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धुळे – दादर – धुळे और दादर – मनमाड़ – दादर एक्सप्रेस की यात्री आसन व्यवस्था में हुई बढ़ोतरी!

17 मई 2023, बुधवार, जेष्ठ, कृष्ण पक्ष, त्रयोदशी, विक्रम संवत 2080

हाल ही में 01065/66 दादर धुळे दादर त्रिसाप्ताहिक TOD विशेष गाड़ी शुरू की गई। धुळे स्टेशन के इतिहास में ऐसा पहली बार हुवा की मुम्बई के लिए कोई सीधी गाड़ी वहॉं से चली। हालाँकि धुळे से दादर के बीच स्लिप कोच सेवा 11057/58 पठानकोट एक्सप्रेस के जरिये, वाया चालीसगांव जोड़े हुए थी। रेल प्रशासन के बदलते परिचालन नियम जिसमे गाड़ियोंकी शंटिंग को समाप्त करना था, देशभर की लगभग सभी लिंक एक्सप्रेस एवं स्लिप कोच सेवाए बन्द कर दी गयी।

हम अब दूसरे मुद्देपर आते है। दादर धुळे दादर विशेष त्रिसाप्ताहिक एक्सप्रेस दरअसल छह दिवसीय चलनेवाली दादर मनमाड़ दादर गोदावरी विशेष का ही विस्तारित रूप है। सप्ताह में तीन दिन यह गाड़ी मनमाड़ में टर्मिनेट होगी और सप्ताह में तीन दिन मनमाड़ से आगे चालीसगांव होते हुए धुळे जाकर टर्मिनेट होगी।

बीते 4 दिनों पहले ही मनमाड़ के यात्रिओंने गोदावरी विशेष एक्सप्रेस के इस तीन दिवसीय धुळे विस्तार पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया था। उनकी परेशानी की सबब धुळे से इस गाड़ी के यात्रिओंसे भरी होने पर थी।😊 आखिरकार इस समस्या का हल रेल विभाग ने 03 कोच द्वितीय श्रेणी और 01 शयनयान स्लिपर बढाकर हल करने का प्रयत्न किया। गाड़ी की नई संरचना का परिपत्रक यहाँ दिया जा रहा है। उक्त कोच बढ़ोतरी तुरन्त प्रभाव अर्थात 18 मई से लागू हो जाएगी।

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परे WR की इन्दौर के लिए और एक सौगात : इन्दौर – पुणे के बीच साप्ताहिक विशेष गाड़ी

10 मई 2023, बुधवार, जेष्ठ, कृष्ण पक्ष, पंचमी, विक्रम संवत 2080

इस बार गर्मी की छुट्टियोंमे पश्चिम रेल दनादन विशेष गाड़ियाँ चलवा रही है। आज ही 3 जोड़ी गाड़ियोंकी पोस्ट डली और यह लीजिए 1 जोड़ी और घोषणा हो गयी।

09324/23 इन्दौर पुणे इन्दौर साप्ताहिक TOD विशेष

09324 इन्दौर पुणे साप्ताहिक विशेष दिनांक 18 मई से 29 जून तक प्रत्येक गुरुवार को चलेगी। वापसीमे 09323 पुणे इन्दौर साप्ताहिक विशेष दिनांक 19 मई से 30 जून तक प्रत्येक शुक्रवार को चलेगी।

गाड़ी की संरचना में 01 वातानुकूल प्रथम, 02 वातानुकूल थ्री टियर, 12 स्लिपर, 04 द्वितीय साधारण, 02 एसएलआर ऐसे कुल 21 कोच रहेंगे।

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पश्चिम रेलवे की इन्दौर से दानापुर, भिवानी, कटरा के लिए साप्ताहिक विशेष गाड़ियाँ

10 मई 2023, बुधवार, जेष्ठ, कृष्ण पक्ष, पंचमी, विक्रम संवत 2080

09341/42 डॉ आंबेडकर नगर दानापुर डॉ आंबेडकर नगर साप्ताहिक विशेष

09341 डॉ आंबेडकर नगर दानापुर साप्ताहिक विशेष दिनांक 15 मई से 26 जुन तक प्रत्येक सोमवार को चलेगी। वापसीमे 09342 दानापुर डॉ आंबेडकर नगर साप्ताहिक विशेष दिनांक 16 मई से 27 जून तक प्रत्येक मंगलवार को चलेगी।

गाड़ी संरचना में 01 वातानुकूल टू टियर, 02 वातानुकूल थ्री टियर, 15 स्लिपर, 04 साधारण, 02 एसएलआर ऐसे कुल 24 कोच रहेंगे।

09325/26 इन्दौर भिवानी इन्दौर द्विसाप्ताहिक विशेष

09325 इन्दौर भिवानी द्विसाप्ताहिक विशेष दिनांक 15 मई से 30 जुन तक प्रत्येक सोमवार एवं शुक्रवार को चलेगी। वापसीमे 09326 भिवानी इन्दौर द्विसाप्ताहिक विशेष दिनांक 16 मई से 01 जुलाई तक प्रत्येक मंगलवार एवं शनिवार को चलेगी।

