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बड़ी उपलब्धि : मध्य रेल के इगतपुरी से भुसावल होते हुए बड़नेरा तक रेल मार्ग पर LHB यात्री गाड़ियोंकी अधिकतम 130 kmph गति से चलने की अनुमति

1 सितम्बर 2023, शुक्रवार, पूर्वभाद्रपद, कृष्ण पक्ष, द्वितिया, विक्रम संवत 2080

मध्य रेलवे, भुसावल मण्डल के इगतपुरी – भुसावल – बडनेरा खण्ड में कुल रेल मार्ग 526.76 किलोमीटर पर अप और डाउन दिशाओं में निम्नलिखित 6 ट्रेनों के साथ 130 किमी प्रति घंटे की गति परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा हुआ।

12290 दुरन्तो एक्सप्रेस बडनेरा – भुसावल के बीच स्पीड लॉग
12290 दुरन्तो एक्सप्रेस भुसावल – इगतपुरी के बीच स्पीड लॉग

1) 12289 मुम्बई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस नागपुर दुरन्तो एक्सप्रेस
2) 12290 नागपुर मुम्बई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस दुरन्तो एक्सप्रेस
3) 12105 मुम्बई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस गोंदिया विदर्भ एक्सप्रेस
4) 12106 गोंदिया मुम्बई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस विदर्भ एक्सप्रेस
5) 12859 मुम्बई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस हावड़ा गीतांजलि एक्सप्रेस
6) 12860 हावड़ा मुम्बई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस गीतांजलि एक्सप्रेस

डाउन अर्थात मुम्बई से आनेवाली गाड़ियोंमें औसत समय की बचत 28 मिनट है और मुम्बई की ओर जानेवाली दिशा में औसत समय की बचत 30 मिनट तक हो रही है।

भुसावल मण्डल के 526.76 किमी के इगतपुरी – भुसावल – बडनेरा खंड में, 130 किमी प्रति घंटे की गति से कुल 67 गाड़ियाँ चलाने की योजना है। यह सारी गाड़ियाँ LHB रैक वाली ही रहेंगी।

उपरोक्त 6 मेल एक्सप्रेस ट्रेनों के 130 किमी प्रति घंटे की स्पीड ट्रायल के सफल समापन के साथ ट्रेनों को 130 किमी प्रति घंटे की गति से नियमित रूप से चलाने की आगे की प्रक्रिया चल रही है।

गौरतलब यह है, सम्पूर्ण 526 किलोमीटर के ट्रैक पर बहुत सारे TSR/PSR टेंपररी और परमनेंट स्पीड रिस्ट्रिक्शन लगे पड़े है। इससे गाड़ियोंकी औसत गति पर बड़ा असर पड़ता है और यही वजह है, की सीधे गणित में आम यात्री या सोशल मीडिया जो चीजें वायरल करता है, 4, 4.5 घण्टे में भुसावल से मुम्बई और 3, 3.5 घंटे में नागपुर, भोपाल सम्भव नही हो पाता।

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रेल प्रशासन, खाली पड़े आहाते को सशुल्क पार्किंग लॉट कैसे कह सकती है?

31 अगस्त 2023, गुरुवार, निज श्रावण, शुक्ल पक्ष, पूर्णिमा, विक्रम संवत 2080

रेल प्रशासन अपने आय बढ़ाने के लिए निरन्तर प्रयासरत है। और क्यों न हो, जब राजनीतिक दबावों के चलते रेल विभाग अपने यात्री किराया तालिकाओं में कोई बदलाव नही कर पाता तब अन्य मार्गों से आय के स्रोत खोजे जाते है, उनपर लक्ष्य निर्धारित किए जाते है।

