There is revision in platform numbers due to 2 new addition, at Bhusaval station.

There is revision in platform numbers due to 2 new addition, at Bhusaval station.

Passengers, kindly note, there will be a block of 4.30 hrs. on Sunday, 28th April, over Western Railways Surat Vadodara route, between Kosad and Gotangam section for technical work. The timings of block is 13.50 to 18.20.
The western railway authorities declared rescheduling and regulations of some trains, kindly check –

रेलवे के पार्सल एवं सामान विभाग की जानकारी, हम आपको विस्तृत तरीकेसे दे रहे है।
कल आप को पार्सल विभाग की थोड़ीसी जानपहचान करायी थी, आज बाईक, स्कूटर कैसे बुक करायी जाती है, इससे अवगत कराते है।
रेल द्वारा बाईक का परिवहन, ट्रांसपोर्ट कराना बेहद आसान, सुविधाजनक और किफायती है। आपकी दोपहिया गाड़ी ट्रांसपोर्ट कराने के दो तरीके है, पहला पार्सल बुकिंग और दूसरा लगेज बुकिंग। पार्सल बुकिंग जो केवल सुबह 10 से शाम 5 बजे तक, और इतवार, सरकारी छुट्टियोंको छोड़ बाकी दिन किया जा सकता है। लगेज के लिए 24घंटे x 365 दिन खुला है, लेकिन लगेज कराने के लिए आपके पास जहाँसे गाड़ी बुक करना है वहाँसे, जहाँ तक भेजनी है उस स्टेशन तक का टिकट होना जरूरी है, उसी टिकटपर आपकी गाड़ी बुक होगी।
आईए पहले नियम देख लेते है,
आपकी दो पहियाँ गाड़ी याने बाईक, मोपेड, या स्कुटर का ओरिजिनल RC बुक याने रजिस्ट्रेशन पेपर, और आपकी ओरिजिनल आई डी कार्ड, इन की एक, एक सेल्फ अटेस्टेड ज़ेरॉक्स कॉपी के साथ होना जरूरी है। यदि गाड़ी का मालिक कोई और है, तो उसका सम्मतिपत्र भी साथ रख ले।
उपरोक्त कागज़ात लेकर, बुक कराने वाली गाड़ी के साथ आप पार्सल ऑफिस पहुंच गए। आगे वहाँ पर बुकिंग की सुपुर्दगी के वक्त आपकी गाड़ी का ईंधन टैंक, फ्यूअल टैंक याने पेट्रोल या डीज़ल बिल्कुल खाली होना चाहिए।
गाड़ी की पॅकिंग करना, यह गाड़ी ट्रांसपोर्ट कराते वक्त का सबसे अहम कार्य है। गाड़ीकी हेडलाइट, सीट और बाकी नाजुक पार्ट्स बारदाने से, अच्छे तरीकेसे फुल्ल कवर किए जाने चाहिए। पैकिंग होने के बाद, गाड़ी के सामने और टेल लैंप की ओर एक स्लेट या गत्ते पर गाड़ी भेजने वाले और पाने वाले का विवरण अमिट स्याही में लिख कर अच्छी तरह से बांध दे।
अब आपकी गाड़ी बुकिंग के लिए तैयार है। किराया सूची तो आपके पास कल ही पोहोंच गई है। 60 cc से कम वाली गाड़ी को 100 kg, 60cc से 350cc तक 200kg और 350cc से ज्यादा वाली गाड़ी को 250kg वजन मानक तय है। यदि मानक वजन से गाडीका वास्तविक वजन ज्यादा है तो जो ज्यादा है उसे चार्ज किया जाएगा।
गाड़ी की कीमत घोषित करनी होती है, घोषित कीमत के 1% रकम, गाडी के बीमा के तौर पे, किराए में जोड़ी जाती है। उदाहरण के लिए, आपने गाड़ी की कीमत 50,000 बताई तो बीमे के 500 रुपए आपके किराए में जोड़े जाएंगे, इस तरह कुल कराया तय होगा। ध्यान रहे, इस कुल किराए में गाड़ी को स्टेशन प्लेटफॉर्म पर पोहचना, ट्रेन में लदान कराना, गन्तव्य पर उतरना और गतंव्य स्टेशन के पार्सल ऑफिस में पहुचना सब सम्मिलित है। यदि गाड़ी का टैंक खाली करना, दोनों नेमप्लेट बांधना और बारदाने वाली पॅकिंग करना आप खुद कर रहे है तो रेलवे रसीद पर छपी कीमत के अलावा कोई भी अतिरिक्त रकम आपको खर्च नही करनी है।