गाड़ी संरचना में 01 वातानुकूल टू टियर, 02 वातानुकूल थ्री टियर, 12 स्लिपर, 04 साधारण, 02 एसएलआर ऐसे कुल 21 कोच रहेंगे।

09321/22 इन्दौर श्री माता वैष्णो देवी कटरा इन्दौर साप्ताहिक विशेष

09321 इन्दौर श्री माता वैष्णो देवी कटरा साप्ताहिक विशेष दिनांक 18 मई से 22 जुन तक प्रत्येक गुरुवार को चलेगी। वापसीमे 09322 श्री माता वैष्णो देवी कटरा इन्दौर साप्ताहिक विशेष दिनांक 20 मई से 24 जून तक प्रत्येक शनिवार को चलेगी।

गाड़ी संरचना में 02 वातानुकूल टू टियर, 06 वातानुकूल थ्री टियर, 08 स्लिपर, 03 साधारण, 02 एसएलआर ऐसे कुल 21 कोच रहेंगे।

यात्रीगण ज्ञात रहे, उपरोक्त विशेष गाड़ियाँ TOD अर्थात ट्रेन्स ऑन डिमाण्ड गाड़ियाँ है। इन गाड़ियोंमे सामान्य यात्री किराया दरोंसे 1.3 गुना दर से किराया लागू रहेगा। साथ ही वातानुकूल यानों में बेड रोल सुविधा का भी अभाव रह सकता है।

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भारतीय रेल के वाणिज्य विभाग का सम्पूर्ण डिजिटलिकरण ; सम्भव है, मगर नियत? शायद नही!

07 मई 2023, रविवार, जेष्ठ, कृष्ण पक्ष, द्वितीया, विक्रम संवत 2080

भारतीय रेल की हाल ही में एक खबर आई थी, रेल विभाग ने अपनी खुद के सारे याने पाँच मुद्रणालय बन्द करने का निर्णय लिया है। इन मुद्रणालयों में रेल विभाग की स्टेशनरी, फॉर्म्स, टिकट एवं समयसारणीयाँ छापी जाती थी। इस डिजिटलाइजेशन एवं कम्प्यूटर युग मे कागज़ी कार्रवाई दिनोंदिन कम होती जा रही है। रेल विभाग ने अपनी समयसारणीयाँ तो बरसोंसे या तो बन्द कर दी है या उन्हें निजी ठेकोंपर उतार दिया है। आरक्षित यात्री टिकटें 80 प्रतिशत से ज्यादा डिजिटली, ई-टिकट्स में बुक होती है। ऐसे में क्या रेल्वेके वाणिज्य विभाग अर्थात यात्री टिकट्स के हिस्से का सम्पूर्ण डिजिटलाइजेशन सम्भव है?

आज भारत की आबादी के 90 फीसदी से ज्यादा लोग मोबाईल का उपयोग करते है, यह संख्या तकरीबन 120 करोड़ है। उनमें करीबन 60 करोड़ से ज्यादा स्मार्ट फोन उपभोक्ता है। इन यूजर्स को हम डिजिटल ग्राहक मान सकते है। आरक्षित ई-टिकट के लिए रेलवे के पास IRCTC की वेबसाइट एवं मोबाईल ऍप की उन्नत व्यवस्था है। साथ ही अनारक्षित टिकटोंके लिये UTS ऍप कार्यान्वित है। रेल्वेके PRS काऊंटर्स से सुदुर बैठा व्यक्ति भी इन माध्यमोंसे अपने यात्री टिकट बड़ी आसानीसे खरीद सकता है। ऐसे में यात्री टिकटोंका सम्पूर्ण डिजिटलाइजेशन सहज सम्भव है। आगे इस खण्ड के डिजिटलाइजेशन के सम्भाव्य फायदे/नुकसान देखते है।

यात्री टिकिटिंग के डिजिटलाइजेशन के फायदे यात्री की नज़र से देखें तो, यात्री को अपने रेल टिकट, घर बैठे, बिना भीड़भाड़ का सामना किये, क़तारों में लगे बगैर बड़ी आसानी से मिल सकते है। वह बड़े इत्मिनान से अपनी सुविधानुसार अनेक गाड़ियाँ, सभी श्रेणियों को खंगाल कर अपनी टिकट बनवा सकता है। बनी हुई टिकटोंमे अकस्मात बदलाव अर्थात रद्दीकरण, सवार होने के स्टेधन में बदलाव इत्यादि बड़ी सुगमता से कर सकता है। डिजिटल पेमेंट में लेनदेन भी बड़ा सुविधाजनक होता है। अब रेल्वेके हैसियत से देखे तो, यात्री की रेल आहाते में टिकट व्यवस्था करना, उसकी सुविधाओं का ध्यान रखना, अलग अलग कर्मियों की नियुक्ति करना, स्टेशनरी का उपयोग करना, धन संग्रह और उसका लेनदेन सम्भालना, दलालों की दखल इन सब से रेल विभाग निज़ात पा सकता है।