यात्री किरायोंका गुणागणित तो सामान्य सवारी गाड़ियाँ बन्द कर दी गयी, उन्हें एक्सप्रेस गाड़ियोंमें बदल दिया गया, वहीं उनका किराया दुगुना, तिगुना हो गया। उनके किराए, दर सूची से ही गायब हो गए। सामान्य मेल/एक्सप्रेस गाड़ियाँ जिनकी औसत गति को मामूली समयसारणी बदल कर लगभग 55 kmph से आगे बढ़ा दी गई तो उनकी श्रेणी मेल/एक्सप्रेस से सुपरफास्ट हो जाती है और किराया दर सूची में एक सुपरफास्ट शुल्क जुड़ जाता है। गाड़ियोंमें नीला, आसमानी विनायल चिपकाए तो गाड़ी ‘हमसफ़र’ श्रेणी बन गयी और किरायोंमे झट 12 से 15 प्रतिशत की वृद्धि। इसी तरह कुछ ‘महामना’ श्रेणी की भी गाड़ियाँ है। आम मेल/एक्सप्रेस श्रेणियोंमे ही मिलने वाली सुविधाओंका, केवल गाड़ी का नाम, रंग बदलने से ज्यादा किराया बढ़ जाता है। है, न अजीब!

इसी तरह किरायोंके अलावा नॉन फेयर रेवेन्यू के अंतर्गत रेल आहाते के पार्किंग लॉट्स आते है। इन पार्किंग लॉट्स का अमूमन वार्षिक, पंचवर्षीय इस तरह की अवधि के लिए ठेका निकलता है। रेल विभाग तो ज्यादा बोली लगानेवाले से पैसा समेटे सन्तोष प्राप्त कर लेती है, मगर यह बिल्कुल भी नही देखती की पार्किंग के नाम पर जो शुल्क आम जनता से खींचा जा रहा है, उसके ऐवज में उसे सुविधा क्या मिल रही है?

चार पहिया पार्किंग के नाम पर कोई शेड नही होता। रेल आहाते में ही, एक कोना जहाँ गर्मी, बरसात, धूल मिट्टी झेलते वाहन खड़े रहते है, जिसका शुल्क तो ठेकेदार ले लेता है मगर वाहन के नुकसान की कोई जिम्मेदारी उस पर नही ऐसी हिदायत भी वाहन मालिक को दे देता है। उसपर पार्किंग ठेकेदार अपने झोंपड़ेनुमा दफ्तर में कभी पार्किंग ठेके का विवरण, जैसे ठेकेदार का नाम, शुल्क, ठेके की अवधि, सम्पर्क क्रमांक, अनियमितता की शिकायत, सुझाव का समाधान हेतु जिम्मेदार व्यक्ति, संस्था का विवरण इत्यादि कुछ भी उपलब्ध नही रहता।

आये दिन, यात्रिओंको केवल पिकअप या ड्रॉप करने वाले वाहनधारकोंसे पार्किंग ठेकेदारों की हिलहुज्जत चलते रहती है। चूँकि नियमावली का कोई अतापता नही रहता। ठेकेदार के कर्मी हमेशा ही दादागिरी कर वाहनधारकोंसे अवैध वसूली के फिराक में रहते है। इस तरह की परेशानियों के चलते कई वाहनधारक अपनी गाड़ियाँ रेल आहाते के बाहर ही लॉक कर छोड़ना पसन्द करते है।

रेल विभाग को चाहिए, की उक्त पार्किंग ठेकेदार को अपने ठेके सम्बन्धी सारा विवरण, पार्किंग शुल्क स्पष्ट रूप से बैनर बना कर लगाना अनिवार्य करें। साथ ही वाहन का पिकअप, ड्रॉप अवस्था निशुल्क रहें, वाहनतल पर शेड, पीने के पानी, स्वच्छतागृह, वाहन के टायर्स में हवा भरने की सुविधा इत्यादि व्यवस्था समुचित तरीकेसे उपलब्ध हो। वाहनतल पर पार्किंग रसीद इलेक्ट्रॉनिक पद्धति से बनाई जाए, ई-पेमेन्ट की सुविधा का पर्याय और वाहनतल पर समुचित कैमरे लगे हो।

