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मध्य रेल CR पर रेल तिहरीकरण तकनीकी कार्य हेतु, भुसावल – मनमाड़ मार्ग तीन दिन बाधित। 35 गाड़ियाँ रद्द, 6 आँशिक रद्द, 5 गाड़ियाँ नियंत्रित, परावर्तित

10 अगस्त 2023, गुरुवार, अधिक श्रावण, कृष्ण पक्ष, दशमी, विक्रम संवत 2080

तीसरी लाइन के कारण प्री-एनआई और नॉन इंटरलॉकिंग के संबंध में यार्ड रिमॉडलिंग कार्य के कारण जलगांव-मनमाड के बीच ब्लॉक लिया जा रहा है।

● पीआरआई एनआई ब्लॉक तिथि:- 13 से 15 अगस्त 2023 (03 दिन)

● एनआई कार्य :- 14/08/2023 प्रातः 11:00 बजे से 15/08/2023 शाम 15:00 बजे तक (02 दिन)

● अप मार्ग ब्लॉक समय :- प्रातः 08:00 बजे से प्रातः 10:00 बजे तक।

● डाउन मार्ग ब्लॉक टाइमिंग :- सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक।

● अप एवं डाउन दोनों मार्ग का संयुक्त ब्लॉक समय :- दोपहर 13:00 बजे से 15:00 बजे तक।

और अगली कुछ गाड़ियोंको को रद्द, आँशिक रद्द किया जा रहा है।

भुसावल की ओर आनेवाली 18 रद्द गाड़ियाँ :

1) 11113 देवलाली भुसावल मेमू दिनांक 14 और 15 अगस्त को रद्द रहेगी।

2) 22223 मुंबई साईंनगर शिरडी वंदे भारत दिनांक 14 अगस्त को रद्द रहेगी।

3) 17617 मुंबई नांदेड़ तपोवन एक्सप्रेस दिनांक 13, 14 और 15 अगस्त को रद्द रहेगी।

4) 11119 ईगतपुरी भुसावल मेमू दिनांक 14 और 15 अगस्त को रद्द रहेगी।

5) 12071 मुंबई जालना जनशताब्दी एक्सप्रेस दिनांक 14 और 15 अगस्त को रद्द रहेगी।

6) 02131 पुणे जबलपुर साप्ताहिक विशेष एक्सप्रेस दिनांक 14 अगस्त को रद्द रहेगी.

7) 01025 दादर बलिया विशेष एक्सप्रेस दिनांक 12 अगस्त को रद्द रहेगी.

8) 12139 मुंबई नागपुर सेवाग्राम एक्सप्रेस दिनांक 14 और 15 अगस्त को रद्द रहेगी।

9) 11401 मुंबई आदिलाबाद नंदीग्राम एक्सप्रेस दिनांक 13 और 14 अगस्त को रद्द रहेगी।

10) 12113 पुणे नागपुर गरीबरथ एक्सप्रेस दिनांक 14 अगस्त को रद्द रहेगी।

11) 01752 पनवेल रीवा विशेष एक्सप्रेस दिनांक 15 अगस्त को रद्द रहेगी।

12) 12135 पुणे नागपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस दिनांक 15 अगस्त को रद्द रहेगी.

13) 17612 मुंबई नांदेड़ राज्य रानी एक्सप्रेस दिनांक 14 और 15 अगस्त को रद्द रहेगी।

14) 17057 मुंबई सिकंदराबाद देवगिरी एक्सप्रेस दिनांक 14 और 15 अगस्त को रद्द रहेगी।

15) 11039 कोल्हापुर गोंदिया महाराष्ट्र एक्सप्रेस दिनांक 12 और 14 अगस्त को रद्द रहेगी।

16) 07427 लोकमान्य तिलक टर्मिनस नांदेड़ विशेष एक्सप्रेस दिनांक 15 अगस्त को रद्द रहेगी।

मुम्बई की ओर जानेवाली 17 रद्द गाड़ियाँ :

