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पश्चिम रेलवे की रतलाम – भीलवाड़ा, इन्दौर – दिल्ली सराय रोहिल्ला, इन्दौर – बीकानेर ऐसी 3 जोड़ी गाड़ियाँ रद्द, इन्दौर जोधपुर का मार्ग बदला

04801/02 जोधपुर इन्दौर जोधपुर गाड़ी, जोधपुर से रतलाम के बीच यथावत चलेगी, रतलाम से इन्दौर अपने बड़नगर, लक्ष्मीबाईनगर मार्ग के बजाय परावर्तित मार्ग नागदा – उज्जैन होकर इन्दौर तक चलाई जाएगी।

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यशवंतपुर मुजफ्फरपुर के बीच चलनेवाली विशेष गाड़ी, अब विस्तारित होकर, यशवंतपुर – समस्तीपुर के बीच चलाई जाएगी

दक्षिण पश्चिम रेलवे का निम्नलिखित परीपत्रक देखिए, 06579/80 यह विशेष गाड़ी यशवंतपुर – मुजफ्फरपुर के बीच चलनी थी। मगर पूर्व रेलवे के मुजफ्फरपुर स्टेशनपर तकनीकी समस्याके चलते यह गाड़ी अब समस्तीपुर तक चलेगी।

06579 यशवंतपुर समस्तीपुर साप्ताहिक विशेष दिनांक 23/4 से 25/6 तक प्रत्येक शुक्रवार को यशवंतपुर से चलेगी और रविवार को समस्तीपुर पोहोचेगी। 06580 समस्तीपुर से दिनांक 26/4 से 28/6 तक प्रत्येक सोमवार को यशवंतपुर के लिए रवाना होगी।

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मुम्बई के उपनगरीय गाड़ियोंमे यात्रा करने के नियम। किस यात्री को अनुमति, समझते है।

A: सभी सरकारी नौकरीपेशा कर्मचारी (केंद्रीय/राज्य/स्थानीय निकाय) और निम्नलिखित सभी यात्रिओंको यात्री टिकट/सीजन पास जारी किए जा सकते है।

1: सभी रेलवे स्टाफ और रेलवे PSU, MRVC, IRCTC इत्यादि जिन्हें रेलवे की स्टाफ़ विशेष गाड़ी में यात्रा करने की अनुमति दी गयी है।

2: मंत्रालय, जिलाधिकारी कार्यकाल के कर्मचारी

3: मुम्बई के सारे महानगर पालिका, नगरपालिका के कर्मचारी इसमें MCGM, MBMC, VVMC, TMC, KDMC, NMMC पालघर नगरपालिका और सारे नगर परिषद के शिक्षक, उनसे सम्बन्धित स्टाफ़ और ठेके पर (कॉन्ट्रैक्ट क्चुअल) जुड़े हुए व्यक्ति

4: महाराष्ट्र पुलिस, जीआरपी एवं मुम्बई पुलिस

5: राज्य परिवाहन MSRTC, बेस्ट कर्मचारी और सभी स्थानीय महानगर, नगरनिगम द्वारा चलित सिटी बस कर्मचारी

6: सभी केंद्रीय/ केंद्रीय PSU के कर्मचारी

7: रक्षा विभाग (डिफेन्स पर्सोनल) इन्कम टैक्स, GST, कस्टम, पोस्ट, मुम्बई पोर्ट ट्रस्ट के कर्मचारी और न्यायपालिका, राजभवन के कर्मचारी

B: सभी मेडिकल पर्सनल, डॉक्टर्स, नर्सेस, पैरामेडिक्स, लैब टेक्नीशियन, हॉस्पिटल क्लिनिक स्टाफ़ उनके संस्था द्वारा जारी किए परिचयपत्र के साथ

1: सभी सरकारी/प्राइवेट निजी अस्पताल के स्टाफ, लैब और फार्मसी के कर्मचारी

C : ऐसा व्यक्ति जिसे इलाज की जरूरत हो या दिव्यांग व्यक्ति और इनके साथ इनकी देखभाल करने वाला एक व्यक्ति

D: बाहरी, लम्बी दूरी की यात्रा करने वाला व्यक्ति, जिसके पास कन्फर्म यात्री टिकट हो, और जिसे अपनी यात्रा शुरू करने या खत्म करने के लिए उपनगरीय रेल से यात्रा करने की जरूरत हो, उसे केवल सिंगल (एकल) यात्रा का टिकट दिया जाएगा

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महाराष्ट्र राज्य की ‘ब्रेक द चेन’ संक्रमणकाल के लिए नए दिशानिर्देश

यह है पूर्ण परीपत्रक और इसका d: पार्ट, पब्लिक पैसेंजर ट्रांसपोर्ट है, उसमे रेल यात्रा के लिए दिशानिर्देश दिए गए है।

D: a – उपनगरीय गाड़ियोंमे निम्नलिखित यात्री ही यात्रा कर पाएंगे

अब उपनगरीय गाड़ियोंमे केवल सरकारी सेवा (केंद्रीय/राज्य/स्थानीय) में रहने वाले लोग ही यात्रा कर पाएंगे, इनके सरकारी ड्यूटी कार्ड, फ़ोटो पहचान पत्र पर ही टिकट/पास जारी किए जाएंगे।

सभी वैद्यकीय सेवा जिनमें डॉक्टर्स, नर्सेस, पैरामेडिक्स, लैब टेक्नीशियन, हॉस्पिटल, मेडिकल क्लिनिक स्टाफ़ जिन्हें उनके सम्बन्धित मेडिकल संस्थान के पहचान पत्र के आधार पर टिकट/पासेस जारी किए जाएंगे।