यदि ठेकेदार या रेल विभाग उपरोक्त सेवा वाहनधारक को उपलब्ध ना करा पाए तो वहाँ रेल विभाग को भी पार्किंग क्षेत्र निशुल्क ही रखना चाहिए।

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नई गाड़ी : भावनगर – हरिद्वार के बीच नियमित साप्ताहिक एक्सप्रेस की घोषणा

30 अगस्त 2023, बुधवार, निज श्रावण, शुक्ल पक्ष, चतुर्दशी, विक्रम संवत 2080

19271 भावनगर हरिद्वार साप्ताहिक एक्सप्रेस दिनांक 11 सितम्बर से प्रत्येक सोमवार को रात 20:20 को भावनगर से चलकर बुधवारको प्रातः 3:40 को हरिद्वार पहुँचेंगी। वापसीमे 19272 हरिद्वार भावनगर साप्ताहिक एक्सप्रेस दिनांक 06 सितम्बर से प्रत्येक बुधवार को सुबह 5:00 बजे हरिद्वार से निकल अगले दिन याने गुरुवार को दोपहर 12:45 को भावनगर पहुचेगी।

स्टोपेजेस : भावनगर पारा, सीहोर गुजरात, ढोला, बोटाद, लिम्बडी, सुरेंद्रनगर, वीरमगाम, मेहसाणा, पाटण, भीलड़ी, धानेरा, मारवाड़ भीनमाल, मोदरान, जालोर, मोकलसर, समदड़ी, जोधपुर, डेगाना, छोटी खाटू, डीडवाना, लाडनूं, सुजानगढ़, रतनगढ़, चुरू, सादुलपुर, हिसार, जाखल, सुनाम उधमसिंह वाला, धुरी, पटियाला, राजपुरा, अम्बाला कैंट, सहारनपुर, रुड़की, हरिद्वार

गाड़ी की कोच संरचना : 01 वातानुकूल टु टियर, 03 वातानुकूल थ्री टियर, 09 स्लिपर, 03 साधारण द्वितीय जनरल, 02 एसएलआर कुल 18 कोच

19271/72 भावनगर हरिद्वार भावनगर साप्ताहिक एक्सप्रेस की नियमित समयसारणी

उद्धाटन विशेष गाड़ी

09271 भावनगर हरिद्वार विशेष दिनांक 04 सितम्बर को चलेगी।

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अब क्यों न भुसावल – पुणे के बीच कल्याण होकर एक वन्देभारत चलें!

29 अगस्त 2023, मंगलवार, निज श्रावण, शुक्ल पक्ष, त्रयोदशी, विक्रम संवत 2080

मित्रों, कल दिनांक 28 सितम्बर को भुसावल मण्डल ने एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की। कल 12860 हावड़ा मुम्बई गीतांजलि एक्सप्रेस ने भुसावल मण्डल में 130 kmph की दौड़ लगाई। यूँ तो भुसावल मण्डल में 130 के गति से LHB रैक वाली गाड़ियाँ चलाने की अनुमति मिल गई थी, मगर यह कल से ही शुरू हुई है। अब सारी LHB रैक वाली गाड़ियाँ 130 kmph गति से मार्गक्रमण करेंगी।

कई सोशल मीडिया में 130 गति की गुणा गणित लगा कर भुसावल से 4 घण्टे में मुम्बई, 3 घण्टे में नागपुर, भोपाल, सूरत यह दिखाना शुरू हो जाएगा, मगर ऐसा नही होता। मित्रों, यह रेलवे ट्रैक है, कोई रोडवेज नही। यहाँ पर ट्रैक पर रेल गाड़ियोंकी कतारें लगी होती है और भला हो आधुनिक सिग्नल सिस्टम का, के स्लॉट्स 8-10 किलोमीटर से घट कर 2-3 किलोमीटर पर आ गया है। यदि गाड़ी को 130 kmph अर्थात अमूमन 2 किलोमीटर प्रति मिनट चलना है तो उसका रास्ता लम्बी दूरी तक साफ होना जरूरी है। इसी वजह से गाड़ियोंकी अधिकतम गति भले ही 130 kmph हुई हो, एवरेज गति लगभग पुरानी या उससे थोड़ी बेहतर ही रहेंगी। हाँ यह है, की अब गाड़ियाँ अपने शेडयूल को बेहतर रखने की भरकस कोशिश करेंगी, समयपर चलेंगी।