1) 11114 भुसावल देवलाली मेमू दिनांक 13 और 14 अगस्त को रद्द रहेगी।

2) 22224 साईंनगर शिरडी मुंबई वंदे भारत दिनांक 14 अगस्त को रद्द रहेगी।

3) 17618 नांदेड़ मुंबई तपोवन एक्सप्रेस दिनांक 13 और 14 अगस्त को रद्द रहेगी।

4) 11120 भुसावल ईगतपुरी मेमू दिनांक 14 और 15 अगस्त को रद्द रहेगी।

5) 12072 जालना मुंबई जनशताब्दी एक्सप्रेस दिनांक 14 और 15 अगस्त को रद्द रहेगी।

6) 02132 जबलपुर पुणे साप्ताहिक विशेष एक्सप्रेस दिनांक 13 अगस्त को रद्द रहेगी.

7) 01026 बलिया दादर विशेष एक्सप्रेस दिनांक 13 और 16 अगस्त को रद्द रहेगी।

8) 12140 नागपुर मुंबई सेवाग्राम एक्सप्रेस दिनांक 13 और 14 अगस्त को रद्द रहेगी।

9) 11402 आदिलाबाद मुंबई नंदीग्राम एक्सप्रेस दिनांक 14 और 15 अगस्त को रद्द रहेगी।

10) 12114 नागपुर पुणे गरीबरथ एक्सप्रेस दिनांक 13 अगस्त को रद्द रहेगी.

11) 01751 रीवा पनवेल विशेष एक्सप्रेस दिनांक 14 अगस्त को रद्द रहेगी।

12) 12136 नागपुर पुणे सुपरफास्ट एक्सप्रेस दिनांक 14 अगस्त को रद्द रहेगी.

13) 17611 नांदेड़ मुंबई राज्य रानी एक्सप्रेस दिनांक 13 और 14 अगस्त को रद्द रहेगी।

14) 17058 सिकंदराबाद मुंबई देवगिरी एक्सप्रेस दिनांक 13 और 14 अगस्त को रद्द रहेगी।

15) 11040 गोंदिया कोल्हापुर महाराष्ट्र एक्सप्रेस दिनांक 14 और 16 अगस्त को रद्द रहेगी।

16) 07426 नांदेड़ लोकमान्य तिलक टर्मिनस विशेष एक्सप्रेस दिनांक 14 अगस्त को रद्द रहेगी।

आँशिक रद्द की गई 6 गाड़ियाँ :

1) 22456, कालका साईंनगर शिरडी सुपरफास्ट एक्सप्रेस, JCO दिनांक 13 अगस्त, कालका से भुसावल तक ही चलेगी। (भुसावल से साईंनगर शिरडी के बीच रद्द )

2) 17063 मनमाड सिकंदराबाद अजन्ता एक्सप्रेस, JCO दिनांक 13 और 14 अगस्त को मनमाड के बजाय नगरसोल से सिकन्दराबाद के लिए प्रस्थान करेगी। (मनमाड से नगरसोल के बीच रद्द)

3) 12109 मुंबई मनमाड पंचवटी एक्सप्रेस, JCO दिनांक 14 अगस्त को केवल नासिक रोड तक चलेगी। (नासिक रोड और मनमाड के बीच रद्द )

4) 22455 साईंनगर शिरडी कालका साप्ताहिक सुपरफास्ट एक्सप्रेस JCO 15 अगस्त को साईंनगर शिरडी के बजाय भुसावल से रवाना होगी।(साईंनगर शिरडी से भुसावल के बीच रद्द)

5) 12110 मनमाड मुंबई पंचवटी एक्सप्रेस JCO दिनांक 15 अगस्त को मनमाड के बजाय नासिक रोड से प्रस्थान करेगी। (मनमाड और नासिक रोड के बीच रद्द )

6) 17064 सिकंदराबाद मनमाड अजन्ता एक्सप्रेस, JCO दिनांक 14 और 15 अगस्त को केवल नागरसोल तक चलेगी।

मार्ग में नियंत्रित कर चलाई जानेवाली 5 गाड़ियाँ :

1) 20103 लोकमान्य तिलक टर्मिनस गोरखपुर संत कबीरधाम सुपरफास्ट एक्सप्रेस JCO 14 अगस्त 25 मिनट के लिए नियंत्रित होकर चलेगी।