डिजिटलाइजेशन के नुकसान भी है, यात्रिओंको अपने रेल टिकट की व्यवस्था खुद करनी है। टिकट निकालने के साधन से लेकर उसे जरूरतनुसार छापने तक और कुछ गलती हो गयी तो जिम्मेवारी भी उनकी खुद की। दूसरी बात रेल तकनीक की है। कई बार पेमेंट हो जाती है और टिकट नहीं बनती। ऐसी स्थिति में कई बार ग्राहक का बटुवा साफ़ हो जाता है, और हाथ बिना टिकट के ही रह जाते है। यह बात और है, अन बुक्ड टिकट का धन 2-4 दिन में खाते में लौट जाता है। मगर रेल टिकट बुकिंग में समय की नज़ाकत, जरूरत तो ई-टिकट निकालने वाले भलीभाँति जानते है। 😊

अब रेल विभाग के नुकसान की बात करते है। वैसे रेल विभाग का सीधा तो नुकसान नहीं है, बस PRS प्रतिक्षासूची के टिकट धनवापसी के लिए उपस्थित नहीं होते और वह यात्री जैसेतैसे अपनी रेल यात्रा पूरी कर लेते है। वहीं ई-टिकट के प्रतिक्षासूची टिकट अपने आप रद्द हो कर धनवापसी भी हो जाती है। यह रेल विभाग का एक तरह का घाटा है।

सम्पूर्ण डिजिटाइजेशन में रेल विभाग अपनी प्रतिक्षासूची पर भी अंकुश रख सकता अर्थात प्रतिक्षासूची के 4 महीने अग्रिम धन की नीयत पर न हो तो!😊 रेल विभाग जब अपनी आरक्षित टिकिटिंग सम्पूर्ण डिजिटलाइज कर दें, तब जो गाड़ियाँ पूर्णतयः बुक हो चुकी हो, उन्हें बुकिंग सूची से हटा देना चाहिए, अर्थात जैसे ही पूर्व बुक्ड टिकटोंका कैंसलेशन हो और सीट्स/बर्थस बुकिंग के लिए उपलब्ध हो जाये, वह गाड़ी फिर से बुकिंग साइट्स पर दिखने लग जाएगी। यह चीजें यदि आरक्षित टिकटोंका सम्पूर्ण डिजिटलाइजेशन हो चुका हो, तभी सम्भव है।

आजकल आरक्षित कोचों में अतिरिक्त, अनारक्षित और प्रतिक्षासूची धारकोंकी बड़ी भीड़ चलती है। यह लोग उक्त श्रेणियों का पूर्ण किराया चुकाए रहते है, अतः नैतिक रूप से उन्हें चेकिंग स्टाफ उतारते नही। दूसरा काम नियमानुसार कार्रवाई का होता है, जो रेल्वेके दो स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था में बंट जाने की वजह से जटिल हो जाता है। रेल सम्बन्धी जानकारों ने बताया, रेल सुरक्षा बल को किसी भी अवांछित यात्री को कानूनी प्रक्रिया हेतु GRP स्थानीय पुलिस दल को सौंपना पड़ता है। इसी के चलते, रेल जाँच दल, सुरक्षा बल अपनी कार्रवाई को दण्ड तक सीमित कर लेते है और ऐसे अवांछनीय यात्री, अवैध विक्रेता और तृतीय पंथी, मांगनेवाले लोग रेल क्षेत्र, गाड़ियोंमे टहलते, यात्रा करते नजर आते है।

आखिर प्रश्न वहीं के वहीं रह जाता है, क्या रेल विभाग अपने यात्रियोंके साथ डिजिटलाइजेशन का कड़वा घूँट पिने को तैयार है? क्योंकि रेल यात्रिओंको भी अब PRS के छपे टिकटोंकी प्रतिक्षासूची वाले, अपनेआप रद्द न होने वाले टिकट पर सवारी करने की आदत हो गयी है।

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प रे WR की बरौनी के लिए एक और विशेष गाड़ी, यह गाड़ी रतलाम, मथुरा, कानपुर, लखनऊ, वाराणसी, पाटलिपुत्र होकर चलेगी। 😊

05 मई 2023, शुक्रवार, वैशाख, शुक्लपक्ष, पूर्णिमा, विक्रम संवत 2080

09061 मुम्बई सेंट्रल बरौनी साप्ताहिक विशेष दिनांक 09 मई से 04 जुलाई तक प्रत्येक मंगलवार मुम्बई सेंट्रल से दिन में 11:00 को रवाना होगी। वापसीमे 09062 बरौनी मुम्बई सेंट्रल साप्ताहिक विशेष दिनांक 12 मई से 07 जुलाई तक प्रत्येक शुक्रवार को बरौनी से चलेगी।

गाड़ी संरचना में 02 वातानुकूल प्रथम/टू टियर, 02 वातानुकूल थ्री टियर, 12 स्लिपर, 04 द्वितीय साधारण और 02 एसएलआर ऐसे कुल 22 कोच रहेंगे। यात्रीगण ज्ञात रहें, उक्त विशेष गाड़ी TOD अर्थात यात्री मांग के अंतर्गत चलाई जा रही है अतः यात्री किराये नियमित किराया दर से 1.3 गुना ज्यादा रहेंगे।