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भारत की किफायती रेल यात्रा

15 फरवरी 2026, रविवार, फाल्गुन, कृष्ण पक्ष, त्रयोदशी, विक्रम संवत 2082

पत्र सूचना कार्यालय दिल्ली द्वारा प्राप्त ‘प्रेस विज्ञप्ति’

विविध गाड़ियोंमे भिन्न भिन्न प्रकार की किराया तालिका मगर जब आंतरराष्ट्रीय स्तर पर देखा जाए तो भारतीय रेल के प्रीमियम गाड़ियोंमके वातानुकूलित किराए भी काफी किफायती है।

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मुम्बई हावड़ा मार्ग पर कसारा – मनमाड़ के बीच बनेगी तिसरी और चौथी रेल लाईन

14 फरवरी 2026, शनिवार, फाल्गुन, कृष्ण पक्ष, द्वादशी, विक्रम संवत 2082

कैबिनेट द्वारा निम्नलिखित रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। उनमें से कसारा – मनमाड़ खण्ड का विस्तृत ब्यौरा यहाँ प्रस्तुत है,

कैबिनेट के निर्णय :-

कसारा – मनमाड़ तीसरी, चौथी लाइन

दिल्ली – अम्बाला तीसरी, चौथी लाइन

बल्लारी – होसपेटटे तीसरी, चौथी लाइन

गोलपुर – निमालीगढ़ के बीच ब्रम्हपुत्र नदी के नीचे से रोड/रेल टनल का निर्माण

गुडेबेल्लूर महबूबनगर के बीच फोर लेन रोड

धामसिया – बिताड़ा एवं नासरपुर – मालोठ के बीच फोर लेन रोड

महाराष्ट्र के घोटी – त्र्यम्बकेश्वर – पालघर के बीच रोड़ का उन्नतिकरण

नोएडा मेट्रो अक्वा लाइन का विस्तार

शहरीकरण हेतु निधी

भारतीय स्टार्टअप के लिए निधी

उपरोक्त चित्र केवल परियोजनाओं की जगह दर्शाने हेतु  संकलित किया गया है।

कसारा – मनमाड़ रेल परियोजना

मुम्बई हावड़ा हाई डेंसिटी नेटवर्क मार्ग

इस परियोजना में,

3 बड़े महत्वपूर्ण पुल

16 बड़े पुल

218 छोटे पुल

5 ROB रेल ओवर ब्रिज

21 RUB रेल अंडर ब्रिज

5 टनल जिसमे सबसे लंबा टनल 24 किलोमीटर का होगा

परियोजना की कुल लम्बाई 131 किलोमीटर

रेल लाइनों के कुल मार्ग 316 किलोमीटर (तिसरी, चौथी लाइन की कुल जोड़)

यह नया मार्ग में चढ़ाव/ढाल कुछ इस तरह होगा की मार्ग पर चलने के लिए रेल गाड़ियोंमे अतिरिक्त लोको, बैंकर लगाने की जरूरत नही रहेगी।

फिलहाल कसारा से इगतपुरी इस घाट वाले खण्ड में तीन रेल मार्ग उपलब्ध है और आगे इगतपुरी से मनमाड़ तक दो अतः इस परियोजना से घाट सेक्शन 5 मार्ग वाला और समतल में 4 मार्ग उपलब्ध हो जाएंगे। इससे अतिरिक्त यात्री एवं मालगाड़ियों परिचालन बढ़ाया जाएगा।

क्षेत्र में पर्यटन, औद्योगिक विकास होगा।

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रेल यात्रा के दौरान, यात्री के पहचानपत्र की अनिवार्यता : रेल विभाग के सन्दर्भित परिपत्र

07 फरवरी 2026, शनिवार, फाल्गुन, कृष्ण पक्ष, षष्ठी, विक्रम संवत 2082

रेल आरक्षण करते वक्त किसी भी एक PNR के तहत ज्यादा से ज्यादा 6 यात्री और तत्काल में 4 यात्री बुक किए जा सकते है। कमसे कम एक यात्री का पहचान पत्र तत्काल या रियायती टिकट बुकिंग के दौरान अत्यावश्यक है। सर्वसाधारण आरक्षण के लिए बुकिंग के दौरान पहचान पत्र की आवश्यकता नही होती है। यह सब जानकारी रेलवे के PRS काउंटर्स के आरक्षित टिकटों के लिए है।

