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हमारे यहाँ भी हो सकती है, सारी रेल गाड़ियाँ वातानुकूलित

क्यों चौंक गए न? लेकिन रेल प्रशासन 230 LHB कोच के साथ अपनी कपूरथला कोच फैक्टरी में, इस दिशा में प्रयोगात्मक दृष्टिकोण से प्रयत्न कर रहा है। यह प्रयोग LHB के स्लिपर क्लास एवं जनरल सेकेंड क्लास डिब्बों के साथ किया जा रहा है। नए वातानुकूलित स्लिपर में 83 बर्थ और सेकन्ड क्लास में 100 सीट्स रहेंगे।

भारतीय रेलवे में रेल यात्रिओंके बीच सबसे ज्यादा लोकप्रिय क्लास कौनसा है तो वह है वातानुकूलित थ्री टियर। स्लिपर से लगभग दो से ढाई गुना किराया मगर वातानुकूलित 2 टियर से आधा, वातानुकूलित साफसुथरी व्यवस्था, किराए में सम्मिलित बेड सेट इस तरह की खुबियोंके चलते देश के मध्यम वर्ग में एसी थ्री क्लास काफी लोकप्रिय है।

वातानुकूलित थ्री टियर में वातानुकूलित टु टियर के मुकाबले ज्यादा यात्री, यात्रा करते है। यात्रिओंकी संख्या ज्यादा होने के कारण रेलवे को भी यह वर्ग में ज्यादा कमाई होती है। दूसरा स्लिपर क्लास और जनरल क्लास यह वर्ग रेलवे को सामाजिक हितोंके लिए रियायती किरायोंमे चलवाना पड़ता है, याने इन वर्गोंके किराए से आने वाले उत्पन्न को फायदा नही कहा जा सकता है। रही बात किराया बढ़ाकर उत्पन्न में सुधार करने की तो स्लिपर और सेकन्ड क्लास में एखाद रुपिया भी बढ़ जाए तो हंगामा हो जाता है, वही वातानुकूलित क्लास में किराया बढ़ाने की कोई गुंजाइश अब नही रही है, यदि इस श्रेणी में किराए के दर बढ़ते है तो यात्री सड़क मार्ग या हवाई मार्ग की तरफ मुड़ जाएगा ऐसा सांख्यिकी (स्टेटिस्टिक्स) बताते है।

पिछले वर्षोंमें किराए में वृद्धि न करते हुए, उसी व्यवस्थामे किस तरह बदलाव करके आय बढ़ाई जा सकती है, इस पर रेलवे ने कुछ प्रयोग किए थे। जिसमें स्लिपर और वातानुकूलित थ्री टियर में साइड मिडल बर्थ का आविष्कार आया था, लेकिन इसे यात्रिओंने सिरे से नकार दिया, बिल्कुल ही नापंसद कर दिया। स्लिपर क्लास के डिब्बों में तो यह साइड मिडल बर्थ निकाल दिए गए किंतु वातानुकूलित थ्री टियर में अब भी गरीब रथ एक्सप्रेस में चलाए जा रहे। यह गरीब रथ की साइड मिडल बर्थ वाली व्यवस्था लम्बी रेल यात्रा में यात्रा करनेवाले सभी यात्रिओंको बेहद असुविधाजनक साबित होती है।

अब आप सोच रहे होंगे स्लिपर और जनरल क्लास का वातानुकूलित नया अवतार कैसा होगा? आइए समझाते है, LHB के स्लिपर कोच में 80 बर्थ होते है, हर कैबिन में 6 लम्बे और 2 आड़े ऐसे 8 बर्थ, 10 कैबिन याने कुल 80 बर्थ हुए। नए वातानुकूलित LHB स्लिपर में 83 बर्थस है। इन कोचेस की लम्बी बर्थस वाली 10 कैबिनोंकी रचना में बदलाव करके याने उन्हें थोड़ा थोड़ा पास कर के एक कैबिन, 11वी कैबिन और निकाली जा रही है। जिसमे 3 बर्थस और निकलेंगे साथ ही वातानुकूलित यंत्रणा का कन्ट्रोल कैबिनेट भी आ जाएगा। याने यात्री के आराम में कोई खासा खलल नही होगा, न ही कोई मिडल बर्थ रहेगा। लम्बी बर्थ की लंबाई 185 सेंटीमीटर, लगभग 73 इंच रहेगी वही साइड बर्थ की लंबाई 178.5 सेंटीमीटर, 71 इंच रहेगी और बर्थोंकी चौड़ाई 57.3 सेंटीमीटर, 22.5 इंच रहेगी। उसी प्रकार LHB सेकेंड क्लास में 10 सीट्स की 10 कैबीन्स होती है यानी 100 सीट्स की यात्री क्षमता होती है। जिसे वातानुकूलित में भी बरकरार रखा जाएगा। हमारे पास नए सुधारोंका चित्र है, जो आपके लिए प्रस्तुत है।

