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पश्चिम रेल द्वारा 18 जोड़ी विशेष गाड़ियोंका का सितम्बर अन्त तक अवधि विस्तार

29 जून 2023, गुरुवार, आषाढ, शुक्ल पक्ष, एकादशी, विक्रम संवत 2080

निम्नलिखित 5 जोड़ी विशेष गाड़ियोंकी अवधि भी बढ़ाई गई है।

1 : 09435/36 अहमदाबाद ओखा अहमदाबाद साप्ताहिक विशेष

2 : 09091/92 उधना हिसार उधना साप्ताहिक विशेष

3 : 09051/52 मुम्बई सेंट्रल भुसावल मुम्बई सेंट्रल त्रिसाप्ताहिक विशेष

4 : 09208/07 भावनगर बान्द्रा टर्मिनस भावनगर साप्ताहिक विशेष

5 : 09456/55 भुज साबरमती भुज प्रतिदिन विशेष

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मध्य रेल, भुसावल मण्डल ने मेमू रैक की यात्री क्षमता को डेढ़ गुना बढ़ा दी।

29 जून 2023, गुरुवार, आषाढ, शुक्ल पक्ष, एकादशी, विक्रम संवत 2080

रेल प्रशासन ने संक्रमण काल के बाद सवारी गाड़ियोंका परिचालन एक्सप्रेस गाड़ियोंमें बदल दिया है। यह गाड़ियाँ अपने पुराने आई सी एफ के कलेवर को त्यागकर नई मेमू गाड़ियोंके रैक से दौड़ाई जा रही है।

मेमू रैक सेल्फ प्रोपल्ड ट्रेन सैट, लोको रहित रहते है, अर्थात लोको की अलगसे शंटिंग नही करनी पड़ती। वन्देभारत एक्सप्रेस की तरह ही ट्रेन सैट में अंतर्भूत रहते है। उन्नत तकनीक से बने यह ट्रेनसेट में तुरन्त पीकअप और बेहतरीन कन्ट्रोल रहता है। साथ ही रखरखाव भी आसानी से और कम करना पड़ता है। शंटिंग रहित, दोनों सिरे पर सेल्फ प्रोपल्ड लोको जुड़े होने से किसी भी मेमू रैक को कुछ ही समय मे अपने अगले फेरे के लिए तैयार किया जा सकता है। चार – चार कोच का एक मेमू यूनिट बनता है, अतः आठ, बारह या सोलह कोच के ट्रेनसेट बनाकर इन्हें यात्री सेवा में लाया जाता है।

चूँकि ग़ैरउपनगरिय क्षेत्रों में मेमू रैक का शुरवाती दौर था, तो आठ आठ कोच के रैक से गाड़ियोंकी सेवाएं चलने लगी। भुसावल मण्डल की सारी सवारी गाड़ियाँ इन मेमू रैक में तब्दील की जा चुकी है। और अब इनके यात्री क्षमता के विस्तार हेतु चार कोच बढाकर ट्रेनसेट को 12 कोच का किया जा रहा है।

01303/04, 01037/38, 01309/10, और 01013/14 चालीसगांव धुळे चालीसगांव सवारी गाड़ियोंको आठ कोच मेमू में पहली जुलाई से बदला जा रहा है।

11113/14 भुसावल देवलाली भुसावल 8 कोच मेमू एक्सप्रेस 10/11 जुलाई से 12 कोच की हो जाएगी।

11121/22 भुसावल वर्धा भुसावल 8 कोच मेमू एक्सप्रेस 11/13 जुलाई से 12 कोच की हो जाएगी।

11115/16 वर्धा बल्हारशाह वर्धा 8 कोच मेमू एक्सप्रेस 12 जुलाई से 12 कोच की हो जाएगी।

अन्दरखाने बता दे, भुसावल – देवलाली – वर्धा – बल्हारशाह – वर्धा – देवलाली – भुसावल यह एक ही रैक में लिंक हुई 3 एक्सप्रेस गाड़ियाँ है।☺️😊 खैर, यात्रिओंकी लगातार माँग के बाद एक रैक ही सही 8 कार की मेमू 12 कार की हुई है। इसी तरह एक एक रैक में 4-4 कार/कोच बढाकर भुसावल – इगतपुरी, भुसावल – इटारसी, भुसावल – बड़नेरा, अमरावती – नागपुर इत्यादि मेमू एक्सप्रेस भी 12 या 16 कार की जा सकती है।

