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फिर आई, स्टॉपेजेस के पुनर्बहाली करने की बहार!

15 जनवरी 2024, सोमवार, पौष, शुक्ल पक्ष, पंचमी, विक्रम संवत 2080

संक्रमण काल में बंद किए गए लगभग सारे स्टॉपेजेस, भारतीय रेलवे द्वारा पुनर्स्थापित किए जा रहे हैं। कुछ स्टोपेजेस यात्रिओंकी मांग के मद्देनजर भी बढ़ाए जा रहे है। आईए देखते है,

1: 20977/78 अजमेर दिल्ली कैंट अजमेर वंदे भारत एक्सप्रेस का गांधीनगर जयपुर में स्टॉपेज

2: 12321/22 हावड़ा छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस मुंबई हावड़ा मेल का, धनबाद मंडल के परसाबाद में 15/1/2024 से दोनों दिशाओं में स्टॉपेज शुरू होगा।

3: 15159/60 छपरा दुर्ग छपरा प्रतिदिन एक्सप्रेस का माझगवाँ में स्टॉपेज

11071/72 लोकमान्य तिलक टर्मिनस बलिया लोकमान्य तिलक टर्मिनस कामायनी प्रतिदिन एक्सप्रेस का जटवार में स्टॉपेज

15205/06 लखनऊ जबलपुर लखनऊ चित्रकूट प्रतिदिन एक्सप्रेस का जटवार में स्टॉपेज

18205/06 दुर्ग नौतनवा दुर्ग साप्ताहिक एक्सप्रेस का मैहर में स्टॉपेज

(उपरोक्त स्टॉपेज अस्थाई रूप से 6 महीने की अवधि के लिए दिए गए है।)

4: 15053/54 लखनऊ छपरा लखनऊ प्रतिदिन एक्सप्रेस का करीमुद्दीनपुर स्टेशन पर स्टॉपेज

15231/32 बरौनी गोंदिया बरौनी प्रतिदिन एक्सप्रेस का यूसुफपुर में स्टॉपेज

उपरोक्त स्टोपेजेस की घोषणा हो चुकी है, तिथि की घोषणा स्थानीय रेल प्रशासन करेगा।

यात्रीगण, अस्थायी स्टोपेजेस का लाभ लेवे। रेल विभाग अस्थायी स्टोपेजेस से बढ़नेवाली आय पर लगातार नज़र रखती है। यदि स्टोपेजेस से उक्त स्टेशन की समुचित आय बढ़ती है, तो यह स्टोपेजेस को स्थायी में बदला जाता है।

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मध्य रेल CR पर मुम्बई – इगतपुरी खण्ड में रेल ब्लॉक

14 जनवरी 2024, रविवार, पौष, शुक्ल पक्ष, चतुर्थी, विक्रम संवत 2080

मध्य रेल के मुख्य रेल मार्ग, मुम्बई – इगतपुरी के बीच 14 जनवरी की देर रात और 15 जनवरी की अल-सुबह तक 0:25 से 02:55 तक यह रेल ब्लॉक जारी रहेगा।

इस रेल ब्लॉक के चलते निम्नलिखित गाड़ियाँ नियंत्रित कर चलाई जाएगी।

1: 12141 लोकमान्य तिलक टर्मिनस – पाटलिपुत्र प्रतिदिन सुपरफास्ट JCO दिनांक 14/1/24 लोकमान्य तिलक टर्मिनस से नियमित रवाना होने का समय रात 23:35 की जगह, दिनांक 15/1/24 की सुबह 03:30 को रवाना की जाएगी। अर्थात यह गाड़ी अपने प्रारम्भिक स्टेशन लोकमान्य तिलक टर्मिनस से ही 235 मिनट देरी से चलेगी।

