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हैप्पी बर्थडे, पंजाब मेल!

आज मुम्बई फ़िरोजपुर मुम्बई पंजाब मेल का 109 वा बर्थ डे है। 1 जुन 1912 मे मुम्बई तब बेलार्ड पियर से पेशावर (अब पाकिस्तान में) के बीच शुरू की गई थी। 1914 में विक्टोरिया टर्मिनस बनने के बाद यह गाड़ी मुम्बई विटी ( अब मुम्बई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनल) से चलने लगी थी। मुम्बई से पेशावर 2542 किलोमीटर का अन्तर, 46 घंटे में, 55.26 की एवरेज स्पीड से यह गाड़ी चलती थी और उस जमाने की बहोत प्रेस्टीजियस ट्रेन थी और द पंजाब लिमिटेड के नाम से मशहूर थी। स्वतंत्रता के बाद 1947 से आज तक यह गाड़ी मुम्बई से फ़िरोजपुर के बीच चल रही है।

शुरुआत में पंजाब लिमिटेड रिजर्व्ड गाड़ी थी और उसमें केवल ब्रिटिश यात्रिओंके लिए फर्स्ट क्लास के डिब्बे रहते थे, कुछ सेकंड / थर्ड क्लास के डिब्बे उनके सर्वंट्स के लिए रिज़र्व रहते थे।

यह भारतीय रेल पर पहली ऐसी गाड़ी थी जिसमे रेस्टोरेंट कार जोड़ी जाती थी। बाद में 1930 से आम लोगोंके लिए भी इस गाड़ी में यात्रा करने के लिए थर्ड क्लास में अनुमति दी गयी। वहीं 1945 से वातानुकूलित श्रेणी भी उपलब्ध कराई गई।

पंजाब मेल अपनी इस 109 सालों की यात्रा में वर्ल्ड वॉर के दौरान भी कभी रद्द नही की गई थी।

तत्कालीन समयसारिणी और किराया तालिका

Indiarailinfo.com के सहयोग से

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दक्षिण रेलवे में शुरू हुई अन्तर्राज्यीय रेल यातायात।

दिनांक 1 जुन से दक्षिण रेलवे ने इन्टरस्टेट याने राज्य अंतर्गत रेल गाड़ियाँ शुरू करने की घोषणा की है। यह कौनसी गाड़ियाँ रहेंगी, इसका परीपत्रक यहां पर दे रहे है। कर्नाटक राज्य में पहले ही राज्य अन्तर्गत गाड़ियाँ शुरू की जा चुकी है।

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रेल ऑपरेशन्स नॉर्मलसी की तरफ बढ़ रहे है।

12 मई से 15 जोड़ी राजधानी स्पेशल शुरू हो गयी थी और 1 जुन से 100 जोड़ी मेल / एक्सप्रेस और सुपरफास्ट गाड़ियाँ शुरू होने जा रही है। इसी बीच आपके मन मे कुछ शंकाए होगी उसका समाधान करने का प्रयत्न करते है।

कुल 230 गाड़ियाँ 1/2 जून से चलना शुरू हो जाएगी। रेल प्रशासन ने अपनी सारी व्यवस्थाएं नॉर्मल करवा दी है। PRS बुकिंग काऊंटर्स शुरू हो गए है, जिसमे बुकिंग्ज के साथ साथ रिफण्डस भी शुरू कर दिए गए है।

टिकट बुकिंग्ज शुरवात में केवल ई-टिकट स्वरूप में ही की जा रही थी और ARP एडवांस रिजर्वेशन पीरियड भी 7 दिनोंका, फिर 30 दिनोंका था, जिसे 31 मई से बढाकर 120 दिनोंका किया जा रहा है। सभी तरह के टिकट बुकिंग व्यवस्था में दिनांक 31 मई से तत्काल और करन्ट बुकिंग भी शुरू की जा रही है। साथ ही जितने तरह तरह के कोटे ट्रेनें बन्द किए जाने के पहले शुरू थे वह सभी 1 जून से उपलब्ध रहेंगे। गाड़ियोंमे पार्सल और लगेज बुकिंग्ज भी यथावत की जाएगी।