चलिए, हम हमारे विषयपर आते है। अब तक भुसावल मण्डल में मुम्बई – शिर्डी वन्देभारत इगतपुरी से मनमाड़, अंकाई तक चल रही है। ऐसे में हम हमारे क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से आग्रह करेंगे, क्यों न भुसावल – पुणे के बीच कल्याण होकर एक वन्देभारत चला दी जाए?

भुसावल – पुणे के बीच प्रतिदिन चलनेवाली हुतात्मा एक्सप्रेस जो स्थानीय यात्रिओंके बीच बेहद लोकप्रिय थी, स्थायी रूप से बन्द कर दी गयी है। इस गाड़ी में दो वातानुकूल चेयर कार हुवा करती थी, जो सदा ही फूल चलती थी। दूसरा यह गाड़ी कल्याण होकर चलती थी। इससे क्षेत्र के यात्रिओंको पुणे, पनवेल, मुम्बई (कल्याण) नासिक, मनमाड़ सभी स्टेशनोंकी कनेक्टिविटी मिल जाती थी। अतः इस बन्द गाड़ी के ऐवज में अब वन्देभारत प्रीमियम गाड़ी चलाने में कतई हर्ज नहीं। आगे हम देखते है, रेल प्रशासन प्रत्येक वन्देभारत शुरू करवाने हेतु कुछ तथ्य जाँचती है, उन पर चर्चा करते है।

वन्देभारत एक्सप्रेस यह सम्पूर्ण वातानुकूलित प्रीमियम रेल सेवा है। अतः रेल प्रशासन किसी क्षेत्र में इस गाड़ी को लॉन्च करने से पहले यह देखना चाहता है, स्थानीय यात्रिओंकी क्या जरूरतें है और वह किस तरह पूर्ण होती है। वन्देभारत जिन दो स्टेशनोंके बीच चलेगी, उन में से एक कमसे कम जिला मुख्यालय हो, उच्च शैक्षणिक संस्थानों से परिपूर्ण हो, बिजनेस हब हो या औद्योगिक इकाइयों से समृध्द हो। उक्त स्थानों के बीच सड़क, रेल एवं हवाई यातायात की स्थिति कैसी है, माँग और आपूर्ति की क्या व्यवस्था है यह भी जाना जाता है।

भुसावल शहर, जलगाँव जिला मुख्यालय से मात्र 25 किलोमीटर है। इसके अलावा भुसावल मण्डल में बुरहानपुर जिला 50 किलोमीटर, बुलढाणा जिला 100 किलोमीटर पड़ता है। भुसावल, जलगाँव क्षेत्र से पूरे देशभर में केला, इस फल का वितरण होता है। मार्ग के चालीसगांव जंक्शनसे धुलिया जिला जुड़ा है। नासिक यह बड़ा औद्योगिक हब और तीर्थ क्षेत्र भी भुसावल रेल मण्डल के अंतर्गत आता है। नासिक से पुणे के बीच फिलहाल कोई भी सीधा रेल सम्पर्क नही है, अपितु हजारों करोड़ रुपये की सेमी हाई स्पीड रेल परियोजना वर्षोँसे प्रलम्बित है, जिसे धरातल पर आने के लिए और लम्बा इंतज़ार करना होगा। भुसावल – कल्याण के बीच रेल सेवा तो बेहतर है मगर बसें, हवाई जहाज जो जलगाँव हवाई अड्डे से जुड़ती है न के बराबर है। भुसावल – जलगाँव क्षेत्र के बहुत से छात्र और कामगार वर्ग नासिक, मुम्बई और पुणे के लिए नियमित यात्रा करते है।

