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जूनागढ़ – वेरावल रेल मार्ग अतिवृष्टि से बाधित; यात्री गाड़ियाँ रद्द की जा रही है।

22 जुलाई 2023, शनिवार, अधिक श्रावण, शुक्ल पक्ष, षष्टी, विक्रम संवत 2080

11464 जबलपुर वेरावल एक्सप्रेस JCO 21/7/2023 जेतलसर से आगे वेरावळ के बीच रद्द की जा रही है। यह गाड़ी वापसीमे 11463 वेरावळ जबलपुर एक्सप्रेस JCO 23/7/2023 राजकोट से जबलपुर के लिए रवाना होगी और वेरावळ से राजकोट के बीच रद्द रहेगी।

22957 अहमदाबाद वेरावळ सुपरफास्ट JCO 22/7, 22958 वेरावळ अहमदाबाद सुपरफास्ट JCO 22/7, 19207 पोरबन्दर वेरावळ एक्सप्रेस JCO 23/7 पूर्णतः रद्द की जा रही है।

19252 ओखा वेरावळ एक्सप्रेस जको 22/7 राजकोट से वेरावळ के बीच रद्द रहेगी और वापसी में 19251 वेरावळ ओखा एक्सप्रेस JCO 22/7 राजकोट से ओखा के लिए रवाना होगी। यह गाड़ी वेरावळ से राजकोट के बीच रद्द रहेगी।

19217 बान्द्रा वेरावळ एक्सप्रेस JCO 22/7 राजकोट से वेरावळ के बीच रद्द रहेगी और वापसी में 19218 वेरावळ बान्द्रा एक्सप्रेस JCO 23/7 राजकोट से बान्द्रा के लिए रवाना होगी। यह गाड़ी वेरावळ से राजकोट के बीच रद्द रहेगी।

19119 अहमदाबाद वेरावळ एक्सप्रेस JCO 21/7/2023 जेतलसर से आगे वेरावळ के बीच रद्द की जा रही है। यह गाड़ी वापसीमे 19120 वेरावळ अहमदाबाद एक्सप्रेस JCO 23/7/2023 जेतलसर से अहमदाबाद के लिए रवाना होगी और वेरावळ से जेतलसर के बीच रद्द रहेगी।

00131 FTR भारत दर्शन यात्री गाड़ी दिनांक 23/7 के सुबह 6:00 बजे तक जूनागढ़ में नियंत्रित की जाएगी।

यात्रिओंसे निवेदन है, उक्त मार्ग पर रेल यात्रा करने से पहले रेल्वेके हेल्पलाइन 139 पर रेल यातायात की जानकारी से अवगत हो अपनी रेल यात्रा का नियोजन करें।

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गणपति बाप्पा मोरया : पश्चिम रेल्वे WR की गणपति दो विशेष गाड़ियाँ, करेंगी 18 फेरे

22 जुलाई 2023, शनिवार, अधिक श्रावण, शुक्ल पक्ष, षष्टी, विक्रम संवत 2080

09009/10 मुम्बई सेंट्रल सावंतवाड़ी मुम्बई सेंट्रल विशेष; विशेष किराया दरों के साथ

09009 मुम्बई सेंट्रल सावंतवाड़ी विशेष दिनांक 14 से 30 सितंबर तक सप्ताह में 6 दिन केवल मंगलवार छोड़कर चलाई जाएगी। वापसी में 09010 सावंतवाड़ी मुम्बई सेंट्रल विशेष दिनांक 15 सितंबर से 01 अक्तूबर तक सप्ताह में 6 दिन केवल बुधवार छोड़कर चलाई जाएगी।

गाड़ी की डिब्बा संरचना : 01 वातानुकूलित टू टियर, 05 वातानुकूलित थ्री टियर, 12 स्लिपर, 04 साधारण और 02 एसएलआर कुल 24 कोच

09018/17 उधना मडगांव उधना साप्ताहिक विशेष; विशेष किराया दरों के साथ

09018 उधना मडगांव साप्ताहिक विशेष दिनांक 15 से 29 सितम्बर तक प्रत्येक शुक्रवार को और वापसी में 09017 मडगांव उधना साप्ताहिक विशेष दिनांक 16 से 30 सितम्बर तक प्रत्येक शनिवार को चलेंगी।

गाड़ी की डिब्बा संरचना : 01 वातानुकूलित प्रथम, 01 वातानुकूलित टू टियर, 06 वातानुकूलित थ्री टियर, 08 स्लिपर, 03 साधारण, 01 जनरेटर वैन और 01 एसएलआर कुल 23 कोच

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उपरे NWR की 5 जोड़ी यात्री गाड़ियोंसे सस्ती रेल यात्रा व्यवस्था में कटौती; वातानुकूलित कोच बढ़ेंगे!

