Uncategorised

बिलासपुर चेन्नई सेंट्रल बिलासपुर साप्ताहिक, नए आकर्षक समयसारणी के साथ शुरू हो रही है

12851/52 बिलासपुर एम जी आर चेन्नई सेंट्रल बिलासपुर साप्ताहिक गाड़ी 08231/32 इन नए नम्बरों के साथ विशेष श्रेणी में आकर्षक समयसारणी में लायी जा रही है। 08231 बिलासपुर चेन्नई साप्ताहिक दिनांक 27 जून से प्रत्येक रविवार को बिलासपुर से सुबह 8:45 को निकल अगले दिन सोमवार को सुबह 7:40 को डॉ एम जी आर चेन्नई सेंट्रल को पहुचेंगी। वापसीमे 08232 डॉ एम जी आर चेन्नई सेंट्रल से प्रत्येक सोमवार को दोपहर 15:40 को निकल अगले दिन दोपहर में 14:30 को बिलासपुर को पहुंचेंगी। विस्तृत समयसारणी के लिए निम्नलिखित परीपत्रक देखे।

08227 बिलासपुर एर्नाकुलम साप्ताहिक विशेष दिनांक 28 जून से प्रत्येक सोमवार को और 08228 एर्नाकुलम बिलासपुर साप्ताहिक विशेष दिनांक 30 जून से प्रत्येक बुधवार को चलेगी। समयसारणी निम्नलिखित है।

Uncategorised

पश्चिम रेलवे की 18 गाड़ियोंके फेरे बढ़ रहे है। त्रिसाप्ताहिक की जगह प्रतिदिन चलने लगेगी।

रेल प्रशासन निर्बंधोके शिथिल किए जाने के बाद लगातार गाड़ियोंको यात्रिओंकी जरूरत के अनुसार बढ़ाते चले जा रहा है, इस कड़ी में आज पश्चिम रेलवे की 9 जोड़ी गाड़ियोंके फेरे बढाए जाने की सूचना दी जा रही है।

1: 02971/72 बान्द्रा भावनगर बान्द्रा विशेष दिनांक 29 जून से दोनोंही दिशाओंसे त्रिसाप्ताहिक के बजाए प्रतिदिन शुरू की जाएगी।

2: 09218 वेरावळ बान्द्रा विशेष दिनांक 28 जून से प्रतिदिन चलेगी और वापसी में 09217 बान्द्रा वेरावळ विशेष दिनांक 30 जून से प्रतिदिन चलने लगेगी

3: 02961 मुम्बई सेंट्रल इन्दौर अवन्तिका दिनांक 26 जून से और 02962 इन्दौर मुम्बई सेंट्रल अवन्तिका दिनांक 27 जून से प्रतिदिन चलेगी। यह गाड़ी अब तक त्रिसाप्ताहिक फेरोंमें चलाई जा रही थी।

4: 09202 अहमदाबाद दादर विशेष दिनांक 27 जून से और 09201 दादर अहमदाबाद विशेष दिनांक 28 जून से प्रतिदिन चलेगी। यह गाड़ी अब तक त्रिसाप्ताहिक फेरोंमें चलाई जा रही थी।

5: 02919 डॉ आंबेडकर नगर श्री माता वैष्णो देवी कटरा मालवा दिनांक 01 जुलाई से और 02920 श्री माता वैष्णो देवी कटरा डॉ आंबेडकर नगर दिनांक 03 जुलाई से प्रतिदिन चलेगी। यह गाड़ी अब तक त्रिसाप्ताहिक फेरोंमें चलाई जा रही थी।

06: 02955 मुम्बई सेंट्रल जयपुर विशेष दिनांक 26 जून से और 02956 जयपुर मुम्बई सेंट्रल विशेष दिनांक 27 जून से प्रतिदिन चलेगी। यह गाड़ी अब तक त्रिसाप्ताहिक फेरोंमें चलाई जा रही थी।