Courtesy: raildwar.com

यात्रिओंको इसमें फायदा यह होगा की नियमित वातानुकूलित थ्री टियर के सारे फायदे उससे और भी कम किराए में उपलब्ध हो जाएंगे। हर कोचेस में रेलवे का प्रतिनिधि मौजूद रहेगा जो यात्री की सारी एमिनिटीज याने सुखसुविधा का ख्याल रखेगा। जहां तक बेड रोल्स का सवाल है तो वैसे भी अब जब भी गाड़ियाँ नियमित रूप से शुरू की जाएगी तो किसी भी वर्ग में रेलवे बेड सेट्स उपलब्ध नही कराने वाली है।

वातानुकूलित थ्री टियर और वातानुकूलित सेकन्ड क्लास भारतीय रेल का प्रयोगात्मक प्रयास है, जिसे वातानुकूलित टूरिस्ट क्लास कहा जाएगा। इसका उद्देश्य यात्रिओंकी वातानुकूलित यात्रा की पसंद को भुनाना है, जिससे रेलवे को भी इन अपग्रेडेड स्लिपर एवं सेंकेंड क्लास के किरायोंमे वृद्धि करते आएगी। यदि यह वातानुकूलित अपग्रेड स्लिपर, सेकेंड क्लास का प्रयोग सफल होता है, तो रेलवे को यात्री ट्रैफिक से भी आय मिल सकेगी जो फिलहाल केवल माल एवं पार्सल से हो रही है।

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9 जोड़ी गाड़ियाँ बन जाएंगी सुपरफास्ट

ज़ीरो बेस टाइमटेबल में 9 जोड़ी एक्सप्रेस गाड़ियोंको सुपरफास्ट बनाया जाएगा। वैसे तो सुपरफास्ट गाड़ियोंकी लिस्ट बहोत लम्बी बनेगी लेकिन फिलहाल इन गाड़ियोंकी घोषणा की गई है। सम्भव है कि सुपरफास्ट बनाए जाने पर इन गाड़ियोंके परिचालन के दिन और समयसारणी भी बदले। आइए देखते है,

1: 15563/64 जयनगर उधना जयनगर अंत्योदय एक्सप्रेस

2: 14227/28 वाराणसी लखनऊ वाराणसी द्विसाप्ताहिक वरुणा एक्सप्रेस

3: 14203/04 वाराणसी लखनऊ वाराणसी डेली एक्सप्रेस

4: 14209/10 प्रयागघाट लखनऊ प्रयागघाट डेली इंटरसिटी एक्सप्रेस

5: 19263/64 पोरबंदर दिल्ली सराय रोहिल्ला पोरबंदर द्विसाप्ताहिक एक्सप्रेस

6: 19317/18 इन्दौर पूरी इन्दौर हमसफ़र साप्ताहिक एक्सप्रेस

7: 19335/36 इन्दौर गांधीधाम इन्दौर साप्ताहिक एक्सप्रेस

8: 19403/04 अहमदाबाद सुल्तानपुर अहमदाबाद साप्ताहिक एक्सप्रेस

9: 19025/26 सूरत अमरावती सूरत त्रीसाप्ताहिक एक्सप्रेस यह गाड़ी का उद्धाटन हुवा तब ये सवारी गाड़ी थी, फिलहाल बिना किसी समय और स्टापेजेस के बदलाव के एक्सप्रेस स्वरूप में है, और अब यह सुपरफास्ट बनने जा रही है।

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अहमदाबाद, भुसावल, नागपुर, गोंदिया, रायपुर पूरी बड़ी खुशखबर!