2: 11057 मुम्बई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस – अमृतसर प्रतिदिन पठानकोट एक्सप्रेस JCO दिनांक 14/1/24 मुम्बई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से नियमित रवाना होने का समय रात 23:30 की जगह, दिनांक 15/1/24 की सुबह 03:40 को रवाना की जाएगी। अर्थात यह गाड़ी अपने प्रारम्भिक स्टेशन छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस मुम्बई से ही 250 मिनट देरी से चलेगी।

3: 12811 लोकमान्य तिलक टर्मिनस – हटिया द्विसाप्ताहिक सुपरफास्ट JCO दिनांक 15/1/24 लोकमान्य तिलक टर्मिनस से नियमित रवाना होने का समय रात 0:15 की जगह, दिनांक 15/1/24 की सुबह 04:00 को रवाना की जाएगी। अर्थात यह गाड़ी अपने प्रारम्भिक स्टेशन लोकमान्य तिलक टर्मिनस से ही 225 मिनट देरी से चलेगी।

4: 22177 मुम्बई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस – वाराणसी प्रतिदिन महानगरी सुपरफास्ट एक्सप्रेस JCO दिनांक 15/1/24 मुम्बई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से नियमित रवाना होने का समय रात 0:10 की जगह, दिनांक 15/1/24 की सुबह 04:20 को रवाना की जाएगी। अर्थात यह गाड़ी अपने प्रारम्भिक स्टेशन छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस मुम्बई से ही 250 मिनट देरी से चलेगी।

5: 22538 लोकमान्य तिलक टर्मिनस – गोरखपुर कुशीनगर प्रतिदिन सुपरफास्ट JCO दिनांक 15/1/24 लोकमान्य तिलक टर्मिनस से नियमित रवाना होने का समय रात 0:35 की जगह, दिनांक 15/1/24 की सुबह 04:30 को रवाना की जाएगी। अर्थात यह गाड़ी अपने प्रारम्भिक स्टेशन लोकमान्य तिलक टर्मिनस से ही 235 मिनट देरी से चलेगी।

यात्रीगण से निवेदन है, उक्त गाड़ियोंसे रेल यात्रा का नियोजन हो तो गाड़ियोंकी परिचालन स्थिति जानने हेतु रेलवे हेल्पलाइन 139 या रेलवे के अधिकृत वेबसाइट, ऍप के माध्यम का उपयोग अवश्य ही कर लेवे।

उपनगरीय गाड़ियोंमें भी परिचालन में उपरोक्त बदलाव रहेगा।
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लिंक ट्रेन्स, स्लिप कोचेस के बाद अब गाज़ गिरेगी ‘जंक्शन्स’ पर!

13 जनवरी 2024, शनिवार, पौष, शुक्ल पक्ष, द्वितीया/तृतीया, विक्रम संवत 2080

भारतीय रेल, एक अलग सोच के साथ आगे बढ़ी जा रही है। सारे बन्धन, सम्पर्कता के वादे गति अवरोधिता के निकष पर खारिज किये जा रहे है।

भारतीय रेल की बुनियाद ब्रिटिश काल मे हुई थी। जो जो रेल संचालन संकल्पनाएं ब्रिटीशोंके द्वारा बनाई गई थी, एक एक कर के बदली जा रही है। भारतीय रेल नई संकल्पानाओं के साथ, गतिमानता का उद्देश्य रखते हुए अग्रेसर है।

भारतीय रेल कहिए या किसी भी रेल प्रणाली में जंक्शन स्टेशन का बड़ा महत्व रहता है। जंक्शन स्टेशन वह रहता है, जहाँ से मुख्य रेल मार्ग के अलावा एक या एक से ज्यादा अलग रेल मार्ग निकलता है, शुरू होता है। यह जंक्शन स्टेशन यात्रिओंको या माल परिवहन को अलग अलग मार्ग पर जाने की सुविधा प्रदान करते थे। यात्री मुख्य मार्ग से यहाँ आकर अलग मार्ग की गाड़ी में सवार होते थे। इस हेतु को पूर्ण करने के लिए स्लिप कोचेस या लिंक ट्रेन्स भी चलाई जाती थी। जिसमे यात्री को अपनी रेल यात्रा खंडित किए बगैर सीधी सम्पर्कता मिलती थी। भारतीय रेलवे ने बीते 3, 4 वर्षोँसे सारी लिंक ट्रेन्स, स्लिप कोचेस सेवाएं बन्द कर दी और इसके ऐवज में सीधी यात्री सेवाए, यात्रिओंके जरूरत के अनुसार प्रतिदिन या साप्ताहिक फेरोंके स्वरूप में चला दी।