नियमित रेल गाड़ियाँ मुम्बई के लिये करीबन 8, 9 घंटे, पुणे के लिए करीबन 10 घण्टे का अवधि लेती है। वहीं बसेस को भी अमूमन 12 घंटे लग जाते है। बसों के किराए मुम्बई, पुणे के लिए, ₹ 1000 से 2000 के बीच है, तो जलगाँव से पुणे के बीच हवाई सेवा चली, जो की फिलहाल उपलब्ध नही है, तकरीबन किराए ₹3000 रह सकते है और शहर से शहर के बीच (एयर पोर्ट टु एयर पोर्ट नहीं) हवाई यात्रा का समय 4 से 6 घण्टे हो सकता है।

उपरोक्त स्थितियोंको देखते हुए, यह सहज है की भुसावल – पुणे वन्देभारत इन स्टोपेजेस के साथ चले, जलगाँव, पाचोरा, चालीसगांव, मनमाड़, लासलगांव (प्याज की अग्रगण्य मंडी), निफाड़ (अंगूर उत्पादन क्षेत्र) नासिक (बड़ा औद्योगिक शहर एवं तीर्थ क्षेत्र), इगतपुरी (भगवान बुद्ध तीर्थ), कल्याण मुम्बई कनेक्टिविटी हेतु (लोको रिवर्सल) कर्जत, लोनावला, चिंचवड़, शिवाजीनगर होकर पुणे पहुंचे। यह ज्यादा स्टोपेजेस वन्देभारत एक्सप्रेस गाड़ीका तकनीकी बलस्थान है। इस गाड़ी में तुरन्त पिकअप और इंस्टैंट कण्ट्रोल क्षमता है। साथ ही गाड़ी कण्ट्रोल के समय बिजली रिजनरेशन तकनिक मौजूद है।

इस गाड़ी की समयसारणी मध्य रेल की जो दिल्ली से मुम्बई के बीच राजधानी चलती है, उसके आगे या पीछे चलाई जा सकती है। सम्पूर्ण रेल मार्ग FEDL (फुल्ली इलेक्ट्रीफाइड डबल लाइन) है, 130 kmph गति के लिए अनुमति प्राप्त है। भुसावल से पुणे का पूर्ण सफर अमूमन 7 घंटे में पूरा कर सकती है। ऐसे में सुबह 6 बजे भुसावल से निकल 13 बजे पुणे पहुंचेगी और वापसी 14 बजे पुणे से निकल रात 22 बजे भुसावल लौट सकती है।

उपरोक्त समयसारणी के साथ यह वन्देभारत गाड़ी क्षेत्र में बेहद लोकप्रिय हो सकती है। आशा है, न सिर्फ जलगाँव क्षेत्र के अपितु धुळे, नासिक और पुणे क्षेत्र के जनप्रतिनिधि भी इस गाड़ी के लिए रेल प्रशासन से आग्रह करेंगे।

Photo courtesy : indiarailinfo.com

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यात्रीगण कृपया ध्यान दें : वाराणसी जंक्शन पर रेल यार्ड रिमॉडलिंग कार्य के चलते 45 दिन विविध दिन अंतराल में गाड़ियाँ रद्द/ आँशिक रद्द/ मार्ग परिवर्तन/नियंत्रित कर चलेंगी।

27 अगस्त 2023, रविवार, निज श्रावण, शुक्ल पक्ष, एकादशी, विक्रम संवत 2080

यात्रीगण, चूँकि वाराणसी यार्ड रिमॉडलिंग यह बहुत लम्बा ब्लॉक चलनेवाला है अतः इसे चार अलग अलग खण्डों में विभाजित कर गाड़ियाँ नियंत्रित की जा रही है।