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पश्चिम रेलवे की अनोखी विशेष : ओखा – मदुरै – ओखा साप्ताहिक वाया सुरत, भुसावल, अकोला, काचेगुड़ा, रेनिगुंटा होकर

28 जून 2023, बुधवार, आषाढ, शुक्ल पक्ष, दशमी, विक्रम संवत 2080

पश्चिम रेलवे ने इस छुट्टी विशेष में बहुत से नए मार्ग अपनाकर लम्बे गन्तव्योंको गुजरात से जोड़ा है। राजकोट – महबूबनगर हो या उत्तरी भारत मे गुना, ग्वालियर होकर गाड़ियाँ चलवाई हो। शायद इस बार का ग्रीष्म परे ने इसी तरह मनाया है। ख़ैर, यह और एक नई पेशकश ओखा – मदुरै जोड़ने की। अकोला, काचेगुड़ा मार्ग पर ऐसे ही गुजरात के कच्छ, सौराष्ट्र भागों से रेल सम्पर्क की कमी है। इस गाड़ी को लेकर यात्रिओंकी प्रतिक्रिया तो ज़बरदस्त रहेगी अपितु विश्वास है, पश्चिम रेल के लोकप्रिय गाड़ियोंके मार्ग सूची में यह गाड़ी हमेशा के लिए दर्ज हो जाएगी। हो सकता है, इसे नियमित तौर पर भी चला दे। ☺️

09520/19 ओखा – मदुरै – ओखा साप्ताहिक विशेष (अतिरिक्त किराया श्रेणी में)

09520 ओखा मदुरै साप्ताहिक विशेष दिनांक 10 जुलाई से 31 जुलाई तक प्रत्येक सोमवार को ओखा से रात 22:00 को रवाना होगी और गुरुवार को दिन में 11:45 को मदुरै पहुँचेंगी। वापसी में 09519 मदुरै ओखा साप्ताहिक विशेष दिनांक 14 जुलाई से 04 अगस्त तक प्रत्येक शुक्रवार अल-सुबह 01:15 (गुरुवार रात के पश्चात) मदुरै से रवाना होगी और रविवार को सुबह 10:00 ओखा पहुँचेगी।

गाड़ी की संरचना : 01 वातानुकूल टू टियर, 02 वातानुकूल थ्री टियर, 12 स्लिपर, 04 द्वितीय श्रेणी साधारण और 02 एसएलआर कुल 21 कोच

ओखा से चलने के बाद, द्वारका, जामनगर, राजकोट, सुरेन्द्रनगर, अहमदाबाद, नड़ियाद, आणंद, वडोदरा, भरुच, सुरत, नंदुरबार, अमलनेर, जलगाँव, भुसावल, अकोला, पूर्णा, नान्देड़, महबूबनगर, गुटी, रेनिगुंटा, काटपाडी, वेल्लोर, तिरुवन्नामलाई, विल्लुपुरम, श्रीरंगम, तिरुचिरापल्ली, मानापराई, डिंडीगुल, कोडै कनाल, कुडाल नगर होकर मदुरै पहुँचेंगी।

समयसारणी :

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पमरे WCR का जबलपुर – इटारसी मार्ग बाधित; यात्री गाड़ियाँ परावर्तित की जा रही है।

28 जून 2023, बुधवार, आषाढ, शुक्ल पक्ष, दशमी, विक्रम संवत 2080

अभी भुसावल से खंडवा, इटारसी, जबलपुर की ओर आने जाने वाली सभी यात्री गाड़ियाँ रोकी गयी है। भुसावल से अन्य मार्ग पर परावर्तित की जाने की बात सुनने में आ रही है।
दानापुर पुणे, बनारस लोकमान्य तिलक टर्मिनस सहित कई ट्रेनें जबलपुर से कटनी बीना,भोपाल होकर इटारसी आयेगी और इटारसी से आगे अपने नियमित मार्ग से आगे बढ़ेगी।

दरअसल करेली – नरसिंगपुर के बीच रेवा नदी का रेलवे पुल के आसपास बाढ़ के चलते जमीन धंसने की खबरें है। एहतियातन गाड़ियोंको इस मार्ग से नही चलाया जाएगा।

