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उत्तर रेलवे NR में रेल के तकनीकी कार्यके चलते रेल सेवा बाधित रहेगी

उत्तर रेलवे के मोरादाबाद मण्डलमे, रामपुर स्टेशन पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग के कार्य किए जा रहे है। इस तकनीकी कार्य के चलते रामपुर स्टेशन से गुजरने वाली रेल यातायात दिनांक 20 से 24 सितम्बर तक बाधित रहेंगी। 16 गाड़ियाँ इस अवधि में रद्द की जा रही है तो 18 गाड़ियाँ मार्ग परिवर्तन कर चलाई जाएगी। 3 गाड़ियोंके परिचालन को करीबन 60 से 240 मिनिट तक नियंत्रित किया जाएगा। आइए परीपत्रक देख लेते है।

निम्नलिखित सूची में 16 गाड़ियाँ बताए गए तिथि को अपने आरम्भ के स्टेशन से ( JCO ) नही चलेगी।

18 गाड़ियाँ अपने नियमित मार्ग की जगह परावर्तित मार्ग से चलाई जाएगी। सूची में परावर्तित मार्ग और कौनसे स्टेशन होकर नही जाएगी यह दिया गया है। यात्रीगण गाड़ियोंकी तिथि पर ध्यान दें। निर्देशित तिथि (JCO) याने गाड़ी के प्रारंभिक स्टेशन से छूटने की तिथि है।

निम्नलिखित गाड़ियोंके परिचालन को नियंत्रित किया जाएगा।

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भारत सरकार, भारतीय रेलवे की बड़ी इकाइयों को सुव्यवस्थित करने का प्रस्ताव दिया है, जिन में CRIS, CORE, COFMOW, RAILTEL आदि को भारतीय रेल की इतर कम्पनियोंमे समाहित कर उनका स्वतंत्र अस्तित्व खत्म कर सकती हैं।

भारत सरकार ने रेल मंत्रालय के तहत संचालित कई भारतीय रेलवे इकाइयों को सुव्यवस्थित और युक्तिसंगत बनाने का प्रस्ताव दिया है। धमाका काफी बड़ा है और कई प्रस्थापितोंके नींव को झझकोर कर रख देने वाला है।

वित्त मंत्रालय के प्रधान आर्थिक सलाहकार संजीव सान्याल द्वारा तैयार किए गए इस प्रस्ताव में, भारतीय रेलवे की गैर-प्रमुख इकाइयों जैसे लोको कारखाने, पुल निर्माण, रेलवे स्कूल, रेलवे अस्पताल, रेल प्रशिक्षण संस्थानों और केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को युक्तिसंगत बनाने, बंद करने या अन्य इकाइयों के साथ विलय के प्रस्ताव दिए गए है।

समान कार्य कर रहे सीपीएसयू सेंट्रल पब्लिक सेक्टर अंडर टेकिंग का विलय
संजीव सान्याल प्रस्ताव में रेल मंत्रालय के तहत संचालित कई सीपीएसयू में सुधार की मांग की गई है।

आरवीएनएल RVNL का इरकॉन IRCON में विलय
प्रमुख सिफारिशों में रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) का इरकॉन के साथ विलय है। RVNL बेहतर परियोजना निष्पादन के लिए गठित एक विशेष प्रयोजन वाहन है। प्रस्ताव के अनुसार इरकॉन एक ‘विशेषज्ञ बुनियादी ढांचा निर्माण संगठन’ भी है और इसकी अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति भी है। चूँकि RVNL के पास कोई विशेष शक्ति नहीं है और वह केवल भारतीय रेलवे से नामांकन के आधार पर परियोजनाएं प्राप्त करता है। प्रस्ताव के अनुसार, यह दोनों कम्पनियाँ एक ही तरह का काम करती है अतः प्रस्तावित विलय के लिए यह पर्याप्त कारण है।

