Stories/ News Alerts

Uncategorised

अहमदाबाद प्रेरणा, नागपुर जयपुर और नंदीग्राम एक्सप्रेस अब ज्यादा सुरक्षित, आरामदायक LHB होने जा रही है।

10 एप्रिल 2026, शुक्रवार, वैशाख, कृष्ण पक्ष, अष्टमी, विक्रम संवत 2083

मध्य रेल की 3 जोड़ी गाड़ियाँ LHB होने जा रही है। LHB कोच आधुनिक, आरामदायक और ज्यादा सुरक्षित होते है। साथ ही 10 प्रतिशत ज्यादा यात्री क्षमता और तेज गति से चलने के लिए तैयार रहती है।

1) 22137/38 नागपुर अहमदाबाद नागपुर प्रेरणा त्रिसाप्ताहिक एक्सप्रेस

दिनांक 17 जून 2026 से नागपुर से एवं 18 जून 2026 से अहमदाबाद से LHB रैक से संचालित होंगी। नई कोच संरचना में 02 वातानुकूल टू टियर, 07 वातानुकूल थ्री टियर, 06 स्लिपर, 04 द्वितीय साधारण, 01 जनरेटर कार, 01 एसएलआर कुल 21 LHB कोच

2) 22175/76 नागपुर जयपुर नागपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस

दिनांक 18 जून 2026 से नागपुर से एवं 19 जून 2026 से जयपुर से LHB रैक से संचालित होंगी। नई कोच संरचना में 02 वातानुकूल टू टियर, 07 वातानुकूल थ्री टियर, 06 स्लिपर, 04 द्वितीय साधारण, 01 जनरेटर कार, 01 एसएलआर कुल 21 LHB कोच

3) 11001/02 छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस मुम्बई बल्हारशाह छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस मुम्बई नन्दीग्राम प्रतिदिन एक्सप्रेस

दिनांक 15 जून 2026 से मुम्बई से एवं 17 जून 2026 से बल्हारशाह से LHB रैक से संचालित होंगी। नई कोच संरचना में 01 वातानुकूल प्रथम, 01 वातानुकूल टू टियर, 03 वातानुकूल थ्री टियर, 05 स्लिपर, 04 द्वितीय साधारण, 01 जनरेटर कार, 01 एसएलआर कुल 16 LHB कोच

Uncategorised

मध्य रेल की 6 गाड़ियों के टर्मिनल में और मुम्बई की ‘नाडु’ और अम्बा एक्सप्रेस की समयसारणी में भी होगा बदलाव

10 एप्रिल 2026, शुक्रवार, वैशाख, कृष्ण पक्ष, अष्टमी, विक्रम संवत 2083

मध्य रेल अपनी उपनगरीय गाड़ियोंकी संख्या बढाकर स्थानीय यात्रिओंकी सेवाओंमें वृद्धि करना चाहती है और इसीलिए अपनी चार जोड़ी गाड़ियोंके टर्मिनल स्टेशन को बदलने जा रही है। इसके साथ ही दो गाड़ियोंके समयसारणी में बदलाव भी कर रही है।

A) 16331/32 छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस मुम्बई तिरुवनंतपुरम सेंट्रल छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस मुम्बई साप्ताहिक एक्सप्रेस, 16351/52 छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस मुम्बई नागरकोइल छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस मुम्बई द्विसाप्ताहिक एक्सप्रेस, 16339/40 छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस मुम्बई नागरकोइल छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस मुम्बई सप्ताह में चार दिवसीय एक्सप्रेस इन तीन जोड़ी गाड़ियोंको लोकमान्य तिलक टर्मिनस से परिचालित करने का निर्णय लिया है।

B) 22629/30 दादर तिरुनेलवेली दादर साप्ताहिक एक्सप्रेस को दादर की जगह लोकमान्य तिलक टर्मिनस से परिचालित किया जाएगा।

इस निर्णय से उपरोक्त गाड़ियाँ दादर स्टेशन स्किप करेंगी। साथ ही समयसारणी भी तदनुसार बदलेगी।यात्रीगण कृपया निम्नलिखित परिपत्र देखें,

समयसारणी में बदलाव :

12111  छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस मुम्बई अमरावती प्रतिदिन सुपरफास्ट की समयसारणी में बदलाव किया जा रहा है।

12289/90 छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस मुम्बई नागपुर छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस मुम्बई प्रतिदिन दुरन्तो सुपरफास्ट की समयसारणी में बदलाव किया जा रहा है।

मित्रों, उक्त सारे बदलाव अग्रिम आरक्षण अवधि (ARP) के अनुसार अर्थात कमसे कम 60 दिनों बाद लागू किए जाएंगे। कुल मिलाकर हम यह समझ सकते है, की यह समयसारणी या टर्मिनल स्टेशन के बदलाव मार्च 2026 के अंतिम सप्ताह से लागू हो पाएंगे। उपरोक्त परिपत्र में केवल सम्मती प्राप्त है यह लिखा गया है, तिथियोंकी घोषणा नही की गई है, अतः निश्चित तिथियों के लिए थोडा समय लग सकता है।

