3 जनवरी 2024, बुधवार, पौष, कृष्ण पक्ष, सप्तमी, विक्रम संवत 2080
कहा जा रहा है, देश भर के सभी महत्वपूर्ण स्टेशनोंसे अयोध्याधाम के लिए विशेष गाड़ियाँ चलनेवाली है। यह विशेष गाड़ियोंका सिलसिला जनवरी से मार्च तक चलेगा। इस कड़ी में सबसे पहले पूर्वतटीय रेलवे ECoR की ओर से दो गाड़ियोंका प्रस्ताव रेल मुख्यालय को भेजा गया है।
02803/04 विशाखापट्टनम गोरखपुर विशाखापट्टनम द्विसाप्ताहिक विशेष
पुरी दर्शननगर पुरी द्विसाप्ताहिक विशेष
चूँकि यह प्रस्ताव है अतः गाड़ियोंके परिचालन एवं आरक्षण प्रारम्भ होने की तिथियां अभी निश्चित की जानी है। श्री राम जी के दर्शन हेतु अयोध्याधाम जाने की अधीरता सभी यात्रिओंमें है, हम में भी है! प्रतीक्षा है, और भी गाड़ियाँ घोषित होने की और उनके बुकिंग्ज खुलने की तिथियोंकी। जल्द ही इस विषय की विस्तृत जानकारी लेकर मिलेंगे, तब तक राम राम! ☺️
3 जनवरी 2024, बुधवार, पौष, कृष्ण पक्ष, सप्तमी, विक्रम संवत 2080
रेल मुख्यालय ने 22940/39 बिलासपुर हापा बिलासपुर साप्ताहिक सुपरफास्ट एक्सप्रेस का विस्तार हापा से आगे ओखा तक करने का निर्णय लिया है। हापा से आगे यह गाड़ी जामनगर, खम्भालीया और द्वारका स्टेशनोंपर ठहराव लेंगी।
सौजन्य : indiarailinfo.com
गाड़ी के बिलासपुर से हापा के बीच समयसारणी और परिचालन दिनोंमें कोई बदलाव नही किया गया है। केवल हापा स्टेशन पर आगमन / प्रस्थान समय आने के वजह से गंतव्य स्टेशन पर जो बफर मार्जिन समय दिया रहता है, उसे घटाकर कम किया गया है।
इस विस्तार से क्षेत्र को ओखा, द्वारका धाम की यात्रा करने हेतु 22905/06 शालीमार ओखा शालीमार साप्ताहिक सुपरफास्ट के अलावा एक ओर गाड़ी उपलब्ध हो गई है।
रेल मुख्यालय ने सम्बंधित रेल मण्डलोंको इस विस्तार को जल्द से जल्द लागू करने के निर्देश दिए है।
2 जनवरी 2024, मंगलवार, पौष, कृष्ण पक्ष, षष्टी, विक्रम संवत 2080
19009 बान्द्रा टर्मिनस बाड़मेर साप्ताहिक हमसफ़र एक्सप्रेस दिनांक 05 जनवरी 2024 से प्रत्येक शुक्रवार को रवाना होगी वापसी में 19010 बाड़मेर बान्द्रा टर्मिनस हमसफ़र एक्सप्रेस दिनांक 06 जनवरी 2024 से प्रत्येक शनिवार को रवाना की जायेगी।
गाड़ी की कोच संरचना : वातानुकूलित थ्री टियर – 12, शयनयान स्लिपर – 08, एसएलआर/जनरेटर वैन 02 कुल 22 कोच
यात्रीगण से निवेदन है, समयसारणी में अंकित, PTT पब्लिक टाइमटेबल का उपयोग कीजिए। अन्य WTT के समय वर्किंग टाइमटेबल अर्थात रेल परिचालन विभाग के लिए दिए गए है।
1 जनवरी 2024, सोमवार, पौष, कृष्ण पक्ष, पंचमी, विक्रम संवत 2080
पश्चिम मध्य रेलवे, भोपाल मंडल के भोपाल – निशातपुरा खंड में तीसरी लाइन के लिए निशातपुरा यार्ड में प्रस्तावित ब्लॉक के कारण रतलाम मंडल से होकर जाने वाली गाड़ियाँ प्रभावित होगी।
38 गाड़ियोंके फेरे 9 से 17 जनवरी तक रद्द किए जा रहे है। यात्रीगण, कृपया निम्नलिखित परिपत्रक देखे,
निम्नलिखित गाड़ियाँ परावर्तित मार्ग से चलाई जाएंगी।
परिपत्रक में प्रभावित होनेवाली गाड़ियोंकी प्रारम्भिक स्टेशन से चलने की तिथि दी गयी है। यात्रीगण से निवेदन है, उक्त मार्ग से गुजरने वाली रेल से यात्रा का नियोजन रेलवे हेल्पलाइन 139, रेल विभाग की अधिकृत वेबसाइट, ऍप से जानकारी लेकर ही करें।