2) 12165 लोकमान्य तिलक टर्मिनस गोरखपुर रत्नागिरी सुपरफास्ट एक्सप्रेस JCO 14 अगस्त को 15 मिनट के लिए नियंत्रित होकर चलेगी।

3) 22184 अयोध्या कैंट लोकमान्य तिलक टर्मिनस साकेत सुपरफास्ट एक्सप्रेस JCO 14 अगस्त को 95 मिनट नियंत्रित होगी।

4) 12780 हजरत निजामुद्दीन वास्को-डी-गामा गोवा सुपरफास्ट एक्सप्रेस JCO 14 अगस्त को 160 मिनट नियंत्रित कर चलेगी।

5) 22122 लखनऊ लोकमान्य तिलक टर्मिनस साप्ताहिक एसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस JCO 14 अगस्त को 100 मिनट नियंत्रित कर चलेगी।

परावर्तित की जानेवाली गाड़ियाँ :

वृत्त संकलन : गणेश डोळस

यात्रीगण से निवेदन है, उक्त मार्ग से रेल यात्रा का नियोजन है तो कृपया उपरोक्त तिथियों के बीच गाड़ियोंकी चल स्थिति के लिए रेलवे हेल्पलाइन 139 या अधिकृत वेबसाइट, ऍप से सम्पर्क करें।

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वन्देभारत vs गरीबों की रेल

09 अगस्त 2023, बुधवार, अधिक श्रावण, कृष्ण पक्ष, नवमी, विक्रम संवत 2080

मित्रों, वैसे हम विशुद्ध रूप से, सिर्फ और सिर्फ रेल सम्बन्धी ख़बरोंसे जुड़े हुए है, हमारे ब्लॉग को किसी राजनीति से कोई लेनादेना नही। मगर दिनोंदिन एक बात हमारे मन मे कौंध रही है, नई और बहुचर्चित वन्देभारत एक्सप्रेस पर मीडिया, सोशल मीडिया में दी गयी विशेष तवज्जों और वह भी अलग नज़रिए वाली। जैसे की वन्देभारत एक्सप्रेस से मवेशी कटे, वन्देभारत लोको का चेहरा बिगड़ा, वन्देभारत एक्सप्रेस पर पत्थरबाजी, वन्देभारत एक्सप्रेस का फलाना नुकसान हुवा इत्यादि।

क्या यह, वन्देभारत vs गरीबों की रेल ऐसे नैरेटिव, रिवायत बनाने का एजेन्डा चलाया जा रहा है? क्या आज से पहले देश मे कभी कोई वातानुकूलित या प्रीमियम गाड़ी नही चलाई गई है? देश की पहली सम्पूर्ण वातानुकूलित नई दिल्ली हावडा राजधानी सन 1969 में चली थी और आज भारतीय रेल का गौरव है। वातानुकूलित कुर्सी यान वाली शताब्दी एक्सप्रेस 1988 से चलाई जा रही है। हालांकि यह गाड़ियाँ सर्वप्रथम चली तब भी देश में इनको कड़ी आलोचना का शिकार होना पड़ा। देश को ऐसी विलासपूर्ण, लग्जरी गाड़ियोंकी क्या जरूरत है, यह बोला जाता था मगर आज इन्ही गाड़ियोंका, देश की गतिमान, लोकप्रिय और भारतीय रेलवे की लाभदायक गाड़ियोंमे शुमार होता है।

वन्देभारत एक्सप्रेस ऐसी ही एक प्रीमियम, आधुनिक साजसज्जा, तकनीक वाली, देश को गौरवान्वित करनेवाली गाड़ी है। इसकी खूबियों के बारे में आप लोग इतनी बार पढ़ चुके होंगे के दोबारा से यहॉं गिनाने की कोई आवश्यकता हमें नही लगती। आज हम सिर्फ उस के लिए जो अलग व्यवहार, खबरें मीडिया में अग्रता से लाई जाती रही है, उस पर बात करेंगे।