गाड़ी की बुकिंग तो हो गयी, अब पार्सल तरीकेसे हुई है तो आपको रेलवे रसीद सम्भलनी है, यदि लगेज तरीकेसे हुई है तो रसीद के साथ टिकट भी सम्भलनी है।
उपरोक्त सभी कागज़ात, रसीद, टिकट, गाड़ी की डिलेवरी के लिए बेहद जरूरी है। इसके नही रहते आपको गाड़ी की डिलिवरी मिलने में खासी मशक्कत करनी पड़ेगी, इंडेमनिटी बॉन्ड भरकर ही डिलेवरी मिल पाएगी, जो बड़ा ही सिर दर्द वाला काम है, तो साहब, कागजात सम्भाल कर रखने में ही ज्यादा समझदारी है।
हाँ, एक बात और, गाड़ी लगेज द्वारा बुकिंग की है, तो यह रेलवे पर निर्भर करता है, की आपकी बाईक, आप के टिकट वाले ट्रेन से ही लदान होगी या फिर किसी और ट्रेन से आएगी।
आजकल पार्सल बुकिंग इलेक्ट्रॉनिक पद्धति से होती है, अतः बुकिंग होने पर, गाड़ी लदान होने पर और आपकी गाड़ी गतंव्य पर, पार्सल ऑफिस पोहोंचने का आपको sms मिलता है।
सो, आशा करते है, आपकी सभी शंकाओंका समाधान हो गया होगा। फिर भी और कुछ पूछना हो तो हम हाज़िर है, अपनी वेबसाईट पर। धन्यवाद।
भारतीय रेल, जो हमारी नेशनल करियर है, न सिर्फ यात्रिओ को पुरे देश का, सफर कराती है बल्कि सामान, पार्सल, और यात्री लगेज का भी वहन करती है।
रेलवे के वाणिज्य विभाग में अलग से पार्सल एवं लगेज विभाग है, जो इस व्यवस्था का संचालन करता है। रेलवे के हर छोटे बड़े स्टेशनपर जिस तरह टिकट बुकिंग का दफ्तर रहता है, उसी प्रकार पार्सल ऑफिस भी रहता है।
पार्सल बुक करने की, रेलवे की, एक अलगसे नियमावली है, जिससे हम आपको आगे अवगत कराएंगे ही, आज थोड़ीसी जान पहचान करा देते है।
पार्सल एवं लगेज का किराया तय करने के लिए 4 स्केल, प्रकार होते है। स्केल R, स्केल P, स्केल S, और यात्री समान याने लगेज के लिए स्केल L होता है। कौनसे पार्सल के लिए, और गाडीके लिए क्या स्केल लगाई जाएगी, यह सम्बन्धित क्षेत्रिय रेलवे तय करती है। जहाँतक राजधानी, शताब्दी और दुरंतो जैसी सुपर ट्रेनोंके लिए स्केल R, इनके अलावा जो बची सुपरफास्ट ट्रेनोंमें स्केल P, सामान्य सवारी गाड़ियोंके लिए स्केल S लगाया जाता है। स्केल L, सभी तरह के यात्री सामान याने लगेज के लिए लागू होता है।
पार्सल ऑफिस का बुकिंग और डिलेवरी समय सुबह 10 से शाम 5 बजे तक है, लेकिन लगेज, यात्री सामान की बुकिंग 24 घंटे शुरू रहती है। वैसे तो व्यक्तिगत या वाणिज्यिक लगेज की बुकिंग पर कोई बंधन नही है, लेकिन यात्री सामान जो उसके साथ हो, यदि प्रस्तावित छूट से ज्यादा हो तो अतिरिक्त सामान को, लगेज रेट, स्केल L का, डेढ़ गुना किराया लगाया जाएगा।
रेलवे मे पार्सल की साईज और वजन के मानक तय है, ब्रॉड गेज में, साइज 2 x 1.5 x 1.25 मीटर और वजन 150 kg से ज्यादा स्वीकृत नही है।
इसके अलावा, साईज 1x1x0.7 मीटर और वजन 100kg के पार्सल को बल्की पार्सल माना जाएगा और उसे तय किराया तालिका के दुगना किराया चार्ज किया जाएगा।
जिस स्टेशनोंपर गाड़ी 5 मिनट या उससे ज्यादा रुकती हो, केवल उसी स्टेशन पर पार्सल का बुकिंग किया जाएगा। यह नियम सामान्य सवारी गाड़ियोंके लिए और यात्री सामान की बुकिंग में लागु नही रहेगा।
रेलदुनिया ने एक बेहद संक्षिप्त और आसान सी लगेज एवं पार्सल की किराया तालिका बनाई है, जो यहाँ दे रहे है।

Two new platforms will opened in service for rail commuters at Bhusaval, with effect form tomorrow 23rd April.
Here is the circular –