ब्रेथवेट एंड कंपनी का राइट्स RITES में टेकओवर
एक बीमार पब्लिक अंडर टेकिंग कम्पनी, जिसे हाल ही में शुरू किया गया है। ब्रेथवेट एंड कंपनी को भारतीय रेलवे द्वारा संचालित तकनीकी सलाहकार RITES द्वारा अधिग्रहण के लिए प्रस्तावित किया गया है। भारत सरकार के प्रस्ताव ने अधिग्रहण के औचित्य के रूप में दोनों को ‘कार्य की समान प्रकृति’ के रूप में पहचाना है।

भारतीय रेलवे इकाइयों के युक्तिकरण के प्रस्ताव का हिस्सा : क्रिस CRIS को बंद करें, रेलटेल RAILTEL को आईआरसीटीसी IRCTC के साथ मिलाए।

भारत सरकार ने रेलवे सूचना प्रणाली केंद्र (CRIS) को बंद करने का प्रस्ताव दिया है। क्रिस भारतीय रेलवे के लिए सॉफ्टवेयर बनाने का काम करती है। यात्री टिकट, रेल गाड़ियोंका समय नियोजन, रेलवे माल लदान की रसीदें, परिचालन विभाग में चल स्टॉक का नियोजन ई. काम सॉफ्टवेयर के जरिए CRIS के जिम्मे है। इसे भारतीय रेलवे की एक कम्पनी आईआरसीटीसी को सौंपने का प्रस्ताव है। इसके अलावा, भारत सरकार का मानना है कि रेलटेल जिसका रेलवे टेलिकॉम में जबरदस्त बड़ा ऑप्टिकल फाइबर टेलिकॉम केबलिंग का नेटवर्क बिछा है उसे भी आईआरसीटीसी को ही सौंपने की बात की जा रही है। रेलवे यह सोचती है CRIS और RAILTEL दोनों के ही कार्य IRCTC के समान कार्य हैं और इस प्रकार इनका विलय IRCTC में किया जाना चाहिए।

सभी उत्पादन इकाइयों को एक सीपीएसई सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइजेज में स्थानांतरित करें
भारत सरकार के प्रस्ताव ने सभी आठ भारतीय रेलवे उत्पादन इकाइयों को एक नए सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम में स्थानांतरित करने की भी सिफारिश की है। आठ इकाइयां हैं जिसमे 3 रेल कोच निर्माण कारखाने है। इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) चेन्नई, रेल कोच फैक्ट्री (RCF) कपूरथला, मॉडर्न कोच फैक्ट्री (MCF) रायबरेली, 3 लोको निर्माण कारखाने, चित्तरंजन लोकोमोटिव वर्क्स (CLW), बनारस लोकोमोटिव वर्क्स (BLW) वाराणसी, डीजल मॉडर्नाइजेशन वर्क्स ( DMW) पटियाला, और दो रेल चक्का व धुरी कारखाने बेंगलुरु येलहंका में रेल व्हील फैक्ट्री और बेला, बिहार के कारखाने सम्मिलित है।

सान्याल प्रस्ताव की सिफारिश है कि इसे चरणबद्ध तरीके से किया जाए। इसी तरह के प्रस्तावों को लागू करने के प्रयासों को पहले आंतरिक प्रतिरोध का सामना करना पड़ा है।

कोर CORE और कॉफमो COFMOW को बन्द किया जाए
सान्याल के प्रस्ताव के अनुसार, सेंट्रल ऑर्गनाइजेशन फॉर रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन (कोर) और सेंट्रल ऑर्गनाइजेशन फॉर मॉडर्नाइजेशन ऑफ वर्कशॉप (कॉफमो) को बंद कर दिया जाना चाहिए। इसका कारण यह है कि पूर्ण विद्युतीकरण के साथ कुछ वर्षों में कोर ज्यादातर बेमानी हो जाएगा, जबकि कॉफमो पहले ही प्रासंगिकता खो चुका है। बहुतांश कार्य के निजी ठेके दिए जाते है, जिसमे विविध कम्पनियाँ इंजीनियरिंग और निर्माण के काम करती है।