क्या रेल पटरियों पर, रेल से टकरा कर आवारा मवेशियों के कटने की खबरें आम थी, अर्थात सुर्खियों में छपती थी? नहीं, मगर वन्देभारत के संदर्भ के कर यह खबर हेडलाइन्स में आती रही है। क्या पहले रेल पर पत्थरबाजी कभी नही हुई? होती थी और उनपर रेल प्रशासन की ओर से उपाय, उपचार और कड़ी कार्रवाई भी की गई है, मगर वन्देभारत पर यह खबरें सुर्खियों में छापी गयी। एक प्रवाद है, जिनके नाम होते है, उन्हें बड़ी आसानी से बदनाम भी किया जा सकता है, क्योंकि कौन, किस के बारे में, यह ज्यादा समझाना नही पड़ता। है ना?

कुछ वन्देभारत गाड़ियाँ खाली चल रही है। मीडिया इस मामले भी बड़ी सक्रियता से उन्हें असफल होने का तमगा लिये पीछे दौड़ रहा है। एक अभ्यास बताता है, किसी भी वन्देभारत का परिचालन खर्च, गाड़ी मात्र 30 प्रतिशत यात्रीभार से भी चले तो, निकलता है। गौरतलब यह है, देश भर के सारे जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र में वन्देभारत चले इसके लिए आग्रही थे और है। देशभर में अब तक 25 वन्देभारत गाड़ियाँ चली है और कुल 200 वन्देभारत गाड़ियाँ आने वाली है। 25 में से 2 या 3 गाड़ियाँ अपेक्षित यात्री भार से कम यात्रिओंका वहन कर रही है, तो क्या वन्देभारत एक्सप्रेस को असफ़ल करार दिया जा सकता है, कदापि नहीं।

मीडिया का दूसरा चहेता विषय है, गरीबों की गाड़ियाँ विरुद्ध वन्देभारत एक्सप्रेस। यह कैसी तुलना है? भारतीय रेल में द्वितीय श्रेणी से लेकर एग्जीक्यूटिव और वातानुकूल प्रथम तक विभिन्न टिकट श्रेणियाँ है। अनारक्षित डेमू/मेमू से लेकर सम्पूर्ण वातानुकूलित राजधानी एक्सप्रेस तक की विभिन्न गाड़ियोंके प्रकार यात्रिओंके लिए चलाये जाते है। ऐसे में कम उत्प्रन्न वाले यात्रिओंको वन्देभारत एक्सप्रेस कहाँ आड़े आती है?

शून्याधारित समयसारणी कार्यक्रम के अंतर्गत कुछ गाड़ियोंको बन्द करना तय किया गया था। यह भारतीय रेल का दूरदृष्टिता विकास कार्यक्रम था। पुराने पारम्परिक कोचेस को बदलकर नए गतिमान आधुनिक LHB कोच लाना, रेल के सम्पूर्ण विद्युतीकरण से लोको का शंटिंग कर बदलने की प्रक्रिया से परिचालन समय की बचत करना, देशभर की पटरियों को उच्च क्षमता में बदलकर उनका मजबूतीकरण करना, सिग्नलिंग यंत्रणाओंको आधुनिक बनाना, सेल्फ प्रोपल्ड लोको वाली ट्रेन सेट को चलाना, मालगाड़ियोंके लिए समर्पित गलियारों का निर्माण, अलग रेल नेटवर्क या रेल दोहरीकरण, तिहरीकरण कर अलग पटरी बनाना, रेलवे स्टेशनोंको आधुनिकता का नया जामा पहनाना ताकी यात्रिओंके आवागमन में गतिशीलता आये, उनका आवागमन सुविधाजनक हो ऐसी व्यवस्था करना यह सारा कार्य भारतीय रेल को आधुनिकता की ओर ले जाने की जद्दोजहद ही तो है, क्या यह भद्दे नैरेटिव चलाने वालोंकी समझ से परे है? शायद नही, मगर बहुत से आम लोग इससे बरगलाए जरूर जा सकते है।