बड़े प्रतिक्षाके बाद, रेल प्रशासन ने अहमदाबाद – पूरी मार्ग पर एक साप्ताहिक गाड़ी 08405/06 चलाने के निर्णय लिया था, लेकिन यात्रिओंको इस मार्ग पर और गाड़ियाँ चाहिए थी। ओडिशा से बहोत मात्रा में श्रमिक अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत और समस्त गुजरात के औद्योगिक क्षेत्रोंमें काम करते है। एक तरफ से श्रमिकोंकी मांग, दूसरे तरफसे कारखानदारोंकी मांग, आखिरकार रेल प्रशासन को माननी पड़ी और इस मार्ग की 08405/08406 के अलावा 3 और गाड़ियाँ चलाने को मंजूरी दी गयी है।

1: 08405 पूरी अहमदाबाद स्पेशल – पूरी से हर बुधवार शाम 18:20 को निकल अहमदाबाद हर शुक्रवार सुबह 7:25 को पोहोचेगी।

08406 अहमदाबाद पूरी स्पेशल – अहमदाबाद से हर शुक्रवार को शाम 18:40 को निकल हर रविवार को पूरी सुबह 8:10 को पोहोंचेगी।

यह गाड़ी 18405/18406 के मार्ग एवं स्टोपेजेस पर चलाई जाएगी। याने जलगाँव, भुसावल, नागपुर, रायपुर, सम्भलपुर होकर चलेगी।

2: 02843 पूरी अहमदाबाद स्पेशल – पूरी से हर मंगलवार, गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार सप्ताह में चार दिन शाम 17:30 को निकल अहमदाबाद हर गुरुवार, शनिवार, रविवार और सोमवार सुबह 7:25 को पोहोचेगी।

02844 अहमदाबाद पूरी स्पेशल – अहमदाबाद से हर गुरुवार, शनिवार, रविवार और सोमवारको शाम 18:40 को निकल पूरी को हर शनिवार, सोमवार, मंगलवार, बुधवार को सुबह 8:55 को पोहोंचेगी।

यह गाड़ी 12843/44 पूरी अहमदाबाद पूरी सुपरफास्ट एक्सप्रेस के मार्ग और समय पर चलाई जाएगी याने सूरत, जलगाव, भुसावल, नागपुर, रायपुर, टिटलागढ़, विज़ियानगरम होकर जाएगी।

3: 08401 पूरी ओखा साप्ताहिक स्पेशल वाया वर्धा, बल्हारशाह, वारंगल, विजयवाड़ा विसाखापट्टनम यह गाड़ी पूरी से हर रविवार को सुबह 9:25 को चलेगी और हर मंगलवार को दोपहर 13:50 को ओखा पोहोंचेगी।

08402 ओखा पूरी साप्ताहिक स्पेशल यह गाड़ी हर बुधवार को ओखा से सुबह 8:30 को चलेगी और हर शुक्रवार को सुबह 10:10 को पूरी पोहोंचेगी।

यह गाड़ी 18401/02 पूरी ओखा पूरी द्वारका एक्सप्रेस का समय और मार्ग पर चलाई जाएगी, याने विसाखापट्टनम, विजयवाड़ा, वारंगल, बल्हारशाह, वर्धा भुसावल, सूरत, वडोदरा, अहमदाबाद, राजकोट होते हुए चलेगी।

02973/02974 पूरी गांधीधाम पूरी स्पेशल यह गाड़ी 22973/22974 पूरी गांधीधाम पूरी सप्ताहिक एक्सप्रेस के मार्ग और समयानुसार चलाई जाएगी।

02973 स्पेशल एक्सप्रेस गांधीधाम से हर बुधवार को रात 23:00 को निकल हर शुक्रवार को शाम 19:00 को पूरी पोहोंचेगी, उसी प्रकार वापसी में 02974 पूरी से यह गाड़ी हर शनिवार को दोपहर 13:30 को निकल गांधीधाम को हर सोमवार को सुबह 6:40 को पोहोचएगी।

