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“तीर्थयात्रियों को चार धामों के साथ बीजी लिंक से आगे तेज, सुरक्षित और आरामदायक गंतव्य संपर्क मिलनी चाहिए” – श्री पीयूष गोयल

रेल और वाणिज्य एवं उद्योग व उपभोक्ता कार्य और खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री पीयूष गोयल ने चार धाम परियोजनाओं के लिए अंतिम मील संपर्क योजनाओं की समीक्षा की

चार धाम यानी यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ से नई बीजी रेल संपर्क के लिए अंतिम स्थान सर्वेक्षण (एफएलएस) पूरा होने के करीब है

रेल और वाणिज्य एवं उद्योग व उपभोक्ता कार्य और खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री पीयूष गोयल ने चार धाम परियोजनाओं के लिए अंतिम मील कनेक्टिविटी योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा, “तीर्थयात्रियों को चार धामों के साथ बीजी लिंक से आगे तेज, सुरक्षित और आरामदायक गंतव्य संपर्क मिलनी चाहिए।”

मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को नागरिकों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी विकल्पों की एक विस्तृत समीक्षा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि संपूर्ण परियोजना के पूरा होने तक के लिए विस्तृत लागत अनुमानों के साथ सभी अंतिम गंतव्य की संपर्क के विकल्पों की जांच की जानी चाहिए।

मंत्री ने कहा कि पर्यटन की जरूरत को पूरा करने और तीर्थयात्रियों के लिए सुरक्षित और समय पर मंदिर तक पहुंचने को सुविधाजनक बनाने को लेकर परियोजना के लिए एक व्यापक योजना बनाने की आवश्यकता है।

इस बात को रेखांकित किया जा सकता है कि चार धाम यानी यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ से नई बीजी रेल संपर्क के लिए अंतिम स्थान सर्वेक्षण (एफएलएस) पूरा होने के करीब है।

केदारनाथ और बद्रीनाथ रेल संपर्क कर्णप्रयाग स्टेशन से शुरू होगा, जो 125 किलोमीटर लंबी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग नई बीजी रेल लाइन परियोजना का हिस्सा है, जिसका निर्माण काफी तेजी से किया जा रहा है। गंगोत्री और यमुनोत्री रेल कनेक्टिविटी मौजूदा डोईवाला स्टेशन से शुरू होगी। चार धाम बीजी रेल कनेक्टिविटी सर्वेक्षण के अनुसार, नई बीजी रेल लाइन का टर्मिनल स्टेशन बरकोट, उत्तरकाशी, सोनप्रयाग और जोशीमठ में समाप्त हो रहा है, जो कि तीव्र ढलाने वाले भूभाग और बीजी व्यवस्था की ढाल की सीमा के कारण चार धाम मंदिरों से कम हैं।

पर्यटन की जरूरत को पूरा करने और तीर्थयात्रियों के सुरक्षित और समय पर मंदिरों तक पहुंचने को सुविधाजनक बनाने के लिए, नए बीजी रेलवे टर्मिनल स्टेशनों को धामों (मंदिरों) से जोड़ने के लिए पैमाइश इंजीनियरिंग सर्वेक्षण (आरईएस) उपयुक्त प्रणाली की तलाश के उद्देश्य से किया जा रहा है, जो पर्यावरण के अनुकूल, सुरक्षित और साथ ही पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है।

देशभर से बड़ी संख्या में तीर्थयात्री चार धाम में आते हैं और बड़ी संख्या में विदेशी और घरेलू पर्यटक उत्तराखंड राज्य में ट्रेकिंग और दृश्य देखने के लिए आकर्षित होते हैं। मौजूदा सड़क संपर्क कमजोर पहाड़ी ढलानों से होकर गुजरता है और भार, क्षमता, सुरक्षा व गति की गंभीर बाधाओं का सामना करता है। इन चार धामों से रेल संपर्क होने के बाद यात्रा को अधिक सुरक्षित, सस्ती, आरामदायक, पर्यावरण के अनुकूल और सभी मौसमों के अनुकूल बना देगा।

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Pib.Gov.in की प्रेस रिलीज

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मध्य रेल, भुसावल मण्डल के चांदनी स्टेशन की बिल्डिंग ढहने के खबर की हक़ीकत

विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि यह क्षति पुष्पक एक्सप्रेस के 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गुजरने के कारण हुई है। इस संबंध में, यह स्पष्ट किया जाता है कि क्षति किसी तेज गति वाली ट्रेन के गुजरने के कारण नहीं हुई है, क्योंकि घटना दिनांक 26.5.2021 को दोपहर 3.55 बजे हुई थी और घटना के समय कोई भी ट्रेन चांदनी स्टेशन से नहीं गुजर रही थी। साथ ही पुष्पक एक्सप्रेस दिनांक 26.5.2021 को शाम 5.14 बजे स्टेशन से गुजरी थी, यानि घटना के 79 मिनट बाद।

मध्य रेल के मुख्य अभियंता (C E) द्वारा घटना स्थल पर प्रारंभिक जांच से पता चला है कि 1.8 मीटर चौड़ाई का कैंटिलीवर छज्जा जिसमें एक ड्रॉप वॉल है और 5 कैंटिलीवर बीम पर टिकी हुई है। कैंटिलीवर बीम में जंग के कारण छज्जा स्लैब स्टेशन की इमारत की सामने की दीवार से टकराकर नीचे गिर गया जिससे सामने की ओर की ईंट की दीवार को नुकसान पहुंचा है। यह भी बताया जाता है कि अन्य तीन दीवारें और छत बरकरार हैं और स्टेशन भवन सुरक्षित है।

इस घटना में किसी को भी कोई चोट नहीं आई है तथा रेल यातायात में कोई अवरोध उत्पन्न हुआ है और ट्रेनें धीमी गति से स्टेशन से गुजर रही थीं।

मौजूदा लोड बियरिंग भवन ढांचे को अस्थाई सहायता प्रदान की गई है, आज शाम को पहले ही सिग्नल पर यातायात की आवाजाही तुरंत बहाल कर दी गई है।

प्रारंभिक जांच के आधार पर उस समय इस भवन के निर्माण कार्य का सुपरविजन करने वाले वरिष्ठ अनुभाग अभियंता (कार्य) को निलंबित कर दिया गया है।

मध्य रेल के महाप्रबंधक द्वारा मुख्य अभियंता के स्तर पर जांच का आदेश दिया गया है जो घटना के कारणों की जांच करेगा, जिम्मेदारी तय करेगा और व्यवस्था में सुधार के उपाय सुझाएगा.

  • शिवाजी सुतार,
    मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, मध्य रेल्वे.
मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, मध्य रेल का ट्वीट

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जयपुर बीदर जयपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस : एक चर्चा

मित्रों, हाल ही में सोशल मिडियापर जयपुर बीदर जयपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस के घोषित किए जाने की सम्भावना पर चर्चा ज़ोरोंसे चल रही है।

अब राजस्थान की गाड़ियोंकी हालत ऐसी रहती है, की ‘एक अनार और सौ बीमार’ गाड़ी केवल टाइमटेबल कमिटी में प्रस्तावित है, वह भी बीते वर्ष की मगर खींचातानी तो ऐसे हो रही है मानो गाड़ी चल ही पड़ी हो। खैर, हम आपको केवल इसके विभिन्न मार्ग बताए देते है। जब गाड़ी शुरू होगी तब ही पता चलेगा कि निर्णय क्या हुवा है।

वर्ष 2020, IRTTC का प्रस्ताव, इसमें स्पष्ट दिखाई दे रहा है, की तमाम क्षेत्रीय रेलवे ने इसे मंजूरी दे दी है।

अब एक बात और समझ लीजिए कि पास किया गया प्रस्ताव वर्ष 2019-2020 IRTTC का है और इसके बाद ZBTT के बिगुल बजे थे, जिसमे ढेर गाड़ियोंका समय परिवर्तन किया जाना है।

1: प्रस्तवित मार्ग

जयपुर बीदर जयपुर साप्ताहिक

मार्ग एवं स्टापेजेस :
जयपुर, फालना, किशन गढ़, अजमेर, भीलवाड़ा, चितौड़गढ़, नीमच, मन्दसौर, नागदा रतलाम, उज्जैन, संत हिरदाराम, भोपाल, हरदा, टिमरनी, खण्डवा, भुसावल, मनमाड़, कोपरगाँव, बेलापुर, अहमदनगर, दौंड जंक्शन, कुरदुवादी, सोलापुर, कलबुर्गी, बीदर