21 जुलाई 2023, शुक्रवार, अधिक श्रावण, शुक्ल पक्ष, पंचमी, विक्रम संवत 2080

यात्री गाड़ियोंके डिब्बा संरचना मानकीकरण का कार्यक्रम जोरशोर से जारी है। इसी कड़ी में उत्तर पश्चिम रेल NWR ने अपने क्षेत्र की पाँच जोड़ी गाड़ियाँ नामित की है। उक्त बदलाव नवम्बर के आखरी सप्ताह से कार्यान्वित किये जायेंगे। निम्नलिखित परिपत्रक देखे,

19601/02 उदयपुर सिटी न्यु जलपाईगुड़ी उदयपुर सिटी साप्ताहिक एक्सप्रेस की डिब्बा संरचना के दो स्लिपर बदलकर दो वातानुकूलित थ्री टियर इकोनॉमी कोच लगाए जाएंगे।

19615/16 उदयपुर सिटी कामाख्या उदयपुर सिटी कवि गुरु साप्ताहिक एक्सप्रेस की डिब्बा संरचना के दो स्लिपर बदलकर दो वातानुकूलित थ्री टियर इकोनॉमी कोच लगाए जाएंगे और एक वातानुकूल थ्री टियर की जगह एक वातानुकूल टू टियर लगेगा।

20971/72 उदयपुर सिटी शालीमार उदयपुर सिटी साप्ताहिक एक्सप्रेस की डिब्बा संरचना के दो स्लिपर बदलकर दो वातानुकूलित थ्री टियर इकोनॉमी कोच लगाए जाएंगे।

12486/85 श्रीगंगानगर हुजूर साहिब नान्देड़ श्रीगंगानगर द्विसाप्ताहिक एक्सप्रेस डिब्बा संरचना के दो स्लिपर बदलकर दो वातानुकूलित थ्री टियर इकोनॉमी कोच लगाए जाएंगे।

12440/39 श्रीगंगानगर हुजूर साहिब नान्देड़ श्रीगंगानगर साप्ताहिक एक्सप्रेस डिब्बा संरचना के दो स्लिपर बदलकर दो वातानुकूलित थ्री टियर इकोनॉमी कोच लगाए जाएंगे।

रेल प्रशासन लगातार लम्बी दूरी की गाड़ियोंसे गैर वातानुकूलित कोच को कम करती जा रही है और उनकी जगह वातानुकूलित थ्री टियर या थ्री टियर इकोनॉमी कोच संरचना में बढ़ा रही है। आम यात्री जिसे कम बजट में स्लिपर या द्वितीय श्रेणी कोच के जरिये सस्ते किरायोंमे (वातानुकूलित श्रेणी के किराया अनुपात में) रेल यात्रा करने की आदत है, उसे यह बदलाव बड़ा खटकता है।

दरअसल इसी सम्बन्ध में एक रेल विशेषज्ञ ने कहा, उपरोक्त बदलाव की कारणमीमांसा की जाए तो समझने की बात है, प्रथमतः आधुनिक LHB गाड़ियोंमे वातानुकूलित कोच बढ़ाए जा रहे है। यह लम्बी दूरी की गाड़ियोंके स्टैटिस्टिक्स, सांख्यिकी का अभ्यास किया जाता है। ज्यादातर प्रतिक्षासूची वातानुकूलित बुकिंग्ज में रहती है। इससे रेल प्रशासन यह समझती है, वातानुकूलित कोच/आसनोंकी माँग ज्यादा है। दूसरा कारण यात्री सुरक्षा के मद्देनजर है। LHB गाड़ियोंकी गति उच्चतम क्षमता 130 किलोमीटर प्रति घण्टे से चलाई जा रही है। जिसमे यात्री की कम्फर्ट लेवल ग़ैरवातानुकूल कोचोंमे कम रहती है। हालाँकि इस तरह कारण रेल प्रशासन की ओरसे कभी सामने नही आये है। रेल प्रशासन केवल रैक मानकीकरण का ही कारण सामने रखता है। मानकीकरण के कारण उन्हें रैक को बदलने में कोई परेशानी न हो।

कुल मिलाकर कम अन्तर की रेल यात्री करनेवाले यात्री को इन गैर-वातानुकूलित कोचों की कमी होने से अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। रेल प्रशासन को चाहिए, कुछ खण्डोंमे मेमू/डेमू/इंटरसिटी गाड़ियाँ बढाने का प्रयास करना चाहिए।

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भारतीय रेल का ‘जनआहार’ सुधारित मेनू, दर और मानकोंके साथ फिर बहाल हो रहा है !