अब यह आरक्षित टिकटधारको ने, रेल यात्रा के दौरान टिकट जाँच दल द्वारा माँग किए जानेपर, अपने सभी बुक्ड यात्रिओंमें से किसी एक यात्री का ओरिजिनल ‘फोटो पहचानपत्र’ प्रस्तुत करना चाहिए। यदि टिकटधारक ऐसा नही कर पाते है तो उक्त टिकट पर बुक किए गए सभी यात्रिओंको बिनाटिकट यात्री माना जाएगा और आगे उक्तानुसार कार्रवाई की जाएगी

भारतीय रेल यात्रिओंको विभिन्न कोटे के अंतर्गत आरक्षण उपलब्ध कराती है। वरिष्ठ नागरिकों की रियायत तो फिलहाल रद्द है, मगर इनके लिए ‘लोअर बर्थ कोटा’ विशेष रूप से आरक्षित रखा गया है। रेल विभाग इस ‘लोअर बर्थ’ कोटे के लिए पुरुष यात्री की उम्र 60, महिला यात्री की उम्र 58  या इससे ज्यादा हो उसे ‘वरिष्ठ नागरिक’ मानती है। कोई 45 वर्षीय या उससे ज्यादा की उम्र की महिला यात्री अकेले या दो के समूह में यात्रा करती है तो उन्हें भी रेल विभाग ‘लोअर बर्थ कोटा’ सुविधा प्रदान करता है। PRS पर कुछ यात्री इस कोटे का दुरुपयोग करते है। चूँकि वहाँपर टिकट आरक्षित कराते वक्त किसी पहचानपत्र की आवश्यकता नही होती अतः लोग अपनी उम्र 60 या उससे ज्यादा लिखाकर लोअर बर्थ कोटे में बर्थ बुक कर लेते है। ऐसे यात्रिओंको यात्रा के दौरान अपना ओरिजिनल फोटो आईडी, फ़ोटो पहचानपत्र माँग किए जाने पर प्रस्तुत करना चाहिए।

यह ताजा परिपत्र है, 04 फरवरी 2026 का

उपरोक्त पत्र में, लगभग तीन सन्दर्भ दिए गए है,

1: CC-13 of 2021

2: CC-01 of 2016

3: CC-33 of 2018

आपके लिए सभी परिपत्र हिन्दी/अंग्रेजी में यहां प्रस्तुत है,

1: CC-13 of 2021

1: CC-01 of 2016

यह परिपत्र, यदि यात्री गलत तरीके से रेल द्वारा निर्देशित कोटोंका फायदा लेकर टिकट बुक करता है और यात्रा के दौरान पकड़ा जाता है तो रेल प्रशासन उसके साथ किस तरह व्यवहार करेगी यह दर्शाया गया है।

2: CC-33 of 2018

उपरोक्त परिपत्र में वैध पहचानपत्र की सूची और डिजिलॉकर में स्थित पहचानपत्र का उपयोग दिया गया है।

उपरोक्त दस्तावेज़ रेल विभाग की वेबसाइटों पर उपलब्ध है और उपरोक्त वहीं से प्रस्तुत किए गए है।

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पश्चिम रेल के अयोध्या दर्शन हेतु  उधना से रतलाम होकर, साप्ताहिक विशेष के 7 – 7 फेरे

29 जनवरी 2026, गुरुवार, पौष, शुक्ल पक्ष, एकादशी, विक्रम संवत 2082

09097/98 उधना अयोध्या कैंट उधना साप्ताहिक विशेष वाया रतलाम

09097 विशेष दिनांक 10 फरवरी से 24 मार्च तक प्रत्येक मंगलवार को उधना से चलेगी और वापसी में 09098 विशेष दिनांक 11 फरवरी से 25 मार्च तक प्रत्येक बुधवार को अयोध्या कैंट से रवाना होगी।

कोच संरचना : 02 वातानुकूलित टू टियर, 18 स्लिपर, 02 जनरल, 02 एसएलआर कुल 24 ICF कोच

स्टोपेजेस : उधना, सूरत, भरुच, वडोदरा, गोधरा, रतलाम, नागदा, भवानीमंडी, रामगंजमंडी, कोटा, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, बयाना, ईदगाह, टूंडला, कानपुर सेंट्रल, लखनऊ, बाराबंकी, अयोध्या कैंट

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जरा समझिए, अब ढर्रा बदल गया है!