आरएलडीए RLDA और आईआरएसडीसी IRSDC के बीच चुनें
रेलवे भूमि विकास प्राधिकरण (RLDA) और भारतीय रेलवे स्टेशन विकास निगम (IRSDC) से संबंधित एक अन्य प्रमुख प्रस्ताव जिसका स्टेशन पुनर्विकास के लिए महत्वपूर्ण परिणाम हो सकता है। दोनों वर्तमान में स्टेशन के बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण और भारतीय रेलवे की भूमि के मुद्रीकरण पर काम कर रहे हैं। आईआरएसडीसी प्रमुख भारतीय रेलवे स्टेशनों के लिए बड़े स्टेशन पुनर्विकास परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। हालांकि, प्रस्ताव के मुताबिक, आईआरएसडीसी समयसीमा और लागत के अनुसार परियोजनाओं को लागू करने में असमर्थ रहा है। फिर भी दोनों कम्पनियोंके कार्य मे समानता है। अतः सान्याल प्रस्ताव इस काम की पूरी जिम्मेदारी आरएलडीए या आईआरएसडीसी में से किसी एक को सौंपने की सिफारिश करता है।

रेलवे बोर्ड निदेशालयों को युक्तिसंगत बनाना
रेलवे बोर्ड में कर्मचारियों की संख्या को 250 से घटाकर 100 किया जाना चाहिए और निदेशालयों की संख्या को मौजूदा 52 से कम किया जाना चाहिए।प्रस्ताव के अनुसार समान कार्यों वाले कई निदेशालयों का विलय किया जाना चाहिए। इसलिए यातायात परिवहन और यातायात वाणिज्यिक निदेशालय, सांख्यिकी और अर्थशास्त्र के साथ अर्थशास्त्र, विरासत के साथ पर्यटन और खानपान निदेशालय, भूमि और सुविधाएं निदेशालय के साथ बुनियादी ढांचे के विलय की सिफारिश की जाती है।

वित्तीय मामलों से जुड़े कई निदेशालयों का भी विलय करने का प्रस्ताव है। इसका अर्थ है लेखा, लेखा सुधार, वित्त, वित्त (बजट) और वित्त (व्यय) का एक ही वित्त और लेखा निदेशालय में विलय किया जाना चाहिए।

भर्ती परीक्षा आयोजित करने के लिए एनटीए NTA काफी है, आरआरबी RRB को बंद करें।
राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने बजाय अलग अलग 21 रेलवे भर्ती बोर्डों की आवश्यकता को समाप्त करते हुए, सभी भारतीय रेलवे भर्ती परीक्षाओं का एक छत्र आयोजन करना चाहिए। यह भी सिफारिश की जाती है कि एनटीए NTA, RRB के बुनियादी ढांचे को अपने हाथ में ले ले। भारतीय रेलवे को चाहिए की, परीक्षा गतिविधियों पर एनटीए के साथ समन्वय करने के लिए एक अलगसे कार्यालय स्थापित करें।

NRTE नैशनल रेलवे ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट एक केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाएं, केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थानों को मिलाएं, प्रति जोन एक ZRTE रहे।
सान्याल प्रस्ताव ने राष्ट्रीय रेल परिवहन संस्थान, सात केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थानों, क्षेत्रीय रेलवे प्रशिक्षण संस्थानों आदि के लिए कई बदलावों की सिफारिश की है।

एनआरटीआई को एक स्वायत्त केंद्रीय विश्वविद्यालय और राष्ट्रीय महत्व के संस्थान में बदलना।

सभी सात केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थानों का एनआरटीआई में विलय।

एनआरटीआई के तहत अपरेंटिस योजना को फिर से शुरू करें।

इंस्टिट्यूट ऑफ़ रेल ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट एंड गवर्निंग काउंसिल से रेलवे बोर्ड और मंत्रालय को वापस लें

एनआरटीआई के साथ रेलवे खातों के लिए केंद्रीकृत प्रशिक्षण अकादमी का विलय।

जोनल रेलवे प्रशिक्षण संस्थानों की संख्या घटाकर एक प्रति जोन कर दें।

गैर रेलवे कर्मचारियों के लिए खुले ZRTI

इसके अलावा, प्रस्ताव में सभी भारतीय रेलवे अस्पतालों के उन्नयन अपग्रेडेशन की भी सिफारिश की गई है, जिसमें निजी भागीदारी के माध्यम से जहां आवश्यक हो अपग्रेड किया जाए। सान्याल यह भी सिफारिश करते हैं की भारतीय रेलवे के अधिकारी भारतीय रेलवे कल्याण संगठन प्रबंधन से हट जाएं और इसे निजी तौर पर संचालित संगठन के रूप में मानें।

