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भुबनेश्वर नई दिल्ली भुबनेश्वर के बीच चलनेवाली तीनों राजधानियां चलेगी।

02855/02856 भुबनेश्वर नई दिल्ली भुबनेश्वर साप्ताहिक राजधानी स्पेशल वाया राउरकेला दिनांक 5/6 दिसम्बर से शुरू हो रही है। यह गाड़ी अपने नियमित गाड़ी क्रमांक 20817/18 के समयसारणी से  चलेगी।

02823/02824 भुबनेश्वर नई दिल्ली भुबनेश्वर सप्ताह में चार दिन चलनेवाली राजधानी स्पेशल वाया टाटानगर दिनांक 1/2 दिसम्बर से शुरू हो रही है। यह गाड़ी अपने नियमित गाड़ी क्रमांक 22823/24 के समयसारणी से  चलेगी।

02825/02826 भुबनेश्वर नई दिल्ली भुबनेश्वर द्वीसाप्ताहिक राजधानी स्पेशल वाया आद्रा, दिनांक 2/4 दिसम्बर से शुरू हो रही है। यह गाड़ी अपने नियमित गाड़ी क्रमांक 22811/12 के समयसारणी से चलेगी।

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इन्दौर पुणे इन्दौर त्र्यसाप्ताहिक स्पेशल शुरू हो रही है।

02944/43 इन्दौर पुणे इन्दौर विशेष गाड़ी दिनांक 5 / 6 नवम्बर से आगे सूचनां प्राप्त होने तक चलती रहेगी। यह गाडी, नियमित इन्दौर पुणे इन्दौर 22944/22943 एक्सप्रेस के स्टापेजेस और समयसारणी के अनुसार चलाई जाएगी। यह गाड़ी पुर्णतयः आरक्षित आसन व्यवस्थाओंको के साथ चलनेवाली है। कृपया निम्नलिखित परीपत्रक देखे।

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महू – सनावद, खण्डवा – अकोला आमान परिवर्तन जरूर पूरा होगा।

मित्रों, यह कोई खबर या आश्वासन किसी नेता या अफसर का नही है, यह हमारी अटूट आशा है, विश्वास है, की एक न एक दिन रतलाम से लेकर काचेगुड़ा तक सीधी बड़ी लाइन की गाड़ी जरूर चलेगी।

हाल ही में सड़क परिवहन एवं राजमांर्ग विभाग के केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, NHAI की बिल्डिंग का ऑनलाइन आभासी (वर्चुअल) उद्धाटन कर रहे थे और उस बीच उन्होंने एक भाषण दिया। आम तौर पर ऐसे भाषण वाहवाही और अपनी पीठ थपथपाने वाले होते है, लेकिन यह भाषण बिल्कुल ही अलग अंदाज वाला था। केंद्रीय मंत्री ने बजाय वाहवाही के, इस कार्य मे सम्बन्धित लोगोंको, इस कार्य में हुई देरी के लिए खेद और शर्मिंदगी जाहिर की और इस प्रोजेक्ट के निर्णायक सारे अधिकारियों की तस्वीरें एक बार तो भी इस बिल्डिंग में लगाई जाए ऐसी व्यंगात्मक बात की। पहले आप इस वीडियो की झलक देख लीजिए, फिर आगे की बात करते है।

Video courtesy : Economic Times

मित्रों, एक ही शासन है। यह है सड़क परिवहन मंत्री जो अपने काम मे हुई देरी के लिए शर्मिंदगी प्रकट कर रहे है और उसी शासन, प्रशासन के रेल विभाग जो बरसों पहले घोषित, महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पर एक शब्द नही बोल रहे?

रतलाम – अकोला यह गेज कन्वर्शन भी 2008 में घोषित किया गया 472 किलोमीटर का प्रोजेक्ट है। जिसमे से रतलाम – महू, सनावद – मथेला और आकोट – अकोला केवल इतना गेज कन्वर्शन पूरा हुवा है और महू से सनावद और खण्डवा से आकोट खण्ड का काम बाकी है। सनावद खण्डवा भी पूरी तरह से जुड़ा नही है। 12 वर्ष हो गए है और देश का एक महत्वपूर्ण रेल लिंक बन्द पड़ा है। उत्तर भारत के राजस्थान को दक्षिण भारत के आंध्रप्रदेश को मध्यप्रदेश होते हुए जोड़नेवाला यह बेहद महत्वपूर्ण मार्ग टुकड़ों टुकड़ों में चल रहा है। कई खण्ड ऐसे है की जिनको बरसों हो गए, रेल विदाई होने के बाद रेल देखने के लिए। जिन रेलवे स्टेशनोंके भरोसे आबाद होने का सपना लिए लोग बैठे थे, उनकी आँखे पथरा गयी इंतजार करते करते। बड़े बड़े दिग्गज राजनेता तक को भरोसा नही रहा कि यह प्रोजेक्ट उनकी जीवितामे पूरा भी होगा या नही।

देरसवेर, जब भी यह प्रोजेक्ट पूरा होगा, और गड़करीजी का पैटर्न यदि माना जाए तो हमें आश्चर्य नही होगा की इस प्रोजेक्ट पर काम करने वाले अफसरों और मंत्रियोंकी तसवीरोंसे एखाद संग्रहालय भर जाए या प्रोजेक्ट हिस्ट्री का एक मोटासा ग्रंथ ही बन जाए। प्रोजेक्ट पूरा होने का विश्वास तो हम सबमे है, बस कब और कैसे ऐसे अनसुलझे सवाल मन मे है।

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खुशखबर, जय महाराष्ट्र मुम्बई की उपनगरीय गाड़ियाँ आम यात्रिओंके खुली हो रही है।

महाराष्ट्र राज्य प्रशासन ने मुम्बई की उपनगरीय गाड़ियाँ आम यात्रिओंके लिए, कुछ नियमों और समय सीमा के साथ खोलने के लिए, रेल्वे के नाम एक पत्र जारी कर दिया है। बस, इंतज़ार है रेलवे की कार्यवाही का।

यह समय सीमा इस प्रकार है,

आम यात्री के लिए सुबह की पहली लोकल से सुबह के 7:30, दोपहर 11:00 से लेकर 16:30 तक और शाम 20:00 से लेकर रात की आखरी लोकल तक उपर्युक्त टिकट या पास पर यात्रा की जा सकती है।

बाकी समय मे जो निम्नलिखित पत्रक में दिए गए है, QR कोड्स के साथ अनुमतिपत्र धारक यात्री ही यात्रा कर पाएंगे।

महिलाओंके लिए हर एक घंटे से लोकल्स छोड़ी जाएगी।