मार्ग : गांधीधाम, भचाऊ, वीरमगाम, अहमदाबाद, नाडियाड, आनंद, वड़ोदरा, सूरत, नंदुरबार, अमलनेर, जलगाव, भुसावल, मलकापुर, अकोला, बडनेरा, वर्धा, नागपुर, गोंदिया, दुर्ग, रायपुर, महासमुंद, कांताबांजी, टिटलागढ़, रायगड़ा, बोबिल्ली, विजियानगरम, काकुलम रोड, पलासा, ब्रम्हपुर, खुर्दा रोड़ और पूरी।

कृपया निम्नलिखित परीपत्रक भी समझ ले। आरक्षण 10 सितंबर से और परिचालन 12 सितंबर से होने जा रहा है। यह गाड़ियाँ स्पेशल गाड़ियाँ होने के कारण इनका टाइमटेबल, स्टापेजेस राज्य शासन की मांग नुसार बदले जा सकते है अतः यात्रियोंसे निवेदन है यात्राके नियोजन पूर्व रेलवे की हेल्पलाइन 139 से सम्पर्क कर जानकारी ले लेवे।

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परभणी, नान्देड – हैदराबाद एक्स. या सवारी कन्वर्टेड एक्सप्रेस

मित्रों, कल इसी गाड़ी की हमने आपको खुशखबर दी थी, की परभणी, नान्देड वासियोंको एक नई एक्सप्रेस 12 सितंबर से मिलने जा रही है। लेकिन हमारी सजग टीम ने जब रिकार्ड पर नजर डाली तो एक बात सामने आयी, यह तो 57564 नान्देड हैदराबाद सवारी गाड़ी का एक्सप्रेस में रूपांतरण है।

57564 नान्देड हैदराबाद सवारी रोजाना नान्देड से 23:30 पर निकलती थी और हैदराबाद को सुबह 7:45 को पोहोंचती थी। कुल 280 किलोमीटर के रन में 29 स्टापेजेस लेने वाली इस गाड़ी में स्लिपर, वातानुकूलित थ्री टियर और सेकेंड क्लास के डिब्बे जुड़े रहते थे। वही 07564 परभणी से रात 22:30 को निकल नान्देड रात 0:05 और हैदराबाद सुबह 6:45 पर पोहोंच रही है। गाड़ी के 29 स्टापेजेस घट कर मात्र 7 वे स्टॉप पर हैदराबाद पोहोंच रही है।

उसी तरह वापसी में पुरानी गाड़ी 57563 हैदराबाद से रात 22:40 को निकल, नान्देड को दूसरे दिन सुबह 6:35 एवं परभणी को 9:15 पर पोहोंचती थी। नई गाड़ी 07563 हैदराबाद से 22:45 को निकल नान्देड 4:35 और परभणी को सुबह 6:30 को पोहोंचा रही है।

मित्रों, 29 स्टापेजेस घट कर 6, 7 हो जाना, मार्ग के छोटे स्टेशनोंकी ओवरनाइट गाड़ी की कनेक्टिविटी छीन जाना, किराए में चार चार गुना बढ़ जाना इसके ऐवज में इस छोटे से रन में यात्रा के समय मे 2 घंटे की कमी। यह है हमारे लिए मूल्यवर्धित सेवा? देश की 500 सवारी गाड़ियाँ और 10,000 स्टापेजेस खत्म होने वाले है। तैयार हो जाइए, शायद आपके भी मार्ग की किसी सवारी गाड़ी का रूपांतरण एक्सप्रेस में किया जानेवाला है, हो सकता है, की अब जल्द ही आपको अपने गाँव से सड़क मार्ग से जाकर, पड़ोस के शहर से रेल गाड़ी पकड़ना है।

यह सब प्रपंच इसलिए है, ताकि आप ज़ीरो बेस टाइमटेबल के कन्वर्शन समझ सके। देश मे जल्द ही जारी किए जाने वाले “झीरो बेस टाइमटेबल” की शायद यह पहली गाड़ी है जो सवारी से एक्सप्रेस में कन्वर्ट की गई है। माना कि यह स्पेशल ट्रेन है, नियमित नही लेकिन आने वाले मन्वन्तर का आगाज़ जरूर है।