Uncategorised

भारतीय रेल बजट 2026 – 27 : पिंक बुक

03 अप्रैल 2026, शुक्रवार, वैशाख, कृष्ण पक्ष, प्रतिपदा, विक्रम संवत 2083

मध्य रेल

पूर्व रेल

उत्तर रेलवे

पूर्वोत्तर रेलवे

पूर्वोत्तर सीमान्त रेलवे

दक्षिण रेलवे

दक्षिण मध्य रेलवे

दक्षिण पूर्व रेलवे

पश्चिम रेलवे

पूर्व मध्य रेलवे

पूर्व तटिय रेलवे

उत्तर मध्य रेलवे

उत्तर पश्चिम रेलवे

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे

दक्षिण पश्चिम रेलवे

पश्चिम मध्य रेलवे

मेट्रो रेलवे

चित्तरंजन लोकोमोटिव वर्क्स

बनारस लोकोमोटिव वर्क्स

इंटीग्रल कोच फैक्ट्री

रेल व्हील फैक्ट्री

पटियाला लोकोमोटिव वर्क्स

रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला

मॉडर्न कोच फैक्ट्री रायबरेली

रेल व्हील प्लान्ट बेला

रेल इलेक्ट्रिफिकेशन

रेल अनुसंधान केन्द्र

मेट्रोपोलिटन ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट चेन्नई

रेलवे बोर्ड

Uncategorised

शेगाँव, वर्धा, उरुली में गाड़ियोंको मिले स्टॉपेज

02 अप्रैल 2026, गुरुवार, चैत्र, शुक्ल पक्ष, पूर्णिमा, विक्रम संवत 2083

रेल प्रशासन ने नागपुर दुरन्तो, कर्णाटक सम्पर्क क्रांति एक्सप्रेस और अन्य दो एक्सप्रेस गाड़ियोंको नए स्टोपेजेस देने का निर्णय लिया है।

12289/90 छत्रपति शिवाजी महाराज मुम्बई नागपुर छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस मुम्बई दुरन्तो एक्सप्रेस अब वर्धा स्टोपेज लेगी। इसके साथ ही 12629/30 और 22685/86 यशवंतपुर हज़रत निजामुद्दीन, चंडीगढ़ यशवंतपुर सम्पर्क क्रान्ति एक्सप्रेस एवं 12135/36 पुणे नागपुर पुणे अब उरुली स्टेशन पर रुकेगी। 22109/10 लोकमान्य तिलक टर्मिनस बल्हारशाह लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस शेगाँव रूकेंगी।

निम्नलिखित परिपत्र देखिए,

क्या इससे ऐसी धारणा नही बनती की भारतीय रेल ने कन्सेप्चुअल ट्रेन्स अर्थात संहितायुक्त रेल गाड़ियाँ चलाना छोड़ दिया है या रेल प्रशासन के नियोजन से अब यह व्यवस्था बाहर हो गई है?

दुरन्तो एक्सप्रेस की संहिता थी, राज्य के महत्वपूर्ण शहर या राजधानी को किसी तीव्र गति, बिना रुके, कम समय मे पहुँचना।

सम्पर्क क्रान्ति गाड़ियाँ भी लगभग इसी संहिता में शुरू की गई थी। इनका उद्देश्य राज्य की राजधानी से देश की राजधानी से सम्पर्क कराना। यह गाड़ियाँ जिस राज्य के नाम से निकलती केवल उसी राज्य के सभी महत्वपूर्ण स्टेशनोंपर रुकती थी, अन्य राज्य के किसी भी महत्वपूर्ण स्टेशनों, जंक्शनपर इन्हें स्टोपेज नही दिया गया था।

मगर यात्रिओंकी पुरजोर माँग या राजनियकों की इच्छा अनुसार इन गाड़ियोंके स्टोपेजेस बिना किसी संहिता के बढ़ते चले गए। केवल वातानुकूल थ्री टियर वाली हमसफ़र गाड़ियोंमें अब स्लिपर, वातानुकूल टू टियर कोच लगने लगे है। महामना एक्सप्रेस गाड़ियोंमे अलग किराया श्रेणी के अलावा कुछ भी अलग नही होता। गतिमान की गति दिनोंदिन घटाई ही जा रही है।

इन विशिष्ट गाड़ियोंकी कोच संरचना, उनकी यूनिक लाइवरी, साजसज्जा के प्रति भी रेल प्रशासन गम्भीर नही है। अब डेक्कन क्वीन की बात ही लीजिए, बड़े चाव से NID नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन, अहमदाबाद को साथ रख कर बनवाई थी मगर आए दिन को अलग ही डिजाइन के कोच जोड़ कर चलती नजर आती है। दुरन्तो गाड़ियोंकी डिजाइन तत्कालीन रेल मंत्री ममता बैनर्जी की प्रेरणा से बनी थी, मगर अब दुरन्तो सर्वसाधारण LHB कोच के लाल डिब्बों से चलती है। राजधानी, शताब्दी, गरीबरथ ऐसी कई गाड़ियाँ है, जिनकी कोई विशेषताओं को रेल विभाग ने बिल्कुल सम्भाला सहेजा नही है।

दिक्कतें नही है, किसी कोच से, कोई रंगों से, किसी कन्सेप्ट के साथ चले भारतीय रेल, किसी को कोई फर्क नही पड़ता। न यात्री को न ही रेल प्रशासन को क्योंकि रेल विभाग ने अपनी गाड़ियोंके विशेषताओं की गरिमा को कहीं खो दिया है। बस सिर्फ नामों तक ही सीमित रह गई सारी विशेषताएं।