31 दिसम्बर 2023, रविवार, पौष, कृष्ण पक्ष, चतुर्थी, विक्रम संवत 2080
30 दिसम्बर 2023 से भारतीय रेलवे के लम्बे-चौडे यात्री गाड़ियोंके बेड़े में ‘अमृतभारत’ एक्सप्रेस का प्रवेश हुवा। यूँ तो यह भारतिय रेल की वन्देभारत नामक प्रीमियम गाड़ी के लगभग साथ, संगत और संकल्पनाओं की ही, शुरू की गई गाड़ी है। फर्क है, इनमें उपलब्ध सुख-सुविधाओं और श्रेणियोंका। वन्देभारत प्रीमियम दर्जे की सम्पूर्ण वातानुकूलित, खानपान सुविधाओं से युक्त गाड़ी है और ‘अमृतभारत एक्सप्रेस’ एक सर्वसाधारण जनसाधारण, अंत्योदय वर्ग की मगर शयनयान युक्त, नियमित मेल/एक्सप्रेस की तरह ग़ैरवातानुकूलित गाड़ी है। जिसमें सर्वसाधारण यात्री अपनी रेल यात्रा करने की सोच सकता है। वैसे वन्देभारत में अमृतभारत में समानता केवल दोनों सिरे पर लगे लोको या ट्रेनसेट होने की ही है और इससे ज्यादा कुछ नही।
आजकल ‘रेल इंफ्लुएंसर’ रेल गाड़ियोंकी प्रसिद्धि करनेवाले, यात्रिओंको प्रभावित कर उनका मतपरिवर्तन करने में स्वतः को सक्षम (?) समझने वाले लोग सोशल मिडिया में तैयार ही रहते है। फटाफट वन्देभारत और अमृतभारत एक्सप्रेस की तुलना करने में लग गए है। केवल ट्रेनसेट यही एक मानदण्ड समझना है, तो EMU या वातानुकूलित EMU उपनगरीय गाड़ियाँ या अभी अभी संक्रमण काल के बाद जिसका अविष्कार भारतीय रेल में लाया गया और सर्वसाधारण वर्ग के किफायती किराए वाली सवारी गाड़ियोंको हटाकर मेल/एक्सप्रेस के किरायोंमे थोपा गया, वह मेमू, डेमू गाड़ियाँ भी तो ट्रेनसेट ही है। 😊
वन्देभारत और अमृतभारत में तुलना करनेवालोंको बता दे, सबसे पहले, यात्रीगण, जो लंबी दूरी की रेल यात्रा करने के इच्छुक होते हैं, जिन्हें समय की ज्यादातर परवाह नहीं है, वे बस कम से कम ट्रेन में अपने पैर धरने के लिए पर्याप्त जगह चाहते हैं। वे बस, ट्रेन की दिशा का पता लगाते हैं और उसमें चढ़ जाते हैं। ये सभी द्वितीय श्रेणी, जनरल, साधारण श्रेणी के यात्री हैं। वे ट्रेन के नाम, उसके दर्जे और उसमें मिलने वाली सुविधाओंके, जो भारतीय रेलवे बताती है, दीनदयालु कोच में वाटर फ़िल्टर, अमृतभारत एक्सप्रेस में लगी डेस्क या कुशण्ड सीट्स के बारे में नहीं सोचते। वैसे जानकारी के लिए बता दें, आजकल शायद ही किसी दीनदयालु कोच में वाटर फिल्टर काम कर रहे होंगे और जै चलते भी होंगे, तो वहाँ तक कोच में भरी बेतहाशा भीड़ के चलते, बेचारा यात्री पहुंच ही नहीं पाता होगा।
वन्देभारत यात्रियों के लिए यह सब मामला अलग हो जाता है। वे संभ्रांत वर्ग के लोग हैं, जो अपनी सुख-सुविधा पर खर्च कर सकते हैं और यह भी अच्छी तरह से जानते हैं की अपने व्यवसाय, नौकरी या अन्य किसी चीज के लिए खर्च की गई राशि को कैसे पुनः प्राप्त किया जाए। अतः उनके लिए वन्देभारत के महंगे किराए कोई मायने नही रखते। उन्हें अपने यात्रा समय और यात्रा के दौरान मिलने वाली सेवाओं, सुविधाओं की ज्यादा चिन्ता रहती है।
इसलिए अमृतभारत और वन्देभारत एक्सप्रेस गाड़ियों के बीच कोई तुलना नहीं है। अमृतभारत एक्सप्रेस तो बस एक नाम है, यह वही मेल/एक्सप्रेस गाड़ी है, जो फिलहाल द्वितीय श्रेणी के जनरल टिकट धारकों से भरी चल रही है।