते है? यह तो स्थानीय यात्री ही बता सकते है, मगर दपुमरे में तो यह आम बात है।

आम यात्री चाहता है, रेल विभाग इस पर आवश्यक रूप से संज्ञान लेवे। रेल ब्लॉक में कोई गाड़ी नियंत्रित की जाती है तो उसकी अग्रिम सूचना आवश्यक दें। यदि यह रेल ब्लॉक अकस्मात है तो यात्रिओंको उसकी सूचना रियल टाइम बेसिस पर शेयर की जानी चाहिए अन्यथा आपके थोथे विकास का दम्भ भरने की कोई आवश्यकता नही है। आजकल रेलवे से यात्रा करना इन्ही कारणोंसे कठिन और अनियंत्रित हो गया है। पता नही कौनसी गाड़ी कब खड़ी कर दे और गन्तव्य पर कब पहुंचे?

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नई गाड़ियाँ : पमरे WCR में बीना – कोटा एवं कोटा – चौमहला के बीच प्रतिदिन यात्री सेवा

14 फरवरी 2024, बुधवार, माघ, शुक्ल पक्ष, पंचमी, विक्रम संवत 2080

पश्चिम मध्य रेल पर संक्रमण काल पूर्व की 61634/33 बीना – कोटा – बीना सवारी गाड़ी को विशेष गाड़ी 06634/33 मेमू एक्सप्रेस स्वरूप में दिनांक 14 फरवरी, आज से आगे सूचना जारी किए जाने तक प्रतिदिन बहाल किया जा रहा है।

06634/33 बीना – कोटा – बीना मेमू विशेष एक्सप्रेस की समयसारणी :

पश्चिम मध्य रेल पर संक्रमण काल पूर्व की 61624/25 कोटा – चौमहला – कोटा सवारी गाड़ी को विशेष गाड़ी 06648/47 मेमू एक्सप्रेस स्वरूप में दिनांक 14/15 फरवरी, से आगे सूचना जारी किए जाने तक प्रतिदिन बहाल किया जा रहा है।

06648/47 कोटा – चौमहला – कोटा मेमू प्रतिदिन विशेष एक्सप्रेस की समयसारणी

रैक सेटलमेंट : चूँकि आम यात्रिओंको इस रैक सेटलमेंट से कोई वास्ता नही रहता मगर रेल प्रेमियोंको इन तकनीकी बातोंमें रस रहता है। 😊

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कामाख्या – आनन्द विहार के बीच साप्ताहिक सुपरफास्ट TOD विशेष

13 फरवरी 2024, मंगलवार, माघ, शुक्ल पक्ष, चतुर्थी, विक्रम संवत 2080

02525/26 कामाख्या – आनन्द विहार टर्मिनस – कामाख्या साप्ताहिक विशेष गाड़ी TOD ट्रेन ऑन डिमाण्ड के तहत शुरू की जा रही है।

02525 कामाख्या – आनन्द विहार टर्मिनस – साप्ताहिक सुपरफास्ट विशेष दिनांक 16 फरवरी 2024 से 26 जुलाई 2024 तक प्रत्येक शुक्रवार को कामाख्या से रात 22:45 को रवाना होगी और रविवार सुबह 8:40 को आनन्द विहार टर्मिनस को पहुँचेंगी।

वापसीमे 02526 आनन्द विहार टर्मिनस – कामाख्या साप्ताहिक सुपरफास्ट विशेष दिनांक 18 फरवरी 2024 से 28 जुलाई 2024 तक प्रत्येक रविवार को आनन्द विहार टर्मिनस से शाम 17:20 को रवाना होगी और मंगलवार सुबह 3:40 को कामाख्या पहुँचेंगी।

कोच संरचना : वातानुकूल प्रथम 01, वातानुकूल टू टियर 02, वातानुकूल थ्री टियर 05, वातानुकूल थ्री टियर इकोनॉमी 05, स्लिपर 04, द्वितीय साधारण 02, पेंट्रीकार 01, एसएलआर 01, जनरेटर वैन 01 कुल 22 कोच

गाड़ी की समयसारणी निम्नलिखित है,

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‘वरिष्ठ नागरिकों के लिए रेलवे रियायत’ मा. रेल मन्त्री का उत्तर

11 फरवरी 2024, रविवार, माघ, शुक्ल पक्ष, द्वितीया, विक्रम संवत 2080

वरिष्ठ नागरिकोंकी रेलवे रियायत संक्रमण काल से स्थगित (?) बन्द कर दी गयी है। संक्रमण काल मे रेल यात्री व्यवस्था में संक्रमण की रोकथाम हेतु व्यापक बदलाव किए गए थे। जनरल, द्वितीय श्रेणी के अनारक्षित टिकट पर रोक लगी थी और सारे अनारक्षित यात्री टिकट को 2S याने आरक्षित सिटिंग में बदल दिया गया था। सभी यात्री गाड़ियाँ केवल आरक्षित यात्रिओंकी यातायात कर रही थी। इसी के चलते सभी अनारक्षित गाड़ियाँ जो अमूमन  छोटे स्टेशनोंपर रुकनेवाली सवारी गाड़ियाँ थी, अस्थायी स्वरूप में बन्द कर दी गयी। चूँकि यह सारा नियोजन, व्यवस्था अस्थायी, कुछ समय तक था, जिसे कुछ अवधि के बाद धीरे धीरे खोल दिया गया। मगर … मगर नही खुली वह सवारी किरायों वाली गाड़ियाँ, नही खुले वह रियायती टिकट जो वरिष्ठ नागरिकोंको 50 % एवं 40 % तक रेल किरायोंमें रियायत प्रदान करती थी।