सान्याल ने सभी रेलवे स्कूलों को केंद्रीय विद्यालय, राज्य सरकार या निजी ऑपरेटरों के तहत रेलवे कर्मचारियों के लिए कोटा के साथ लाने की भी सिफारिश की। यह भारतीय रेल प्रबंधन को महत्वपूर्ण रूप से मुक्त करेगा जो अन्यथा ही इन स्कूलों के संचालन में जाता रहता है, जिसका भारतीय रेल के मुख्य कार्योंसे कतई सम्बन्ध नही है।

प्रस्तावों का कार्यान्वयन
प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेज दिया गया है, और भारत सरकार मासिक अपडेट चाहता है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इनमें से कौन सी सिफारिशों को लागू किया जाएगा और किस तरह समयसीमा रहेगी।

COFMOW और CORE जैसे कई संगठनों ने अपनी उपयोगिता को समाप्त कर दिया है और उन्हें बंद करने का समय आ सकता है। आईआरडब्ल्यूओ IRWO और अन्य गैर-प्रमुख व्यर्थ गतिविधियों के प्रशासन से दूर रहने से भारतीय रेल प्रबंधन को उन समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी। भारतीय रेलवे की उत्पादन इकाइयों को एक अलग इकाई में बंद करने की सिफारिश कई विशेषज्ञों द्वारा की गई है और यह लंबे समय से प्रलंबित है।

हालांकि इस तरह के प्रस्तावोंकी हमेशासे सुगबुगाहट होती आ रही है, मगर इस बार न सिर्फ केंद्रीय नेतृत्व बल्कि रेल मंत्रालय भी इन प्रस्ताओंपर और उनके द्वारा प्रस्तुत कारणोंकी समीक्षा कर रहा है। जिस तरह इंडियन रेलवे ऑर्गनाइजेशन फ़ॉर अल्टरनेटिव फ्यूल नामक कम्पनी को हाल ही में याने 7 सितम्बर 2021 में बन्द कर दिया गया, यह दिखाई देता है की भारत सरकार इन प्रस्ताओंपर पर काफी गम्भीरता से काम कर रही है।

एक बात और कही जा सकती है। IRCTC जैसी कम्पनी सोने का चम्मच मुँह में लेकर जन्मी है। जो कम्पनी सिर्फ रेलवे के कैटरिंग और पर्यटन व्यवसाय को संभालने वाली थी जिसे अब CRIS जैसी रेलवे की सम्पूर्ण तैयार सॉफ्टवेयर कम्पनी और RAILTEL जैसी भारत की प्रमुख ऑप्टिकल फाइबर केबल इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार ऐसी कम्पनियाँ खुले हाथों मिलने जा रही है। एक तरह से रेलवे का टिकट व्यवसाय उसके सॉफ्टवेयर और इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ पूरा की पूरा IRCTC के हाथों चला जाएगा

उपरोक्त लेख RailPost.in से मिली जानकारी से उधृत है।

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पुणे एर्नाकुलम के बीच चलने वाली दोनों गाड़ियाँ फिर से होंगी बहाल

मध्य रेलवे की पुणे एर्नाकुलम पुणे वाया मिरज, लोंडा मडगाँव दिनांक 25 सितम्बर से बहाल की जा रही है और 01150/49 पुणे एर्नाकुलम पुणे जो अब तक साप्ताहिक विशेष चल रही थी उसके फेरे भी द्विसाप्ताहिक किए जा रहे है।

01197 पुणे एर्नाकुलम साप्ताहिक विशेष दिनांक 25 सितम्बर से प्रत्येक शनिवार को रवाना होगी और वापसी में 01198 एर्नाकुलम पुणे साप्ताहिक विशेष दिनांक 27 सितम्बर से प्रत्येक सोमवार को चलनेवाली है। यह गाड़ी पुर्णतयः आरक्षित रहेगी।

