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राजस्थान की और दो लोकप्रिय गाड़ियाँ चलने को तैयार

02093/02094 पूरी जोधपुर पूरी साप्ताहिक स्पेशल पूरी से 20 जनवरी एवं जोधपुर से 23 जनवरीसे शुरू की जा रही है।

02037/02038 पूरी अजमेर पूरी द्विसाप्ताहिक स्पेशल पूरी से 21 और अजमेर से दिनांक 26 से शुरू होने जा रही है।

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उत्तर पश्चिम रेल्वेकी 4 गाड़ियाँ, जिसमे रणकपुर एक्सप्रेस भी है, शुरू होने जा रही है।

04707/08 बीकानेर दादर बीकानेर रणकपुर स्पेशल प्रतिदिन दिनांक 17/18 जनवरीसे शुरू की जा रही है। खास बात यह है, यह गाड़ी अब बांद्रा टर्मिनस के बजाय दादर – बीकानेर के बीच चलेगी।

04725/26 भिवानी मथुरा भिवानी प्रतिदिन स्पेशल, जी, 54792/54791 भिवानी मथुरा सवारी गाड़ी का एक्सप्रेस में रूपांतरण, दोनों ओरसे दिनांक 18 जनवरीसे शुरू हो रही है।

09741/42 जयपुर बयाना जयपुर प्रतिदिन स्पेशल, जी आप ठीक समझे 59721/59722 सवारी गाड़ी का एक्सप्रेस में रूपांतरण, दोनों ओरसे दिनांक 18 जनवरीसे शुरू हो रही है।

04727/28 श्रीगंगानगर तिलक ब्रिज श्रीगंगानगर प्रतिदिन स्पेशल, यह भी 54767/68 सवारी गाड़ी का ही एक्सप्रेस रूपांतरण है, दिनांक 18/19 से शुरू की जा रही है।

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लीजिए, दानापुर रेल डिवीजन मे द्वितीय श्रेणीके साथ, अब तो सीजन पासधारक भी रेल यात्रा करेंगे।

पूर्व मध्य रेलवे में एक तरफ लगभग सभी इण्टरसिटी और कम दूरी वाली गाड़ियाँ शुरू कर दी गयी है, वहीं वरिष्ठ विभागीय वाणिज्य अधिकारी का MST पास को लेकर ट्वीट भी जारी हुवा है। टवीट में अधिकारी महोदय कहते है मासिक पास धारक, द्वितीय श्रेणी टिकट धारी को रेल यात्रा करने की अनुमति दी जा रही है। और आश्चर्य की बात यह है, उसके लिए उन्होंने जो पत्र जोड़ा है, वह मध्य और पश्चिम रेलवे उपनगरीय सेवाओं के लिए जारी किया रेलवे का परीपत्रक है। यहाँ मध्य/पश्चिम रेलवे के न सिर्फ कम दूरी के यात्री बल्कि उपनगरीय गाड़ियोंके सामान्य यात्री भी रेलवे से यात्रा कर नही पा रहे, परेशान है। आंदोलन, रेल रोको करने की नौबत आ रही है।

रेल प्रशासन अब तो मध्य और पश्चिम रेलवे के लाखों रोजाना रेल यात्रिओंकी परेशानी समझे और उनकी माँगोपर सहानुभूतिपूर्वक निर्णय ले।

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क्या रेल प्रशासन को आंदोलन कराना ही मान्य है?

संक्रमण काल के रेल बन्द के बाद, 12 मई से रेल गाड़ियाँ पटरियों पर दौड़ना शुरू हो गयी और लगातार इनकी संख्या बढ़ती चली जा रही है। लम्बी रेल यात्रा करनेवाले यात्रिओंकी तो हर तरह से सुविधा हो गयी मगर छोटे अन्तरोंमें और प्रतिदिन रेल यात्रा करने वालोंका क्या?