सभी मरीज जिन्हें वैद्यकीय चिकित्सा आवश्यक हो, दिव्यांग और उनके साथ उन्हें संभालने वाला एक व्यक्ति

B: राज्य परिवाहन/ सिटी बसेस अपनी कुल सिटिंग क्षमताओं से 50% पर चलाई जाएगी और स्टैडिंग यात्री को अनुमति नही दी गयी है।

C: आन्तर शहरीय, जिला में चलाई जानेवाली बसेस एवं लम्बी दूरी की रेलगाड़ियोंके लिए –

1: रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों पर सभी आने/जाने वाले यात्रिओंकी जानकारी निरीक्षण हेतु आपदा प्रबंधन को दी जाएगी।

2: यात्री जहाँ पर भी यात्रा समाप्त कर रेलवे स्टेशनोंसे, बस अडडों से बाहर निकलेगा, सभी यात्री के हाथ पर 14 दिन होम कोरण्टाईन रखे जाने का स्टैम्प लगाया जाएगा। यात्रियोंकी थर्मल जाँच की जाएगी और संक्रमित पाए जाने पर उसे कोविड सेंटर या अस्पताल भेजा जाएगा।

3: स्थानिक आपदा प्रबंधन कमिटी के पास यह तय करने का अधिकार है, आवश्यकता नुसार, सम्बन्धित यात्रिओंकी रैपिड एंटीजेन टेस्ट की जानी चाहिए और टेस्ट का खर्च यात्री से लेना चाहिए।

4: स्थानिक आपदा प्रबंधन कमिटी यात्रिओंके लिए 14 दिन होम कोरण्टाईन के स्टैम्प लगाना या नही यह निर्णय स्थानिक परिस्थितियों को देखते तय कर सकती है।

हमने उपरोक्त परीपत्रक को सादे शब्दोंमें रखने का प्रयत्न किया है, मगर परीपत्रक की भाषा सर्वोपरि है। कृपया कोई भी विशिष्ट संकल्पना समझने के लिए परीपत्रक ध्यान से पढ़े।

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मध्य रेल, पश्चिम रेल उप्र, बिहार के लिए माँगोंके अनुसार, नए नए मार्गसे विशेष गाड़ियाँ चलवा रहा है।

आपने ट्रैफिक जैम यह सड़क मार्ग के लिए बहुत बार सुना होगा, अनुभव भी किया होगा, मगर रेल मार्ग भी गाड़ियोंसे जैम होते है?

जी हाँ। दरअसल बीते वर्ष में मुम्बई, पुणे और गुजरात से उत्तरी भारत के लिए लगातार श्रमिक गाड़ियाँ चली थी। तब वह स्थिति अकस्मात थी, पूर्वनियोजन नही हो पाया था और उसके चलते कई गाड़ियाँ रास्ते मे जैम के चलते 4-4 घंटे खड़ी रखी जा रही थी तो कई गाड़ियाँ जहाँ मार्ग खाली मिलते जा रहा था उस दिशामे निकाली जा रही थी। लेकिन इस बार भले ही 24, 48 घंटे की पूर्वसूचना पर गाड़ियाँ घोषित हो रही है और निकल रही है पर नियोजनबद्ध तरीके से निरीक्षण कर के बराबर चलाई जा रही है।

इन दिनों, बहुत रेल फैन्स को, जानकारोंको एक बात बड़ी अखर रही थी। मध्य रेलवे के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, लोकमान्य तिलक टर्मिनस, पनवेल से गोरखपुर, छपरा, पटना के लिए सीधे भुसावल, इटारसी, जबलपुर का मार्ग छोड़कर वसई रोड, सूरत, रतलाम होकर क्यों चलाई जा रही है? इसका कारण है, भुसावल इटारसी मार्ग पर रोजाना करीबन 100-120 विशेष गाड़ियाँ नियमित रूपसे चल रही है, वहीं सतना – प्रयागराज मार्ग पर भी गाड़ियोंका भारी दबाव चल रहा है। यह देखते हुए पश्चिम रेलवे के प्रीमियम मार्ग सूरत, वडोदरा, रतलाम, उज्जैन, सन्त हिरदाराम नगर, बिना, आग्रा कानपुर, होकर गाड़ियाँ निकाली जा रही है। यही नही कटनी, सतना से मानिकपुर होकर झांसी से कानपुर लखनऊ गोरखपुर को गाड़ियाँ लेकर जा रहे है और यह सब नियोजनबद्ध तरीकेसे कर रेल ट्रैफिक को सुचारू कर चलाया जा रहा है। कोई गाड़ी अनावश्यक रूपसे कहीं पिट नही रही और ना ही कोई मार्ग अवरुद्ध हो रहा है।

यह सारी रेल ट्रैफिक, रेलवे मुख्यालय के परिचालन विभाग से लेकर क्षेत्रीय रेलवे, विभागीय मण्डल के कन्ट्रोल ऑफिसर्स अपने कौशल्यपूर्ण तकनीक से मैनेज कर रहे है। तो मित्रों, यदि कोई गाड़ी आपको किसी नए या अलग मार्ग से चलती दिखाई देती है तो उसमे अचरज़ की कोई बात नही है, वह ट्रैफिक नियोजन की वजह से चल रही है और वैसे भी फिलहाल सारी गाड़ियाँ स्पेशल श्रेणी में चल रही है अतः जितनी भी अतिरिक्त विशेष गाड़ियाँ है, वह जो उपलब्ध मार्ग है, उनपर ही उन गाड़ियोंका शेड्यूल बनाकर चलाई जा रही है।