01150 पुणे एर्नाकुलम विशेष गाड़ी जो अब तक केवल रविवार को पुणे से चल रही थी उसके फेरे साप्ताहिक से बढ़ाकर पुनः द्विसाप्ताहिक किए जा रहे है। अब यह गाड़ी 29 सितम्बर से प्रत्येक बुधवार एवं रविवार को चला करेगी। उसी प्रकार 01149 एर्नाकुलम पुणे विशेष के भी फेरे द्विसाप्ताहिक हो जाएंगे। यह गाड़ी पहले केवल मंगलवार को चल रही थी, जो दिनांक 01अक्तूबर से प्रत्येक शुक्रवार को भी चलेगी। यह गाड़ी भी पुर्णतयः आरक्षित रहेगी।

मध्य रेल CR का परीपत्रक साथ मे जोड़ा गया है।

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द पु रेल SER ने अपनी 8 जोड़ी गाड़ियोंके टर्मिनल स्टेशन बदलने की सूचना जारी की।

हावडा की ओर जानेवाले यात्रीगण कृपया ध्यान दीजिए, एक जोड़ी गाड़ी नवम्बर के पहले सप्ताह से और 7 जोड़ी गाड़ियाँ अगले वर्ष जनवरी से हावडा की जगह हावडा के उपनगरीय टर्मिनल शालीमार स्टेशन का उपयोग करेगी। यह गाड़ियाँ शालीमार से ही चलेगी और लौटते वक्त वही समाप्त की जाएगी। यह टर्मिनल का बदलाव रेल प्रशासन स्थायी रूपसे अर्थात इस विशेष गाड़ियोंके दौर के साथ साथ नए समयसारणी में भी कायम रहेंगे। इन टर्मिनस के बदलावोंके अलावा आगे समयसारणी में किसी भी तरह का बदलाव नही है। परीपत्रक में गाड़ियोंके विशेष क्रमांक के साथ उनके पुराने क्रमांक भी दिए गए है। साथ ही सांतरागाछी स्टेशन के स्टापेजेस के बारे में भी ध्यान दीजिएगा।

1: सप्ताह में चार दिन लोकमान्य तिलक टर्मिनस और हावडा के बीच चलनेवाली 02101/02 ज्ञानेश्वरी विशेष दिनांक 02 नवम्बर से 02101 लोकमान्य तिलक से शालीमार के लिए रवाना होगी और दिनांक 04 नवम्बर से शालीमार में समाप्त की जाएगी। उसी तरह दिनांक 04 नवम्बर से 02102 हावडा के बजाए शालीमार से ही लोकमान्य तिलक टर्मिनस के लिए प्रस्थान करा करेंगी।

2: 09205/06 पोरबंदर हावडा के बीच चलनेवाली द्विसाप्ताहिक गाड़ी जनवरी 2022 से अपना गन्तव्य/स्टार्टिंग स्टेशन हावडा की जगह शालीमार रखेगी। 09205 पोरबंदर से दिनांक 13 जनवरी 2022 एवं 09206 शालीमार से दिनांक 15 जनवरी 2022 से टर्मिनल बदलाव ले लिए कार्यान्वित हो जाएगी।

3: 02905/06 ओखा हावडा के बीच चलनेवाली साप्ताहिक गाड़ी जनवरी 2022 से अपना गन्तव्य/स्टार्टिंग स्टेशन हावडा की जगह शालीमार रखेगी। 02905 ओखा से दिनांक 16 जनवरी 2022 एवं 02906 शालीमार से दिनांक 18 जनवरी 2022 से टर्मिनल बदलाव ले लिए कार्यान्वित हो जाएगी।

4: सप्ताह में चार दिन हावडा से वास्को के बीच चलनेवाली 08047/48 अमरावती विशेष दिनांक 01 जनवरी 2022 से, गाड़ी क्रमांक 08047 शालीमार से वास्को के लिए रवाना होगी और दिनांक 03 जनवरी 2022 से वास्को में समाप्त की जाएगी। उसी तरह दिनांक 04 जनवरी 2022 से 08048 वास्को से चलकर हावडा के बजाए शालीमार तक ही चला करेंगी।

