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19019/20 बांद्रा देहरादून बांद्रा के मार्ग परिवर्तन पर इतना आक्षेप क्यों?

भारतीय रेल अपने कई वर्षों के इतिहास मे कभी थमी नहीं थी, जिस तरह इस बार संक्रमण काल मे रोकी गई। इस रुकावट का उद्देश्य काफी सोच समझकर किया गया, एक बेहद जबरदस्त एवं सटीक, ठोस निर्णय था, जो 100% कारगर भी रहा। जिस तरह का रेल यात्री यातायात हमारे देश मे रहता है उसमे संक्रमण का फैलाव होने का सीधा सीधा खतरा था। संक्रमण काल के बाद धीरे धीरे गाड़ियां चलाई जाने लगी मगर एक रक्षात्मक रुख अपनाया गया। सभी गाड़ियों को विशेष श्रेणी मे रखा गया ताकी जब चाहे रेल प्रशासन उनके परिचालन मे आवश्यक बदलाव कर सके। इस यात्री गाडियों के रद्दीकरण से रेल्वे के कई महत्वपूर्ण बुनियादी कामों को गति मिली उनमेसे एक काम था शून्याधारित समयसारणी का नियोजन।

इस शून्याधारित समयसारणी का प्रमुख उद्देश्य वर्षों से समयसारणी मे जगह अटकाने वाली, कई धीमी, अनुत्पादक, और तेज गति के परिचालन मे बाधा निर्माण करने वाली गाड़ियों को हटाना था। गाड़ियोके ठहराव को एक मापदंड लगाकर कम करना था, यात्रा के दौरान शंटिंग की जानेवाली लिंक एक्स्प्रेस गाड़िया और स्लिप कोच सेवा बंद कर परिचालन सुधारना था। अब तक समयसारणी मे मालगाड़ियों के लिए और रेल अनुरक्षण के लिए कोई व्यवस्था नहीं थी उन समयों के स्लॉटस इस शून्याधारित समयसारणी मे बनाना था। इन सब मुद्दों मे कई यात्रीओं की चहेती लोकप्रिय एवं उपयोगी गाडियाँ रद्द की जाएगी, ठहराव समाप्त कीये जाएंगे और इसी की मार इस बांद्रा देहरादून बांद्रा गाड़ी को पड़ने वाली है।

दरअसल 19019/20 बांद्रा देहरादून बांद्रा की मंदसौर – कोटा – मेरठ लिंक एक्स्प्रेस मन्दसौर से निकल कर कोटा मे इस गाड़ी को जुड़ती थी और मेरठ मे निकलती थी। यह व्यवस्था सैनिकों मे और यहाँके स्थानिक यात्रीओं मे काफी लोकप्रिय थी। कहने को लिंक एक्स्प्रेस गाड़ियों की यही विशेषता थी की ब्रांच लाइनों को मुख्य मार्ग की गाड़ियों से सीधा जोड़ती थी। रेल्वे को अब यह सुन्दर व्यवस्था उनके तेज गति के परिचालन मे बाधा लग रही है अतः इस मन्दसौर लिंक एक्स्प्रेस को बंद किया गया और यात्रीओं को बांद्रा देहरादून गाड़ी ही पूरी रतलाम से कोटा के बीच मार्ग परिवर्तन कर मन्दसौर होकर चलाए जाने का नियोजन कीया गया।

मन्दसौर, नीमच, चितौड़गढ़ के यात्री तो अत्यंत प्रसन्न हो गए मगर रतलाम से कोटा के बीच जो 18 स्टेशन्स के यात्री उनका क्या? खाचरोद, नागदा, माहिदपुर, विक्रमगढ़ आलोट, सुवासरा, शामगढ़, भवानी मण्डी, रामगंज मण्डी ऐसे कई स्टेशन है जिनको इस गाड़ी का बड़ा सहारा था। रेल प्रशासन ने इनके बारे मे कुछ भी विचार क्यों नहीं किया? अब जब उत्तर रेल्वे अपनी नई समयसारणी के बदलावों की सूचना अखबारों मे प्रकाशित कीए जा रहा है, तो इन 18 स्टेशनों के यात्रीओं के सीने पर सांप लोट रहे है। एक तरफ ऐसी सूचनाए और दूसरी तरफ पश्चिम और पश्चिम मध्य रेल की चुप्पी। आखिर पूछे तो पूछे किसे?