प्रत्येक परिपत्रक में आपको गाड़ी क्रमांक, गाड़ी का नाम, गाड़ी का प्रकार, ब्लॉक के दौरान क्या अवस्था होगी उसका विवरण, JCO याने गाड़ी के प्रारम्भिक स्टेशन से प्रस्थान की तिथि और कुल कितने दिन बाधित रहेंगी, इस तरह के चार्ट्स बनाये गए है।

पहला खण्ड : दिनांक 01 सितम्बर से 15 अक्तूबर 45 दिन तक वाराणसी जंक्शन का प्लेटफार्म नम्बर 3 गाड़ियोंके आवागमन के लिए बन्द रहेगा। इसके चलते निम्नलिखित गाड़ियोंका परिचालन बाधित रहेगा।

14203/04 वाराणसी लखनऊ वाराणसी इंटरसिटी एक्सप्रेस दिनांक 20 सितम्बर से 15 अक्तूबर तक लोहटा (वाराणसी जंक्शन से भदोही की दिशामे 5 किलोमीटर पर) से लखनऊ के बीच चलेगी।

निम्नलिखित गाड़ियाँ मार्ग परिवर्तन कर चलेगी।

दूसरा खण्ड : दिनांक 11 सितम्बर से 15 अक्तूबर 35 दिन तक वाराणसी जंक्शन का प्लेटफार्म नम्बर 6, 7 और 8 गाड़ियोंके आवागमन के लिए बन्द रहेगा। इसके चलते निम्नलिखित गाड़ियोंका परिचालन बाधित रहेगा।

12237/38 वाराणसी जम्मूतवी वाराणसी बेगमपुरा एक्सप्रेस दिनांक 09 सितम्बर से 16 अक्तूबर तक सुल्तानपुर – जम्मूतवी के बीच चलेगी।

20413/14 वाराणसी इन्दौर वाराणसी काशी महाकाल एक्सप्रेस दिनांक 08 सितम्बर से 13 अक्तूबर तक सुल्तानपुर – इन्दौर के बीच चलेगी।

20415/16 वाराणसी इन्दौर वाराणसी काशी महाकाल एक्सप्रेस दिनांक 10 सितम्बर से 15 अक्तूबर तक सुल्तानपुर – इन्दौर के बीच चलेगी।

19408/07 वाराणसी अहमदाबाद वाराणसी एक्सप्रेस दिनांक 14 सितम्बर से 14 अक्तूबर तक सुल्तानपुर – अहमदाबाद के बीच चलेगी।

20401/02 वाराणसी लखनऊ वाराणसी इंटरसिटी एक्सप्रेस दिनांक 10 सितम्बर से 16 अक्तूबर तक सुल्तानपुर – लखनऊ के बीच चलेगी।

14853/54, 14863/64, 14865/66 मरुधर एक्सप्रेस दिनांक 10 सितम्बर से 15 अक्तूबर तक जोधपुर – लखनऊ के बीच चलेगी।

निम्नलिखित गाड़ियाँ मार्ग परिवर्तन/ नियंत्रित कर चलेंगी।

तीसरा खण्ड : दिनांक 20 सितम्बर से 15 अक्तूबर 26 दिन तक रेल ब्लॉक। इसके चलते निम्नलिखित गाड़ियोंका परिचालन बाधित रहेगा।

निम्नलिखित गाड़ियाँ परावर्तित मार्ग / नियंत्रित कर चलाई जाएंगी।

चौथा खण्ड : दिनांक 04 अक्तूबर से 15 अक्तूबर 11 दिन तक वाराणसी जंक्शन की कोर्ड रेल मार्ग बन्द रहेगी। इसके चलते निम्नलिखित गाड़ियोंका परिचालन बाधित रहेगा।

दिनांक 03 अक्तूबर से 06 अक्तूबर निम्नलिखित गाड़ियाँ रद्द/ आँशिक रद्द/ परावर्तित रहेंगी।