5: 08645/46 ईस्ट कॉस्ट प्रतिदिन विशेष दिनांक 02 जनवरी 2022 से, गाड़ी क्रमांक 08645 हावडा की जगह शालीमार से हैदराबाद के लिए रवाना होगी। उसी तरह दिनांक 04 जनवरी 2022 से 08646 हैदराबाद से चलकर हावडा के बजाए शालीमार तक ही चला करेंगी।

6: 02543/44 कोरोमण्डल प्रतिदिन विशेष दिनांक 14 जनवरी 2022 से, गाड़ी क्रमांक 02543 हावडा की जगह शालीमार से एम जी आर चेन्नई सेंट्रल के लिए रवाना होगी। उसी तरह दिनांक 15 जनवरी 2022 से 02544 एम जी आर चेन्नई सेंट्रल से चलकर हावडा के बजाए शालीमार तक ही चला करेंगी।

7: 02087/88 हावडा पूरी हावडा धौली प्रतिदिन विशेष दिनांक 14 जनवरी 2022 से, गाड़ी क्रमांक 02087 हावडा की जगह शालीमार से पुरी के लिए रवाना होगी। उसी तरह दिनांक 15 जनवरी 2022 से 02088 पुरी से चलकर हावडा के बजाए शालीमार तक ही चला करेंगी।

8: 08410/09 पुरी हावडा पुरी श्री जगन्नाथ प्रतिदिन विशेष दिनांक 14 जनवरी 2022 से, गाड़ी क्रमांक 08410 पुरी से चलकर हावडा के बजाए शालीमार तक ही चला करेंगी और गाड़ी क्रमांक 08409 दिनांक 15 जनवरी 2022 से हावडा की जगह शालीमार से पुरी के लिए रवाना होगी।

द पु रेल की ओरसे जारी परीपत्रक आगे जोड़े जा रहे है।

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विशेष गाड़ियाँ यात्रिओंका पीछा अगले वर्ष जून तक नही छोड़ेंगी

उत्तर पश्चिम रेलवे NWR ने गाड़ियोंके विस्तार सम्बन्धी, कल एक सूची जारी की। इस सूची में उ प रेल क्षेत्र से गुजरने वाली 17 जोड़ी गाड़ियोंकी परिचालन अवधी 30 जून तक बढाए जाने की सूचना है। उक्त परीपत्रक हम साथ दे रहे है।

आज तक हम यह देखते आ रहे थे, फलाँ क्षेत्रीय रेलवे ने अपनी गाड़ियाँ 1 या 2 महीने के लिए बढाई या किसी क्षेत्रीय रेलवे ने इस वर्ष के अंत तक बढाई मगर उ प रेल ने एक साथ ही 30 जून 2022 तक गाड़ियोंको खींच दिया। चलिए अच्छा ही है कि बार बार अवधी के विस्तार घोषणाएं करने की परेशानी नही।

लेकिन इस बात यह बात पक्की हो गयी की यह विशेष और त्यौहार विशेष गाड़ियोंका सरदर्द आम यात्रिओंको और 10 महीने झेलना पड़ सकता है। यह सरदर्द क्या है, हमारे ब्लॉग में कई बार उजागर कर चुके है। त्यौहार विशेष गाड़ियोंके 1.3 % ज्यादा किराए, कम अंतर की यात्रा के लिए भी 500 किलोमीटर की टिकट का किराया देय, सम्पूर्ण आरक्षित आसन व्यवस्था यानी अनारक्षित यात्रिओंको इन गाड़ियोंमे यात्रा की अनुमति नही। कुल मिलाकर यात्रिओंको रेल गाड़ी में यात्रा निर्बन्धोंके साथ ही करनी पड़ेगी और वह भी विशेष किराया श्रेणी के साथ।

अब यह उ प रेल्वेने तो घोषित कर दिया है, बाकी क्षेत्रीय रेल्वे भी महीने, दो – दो महीने कर बढ़ाते बढाते विशेष गाड़ियोंको 30 जून 2022 तक लिए जाने की सम्भावनाए दिख रही है।