कुल 2035 किलोमीटर अन्तर

2: शॉर्टेस्ट रूट, सबसे कम अन्तर वाला मार्ग

जयपुर, सवाई माधोपुर, कोटा, रुठियायी, गुना, बीना, भोपाल, इटारसी, नरखेड़, बडनेरा, अकोला, पूर्णा, परभणी, लातूर रोड, बीदर – कुल 1677 किलोमीटर

3: जयपुर, फालना, किशन गढ़, अजमेर, भीलवाड़ा, चितौड़गढ़, नीमच, मन्दसौर, नागदा रतलाम, उज्जैन, संत हिरदाराम, भोपाल, हरदा, टिमरनी, खण्डवा से आगे मार्ग अलग भुसावल बाइपास अकोला, पूर्णा, परभणी, लातूर रोड, बीदर – कुल 1796 किलोमीटर अन्तर

4 : यदि अहमदाबाद, कल्याण, नासिक होकर जावे,

जयपुर, अजमेर, मारवाड़ जंक्शन, अबु रोड, अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत, वसई रोड, कल्याण, नासिक, मनमाड़, औरंगाबाद, परभणी, लातूर रोड, बीदर कुल 1803 किलोमीटर अन्तर

एक वैकल्पिक मार्ग यह भी है,

5: जयपुर, अजमेर, मारवाड़ जंक्शन, अबु रोड, अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत, भुसावल, अकोला पूर्णा, परभणी, लातूर रोड, बीदर इसका कुल 1804 किलोमीटर अन्तर पड़ता है।

अब गौरतलब यह है, रेल यात्री संगठन किस तरह इस गाड़ी की खींचतान करवाते है, और राजनीतिक दबाव बनाकर घी को अपनी थाली में मोड़ लेते है। ☺️😊

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ब्रेकिंग न्यूज : मध्य रेलवे के, भुसावल डिवीजन में खण्डवा के पास चाँदनी स्टेशन की बिल्डिंग ढही

भुसावल मण्डल में, भुसावल खण्डवा मार्ग पर, भुसावल से 77 किलोमीटर मुख्य लाइन पर चाँदनी स्टेशन है। अभी दोपहर में स्टेशन बिल्डिंग अचानक ही भरभराकर ढह जाने की खबर है। जान माल का नुकसान तो नही मगर रेलवे की सिग्नलिंग व्यवस्थापर खासा असर पड़ा है। स्टेशन बिल्डिंग निर्माण निकृष्ट दर्जे का होने की आशंका जताई जाती है।

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दक्षिण रेलवे 12 गाड़ियाँ 15 जून तक रद्द की जा रही है।

“यास” चक्रवात से पूर्व, दक्षिण पूर्व, पूर्व तटीय रेलवे की बहुत सी गाड़ियाँ 28,29 तारीख तक रद्द की गई है। बचे कई क्षेत्रीय रेलवे में संक्रमण, लॉक डाउन के निर्बंध, प्रतिबंध के चलते गाड़ियोंमे यात्री नही मिल रहे। इधर दक्षिण रेलवे ने भी अपनी 12 गाड़ियोंके रद्दीकरण को 15 जून तक बढाने का फैसला लिया है।

02685 चेन्नई सेंट्रल मँगालुरु प्रतिदिन दिनांक 15 जून तक रद्द

02686 मँगालुरु चेन्नई सेंट्रल प्रतिदिन दिनांक 16 जून तक रद्द

06316 कोचुवेली मैसूरु प्रतिदिन दिनांक 15 जून तक रद्द

06315 मैसूरु कोचुवेली प्रतिदिन दिनांक 16 जून तक रद्द

06347 तिरुवनंतपुरम मँगालुरु प्रतिदिन दिनांक 15 जून तक रद्द

06348 मँगालुरु तिरुवनंतपुरम प्रतिदिन दिनांक 16 जून तक रद्द

06791 तिरुनेलवेली पालक्कड़ प्रतिदिन दिनांक 15 जून तक रद्द

06792 पालक्कड तिरुनेलवेली प्रतिदिन दिनांक 16 जून तक रद्द

02671 चेन्नई सेंट्रल मेट्टूपालायम प्रतिदिन दिनांक 15 जून तक रद्द

02672 मेट्टूपालायम चेन्नई सेंट्रल प्रतिदिन दिनांक 16 जून तक रद्द

06191 ताम्बरम नागरकोईल अंत्योदय प्रतिदिन दिनांक 15 जून तक रद्द

06192 नागरकोईल ताम्बरम अंत्योदय प्रतिदिन दिनांक 16 जून तक रद्द