रेल प्रशासन की इसके पीछे यह मंशा थी, यात्री गाड़ियोंकी शंटिंग में रेल प्रणाली में जो अवरोध बनता है, यात्रिओंका और रेल गाड़ियोंका जो समय ज़ाया होता है उससे बचा जाए और रेल विभाग इसमे सफल भी हुवा है। सम्पूर्ण विद्युतीकरण के चलते आजकल लोको भी बदलने की झंझट खत्म हो गई है।

रेल विभाग लगातार यह प्रयास करता है, किस तरह रेल मार्ग से अधिकतम गाड़ियाँ बिना अवरोध के कम से कम समय मे निकाली जाए। ऑटो सिग्नलिंग व्यवस्था भी इसी परियोजना का एक भाग है। यात्रा के दौरान कोचेस की टँकीयोंमें पानी भी आजकल तीव्रतम गति से भरने की आधुनिक व्यवस्थाए की गई है। गाड़ियोंका परीक्षण लेजर यन्त्रोंसे किया जाता है ताकि मैन्युअल परीक्षण में जो समय लगता है, वह भी बचाया जाए।

इसी उद्देश्य की अगली कड़ी है, बड़े शहरों और जंक्शन स्टेशन्स पर होनेवाले कन्जेशन, भीड़ को टालने के लिए इन स्टेशनों को सड़क मार्गोंके रिंग रोड या बाईपास मार्ग की तरह रिंग रेल या बाईपास ट्रैक्स बनाए जाए। अर्थात कोई यात्री गाड़ी को उक्त जंक्शन स्टेशन पर किसी तकनीकी वजह से जाने की आवश्यकता नही है तो उसे रिंग रेल या बाईपास ट्रैक से निकाल कर फिर मुख्य मार्ग पर ले आना और आगे मार्गक्रमण के लिए रवाना कर देना, यह है। इसमे बड़े स्टेशनोंके बाहरी, आगे और पीछे के छोटे स्टेशनोंसे एक दूसरे से जोड़ने वाले रेल मार्ग को बिछाना होगा। उदाहरण के तौर पर भोपाल, भुसावल, दौंड, इटारसी, कटनी ऐसे बहुत से स्टेशन है जहाँपर बाईपास लाइनें बिछ चुकी है।

रिंग रेल यह संकल्पना बड़े महानगरों के लिए लाई जा रही है। जिसमे जयपुर शहर को सर्वप्रथम चुना गया है। जयपुर स्टेशन के निकटतम छोटे स्टेशनोंको जोड़कर एक रिंग रेल बनाई जाएगी और आवश्यकता नुसार उसका उपयोग किया जाएगा। इससे बहुत सी सीधी चलनेवाली गाड़ियाँ जयपुर के मुख्य रेलवे स्टेशन के बजाए उसके अगले/पिछले स्टेशन से ही गुजर कर अपना मार्गक्रमण कर लेगी। इससे जयपुर स्टेशन पर होनेवाली भीड़ और गाड़ियोंके होने वाले अवरोध को टाला जा सकता है।