यह सूचना दैनिक भास्कर के दिल्ली संस्करण में दिनांक 25 अगस्त को छपी हुई है।

यह 19019/20 गाड़ी पश्चिम रेल्वे मुख्यालय की है, मार्ग परिवर्तन भी उनके रतलाम मण्डल से ही होने जा रहा है। दूसरा क्षेत्र प म रेल का कोटा मण्डल है। दोनों ही इस विषय पर चुप है। फिलहाल यह गाड़ी 09019/20 बांद्रा हरिद्वार बांद्रा विशेष बनकर पूर्व नियोजित रतलाम नागदा कोटा ऐसे ही जा रही है और मन्दसौर से कोटा के बीच एक अलग से गाड़ी चलाई जा रही है, जो इस विशेष गाड़ी के समय को मिला कर चलती है। लेकिन उत्तर रेल्वे की सूचना के अनुसार नए समयसारणी मे बांद्रा देहरादून या हरिद्वार गाड़ी का मन्दसौर होकर चलना बताया जा रहा है और यही इस क्षेत्र के लिए बड़ा ही चिंता का विषय बना हुवा है।

पश्चिम रेल्वे इस विषय पर कोई अधिकृत सूचना जारी कर दे तो ही यात्रीओं को अपनी स्थिति समझ या सकती है जो फिलहाल न घर के ना घाट के वाली बनी हुई है।

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उत्तर रेल्वे की 9 जोड़ी गाड़ियोंकी लिंक/स्लिप कोच व्यवस्था नए समयसारणी से बंद की जाएगी

उत्तर रेल्वे की नई समयसारणी लगभग तय हो चुकी है और उसके आधार पर परिपत्रक भी निकाले जाने लग गए है। हाल ही मे इस नए समयसारणी की चर्चा मे लिंक एक्सप्रेस / स्लिप कोच रद्द कीए जाने की खबर भी जुड़ी है। खबर कुछ यूँ है, उत्तर रेल्वे ने अपने क्षेत्र मे चलने वाली बहुतांश शंटिंग बंद करने के हेतु से 9 जोड़ी गाड़ियोंकी लिंक / स्लिप कोच व्यवस्था नए समयसारणी जारी होने से रद्द करने की घोषणा कर दी है। आइए सूची क्या है वह समझते है।

1: 14887/88 चंडीगढ़ एक्सप्रेस जो बाड़मेर से कालका के बीच चलती थी और अंबाला कैंट मे शंटिंग होकर 2 हिस्सों मे बट कर एक हिस्सा 24887/88 लिंक एक्स्प्रेस बनकर हरिद्वार जाता था और दूसरा हिस्सा यथावत मुख्य गाड़ी 14887/88 रहकर कालका जाती थी। अब इस गाड़ी की अंबाला कैंट मे कोई शंटिंग नहीं होगी। फिलहाल यह गाड़ी 04887/88 बाड़मेर हृषिकेश के बीच विशेष गाड़ी के तौर पर चल रही है, नए समयसारणी मे भी इसी प्रकार चलाई जाएगी। नए समयसारणी से 14887/88 चंडीगढ़ एक्सप्रेस बाड़मेर से हृषिकेश के बीच चलने वाली गाड़ी रह जाएगी।

2: 13007/08 हावड़ा श्रीगंगानगर हावड़ा उद्यान आभा तूफान एक्स्प्रेस का एक स्लिप कोच 14887/88 चंडीगढ़ एक्स्प्रेस से श्रीगंगानागर से कालका के बीच चलता था। जब चंडीगढ़ एक्स्प्रेस ही कालका नहीं जाएगी तो यह स्लिप कोच की व्यवस्था भी नए समयसारणी से रद्द समझी जाएगी।

3: 12053/54 हरिद्वार अमृतसर हरिद्वार जनशताब्दी के कुछ कोच और 12057/58 नई दिल्ली ऊना हिमाचल नई दिल्ली जनशताब्दी के कुछ कोच अंबाला कैंट स्टेशनपर शंटिंग कर एक 12063/64 ऊना हरिद्वार ऊना जनशताब्दी लिंक एक्स्प्रेस बनाकर चलाई जाती थी। यह सारी शंटिंग बंद की जा रही है। 12053/54 और 12057/87 यह गाड़िया बिना शंटिंग के सीधे चलेगी और 12063/64 का अस्तित्व फिलहाल नहीं रहेगा।