22 जनवरी 2026, गुरुवार, पौष, शुक्ल पक्ष, चतुर्थी, विक्रम संवत 2082

एक वक्त था, नई गाड़ियाँ, गाड़ियोंके विस्तार, गाड़ियोंके फेरे, नए स्टोपेजेस इत्यादि बदलाव केवल और केवल रेल बजट की घोषणाओं में होते थे। नई समयसारणी की यात्रिओंको उत्सुकता रहती थी। एक निर्धारित तिथि होती थी, जिसपर रेलवे स्टेशनोंके चक्कर लगा-लगाकर यात्री समयसारणी खरीदते थे और अपने रेल यात्रा के नियोजन हेतु सम्भाल कर रखते थे। कई रेल कर्मियों में इतनी परफेक्शन होती थी की वह केवल समय देखकर यह फलाँ गाड़ी होगी यह बता देते थे। मगर आज यह सब बदल गया है।

नई सरकार, नए नियम! रेल बजट आम बजट में समाहित कर दिया और बजट घोषणाओंकी सारी उत्सुकता हवा हो गई। आजकल नई गाड़ियाँ अमूमन राज्योंके चुनाव तिथियोंके बस चन्द दिनों पहले घोषित होती है। जिन राज्योंमें में चुनाव होने वाले है, वहाँ के निवासियों की चल निकलती है। उन्हें नई आधुनिक वन्देभारत, अमृतभारत जैसी गाड़ियोंकी सौगातें दी जाती है। जहाँ स्टोपेजेस माँग-माँग कर यात्रिओंके गले सुख जाते है, अर्जियाँ कर कर निराश हो जाते है, जरूरतों भरे स्टोपेजेस को लेकर रेल विभाग यात्री पदभार कम होने की दुहाइयाँ देते है, मगर चुनाव घोषणा के पहले सारे रोड़े, स्टेशनोंकी कमाई सब कहीं नजरअंदाज हो जाते है। स्टेशनोंकी ये लम्बी सूचियाँ परिपत्रोंमें टंगी नजर आती है। हाल ही के उदाहरण, बिहार, पश्चिम बंगाल और अब केरल, तमिलनाडु।

गौरतलब यह है, यात्री सुविधाओं को तो कभी भी शुरू करवाइए बेहतर ही है। चाहे नई गाड़ियाँ हो, नए स्टोपेजेस हो, स्टेशन छोटा हो या बड़ा, स्टोपेज मिला है तो भाई, यह भारत है! यहाँ प्रचण्ड जनसंख्या है, गाड़ी कहीं से कहीं चलवा दीजिए, कहीं स्टोपेजेस बढ़ा दीजिए, यात्री भार मिलना तय है। लेकिन घोषणाओं समय, एकदम वहीं, निकटतम चुनावी तिथियाँ।

अच्छा, एक फण्डा और है। नई आधुनिक गाड़ियाँ जिनके रैक बहुत कम संख्या में उपलब्ध है मगर क्षेत्र तो ज्यादा साधना है, फिर उन्हें हर एक दिन अलग अलग मार्गोंपर साप्ताहिक स्वरूप में चला दिया जाता है। मार्ग पर यात्रिओंकी मांग भले ही हो न हो या प्रतिदिन की हो। अब देखिए, अमृतभारत जैसी ग़ैरवातानुकूलित गाड़ी, जिसमे भी अनारक्षित यान ज्यादा, क्यों नही भर भर कर चलेगी? वहीं कुछ प्रीमियम गाड़ियाँ है, जिन्हें महंगे किरायोंके चलते यात्रिओंकी प्रतीक्षा है।

एक बात और आपके ज़हन में कौंधी तो होगी जिस तरह एक प्रतिनिधि तमाम ‘टैरिफ’ की बेबाक़ फ़रमान निकालते है, लगभग इधर भी अब तक तमाम प्रीमियम गाड़ियोंके शुभारंभ हमारे माननीय के शुभ हस्ते ही हुए है। उक्त विभाग के मुखिया के हिस्से में तो दुय्यम दर्जो की गाड़ियाँ आती है। खैर, हमारे देश के सिरमौर है, उन्हें शोभा भी देता है, और देश की जनता भी बेताब रहती है, दौरा घोषित हुवा है, जरूर कुछ न कुछ नई गाड़ी आने वाली है।

चलिए, यह हम सब रेल यात्रिओंके ‘मन की बात’ ही कर रहे है। आखिर यात्री को बेहतर सुविधाएं मिलती है, गाड़ियाँ उपलब्ध हो रही है, स्टोपेजेस बढ़ रहे है तो भाई यात्री तो खुश है। माननीय जल्द जल्द ऐसे इलाकोंके दौरे करें, जहाँ यात्रिओंको रेल सुविधाओं की आवश्यकताएं है।

AI image : chatGPT