एक तरह से जैसे स्लिप कोचेस, लिंक ट्रेन्स का अस्तित्व मिट गया है उसी तरह से अब जंक्शन स्टेशन की संकल्पना भी धीरे धीरे खत्म हो जाएगी। एक और उदाहरण दिया जा सकता है, जैसे इन्दौर जंक्शन पर मुख्य रेल मार्ग के अलावा कोई ब्रांच लाइन नही है, अपितु लक्ष्मीबाई नगर से ब्रांच लाइन निकलती है। यदि लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन को इन्दौर स्टेशन के अगले स्टेशन राजेंद्रनगर या राउ से रिंग रेल बनाजर जोड़ दिया गया तो इन्दौर जंक्शन पर कन्जेशन नही रहेगा। यही तकनीक से नागपुर स्टेशन के पहले पड़नेवाला अजनी और बाद में पड़नेवाले नेताजी सुभाषचंद्र बोस इतवारी स्टेशन को जोड़ने से नागपुर स्टेशन पर पड़नेवाले दबाव से निपटा जा सकता है। मगर जो बात, जो उद्देश्य, महत्व जंक्शन स्टेशनोंका था वह इस रिंग रेल, बाईपास ट्रैक बनाने की योजना से सदा के लिए खत्म हो जाएगा।

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पश्चिम रेलवे के भिलड/करमबेली खण्ड पर रेल ब्लॉक के चलते 25 यात्री गाड़ियाँ रहेंगी दो दिन बाधित।

13 जनवरी 2024, शनिवार, पौष, शुक्ल पक्ष, द्वितीया/तृतीया, विक्रम संवत 2080

मुम्बई सेंट्रल – सूरत मुख्य रेल मार्ग के भिलड – करमबेली खण्ड पर रेल ब्लॉक के चलते 25 यात्री गाड़ियोंको रिशेड्यूल/रेग्युलेट किया जा रहा है। यह रेल ब्लॉक दिनांक 16 एवं 17 जनवरी को नियोजित किया गया है। यात्रीगण से अनुरोध है, ब्लॉक के समय को ध्यान में रखते हुए अपनी रेल यात्रा का नियोजन करें।

पश्चिम रेलवे द्वारा जारी परिपत्रक,

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मथुरा यार्ड रिमॉडलिंग:  गाड़ियोंकी परिचालन स्थिति की, तिथि के अनुसार बनी सूची

12 जनवरी 2024, शुक्रवार, पौष, शुक्ल पक्ष, प्रतिपदा, विक्रम संवत 2080

मथुरा यार्ड की रिमॉडलिंग का कार्य 75 दिन, 27 नवम्बर 2023 से शुरू होकर 09 फरवरी 2024 तक चलनेवाला है। यूँ तो इस विषयपर हमने 14 नवम्बर 23 के ब्लॉग में ही सूचना दे दी थी और बीचमे जब महत्वपूर्ण मेल/एक्सप्रेस गाड़ियोंके रद्दीकरण/ डाइवर्जन शुरू हुए तो दोबारा वही पोस्ट अपलोड की थी। आज इस मामले में एक और परिपत्रक आया है। यह सर्क्युलर गाड़ियोंकी परिचालन स्थिति को डेट वाइज बताता है। पूर्व नियोजन में कोई बदलाव नही है, बस यह है, की हर रोज कौनसी गाड़ियाँ रद्द है या परावर्तित मार्ग से चलेंगी इस बारे में दर्शाया गया है।

आपकी जानकारी के लिए बता देते है, मथुरा जंक्शन स्टेशन से 7 जगह के लिए रूट निकलते है।
मथुरा जंक्शन में 7 लाइनें/रूट और दस रेलवे प्लेटफॉर्म्स हैं।
1) मथुरा – नई दिल्ली लाइन।
2) मथुरा – कासगंज लाइन।
3) मथुरा – वृंदावन (एमजी) लाइन।
4) मथुरा – अछनेरा लाइन।
5) मथुरा – अलवर लाइन।
6) मथुरा – भरतपुर लाइन।
7) मथुरा – राजा की मंडी – आगरा कैंट लाइन।

यदि आप मथुरा होकर रेल यात्रा करते है या आपकी गाड़ी मथुरा होकर आ/जा रही है, तो आप एक परिपत्रक यह भी साथ रख सकते है। यह कुल 46 पृष्ठ PDF फाइल स्वरूप में है।