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क्या सच मे जरूरत है, रेल यात्रा आप करे और किराया दे कोई ओर?

जब जब किसी चीज को हम खरीदने के लिए पैसा खर्च करना चाहते है, और हमारी कुछ लिमिटेशंस हमारे सामने है तब हम अपने आप से एक सवाल करते है, क्या वाकई इसकी जरूरत हमे है?

मित्रों, आप ने कभी न कभी रेल में आरक्षण किया होगा, टिकटपर लिखा एक वाक्य भी आपकी नजर में आया होगा। “भारतीय रेल आपके टिकट के कुल खर्च का 57% ही वसूल रही है।” एक पूर्ण किराया देय टिकट पर भी जब यह वाक्य छप कर आता है, इसका मतलब यह है की हर रेल यात्री जो बिना किसी रियायत लेते हुए टिकट खरीदता है वह भी असल मे 43% रियायती टिकट है। याने आप, हम और सारे रेल यात्रिओंके किराए का लगभग आधा भार रेल प्रशासन वहन कर रहा है। ऐसी हालत में जो लोग बिना टिकट या गलत तरीकों से रियायती टिकट लेकर यात्रा करते है, उन्होंने तो पानी पानी हो जाना चाहिए।

गौर से देखिए दो नम्बर की लाइन, पूर्ण किराया देने के बावजूद “IR recovers only 57% of cost of travel….”

जबसे संक्रमण काल के बाद रुकी हुई यात्री रेलगाड़ियाँ चल पड़ी है, रेल प्रशासन ने दिव्यांग और बीमारी पीड़ितों के अलावा सारे रियायती टिकट पर की किरायोंकी रियायत बन्द कर दी है। यहाँतक की वरिष्ठ नागरिकोंको मिलने वाली 50,40% रियायत भी बन्द हो चुकी है। रेल प्रशासन का इसके पीछे का तर्क यह है, की वरिष्ठ नागरिक जिनकी उम्र 58,60 से उप्पर है वह रेल यात्रा जब तक जरूरी ना हो, न करें, हतोत्साहित हो। सारी कम किरायोंवाली सवारी गाड़ियाँ बन्द कर रखी गयी है, इसके पीछे भी यही कारण है।

अब सवाल यह आता है, 23 मार्च से सवारी गाड़ियाँ बन्द है, 1 जून से सारी किरायोंमे मिलनेवाली रियायतें बन्द है तो क्या जरूरतमन्द रेल यात्री हतोत्साहित हो गए, उन्होंने रियायत नही मिल रही है तो रेल यात्रा करना छोड़ दिया? नही न? जिन जिनको यात्रा करना जरूरी है, भले ही उम्रदराज हो, भले ही किसी ओर बड़े स्टेशन से गाड़ी में चढ़ना पड़े, पूरा किराया जो भी लागू है, उत्सव विशेष का अतिरिक्त किराया देना पड़े रेल यात्रा कर ही रहे है।

तब कोई भी आम रेल यात्री सोचेगा, क्या सच मे इतने अलग अलग श्रेणियोंमे रेल किरायोंमे रियायतें देना जरूरी था या अब है? क्या सच मे रेल प्रशासन को पूर्ण किराया देने के बावजूद किरायोंमे सब्सिडी दी गयी है ऐसा लिखने की नौबत आए? जी नही। रेलवे को चाहिए की जितना किराया है, उतना ले और इस तरह गैर जरूरी, बिना मांगे दी गयी रियायत बिल्कुल ही बन्द कर दे। जब सामने से रेल यात्री अपना पूरा किराया वहन करने को तैयार है, तब इस तरह से रियायती टिकट रेलवे यात्रिओंको देकर उन्हें एक तरह से प्रताड़ित तो नही कर रही है?

हाल के रेल यात्राओं में भले ही किरायोंपर वरिष्ठ नागरिक रियायत नही दी जा रही पर वरिष्ठ नागरिकोंको एक अलग से नीचे की शयिका का कोटा दिया जाता है। यह भी वरिष्ठ नागरिकों का सन्मान ही है। इसी तरह बाकी भी रियायतदारोंको किरायोंमे रियायत न देते हुए अलगसे आरक्षित वर्ग में आसन उपलब्ध कराए जाए तो भी उनके लिए यह विशेष सुविधा होगी। दिव्यांग और बीमारीसे पीड़ित व्यक्ति जो वाकई में बिना किसी आधार के यात्रा नही कर पाते और अल्प आय वाले है उन्हें ही किरायोंमे रियायत दी जानी चाहिए।

जब सारा देश आत्मनिर्भर बनने की राह पर चल पड़ा है, तो रेल यात्री क्यों नही? क्यों सभी रेल यात्रिओंके किरायोंका 43% भार रेल प्रशासन वहन करें? क्या आप को यह सही लगता है, की आप की रेल यात्रा का आधा किरायोंका वहन किसी ओर की जेब से आ रहा है। क्या वाकई ऐसी रेल यात्रा की जानी जरूरी है?