मित्रों, यह बात सच है, देश का आम यात्री साधारण गाड़ियाँ, मेल/एक्सप्रेस में साधारण कोच की कामना रखता है। उसे इन वातानुकूलित प्रीमियम गाड़ियोंकी न ही चाहत है, न ही फिलहाल कोई आवश्यकता। मगर हर व्यवस्था को बेहतर और ज्यादा बेहतर करने का अपना वक्त, समय होता है। जिस तरह आज रेल आधुनिकीकरण का वक़्त चल रहा है, उन सेल्फ प्रोपल्ड डेमू/मेमू गाड़ियोंका का भी वक़्त आएगा और जरूर आएगा। अपनी मांगों, जरूरतों को संजोए रखिये। भारतीय रेल आपकी हर सुविधाओंका ख्याल रख रही है। रेल तिहरीकरण, चौपदरी करण, DFC समर्पित मालगाड़ियोंके कॉरिडोर, बुलेट ट्रेन, हाई स्पीड/सेमी हाई स्पीड कॉरिडोर बन रहे है। ऐसी स्थिति में नियमित रेल मार्गों से न सिर्फ मालगाड़ियां हटेंगी बल्कि प्रीमियम और नॉनस्टॉप गाड़ियाँ भी अलग नेटवर्क पर जा सकती है।

रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट यह प्रसव वेदना है। आनेवाला काल भारतीय रेल के लिए एक उज्वल, उषःकाल लाने वाला है। बस, हम और आप सब इसी का इंतज़ार करते है।

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11139/40 मुम्बई गदग एक्सप्रेस, 11305/06 सोलापुर गदग एक्सप्रेस प्रतिदिन गाड़ियोंके होसापेट्टे विस्तार को रेल बोर्ड की अनुमति

08 अगस्त 2023, मंगलवार, अधिक श्रावण, कृष्ण पक्ष, अष्टमी, विक्रम संवत 2080

मित्रों, सोलापुर, गदग और होसापेटे क्षेत्र के यात्रिओंकी लम्बी माँग को आखिरकार रेल प्रशासन ने अनुमति की हरी झंडी दिखा दी है।

11305/06 सोलापुर गदग सोलापुर प्रतिदिन एक्सप्रेस कुछ समय परिवर्तन हो कर गदग से आगे होसापेटे तक सेवा देने जल्द ही पहुंचने वाली है।

साथ ही 11139/40 मुम्बई छत्रपति शिवाजी महाराज से गदग के बीच चलनेवाली प्रतिदिन एक्सप्रेस भी होसापेटे तक विस्तारित की जा रही है।

रेल बोर्ड ने इस विस्तार को अनुमति दे दी है और स्थानीय क्षेत्र, मण्डल को इस बदलाव को यथोचित समय पर लागू करने कहा है।

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भारतीय रेल में आम यात्री के लिए सुनहरा काल

07 अगस्त 2023, सोमवार, अधिक श्रावण, कृष्ण पक्ष, सप्तमी, विक्रम संवत 2080

भारतीय रेल! हमारे देश का नैशनल कैरियर! हम आम लोगोंके लिए किफायती, सुरक्षित यातायात का प्रमुख साधन। उपनगरीय यात्रिओंको जोड़े तो किसी पश्चिमी देशोंकी समूची लोकसंख्या गिन लीजिए, इतने यात्रिओंकी एक दिन की ढुलाई, हमारी भारतीय रेल में होती है। क्या देश की प्रचण्ड लोकसंख्या इसका कारण है या भारतीय रेल के अत्यंत किफायती किराए यात्रिओंको रेल यात्रा करने के लिए आकर्षित करते है?