अब आपके मन मे यह शंका होंगी, सब नॉर्मल किया जा रहा है, गाड़ियोंके स्टापेजेस, नाम भी पुराने रेग्युलर ही है तो गाड़ियाँ 0 नम्बरसे क्यों चलाई जा रही है? उनका स्टेटस स्पेशल क्यों है। तो इसकी वजह है। सभी गाड़ियाँ जो रेलवे की समयसारिणी में दर्ज थी वह पूरी की पूरी शुरू नही की जा रही है। लिमिटेड ऑपरेशन्स के तहत काम चल रहा है। कई सारी सवारी गाड़ियाँ, मेल एक्सप्रेस और सुपरफास्ट, लोकल सबअर्बन और मेट्रो गाड़ियाँ अभी भी बन्द है, चलाई नही जा रही है। ऐसी स्थिति में हर बार, प्रत्येक गाडीकी अलग अलग नोटिफिकेशन निकाल कर वह गाड़ी इतने दिन बन्द रहेगी या फलाँ गाड़ी रेग्युलर मार्ग से नही जाएगी ऐसा करना न सिर्फ अनुचित रहता बल्कि यात्रिओंकी भी असमंजस अवस्था बढ़ती ही थी। बेहतरी यही थी की जितनी भी गाड़ियाँ चले वो भले ही रेग्युलर शेड्यूल में चले पर लिस्ट में दिखेगी स्पेशल ट्रेन्स ही।

दूसरा टिकट बुकिंग की पद्धति नॉर्मल व्यवस्था से अलग करना था। चूँकि जनरल सेकन्ड क्लास को कन्वर्ट करा के आरक्षित सेकन्ड क्लास करना था। गाड़ियोंके चार्टिंग पैटर्न भी बदले गए, रेग्युलर कोर्स में गाड़ी छूटने के समय से 4 घंटे पहले फर्स्ट चार्टिंग और 30 मिनट पहले फाइनल चार्टिंग की पद्धति थी जिसे बदल कर फर्स्ट चार्टिंग यथावत 4 घंटे पहले और फाइनल चार्टिंग 30 मिनट की बजाय 2 घंटे पहले की गई और केवल कन्फर्म्ड टिकटधारी यात्री को ही यात्रा करने की अनुमति है। एक्स्ट्रा समय यात्रिओंकी स्क्रीनिंग के लिए और यात्रिओंको भी शेड्यूल डिपार्चर समय से डेढ़ घंटा पहले स्टेशन पोहोंचना आवश्यक जो किया गया है उसके लिए जरूरी था।

इस व्यवस्था में गाड़ियाँ भले ही स्पेशल की गई है लेकिन किराया स्पेशल गाड़ियोंको लिया जाता है, उस प्रकार से नही, रेग्युलर और नॉर्मल ही लिया जा रहा है। अभी भी दिव्यांग और मरीजोंके टिकटोंके किरायोंमे रियायत के अलावा सारी रियायतें रद्द की गई है। प्लेटफॉर्म्स पर सारे स्टॉल्स फिर वह बुक स्टॉल, फ्रूट स्टॉल, मेडिकल और जनरल स्टाल्स या खान- पान के स्टॉल्स भी यात्रिओंको असुविधा ना हो इस लिए खोले जा चुके है। प्लेटफॉर्म्स के रेस्टोरेंट में “पे एंड पिक” याने खाने के पैकेट खरीद कर ले जाने की व्यवस्था की गई है, यात्रिओंको वहाँ पर बैठकर खाना खाने की अनुमति नही है।

आशा है, की आपको स्पेशल गाड़ियाँ चलाए जाने की वजह समझ आ गयी होंगी। जैसे जैसे संक्रमण की वजह से लगाए गए बन्धन कम होंगे और बाकी बची गाड़ियाँ भी शुरू की जाएगी वैसे वैसे रेल प्रशासन और भी अपने नियमोंको सामान्य करती चली जाएगी।

रेल प्रशासन द्वारा दी गयी हिदायतें
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अब कर पाएंगे 120 दिन पहले रिजर्वेशन

रेल प्रशासन ने अपनी ARP एडवांस रिजर्वेशन पीरियड में बदलाव किया है। 31 मई के सुबह आठ बजे से जो गाड़ियाँ 12 मई और 1 जुन से शुरू की जा रही है उन सभी गाड़ियोंमे 120 दिन पहले तक का रिजर्वेशन किया जा सकेगा।

साथ ही इन गाड़ियोंमे पार्सल एवं लगेज बुक कराने सुविधाभी यथावत शुरू की जा रही है।

रेल प्रशासन द्वारा यात्रिओंके लिए विशेष सूचना