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द म रेल, नान्देड डिवीजन की 3 जोड़ी त्यौहार स्पेशल्स को मिला 1 महीनेका एक्सटेंशन

1: 07614/13 नान्देड पनवेल नान्देड त्यौहार स्पेशल

2: 02765/66 तिरुपति अमरावती तिरुपति त्यौहार स्पेशल, जिसका किराया दर ज्यादा होगा और ARP याने अग्रिम आरक्षण अवधि 10 दिन का रहेगा।

3: 07049/50 हैदराबाद औरंगाबाद हैदराबाद त्यौहार स्पेशल

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द म रेल विभाग की हैदराबाद – जयपुर जैसी 30 त्यौहार विशेष गाड़ियोंकी अवधि मे बढ़ोतरी हो सकती है।

राजस्थान की रेल यात्रा करनेवाले तेलंगाना, आंध्र और महाराष्ट्र के यात्रिओंके लिए राहत भरी खबर है। दक्षिण मध्य रेल ने अपनी 30 त्यौहार विशेष गाड़ियोंकी अवधिमे विस्तार करने हेतु रेल बोर्ड से अनुमति मांगी है। इसके अलावा और भी 48 गाड़ियोंकी सूची जो पहले भी रेलवे बोर्ड को भेजी गई थी उन गाड़ियोंकोभी शुरू करने की द म रेल की योजना है। हमारे पास दोनोंही सूचियां है, जो यहाँपर प्रस्तुत है।

यह 30 गाड़ियोंकी सूची है, जो फिलहाल 30 नवम्बर तक चलने वाली है और इन्ही गाड़ियोंकी अवधिमे विस्तार किए जाने का प्रस्ताव है।

यह उन 48 गाड़ियोंकी सूची है, जिन्हें पहले भी शुरू करने के प्रस्ताव में शामिल किया गया था, लेकिन शुरू नही हो पाई थी। द म रेल फिर से इन्हें शुरू करने के लिए प्रयास कर रही है।

निम्नलिखित 4 जोड़ी त्यौहार विशेष गाड़ियोंको रेल प्रशासन से 1 महीने की बढ़ोतरी मिली है। हालांकि कुछ समयोंमे परिवर्तन हुवा है और किरायोंके दर भी नियमीत किरायोंसे से कुछ ज्यादा लगेंगे।

1: 07255/56 नरसापुर लिंगमपल्ली नरसापुर त्यौहार विशेष गाड़ी

2: 07030/29 सिकन्दराबाद तिरुवनंतपुरम सिकन्दराबाद त्यौहार विशेष

3: 02760/59 हैदराबाद ताम्बाराम हैदराबाद त्योहार विशेष गाड़ी। इस गाड़ी में अलग किराया सूची लागू रहेगी साथ ही अग्रिम आरक्षण अवधि 10 दिन पूर्व रहेगी।

4: 02733/34 तिरुपति लिंगमपल्ली तिरुपति विशेष

5: 07201/02 गुंटूर सिकन्दराबाद गुन्टूर त्यौहार विशेष

उपरोक्त 5 जोड़ी याने दस गाड़ियाँ फिरसे शुरू होने की वजह से और बची गाड़ियांभी शुरू होने की आशा बढ़ गयी है।

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हावडा मुम्बई हावडा मेल वाया गया 1 दिसम्बर से बदली समयसारणी के साथ शुरू हो रही है।

02321/22 हावडा मुम्बई हावडा मेल वाया इलाहाबाद इस नाम से प्रचलित यह मेल अब प्रयागराज याने पुराने नाम इलाहाबाद की जगह प्रयागराज छिंवकी और गया होकर हावडा को जाती है।

मध्य रेलवे के इलाके से गया जानेवाले हिन्दू तीर्थयात्री और पारसनाथ जानेवाले जैन तीर्थयात्रियों में यह गाड़ी लोकप्रिय है। हालाँकि इस मेल को इलाहाबाद मेल के नाम से जाना जाता था, बाईपास ट्रैक बनने के बाद इसका इलाहाबाद (प्रयागराज) जाना छूट गया और गाड़ी बाईपास ट्रैक पर बने नए स्टेशन प्रयागराज छिंवकी से निकल जाती है। खैर, ज़ीरो बेस टाइमटेबल के तहत इस गाड़ी की समयसारणी बदली है और पहली दिसम्बर से बदले समयपर चलाई जाने वाली है। संक्रमण की आशंका चलते सभी गाड़ियोंके जैसे यह गाड़ी भी सम्पूर्ण आरक्षण आसन व्यवस्थाओंके के साथ चलेगी। आइए देखते है नए टाइमिंग्ज।

आश्चर्य की बात यह है 02322 मुम्बई हावडा मेल प्रयागराज छिंवकी में भी नही रुकेगी!😢

1 दिसम्बर से 02321/22 मेल के साथ 3 जोड़ी गाड़ियाँ पूर्व रेलवे और शुरू कर रही है। उन गाड़ियोंकी संक्षिप्त समयसारणी साथ मे दे रहे है। इन सभी गाड़ियोंके आरक्षण दिनांक 26/12/2020 से आईआरसीटीसी की वेबसाइट और सभी आरक्षण केन्द्रोंपर उपलब्ध हो जाएंगे।