07: 02957 अहमदाबाद नई दिल्ली राजधानी विशेष दिनांक 28 जून से और 02958 नई दिल्ली अहमदाबाद राजधानी विशेष  दिनांक 29 जून से प्रतिदिन चलेगी। यह गाड़ी अब तक त्रिसाप्ताहिक फेरोंमें चलाई जा रही थी।

08: 09329 इन्दौर उदयपुर सिटी विशेष दिनांक 28 जून से और 09330 उदयपुर सिटी इन्दौर विशेष  दिनांक 29 जून से प्रतिदिन चलेगी। यह गाड़ी अब तक त्रिसाप्ताहिक फेरोंमें चलाई जा रही थी।

9: 02927 दादर केवड़िया विशेष दिनांक 27 जून से और 02928 केवड़िया दादर विशेष  दिनांक 28 जून से प्रतिदिन चलेगी। यह गाड़ी अब तक त्रिसाप्ताहिक फेरोंमें चलाई जा रही थी।

Uncategorised

जब हम हु रेल मंत्री बन गइल…

संक्रमण काल मे संक्रमण सम्बन्धित विषयोंके अलावा हर तरफ रेल विभाग ही ज्यादा चर्चा में था। एक रात में अकस्मात सारी यात्री रेल गाड़ियाँ बन्द करने का निर्णय हुवा, और तब से आज तक जो भी यात्री गाड़ियाँ चल रही है वह सब विशेष श्रेणी में चलाई जा रही है। सारी रेल व्यवस्था सामान्य प्रशासन के हाथ मे आ गयी। कभी कोई गाड़ी चल रही है तो कभी कोई बन्द, कौनसी गाड़ी कितने दिन चलेगी, कब बन्द होगी हर एक बात के लिए परीपत्रक। रेलवे समयसारणी परिपत्रकों में सिमट कर रह गयी है।

यह तो आज के हालात के बारे में बयान बखान है, मगर इन परिपत्रकोंके मायाजाल में आम यात्री बेहाल है और जगह जगह बने यात्री संघ पहलवान। यह लोग गाड़ियोंकी कौड़ियां ऐसी फेरते है, की यात्रिओंको लगे अभी अभी रेल मंत्री के बगल से उठ कर आए है। एक तो परीपत्रक कई बार संक्षिप्त आते है। गाड़ियोंके नाम नही होते नम्बर होते है। नम्बर भी नियमित नही बल्कि विशेष वाले ‘0’ सीरीज के, ऐसे में जानकार भी पुराने नम्बर, गाड़ी के स्टार्टिंग स्टेशन और गन्तव्य स्टेशन, उनके छूटने, पहुंचने के समय से तर्क लगाकर ही समझ पाते है की गाड़ी आखिर है कौनसी। फिर शुरू होती है इनके आपस की जुगलबन्दी। लगभग हर क्षेत्र, हर बड़े जंक्शन पर रेल प्रवासी संगठन बने हुए है। सोशल मीडिया इनके अघोषित वार्तापत्र बन गए है। चूँकि गाड़ी का मार्ग परीपत्रक में नही रहता, तो आम यात्री रेलवे की मंशा समझने के लिए इनकी ओर ही ताकता है। फिर यह लोग तो बहुत जानकार, जिसे देखो वह अपने तरीके से गाड़ियोंके मार्ग निर्धारण करते चला जाता है।