किसी नतीज़े पर पहुंचने से पहले और चर्चाको आगे बढाते है। भारतीय रेल में उपनगरीय गाड़ियाँ छोड़, देश की लम्बी दूरी की रेल यात्राओंको समझते है। इन गाड़ियोंमे सबसे महंगा टिकट वातानुकूल प्रथम श्रेणी का है और सबसे सस्ता द्वितीय श्रेणी का। इसी दायरे में टिकट की तमाम श्रेणियाँ, विभिन्न प्रकार की प्रीमियम, राजधानी, शताब्दी, नवावतारित वन्देभारत, जनशताब्दी, सुपरफास्ट, मेल/एक्सप्रेस और मेमू एक्सप्रेस गाड़ियाँ सम्मिलित है। चूँकि सवारी गाड़ियाँ संक्रमण काल मे बन्द हुई तो फिर आजतक चली ही नही। नही तो ग़ैरउपनगरीय क्षेत्र की सबसे सस्ती द्वितीय श्रेणी टिकट का तमगा उससे न छीन पाता। घनघोर आश्चर्य की बात है, देश की सबसे लम्बी चलनेवाली कन्याकुमारी – डिब्रूगढ़ विवेक एक्सप्रेस जो 4153 किलोमीटर यात्रा करती है, उसके बाद दूसरे क्रमांक की तिरुवनंतपुरम – सिल्चर अरुनोई एक्सप्रेस जो 3915 किलोमीटर चलती है, जिनके एण्ड टु एण्ड यात्रा में चार – चार दिन लग जाते है, उनमें भी द्वितीय श्रेणी साधारण टिकट भारतीय रेल में उपलब्ध है। इन सब बातों के दौरान हमारी रेल यात्री के स्वर्णिम काल की बात तो पिछे रह गई, चलिए लौटते है,

हमारी रेल में 3 प्रकार के यात्री होते है, रोजाना यात्रा करनेवाले, जिनमे बहुतसे यात्री उपनगरीय गाड़ियोंमें यात्रा करते है और इनके पास मासिक/त्रिमासिक (MST/QST) टिकट होता है। दूसरे फ्रिक्वेंट ट्रेवलर अक्सर रेल यात्रा करने वाले यात्री। जो अमूमन महीने – दो महीने में रेल यात्रा करते है। तीसरे कभीकभार यात्रा करनेवाले पर्यटक या कारणवश यात्रा करनी पड़े ऐसे रेल यात्री। इन फ्रिक्वेंट ट्रैवलर या नियमित यात्रा करनेवाले लोगोंकी चर्चा में भारतीय रेल में आम यात्रिओंका स्वर्णिम काल, संक्रमण के बाद जो ‘केवल आरक्षित यात्री’ बन्धन में यात्री गाड़ियाँ चल रही थी, वह था। है न, आश्चर्यभरी बात!

इसके लिए हमें आजकल भारतीय रेल के 90 फीसदी गाड़ियोंमे जो धान्दली चल रही है, उसे समझना होगा। रेल गाड़ियोंकी संरचना मानकीकरण के नामपर द्वितीय श्रेणी साधारण कोचों की कटौती, यात्री सुविधाओं की निगरानी रखनेवाले TTE चल टिकट निरीक्षक की कमी, और स्लिपर क्लास के रद्द नही किये गए प्रतिक्षासूची वाले काउंटर टिकट धारी यात्री, कम अन्तर यात्रा करनेवाले नियमित मासिक पास धारक और अनारक्षित टिकट धारक यात्री तमाम लोग बड़ी बेदरकारी से आरक्षित स्लिपर कोच और वातानुकूल थ्री टियर में धड़ल्ले से घुस कर यात्रा करने वाले यात्री। आज की ताजा ख़बर है, हावडा – चेन्नई मेल के आरक्षित कोच के यात्रिओंने खड़गपुर स्टेशनपर कोच में घुसे अनारक्षित यात्रिओंको निकाल बाहर करने तक गाड़ी को रोके रखा। यह गाड़ी खड़गपुर स्टेशनपर 4 घण्टे खड़ी रही।

आज कल की रेल गाड़ियोंकी स्थिति

यह सारी धान्दली, संक्रमण काल मे और बाद के लगभग 1 वर्ष तक बिल्कुल बन्द थी। केवल अग्रिम आरक्षण प्राप्त यात्री ही स्टेशन के अहाते में आ सकते थे। साधारण टिकट पूर्णतः बन्द कर दिए गए थे। अनारक्षित यात्रिओंके लिए रेलवे स्टेशन और तमाम यात्री गाड़ियाँ बन्द थी। सारे द्वितीय साधारण कोच में 2S आरक्षित द्वितीय सिटिंग के भाँती बुकिंग्ज की जा रही थी। तमाम मेल, एक्सप्रेस, सुपरफास्ट गाड़ियोंमें जितनी बुकिंग बस उतने ही यात्री यह माहौल था। केवल आवश्यकता पड़नेपर ही यात्री टिकट आरक्षित कर रेल यात्रा के लिए स्टेशनोंपर पहुंच रहा था। इस काल को यह लोग आम यात्रिओंके लिए स्वर्णिम काल कह रहे है।

