हाल ही कुछ दिन पहले हमने अपने एक लेख में कोहरे की वजह से रद्द या आंशिक रद्द गाड़ियोंकी लिस्ट दी थी, जिसकी लिंक आज के लेख में डाल रहे है। उक्त लिस्ट में उत्तर रेलवे की गाड़ियाँ शामिल नही थी। उत्तर रेलवे ने अपनी रद्द की जाने वाली गाड़ियोंकी सूची आज जारी की है।
बीते मार्च महिनेसे रेलवे के परिचालन में बारम्बार बाधाएं आ रही है। पहले 2 महीने बन्द, फिर धीरे धीरे करके एक एक गाड़ियाँ शुरू हो रही थी तो रेल रोको का सिलसिला चल निकला और अब दो महीने कुदरत की मार रहेगी, कोहरे वाली। जनवरी आखिर तक रेलवे ने अपनी कई गाड़ियाँ रद्द किए जाने की सूचना दी है। https://wp.me/pajx4R-1uk
यह है उत्तर रेलवे की कोहरे की वजह से परिचालन में बदलाव किए गए ट्रेनोंकी सूची।
मुम्बई महानगर क्षेत्र में दूरदराज से रेल यात्री आते है। उनकी गाड़ियाँ मुम्बई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, लोकमान्य तिलक टर्मिनस, पनवेल, बांद्रा टर्मिनस, मुम्बई सेंट्रल या दादर में समाप्त होती है। इन टर्मिनल्स से उनके रहने के या जहाँ जाना चाहते है उसके लिए उन्हें और यात्रा करनी होती है, जो फिलहाल मुम्बई की लोकल ट्रेन्स में संक्रमणों के पाबंदियोके चलते सम्भव नही है। ऐसे में महाराष्ट्र राज्य प्रशासन की ओरसे मध्य एवं पश्चिम रेलवे की ओर इस तरह के आउट स्टेशन यात्रिओंको अपनी लम्बी दूरी की गाड़ियोंको पकड़ने या उससे उतरने के बाद अपने घरोंतक पोहोंचने के लिए जरूरत हो तो सबर्बन गाड़ियोंमे यात्रा करने की अनुमति दी जानी चाहिए ऐसी दरख़्वास्त की गई है। पत्र का मसौदा आप के लिए प्रस्तुत है।
चूँकि यह राज्य प्रशासन का पत्र मध्य एवं पश्चिम रेलवे के मुख्यालयोंको भेजा गया है तो उसे, उन्होंने आगे, चेयरमैन, रेलवे बोर्ड, नई दिल्ली की अनुमति प्राप्त करने के लिए भेजा है।
इन पत्रचारोंको देखते, यह बात तय है कि बाहरी स्टेशनोंसे मुम्बई में आने वाले और मुम्बई से बाहरी यात्रा को जाने वाले रेल यात्रिओंके लिए मुम्बई की लोकलोंका दरवाजा खुलना एक महज औपचारिकता है, और जल्द ही दिल्ली मुख्यालय से अनुमति पत्र मिल जाएगा।
राज्य शासन ने अपने पत्र में बाहर से मुम्बई पोहोंचने वाले यात्रिओंको अपनी ट्रेन टर्मिनल पर पोहोंचने के बाद 6 घंटोतक अपनी उपनगरीय यात्रा का टिकट खरीद कर यात्रा करते आएगी और उसी प्रकार मुम्बई के विभिन्न टर्मिनलोंपर पोहोंचने के लिए अपनी लम्बी दूर की गाड़ी के छूटने के समय के 6 घंटे पूर्व उपनगरीय यात्रा की जा सकेगी। उपरोक्त यात्रा के टिकट ही उनकी उपनगरीय टिकट खरीदने की वैलिडिटी रहेंगे।
हम राज्य शासन ने बाहरी यात्रिओंके लिए उठाए गए इस निर्णय का स्वागत करते है।
‘गरीबी मे आटा गिला’ भाई, पहले ही गाड़ियाँ चलने की घोषणा ऐसे रुक रुक के हो रही है मानो लॉटरी खोली जा रही हो। “फलाँ गाड़ी चलेगी, फलाँ गाड़ी बदले समय के साथ शुरू होने जा रही है।” ऐसे टाइटल आए दिन अखबारोंमें छपती है। वैसे में ही उत्तरी भागोंमें अलग अलग रेल रोको आन्दोलनोनेरेल गाड़ियोंकी चाल ही बिगाड़ दी है। बेचारे यात्री को टिकट कन्फर्म होने के बावजूद यात्रा करने से पहले रेलवे से पूछना पड़ता है, गाड़ी चलने वाली है या नही और चलेगी तो उसके स्टेशन तक जाएगी या नही।
संक्रमण का डर, फिर रोको रोको की मार अब रेलवे पर प्रकृति का भी प्रहार पड़ने वाला है, वह है कोहरा। दिसम्बर, जनवरी में पूरे उत्तरी भारत मे कोहरे की वजह से गाड़ियाँ देरी से चलती थी या रद्द करनी पड़ती थी। रेल प्रशासन ने बीते वर्षोंसे कुछ गाड़ियोंके परिचालन पहले से रद्द करने का निर्णय लिया है। इससे यात्रिओंको अपने यात्रा का नियोजन करने में आसानी होती है।
हमारे पास गाड़ियोंके कोहरे की वजह से रद्द/ आंशिक रद्द के कुछ परीपत्रक आए है, जिन्हें आपके लिए प्रस्तुत किया है। हालांकि इन क्षेत्रोंकी और भी कुछ गाड़ियोंका रद्दीकरण या आंशिक रद्दीकरण की खबरे आ सकती है। अतः यात्रिओंसे निवेदन है, अपनी रेल यात्रा के नियोजन हेतु रेलवे की हेल्पलाइन या अधिकृत वेबसाइटों का उपयोग जरूर करे।