4: 14041/42 दिल्ली जंक्शन से देहरादून के बीच चलनेवाली मसूरी एक्स्प्रेस के 3 स्लिप कोच हरिद्वार मे निकले जाते थे और बाकी गाड़ी आगे देहरादून जाती थी। फिलहाल यह 18 कोच की गाड़ी 04041/42 मसूरी विशेष दिल्ली जंक्शन से देहरादून के बीच सीधे चल रही है जो नए समयसारणी मे 14041/42 इस क्रमांक से इसी प्रकार, हरिद्वार मे बिना किसी शंटिंग के सीधे चला करेंगी।

5: 14265/66 वाराणसी देहरादून वाराणसी एक्स्प्रेस के 8 स्लिप कोच हरिद्वार मे निकले जाते थे जो नए समयसारणी मे 14265/66 इस क्रमांक से हरिद्वार मे बिना किसी शंटिंग किए सीधे देहरादून तक चला करेंगी।

6: 22659/60 कोचुवेली देहरादून कोचुवेली साप्ताहिक एक्स्प्रेस के 8 स्लिप कोच हरिद्वार मे निकले जाते थे जो नए समयसारणी मे हरिद्वार मे बिना किसी शंटिंग किए सीधे देहरादून तक चला करेंगी।

7: 19565/66 ओखा देहरादून ओखा उत्तरांचल साप्ताहिक एक्स्प्रेस के 8 स्लिप कोच हरिद्वार मे निकले जाते थे जो नए समयसारणी मे हरिद्वार मे बिना किसी शंटिंग किए सीधे देहरादून तक चला करेंगी।

8: 12687/88 मदुरै देहरादून मदुरै द्विसाप्ताहिक गाड़ी के 4 कोच सहारनपुर में शंटिंग कर निकाले जाते थे। यहांसे 22687/88 मदुरै – सहारनपुर – चंडीगढ़ लिंक एक्सप्रेस बनकर यह गाड़ी चंडीगढ़ पहुँचती थी। फ़िलहाल यह गाड़ी 02687/88 मदुरै चंडीगढ़ के बीच द्विसाप्ताहिक विशेष बनकर चल रही है। इसी प्रकार से नई समयसारणी में भी मदुरै – चंडीगढ़ द्विसाप्ताहिक एक्सप्रेस बनकर चलती रहेगी। इस गाड़ी का सहारनपुर का शंटिंग और देहरादून का गन्तव्य रद्द हो जाएगा।

Photo courtesy : Indiarailinfo.com

9: 13009/10 हावडा देहरादून हावडा दून एक्स्प्रेस के 8 स्लिप कोच हरिद्वार मे निकले जाते थे। फ़िलहाल यह गाड़ी 03009/10 हावडा से योगनगरी हृषिकेश के बीच विशेष गाड़ी बनकर चल रही है। उसी प्रकार नई समयसारणी में भी हावडा से योगनगरी हृषिकेश के बीच चलाई जाएगी। हरिद्वार में किसी प्रकार की कोई शंटिंग नही होगी।

शून्याधारित समयसारणी में गाड़ियोंका यात्रा के दौरान शंटिंग करना पुर्णतयः रद्द करना यह एक प्रमुख मुद्दा था। इसी तत्व के आधारपर उत्तर रेलवे ने उपरोक्त 9 जोड़ी गाड़ियोंमे बदलाव किया है।

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08236/35 बिलासपुर भोपाल बिलासपुर विशेष जल्द ही शुरू हो रही है।

08236 बिलासपुर भोपाल विशेष दिनांक 17 सितम्बर से बिलासपुर से प्रतिदिन चलना आरम्भ कर देगी वही 08235 भोपाल बिलासपुर विशेष दिनांक 19 सितम्बर से प्रतिदिन चल पड़ेगी। ज्ञात रहे, यह गाड़ी सम्पूर्ण आरक्षित आसन व्यवस्थाओके साथ ही चलाई जा रही है। केवल कन्फर्म टिकट धारक ही इन गाड़ियोंमे यात्रा कर सकते है।

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बुढ़िया लुढ़क जाए तो क्या गम करें, पर वक्त., वक्त अपनी तारीख़ लिखते चला जाता है।