आज उस स्थिति को लगभग 4 वर्ष पूरे हो जाएंगे। वरिष्ठ नागरिक आज भी उन रियायती किरायोंकी अस्थायी स्थागिति के हटने की राह जोत रहे है, ग्रामीण, कस्बों में रहनेवाले छोटे स्टेशनोंके रेल यात्री अपनी सवारी किरायों वाली गाड़ियोंके पुनर्स्थापना होने की आस लगाए बैठे है।

इसी बीच लोकशाही के मंच, संसद के सदनोंमें लोकनेताओं ने जनता की गुहार, मांग को रेल मंत्रालय के सामने प्रस्तुत की। हाल ही में मिज़ोरम के सांसद सी. लालरोसांगा ने इस प्रश्न को उपस्थित किया और मा. रेल मन्त्री ने उसका उत्तर भी दिया। हम निम्नलिखित सांसदीय कार्यवाही के प्रश्नोत्तर, सबन्धित मंत्रालय के सौजन्य से प्रस्तुत कर रहे है।

भारत सरकार रेल मंत्रालय

लोक सभा अतारांकित प्रश्न सं. 820 का उत्तर 07.02.2024 को दिया जाएगा

वरिष्ठ नागरिकों के लिए रेलवे रियायत

  1. श्री सी. लालरोसांगाः

क्या रेल मंत्री यह बताने की कृपा करेंगे कि:

(ए) क्या सरकार के पास वरिष्ठ नागरिकों के लिए ट्रेन रियायतें बहाल करने का कोई प्रस्ताव है, यदि हां, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है;

(बी) क्या स्लीपर और 3एसी क्लास में वरिष्ठ नागरिकों को विशेष मामले के रूप में ये रेलवे रियायतें दी जा सकती हैं, यदि हां, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है और यदि नहीं, तो इसके क्या कारण हैं; और

(ग) इसे कब तक दिए जाने की संभावना है?

उत्तर

रेल, संचार और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री

(श्री अश्विनी वैष्णव)

(ए) से (सी): भारतीय रेलवे हमेशा समाज के सभी वर्गों को सस्ती सेवाएं प्रदान करने का प्रयास करता है और 2019-20 में यात्री टिकटों पर 59,837 करोड़ की सब्सिडी दी। यह रेलवे में यात्रा करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को औसतन 53% की रियायत देता है। यह सब्सिडी सभी यात्रियों के लिए जारी है. इसके अलावा, इस सब्सिडी राशि से परे रियायतें कई श्रेणियों जैसे विकलांग व्यक्तियों (दिव्यांगजनों) की 4 श्रेणियों, रोगियों की 11 श्रेणियों और छात्रों की 8 श्रेणियों के लिए जारी हैं।

सीधी और स्पष्ट भाषा इस उत्तरका अर्थ यह होता है, रेल विभाग वरिष्ठ नागरिकोंकी रेल किराया रियायत पुनर्स्थापित करने के मूड में नही है। रेल विभाग कहता है, वह सभी यात्री सेवा में, सभी यात्रिओंको सब्सिडाइज्ड किरायोंमें यात्रा करवा रही है अतः अतिरिक्त रियायत देने की स्थिति नही है और उपरोक्त परिस्थितियों में भी वह दिव्यांग और रोगी यात्रिओंको और छात्रोंको अलग अलग रियायतें जारी रख रही है।

हालाँकि यह रियायती किरायोंके अलावा सवारी गाड़ियोंकी और उनके श्रेणी के किरायोंकी बात पर कोई चर्चा सामने नही आई है। आपको बता दें, भारतीय रेलवे में सवारी गाड़ियोंकी अलग किराया श्रेणी थी जिसको आज तक बिना किसी सूचना के बन्द किया गया है। गौरतलब यह है, कोई भी गाड़ी तमाम नेटवर्क में ‘सवारी गाड़ी’ के नाम पर नही चल रही है। सभी पूर्व सवारी गाड़ियोंका रूपांतरण मेमू एक्सप्रेस में किया जा चुका है। अब यह बात और है की बीती सवारी गाड़ियोंमें और इन दुगुने किरायोंकी मेमू एक्सप्रेस गाड़ियोंके परिचालन समय मे कोई विशेष फर्क नही आया है। एक तरह से रेल यात्री अपने आप को ठगा सा महसूस करने लगे है।

भारतीय रेल यह देश मे यात्री यातायात का अब तक सरल, सुगम और किफायती साधन रहा है। अब तक छोटे स्टेशनोंके बीच सवारी गाड़ी की सेवा ग्रामीणों के लिए, सस्ते किरायोंमे उपलब्ध थी और जब अचानक उनके रेल किराए न्यूनतम ₹10/- से बदलकर ₹30/- हो जाए तो कैसे झटका नही लगे?औसतन 30, 35 किलोमीटर प्रति घण्टे से चलने वाली गाड़ियाँ अभी भी वहीं औसतन गति कायम रखते हुए अब एक्सप्रेस के किरायोंमे तब्दील हो गयी और कहीं कोई पूछ नही, सुनवाई नही और न ही कहीं इसकी चर्चा! कुछ अजीब नही है?