फिलहाल यात्री गाड़ियोंको संक्रमण कालीन व्यवस्था में, एहतियातन विशेष श्रेणी में चलाया जा रहा है ताकी आपातकालीन स्थिति में, रेल प्रशासन को अपनी गाड़ियोंको रद्द करना, मार्ग परिवर्तन करना या शार्ट टर्मिनेट करना आसान हो सके। सभी यात्री गाड़ियोंको एक अस्थायी व्यवस्थान्तर्गत चलाया जा रहा है। इन अस्थायी व्यवस्थाओं के साथ साथ रेल प्रशासन द्वारा, शून्याधारित समयसारणी का भी परीक्षण किया जा रहा है। नियमित गन्तव्योंके बीच चलनेवाली पुरानी गाड़ियोंको अलग अलग मार्गोंसे चलाकर जायज़ा लिया जा रहा है। तेज गति के रेल मार्गोंका परीक्षण किया जा रहा है। मगर यह संगठन और उनके नुमाइंदों का क्या कहना? यह लोग रेलवे की हर नीति पर अपनी पेंच डाल ही देते है, और आप इनको साधारण या हल्के में न समझिए, यह लोग राजनीतिज्ञ, पदस्थ तक पेंठ लगा रखते है। यह संगठन अपने दिमाग लगा लगा कर गाड़ियोंके विस्तार, मार्ग परिवर्तन, फेरे बढाने के प्रस्ताव बनाते है और उनको अपने तरीकेसे आगे भी बढ़वाते है। इधर रेल प्रशासन अपने परीक्षण प्रक्रिया में कुछ अस्थायी बदलाव करता है तो आम जनता को बरगलाने का काम किया जाता है, ऐसा जताया जाता है, आपकी गाड़ियाँ छीन जाएगी, स्टापेजेस स्किप हो जाएंगे, भाई, जब गाड़ियाँ बिना किसी नियमित समयसारणी से चल रही है तो कैसे झगड़े, कैसी मांगे और काहे का खींचतान, काहे की छीना झपटी?

दरअसल यह यात्री संगठन, यात्रिओंकी रोजमर्रा की तकलीफों, समस्याओं को रेल प्रशासन के सामने रखने के लिए बनाया गया एक संगठित प्रयास है। ऐसे यात्री संगठन बनने की शुरुवात, जहाँ “डेली अप डाउन” करने वाले बहुत से यात्री होते है वहाँ से हुए है। रेल प्रशासन की भी जरूरत थी कि वह यात्रिओंसे सम्पर्कता बनाए रखने के लिए उनके प्रतिनिधियोंसे सम्पर्क में रहे। इसलिए ऐसे क्षेत्रोंमें यात्री संगठन को बढ़ावा दिया गया। मगर यात्री संगठन का प्रभाव देखते हुए हर छोटे बड़े यात्री समूह अपने संगठन बनाने लग गए है। राजनीति में नेतागण को भी जनता की आवाज इन्ही संगठन के जरिए पोहोंचती है अतः यात्री संग़ठन का राजनीति से जुड़ाव का यह मर्म है।

मगर ई बात है भइयां, जब हम हु बन जाईल रेलवे का मंतरी, तब तो हमरा ही राज चलीबै। हम कहे उही इस्टाप और कहे वही राह पकड़ चलीबै रेलगाड़ी। जौन कही के यही रुक जाईबै तो उस से आगे न जाई बै और जौन कहे इहाँ से नाही आगे जाकर पलटेगी तो 2-4 स्टेशनवाँ और आगे चलीबै। 😊

कुछ याद आ ही गया होगा आपको? जी हाँ, पुराने रेल बजट के भाषण का सीधा प्रसारण। कैसे हंगामे, कैसी बहस। जैसे रेल गाड़ियाँ नही कोई जागीरें बटती थी। हर कोई अपने क्षेत्र की मांगों की फेहरिस्त थामे रेल बजट में पहुंचता था। जैसे ही नई गाड़ियोंकी सूची पढ़ने की शुरुवात हुई की हंगामा शुरू हो जाता। खैर, अब सब बदल चुका है। पिंक बुक में बजट आबंटन समझता है। गाड़ियाँ देशभर की सार्वजनिक घोषणा किए बिना ही सम्बन्धित क्षेत्रोंमें सूचित कर चलना शुरू कर दी जाती है और इन नई गाड़ियोंको शुरू करने का कोई विशेष काल नही रहता। इसलिए ऐसे यात्री संगठन अपनी अफवाह युक्त चर्चाओं और अंतर्गत पहुंच के जरिए से यात्रिओं और आम लोगोंपर अपना प्रभाव जताते रहते है।