कुछ बातें है, नही बोली जा सकती है। कैसे बोले, किसे बताए और क्या क्या बताए? रतलाम – इन्दौर – महू – सनावद – खण्डवा – आकोट – अकोला इस खंड के गेज कन्वर्शन की जब जब बात निकलती है, ऐसी ही पीड़ा उभरती है।

उपरोक्त खण्ड में गेज कन्वर्शन का काम सिर्फ महू से सनावद और खण्डवा से आकोट का ही रह गया है। उसमें भी खण्डवा से आकोट में वन विभाग का अड़ंगा लग चुका है। वहीं महू – सनावद के बीच का जो गेज कन्वर्शन फण्ड की कमी, मार्ग में बदलाव, भूमि अधिग्रहण आदी प्रश्नोंमें अधर में लटकते दिखाई दे रहा है। पता नही शायद इस लम्बे दिखाई देते अंतराल के चलते ओंकारेश्वर से महू के बीच मीटर गेज का एक फेरा शुरू करवा दिया गया हो?

अब हम फिर से मुद्दे की ओर आते है। हाल ही में महू – सनावद गेज कन्वर्शन के लिए 250 करोड़ रुपए का निधि आबंटित हुवा था, जिसे 85 करोड़ रुपये अतिरिक्त निधि और प्राप्त हुवा। क्षेत्र की जनता आनन्दित हो गयी की निधि की तो कमी नही पड़ेगी, और जो पड़ी भी तो सांसद महोदय और बढ़वाकर ला सकते है। मगर आज इन्दौर सांसद ने रेल मन्त्री से एक पत्र लिखा है, विनंतीपूर्वक कहा है, उपलब्ध निधि से 100 करोड़ का निधि इन्दौर क्षेत्र के टिहि – धार खण्ड के प्रोजेक्ट पर मोड़ दे। अब बताइए, किस तरह महू – सनावद की नैय्या पार लगेगी?

बरसोंसे बड़ी लाइन की, लम्बी दूरी की गाड़ियोंकी राह जोत रही जनता को समझ ही नही आ रहा की क्षेत्र के नेता गण आखिर चाहते क्या है? राजस्थान से दक्षिण की ओर जाने वाली गाड़ियाँ पुराने मीनाक्षी मार्ग से चले या इन्दौर से भुसावल होते हुए मुम्बई, पुणे कम दूरी से, तेज गति से गाड़ियाँ चले, इन्दौर – खण्डवा फिर से रेल सम्पर्क से जुड़ जाए क्या यह हकीकत को धरातल पर उतरने देना ही नही चाहते?

अब तक क्षेत्र की जनता को अपने नेता गण पर पूरा विश्वास था मगर आज के पत्र को देख कर वह असमंजस में है, क्या महू – सनावद बड़ी लाइन होगी या नही और होगी तो कब? पीछे एक सभा मे पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्राताई ने खेद जताकर कहा था , मेरे जीवन मे इस लाइनपर गाड़ी चलती देख पाऊंगी या नही? शायद यही बात क्षेत्र के जनता के भी मन मे घूम कर घर करती जा रही है।

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उत्तर रेलवे NR ने अनारक्षित यात्रिओंके लिए खोले 9 जोड़ी मेल/एक्सप्रेस गाड़ियोंके दरवाजे

उत्तर रेलवे हाल ही में अपने पांचों मण्डल की बहुतांश अनारक्षित डेमू/मेमू गाड़ियोंमें MST धारकोंको रेल यात्रा की अनुमति दे दी थी और अब 8 जोड़ी प्रतिदिन एवं 1 जोड़ी सप्ताह में 5 दिनोंके लिए चलनेवाली मेल / एक्सप्रेस विशेष गाड़ियोंके द्वितीय श्रेणी कोच अनारक्षित यात्रिओंके लिए दिनांक 10 सितम्बर से खोले जा रहे है। इसका अर्थ यह है, की यात्री बिना आरक्षण लिए, काउंटर या यु टी एस से अनारक्षित टिकट खरीद कर अपनी यात्रा तुरन्त प्रारम्भ कर सकता है। आइए समझते है, सूची में कौनसी गाड़ियोंके डिब्बे अनारक्षित किए जा रहे है।

1: 04521/22 अम्बाला कैंट दिल्ली जंक्शन अम्बाला कैंट इन्टरसिटी विशेष इस गाड़ी में फ़िलहाल 1 वातानुकूलित चेयर कार, 10 द्वितीय श्रेणी और 2 एसएलआर कोच है। एक वातानुकूलित चेयर कार के अलावा बचे सारे कोच दिनांक 10 सितम्बर से अनारक्षित रहेंगे।