20 जुलाई 2023, गुरुवार, अधिक श्रावण, शुक्ल पक्ष, तृतीया, विक्रम संवत 2080

भारतीय रेलवे द्वितीय श्रेणी साधारण कोचों के पास प्लेटफार्मों पर किफायती भोजन उपलब्ध कराएगा। ज्ञात रहे, यह योजना संक्रमण काल के पहले भारतीय रेल के प्रमुख स्टेशनोंपर ‘जनआहार’ नाम से चल रही थी, जिसमे ₹15/- के मूल्य पर 7 पुड़ी, आलू की सूखी सब्जी और अचार दिया जाता था।

अब सुधारित योजना इस प्रकार है, भोजन की आपूर्ति आईआरसीटीसी की रसोई इकाइयों (जलपान कक्ष और जन आहार) द्वारा की जाएगी।₹20/- एवं ₹50/- के 2 प्रकार के भोजन उपलब्ध होंगे। जिसमे ₹20/- का मेनू पहले की भाँति ही रहेगा, 175 ग्राम की 7 पूड़ी, 150 की आलू की सूखी सब्जी और 20 ग्राम अचार जबकी ₹50/- में स्नैक/कॉम्बो मिल्स के तहत दक्षिण भारतीय चावल की डिशेज जिनका एकत्रित वजन 350 ग्राम रहेगा। इसमे अन्य पदार्थोमे राजमा/छोले – चावल, खिचड़ी, कुलचे/भटूरे – छोले, पाव भाजी, मसाला डोसा उपलब्ध कराए जाएंगे। दोनों प्रकारोंके साथ ही 300 मिलीलीटर पीने के पानी की सिलबन्द बोतल/ग्लास भी शामिल है।

रेल विभाग ने इस मामले में विस्तृत परिपत्रक जारी किया है। मेनू के साथ ही विभिन्न क्षेत्रीय रेल के कुल 64 स्टेशनोंके नामों की घोषणा की गई है, जहाँ यह खानपान व्यवस्था शुरू हो चुकी है या जल्द ही शुरू हो जाएगी।

जयपुर, नागौर और अजमेर में लगे किफायती भोजन के स्टॉल्स
रेवाड़ी और अबु रोड
माइलादुत्तराई
गोंदिया

मध्य रेलवे में इसे निम्नलिखित स्टेशनों पर प्रदान किया जाएगा-

1) लोकमान्य तिलक टर्मिनस
2) नागपुर
3) पुणे
4) मनमाड
5) खंडवा
6) भुसावल

इसके अलावा और भी स्टेशनों की पहचान की जा रही है।

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रेल प्रशासन श्रमिकों के लिए अनारक्षित, अन्त्योदय जैसी गाड़ियाँ चलाने पर विचार कर रही है।

20 जुलाई 2023, गुरुवार, अधिक श्रावण, शुक्ल पक्ष, तृतीया, विक्रम संवत 2080

भारतीय रेल पर फिलहाल 28 किस्म के कोचेस चलते है, मगर आम श्रमिक वर्ग में द्वितीय साधारण याने प्रचलित भाषा मे जनरल और स्लिपर यह दो वर्ग ही लोकप्रिय है। जनरल वर्ग की टिकट अनारक्षित और हर समय उपलब्ध रहती है, इसके लिए यह ‘मोस्ट कॉमन’ सर्वाधिक उपयोग में आने वाला टिकट या यूँ कहे वर्ग है। इस वर्ग के लिए उधना – दानापुर और दिल्ली – गौहाटी के बीच एक – एक नियमित अनारक्षित यात्री गाड़ी चलाने का रेल प्रशासन विचार कर रही है।

हमारे देश मे उत्तरी, पूर्वी भारत से अधिकांश श्रमिक दक्षिण और पश्चिम भारत के बड़े शहरोंकी ओर स्थलांतर करते है। बड़े शहरोंकी ऊँचे दरों की मजदूरी इन्हें आकर्षित करती है। खैर, यह अर्थतज्ञों वाली बातें छोड़कर हमारे मुद्दे पर आते है। तो रेल विभाग देश के आम यात्रिओंके लिए अनारक्षित गाड़ियाँ लाने पर विचार कर रही है। ऐसे प्रयोग अन्त्योदय एवं जनसाधारण एक्सप्रेस के नाम पर पहले भी हो चुके है, जो दुर्भाग्यपूर्ण रूप से असफल रहे है। यात्रिओंकी असीमित माँग होने के बावजूद यह गाड़ियाँ असफल क्यों हुई? अक्सर खाली ही चलती है। जिसमे टाटानगर – लोकमान्य तिलक टर्मिनस द्विसाप्ताहिक अन्त्योदय एक्सप्रेस को बन्द किया जा चुका है। अन्य अन्त्योदय गाड़ियोंकी यात्री स्थिति के आँकड़े भी बाहर नहीं आते। क्या रेल विभाग इसकी प्रसिद्धि बराबर, सही तरीकेसे नही कर पाया? आइए, चर्चा करते है।