आम तौर पर रेल में लम्बी दूरी की यात्रा करनेवाले यात्री अपनी यात्रा आरक्षण कर के ही किया करते है, अतः उनको विद्यमान “सिर्फ आरक्षित यात्री ही रेल में यात्रा कर पाएंगे” इस रेल प्रशासन के नियम से कोई परेशानी नही है उल्टा उनको प्रतिदिन अप डाउन करनेवालोंकी भीड़ से निजात ही मिली है। परन्तु यह अप डाउन वाले बेचारे जाए कहाँ? किससे लगाए अपने सहायता की गुहार?

इस विषयपर हम बार बार अपने ब्लॉग के जरिए रेल प्रशासन को इन यात्रिओंकी मदत कीये जाने की दुहाई दे चुके है। सारी गाड़ियोंमे आरक्षित टिकट धारक ही यात्रा कर पा रहे है। द्वितीय श्रेणी टिकिटिंग सर्वथा बन्द कर दी गयी है तो मासिक पासधारी यात्री की तो सुनवाई ही नही। रेल यात्रा की अनुमति न होने के कारण यह बेचारे महीनेभर का अग्रिम यात्री किराया दे कर यात्रा करनेवाले लोग सड़क मार्ग से महंगी और असुरक्षित यात्रा करने के लिए मजबूर है। बहुतांश भारत मे यही स्थिति है। कई क्षेत्र में यह लोग संगठित न होने के कारण इनकी मांग जाहिर तक नही हो पा रही है।

आज यह विषय दोबारा यहाँपर लाने का कारण है, दौंड – पुणे खण्डपर सवारी, डेमू, मेमू की बहाली हो इस लिए वहाँकी स्थानिक रेल यात्री संघ का रेल रोको आंदोलन की चेतावनी देना यह है। किसी भी रेल प्रेमी व्यक्तियोंको रेल को असंवैधानिक तरिकोंसे रोका जाए यह कदापि अच्छा नही लगता इससे न सिर्फ उस क्षेत्र के रेल परिचालन बाधित होते है, बल्कि हमारे नैशनल करियर भारतीय रेल की प्रतिमा भी मलिन होती है। लेकिन एक तरफ दक्षिण पश्चिम रेलवे, उत्तर पूर्व रेलवे, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे, पूर्व रेलवे, दक्षिण पूर्व और दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में कम दूरी वाली गाड़ियाँ शुरू कर दी गयी है, द्वितीय श्रेणी टिकट के काउंटर्स खोल, बिक्री शुरू हो गयी है, यहाँतक की प्लेटफार्म टिकट भी 10/- रुपए में मिलना शुरू हो गए है। तब बाकी बचे क्षेत्रीय रेलोंमें यह सारी व्यवस्था शुरू करने में क्या परेशानी है?

माना की सवारी गाड़ियाँ नही चलाई जा रही, उन्हें भी एक्सप्रेस बनाकर चलाया जा रहा है परंतु कुछ तो व्यवस्था है, की कम दूरी वाले यात्री रेल से यात्रा तो कर पा रहे है। स्थानिक सांसद अब इन यात्रिओंकी बात लेकर रेल प्रशासन से बातचीत कर रहे है। रेल प्रशासन आन्दोलकों को रेल रोको नही किया जाए ऐसी अपील कर रहा है। लेकिन हमारा प्रश्न फिर से यही है, प्रशासन यात्रिओंकी मजबूरी क्यों नही समझता, क्या उसे आंदोलन कराना ही मन्जूर है?

उपरोक्त तस्वीरे, अखबार दैनिक लोकमत, पुणे सकाळ indiarailinfo.com से साभार

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खुशखबर! खुशखबर!! मध्य रेल की राजधानी अब रोजाना चलेगी

मध्य रेलवे के राजधानी को प्रतिदिन चलाने के लिए हरी झंडी मिल चुकी है। 01221 मुम्बई से 19 जनवरीसे और 01222 हज़रत निजामुद्दीन से 20 जनवरीसे प्रतिदिन चलेगी।