2: 04681/82 नई दिल्ली जालन्धर कैंट नई दिल्ली विशेष में फ़िलहाल 6 द्वितीय श्रेणी चेयर कार, 2 वातानुकूलित चेयर कार, 10 द्वितीय श्रेणी साधारण, 2 एसएलआर चल रहे है। इनमेसे 2 वातानुकूलित चेयर कार एवं 2 द्वितीय श्रेणी चेयर कार केवल आरक्षित रहेंगे और बचे सारे कोचेस अनारक्षित समझे जाएंगे।

3: 04525/26 अम्बाला कैंट श्रीगंगानगर अम्बाला कैंट इन्टरसिटी विशेष इस गाड़ी में फ़िलहाल 1 वातानुकूलित चेयर कार, 3 द्वितीय श्रेणी चेयर कार, 4 द्वितीय श्रेणी और 2 एसएलआर कोच है। एक वातानुकूलित चेयर कार और 3 द्वितीय श्रेणी चेयर कर के अलावा बचे सारे कोच दिनांक 10 सितम्बर से अनारक्षित रहेंगे।

4: 04711/12 श्रीगंगानगर हरिद्वार श्रीगंगानगर विशेष गाड़ीमे फ़िलहाल 1 वातानुकूलित 3 टियर, 1 वातानुकूलित चेयर कार, 3 द्वितीय श्रेणी चेयर कार, 7 द्वितीय श्रेणी साधारण और 2 एसएलआर चल रहे है। इनमेसे 1 वातानुकूलित 3 टियर, 1 वातानुकूलित चेयर कार, 3 द्वितीय श्रेणी चेयर कार आरक्षित रहेंगे और 7 द्वितीय श्रेणी साधारण और 2 एसएलआर डिब्बे अनारक्षित रहेंगे।

5: 04209/10 लखनऊ प्रयागराज संगम लखनऊ इन्टरसिटी विशेष में मौजूदा हालात में 1 वातानुकूलित चेयर कार, 10 द्वितीय श्रेणी और 2 एसएलआर कोच है। एक वातानुकूलित चेयर कार के अलावा बचे सारे कोच दिनांक 10 सितम्बर से अनारक्षित रहेंगे।

6: 04215/16 लखनऊ प्रयागराज संगम लखनऊ गंगागोमती विशेष में मौजूदा हालात में 1 वातानुकूलित चेयर कार, 11 द्वितीय श्रेणी और 2 एसएलआर कोच है। एक वातानुकूलित चेयर कार के अलावा बचे सारे कोच दिनांक 10 सितम्बर से अनारक्षित रहेंगे।

7: 04231/32 प्रयागराज संगम बस्ती प्रयागराज संगम मानवर संगम (सप्ताह में 5 दिन प्रत्येक गुरुवार एवं रविवार को छोड़कर) विशेष गाड़ी में मौजूदा हालात में 1 वातानुकूलित चेयर कार, 2 स्लिपर, 2 द्वितीय श्रेणी चेयर कार, 5 द्वितीय श्रेणी और 2 एसएलआर कोच है। एक वातानुकूलित चेयर कार, 2 स्लिपर, 2 द्वितीय श्रेणी चेयर कार के अलावा बचे सारे कोच दिनांक 10 सितम्बर से अनारक्षित रहेंगे।

8: 04269/70 वाराणसी लखनऊ वाराणसी इन्टरसिटी इस गाड़ी में फ़िलहाल 1 वातानुकूलित चेयर कार, 7 द्वितीय श्रेणी और 2 एसएलआर कोच है। एक वातानुकूलित चेयर कार के अलावा बचे सारे कोच दिनांक 10 सितम्बर से अनारक्षित रहेंगे।

9: 04087/88 तिलक ब्रिज सिरसा तिलक ब्रिज विशेष गाड़ी में मौजूदा हालात में 2 वातानुकूलित चेयर कार, 9 द्वितीय श्रेणी चेयर कार, 5 द्वितीय श्रेणी और 2 एसएलआर कोच है। दो वातानुकूलित चेयर कार के अलावा बचे सारे कोच दिनांक 10 सितम्बर से अनारक्षित रहेंगे