Uncategorised

गौहाटी बीकानेर/बाड़मेर लिंक का अंत, दोनों गाड़ियाँ अलग अलग साप्ताहिक चलेगी।

05634 गौहाटी बीकानेर 26 जून से प्रत्येक शनिवार को गौहाटी से 10:45 को निकलेगी और सोमवार को सुबह 5:50 को बीकानेर पहुचेंगी। वापसीमे 05633 बीकानेर गौहाटी दिनांक 30 जून से, बीकानेर से प्रत्येक बुधवार को प्रातः 1:45 को निकल शुक्रवार प्रातः 0:35 को गौहाटी पहुचेंगी।

05632 गौहाटी बाड़मेर 01 जुलाई से प्रत्येक गुरुवार को गौहाटी से 10:45 को निकलेगी और शनिवार को सुबह 8:25 को बाड़मेर पहुचेंगी। वापसीमे 05631 बाड़मेर गौहाटी दिनांक 04 जुलाई से, बीकानेर से प्रत्येक रविवार को रात 23:35 को निकल मंगलवार को प्रातः 0:35 को गौहाटी पहुचेंगी।

पहले यह गाड़ियोंकी लिंक चला करती थी। मुख्य गाड़ी 15631/32 गौहाटी बाड़मेर/बीकानेर द्विसाप्ताहिक एक्सप्रेस और लिंक 25631/32 बीकानेर मेड़ता लिंक एक्सप्रेस जो मेड़ता रोड़ जंक्शन पर मुख्य गाड़ी से अलग होकर बीकानेर के बीच चलती थी। इससे बाड़मेर और बीकानेर के दोनोंही यात्रिओंको द्विसाप्ताहिक रूपसे गौहाटी के लिए सीधी सेवा मिलती थी। रेल प्रशासन ने अपने शून्याधारित समयसारणी कार्यक्रम में लिंक एक्सप्रेस की नीति को बन्द करने का विचार पक्का किया और उसे हकीकत में ले आए। लिंक एक्सप्रेस बन्द किए जाने के पीछे। का तर्क यह था कि गाड़ियोंको अनावश्यक तरीकेसे देरी न हो, जंक्शन के रेल लाइनोंपर अनावश्यक रूपसे व्यस्तता न बढ़े। गाड़ोयोंके चल स्टॉक का यथोचित उपयोग हो। देखते है, यह प्रयोग कितना यशस्वी होता है। वैसे देशभर की कई लिंक एक्सप्रेस गाड़ियाँ इस नीति के तहत बन्द कर दी गयी है।

Uncategorised

दक्षिण रेलवे SR, दक्षिण पश्चिम रेलवे SWR, उत्तर रेलवे NR और पश्चिम रेलवे WR के गाड़ियोंकी सूची जारी हो चुकी है।

दक्षिण रेलवे की खुद अपने क्षेत्र 198 गाड़ियाँ और दक्षिण रेलवे से अन्य क्षेत्र में जाने, आने वाली 160 गाड़ियाँ 16 जून से चलने को तैयार है। आगे यह भी कहा गया है, निम्नलिखित गाड़ियोंकी यह सूची 30 जून तक वैलिड रहेंगी और अलग अलग राज्योंकी परिस्थितियों के अनुसार परिचालन की अवधि बढ़ाई या घटाई जाएगी।

पश्चिम रेलवे की 10 गाड़ियाँ जो दक्षिण रेलवे के शहरों को कनेक्ट कर रही है।

दक्षिण पश्चिम रेलवे की 54 गाड़ियोंकी सूची

राज्यरानी मेमू रैक से चलेगी

उत्तर रेलवे की 21 जोड़ी याने 42 गाड़ियाँ है जो शुरू की जा रही है।

यह लगभग सभी गाड़ियाँ सम्पुर्ण आरक्षित आसन व्यवस्थाओके साथ चलाई जाएगी। यात्रिओंसे निवेदन है, रेलवे की आरक्षण टिकट की वेबसाइट http://www.irctc.co.in पर अपनी यात्रा सुनिश्चित करें।