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वन्देभारत एक्सप्रेस लुभाती तो है, मगर कमबख़्त जेब है की बैठने नही देती।

28 जून 2023, बुधवार, आषाढ, शुक्ल पक्ष, दशमी, विक्रम संवत 2080

देश भर में, भारतीय रेल पर वन्देभारत प्रीमियम गाड़ी के 24 रैक के जरिए 46 सेवाएं चल पड़ी है।

सोलह कोच की वन्देभारत एक्सप्रेस जब किसी मार्ग पर नही भरा रही थी तो रेल प्रशासन ने अपनी तिकड़म जोड़कर उसे आधी याने आठ कोच की कर बुकिंग्ज में प्रतिक्षासूची हाज़िर करवा दी और उसे ‘फुल्ली सक्सेसफुल’ की श्रेणी में ला कर रख दिया। अब बताइए, जब आठ कोच की गाड़ी भी न भरा पाए तो…? कुछ इस तरह की अवस्था वन्देभारत एक्सप्रेस के बिलासपुर – नागपुर की है, और एकदम ताज़ा इन्दौर – भोपाल की भी बन सकती है।

देखिए, राजनीति को परे रख हकीकत समझते है। मैसूरु – चेन्नई वन्देभारत चलती है, जिसके मैसूरु – बेंगलुरु खण्ड पर गाड़ी बिल्कुल निम्नतम यात्री भार में चल रही है। क्षेत्र के यातायात जानकारोंने इसका पूरा लेखाजोखा सामने रखा,

मैसूरु – बेंगलुरु वन्देभारत का किराया एवं यात्रा अवधि, एक तुलनात्मक अभ्यास। यहाँपर आम यात्री और निम्नतम श्रेणी की यात्रा को मद्देनजर रख तथ्य रखने का प्रयास है।

वन्देभारत एक्सप्रेस AC CC- ₹515/-
(2 Hrs), शताब्दी एक्सप्रेस AC CC- ₹315/- (2.10 Hrs), राज्य रानी एक्सप्रेस 2S- ₹95/-
(2.30 Hrs)

कर्नाटक में विद्यमान प्रशासन ने महिला यात्री की बस यात्रा मुफ़्त की है, अतः परिवार की औसत यात्रा खर्च यदि सड़क मार्ग से हो तो खर्च और भी कम लगेगा।

अब इन्दौर भोपाल के बीच तथ्य समझते है,

वन्देभारत एक्सप्रेस AC CC- ₹810/- (इसमे खानपान के ₹142/- ऐच्छिक* सम्मिलित है)
(3.05 Hrs), इन्टरसिटी एक्सप्रेस AC CC- ₹365/- (4.20 Hrs), इन्टरसिटी एक्सप्रेस 2S- ₹100/-

और सड़क परिवहन की सोचें तो ₹330/- प्रति सीट और यात्रा अवधि 3 घण्टे 20 मिनट

अब आम आदमी, लाख सोच लें, वन्देभारत में यात्रा करने का, किस तरह कर पायेगा?

एक अभ्यास यह भी कहता है,
वन्देभारत एक्सप्रेस इन्ही प्रीमियम किरायों में चलती रही और केवल 30% यात्री भार से ही चली तो भी घाटे में नहीं रहती। आगे रेल तकनीशियन का मानना है, 16 कोच से 8 कोच की वन्देभारत करना यह रेल परिचालन विभाग की अवहेलना करने जैसा है। चूँकि रेल प्रशासन एक कोच चलाये या पूर्ण रैक मार्ग को तो अवरुद्ध होना ही है, फिर संरचना में कमी क्यों?

इस तरह अलग अलग विचार फिलहाल वन्देभारत एक्सप्रेस पर आ रहे है। गौरतलब यह है, देशभर में 400 वन्देभारत एक्सप्रेस चलाने की तैयारी है। (एक सांख्यिकी विचार, 200 फेरों का भी हो सकती है) वन्देभारत एक्सप्रेस को देश के भविष्य की रेल इस नज़रिए से भी देखा जा रहा है। जब वन्दे मिनी, वन्दे मेट्रो, वन्दे स्लिपर इस तरह के अलग अलग संस्करण पटरियोंपर उतरेंगे तब आम यात्रिओंके रुझान वन्देभारत के लिए किस तरह होंगे यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा मगर फिलहाल तो अंगूर खट्टे लग रहे है।