मित्रों, यहॉं आपको निश्चित ही हैरानी लग रही होगी, बन्धनोंमें रहकर रेल यात्रा स्वर्णिम काल कैसे हो सकती है? क्या आरक्षित कोच में अनारक्षित यात्रिओंका यात्रा न करना यह उस संक्रमण काल का ही नियम था, पूर्वचलित न था? क्या MST धारक की स्लिपर क्लास में यात्रा करने की अनुमति है? क्या काउंटर का छपा टिकट वेटिंग लिस्ट में रह जाये तो भी आरक्षित श्रेणी में यात्रा कर सकता है? नहीं ना? फिर अब क्यों यह लोग नियमोंको ताक पर रख धान्दली मचा रहे है? क्यों रेल के टिकट जाँच दल, रेल्वेके अधिकारी अनाधिकृत यात्रिओंको दण्डित नही करते है? संक्रमण काल मे जो यात्री अनाधिकृत थे वे अब भी अनाधिकृत ही है। बस, फर्क यह है, लोगोंको नियमोंको ताक पर रखने की आदतसी हो गयी है। रेल विभाग को अपने वर्षोँ चले ढर्रों पर कायम है। हजारों किलोमीटर की साधारण टिकटें जारी कर ही रही है। अब भी काऊंटर्स की प्रतिक्षासूची में रह जानेवाली टिकट को बिना टिकट मान कर दण्डित करने में लापरवाही बरती जा रही है।

अब रेल प्रशासन को अपने आदि-अनादि काल के नियमोंको बदलने का वक्त आ गया है। कोई यात्री गाड़ी 500 किलोमीटर से ज्यादा यात्रा करनेवाली है, उसे सम्पूर्ण आरक्षित गाड़ी कर चलाया जाना चाहिए। इसके साथ ही 500 किलोमीटर से कम अन्तर की इंटरसिटी गाड़ियाँ, 250 किलोमीटर से आसपास अन्तर चलनेवाली अनारक्षित डेमू/मेमू गाड़ियोंकी समुचित व्यवस्था करना चाहिए। मासिक पास, द्वितीय अनारक्षित टिकट केवल इंटरसिटी और कम अन्तर वाली डेमू/मेमू तक ही सीमित होना चाहिए। MST टिकट में सड़क पर लगनेवाले टोल नाकोंकी तरह दखल ली जाए। यह जो भी स्टेशन डेवलपमेंट योजनाओं के अंतर्गत स्टेशनोंपर आगमन, एन्ट्री पॉइंट पर भी यात्री टिकट, पास चेक हो और अधिकृत व्यक्ति ही रेल आहाते में आए। यह इतनी सी अपेक्षाओंकी पूर्तता होती है तो भारतीय रेल सदा के लिए अपने यात्रिओंके लिए स्वर्णिम काल लेकर आएगी।

Photo courtesy : http://www.indiarailinfo.com

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मध्य रेल भुसावल मण्डल के 6 स्टेशन रिडेवलपमेंट प्लान्स, जो “अमृत भारत स्टेशन योजना” में शामिल किए गए है।

06 अगस्त 2023, रविवार, अधिक श्रावण, कृष्ण पक्ष, षष्टी, विक्रम संवत 2080

मित्रों, भुसावल मण्डल के 6 स्टेशनोंके रिडेवलपमेंट कार्य का शिलान्यास आज रखा जा चुका है, उनके विस्तृत प्लान्स आपके लिए हाजिर है। मलकापुर, शेगांव, बड़नेरा, नेपानगर, मनमाड़ एवं चालीसगांव स्टेशन्स का हुलिया आमूलचूल बदलने जा रहा है। देखिए,