अनारक्षित गाड़ियोंका असफल होनेके पीछे महत्वपूर्ण कारण है इन गाड़ियोंका अनारक्षित होना, कैसे? हम समझाते है, अनारक्षित गाड़ियोंमे जो द्वितीय साधारण वर्ग की टिकट चलती है, उसकी बुकिंग असीमित अर्थात बिना किसी सीलिंग के की जाती है। और ठीक उसी तरह यात्री के उन कोचोंमे यात्रा करने पर भी कोई सीलिंग अर्थात बन्धन नही होता। इसे यूँ समझिए, एक जनरल कोच में 90 से 100 आसन उपलब्ध है और नियमित मेल/एक्सप्रेस जिनमे बमुश्किल 2 जनरल कोच रहते है, 200, 300 यात्री ठूंस ठूँस कर यात्रा कर रहे होते है। जब इस तरह की अनारक्षित गाड़ी चलाई जाती है, तो सर्वसाधारण यात्री यह सोचता है, इसके सारे कोचेस आम मेल/एक्सप्रेस की तरह ‘ओवर पैक्ड’ रहेंगे। क्योंकि मेल/एक्सप्रेस में आरक्षित कोच की बुकिंग देखकर उसे गाड़ी में रहनेवाली भीड़ का अंदाजा आ जाता है मगर इस अनारक्षित गाड़ी को प्रत्यक्ष देखने के सिवा उसका अंदाजा लगाना मुश्किल होता है, क्योंकि यह गाड़ी पूर्णतयः अनारक्षित होती है, तो इसकी बुकिंग्ज कितनी हो पाई है, कीतनी भर कर चलेगी यह केवल प्रत्यक्षदर्शी ही बता पायेगा।

दूसरा महत्वपूर्ण कारण भी इसकी अनारक्षित बुकिंग्ज से ही जुड़ा है। चूँकि अनारक्षित गाड़ी होने से यह गाड़ी IRCTC की ऑनलाइन टिकट बुकिंग वाली सूची में दिखाई नही देती और इसके चलते बहुतें अकस्मात रेल यात्रा करनेवाले यात्रियोंको इस गाड़ी के परिचालन की जानकारी समझ नही आती। एक तरह से जो स्टेशनोंपर घण्टों नियमित मेल/एक्सप्रेस गाडियोंके जनरल कोच ताकते रहते है और थोड़ीबहुत खाली जगहोंको इंतज़ार करते रहते है, उन यात्रियोंके लिए यह गाड़ियाँ उपयुक्त है। इसके बावजूद भी वह यात्री इन गाड़ियोंपर विश्वास नही रखते और खचाखच भरे नियमित मेल/एक्सप्रेस के जनरल कोच में ही सवार हो जाते है।

इसका बहुत ही आसान इलाज है, इन गाड़ियोंकी अनारक्षित बुकिंग्ज को द्वितीय सिटिंग अर्थात ‘2S’ में बदलना। 2S की टिकट किराया दर और जनरल द्वितीय साधारण के किराया दरों में मामूली सा केवल ₹15/- का ही फर्क है। जनरल टिकट दर में केवल प्रति व्यक्ति आरक्षण शुल्क ₹15/- ही बढ़ते है। मगर इसके फायदे बहुत हो जाएंगे। गाड़ी ऑनलाइन टिकट वेबसाइट, ऍप पर दिखाना शुरू हो जाएगी। यात्रिओंको गाड़ी में भीड़ कितनी रह सकती है, इसका अंदाज़ा आ जाएगा और सबसे महत्वपूर्ण, उसकी सीट अग्रिम बुक रहेंगी।

रेल विभाग यदि उपरोक्त निर्णय लें, तो इन श्रमिक वर्ग की रेल गाड़ियोंका सही उपयोग होगा।

तस्वीरें साभार : indiarailinfo.com

*पुरी – अहमदाबाद के बीच अन्त्योदय, जनसाधारण अनारक्षित एक्सप्रेस चली थी, जिसे असफलता के चलते, द्वितीय साधारण के 18 कोच हटाकर, 2A, 3A, SL वर्ग के कोच जोड़ दिए गए और नियमित मेल/एक्सप्रेस बना दिया गया। आज यह गाड़ियाँ पूर्व तटीय रेल ECoR की सर्वाधिक लोकप्रिय गाड़ियोंमे से है।