11 अप्रैल 2023, मंगलवार, वैशाख, कृष्ण पक्ष, पंचमी, विक्रम संवत 2080
इस पत्राचार को देखें तो जल्द ही पंधरवीं “गुड़ न्यूज” मिलने जा रही है। एक ओर वन्देभारत एक्सप्रेस जल्द ही धारवाड़ – बेंगलुरु के बीच चल सकती है।

11 अप्रैल 2023, मंगलवार, वैशाख, कृष्ण पक्ष, पंचमी, विक्रम संवत 2080
इस पत्राचार को देखें तो जल्द ही पंधरवीं “गुड़ न्यूज” मिलने जा रही है। एक ओर वन्देभारत एक्सप्रेस जल्द ही धारवाड़ – बेंगलुरु के बीच चल सकती है।

11 अप्रैल 2023, मंगलवार, वैशाख, कृष्ण पक्ष, पंचमी, विक्रम संवत 2080

20977/78 अजमेर – दिल्ली कैंट – अजमेर वन्देभारत एक्सप्रेस सप्ताह में छह दिन, प्रत्येक बुधवार छोड़कर चलाई जाएगी। गाड़ी की उद्धाटन विशेष दौड़ 12 अप्रैल को जयपुर से दिल्ली कैंट के बीच आयोजित की जा सकती है और नियमित फेरे 13 अप्रैल से शुरू हो जाएंगे। निम्नलिखित परिपत्रक देखिए,

10 अप्रैल 2023, सोमवार, वैशाख, कृष्ण पक्ष, चतुर्थी, विक्रम संवत 2080
यात्रीगण, ध्यान दीजिए। 20701/02 सिकंदराबाद – तिरुपति – सिकंदराबाद वन्देभारत की समयसारणी में कुछ बदलाव किया गया है। साथ इस वन्देभारत एक्सप्रेस के समयसारणी को नियमित रखने के लिए, पूर्वचलित नियमित गाड़ियोंका समय भी बदला जाना है। गौरतलब यह है, नियमित मेल/एक्सप्रेस गाड़ियोंके सारे बदलाव वर्किंग समयसारणी WTT में किये जा रहे है, जो यात्रिओंके उपयोग की समयसारणी PTT पब्लिक टाइम टेबल पर असर नही करने वाले है।


निम्नलिखित गाड़ियोंके WTT वर्किंग समयसारणी मे बदलाव किया जा रहा है। यात्रीगण की समयसारणी PTT में कोई बदलाव नही होगा।
निम्नलिखित बदलाव गुड्डुर एवं दुव्वाडा स्टेशन से सम्बंधित है,

07974 मिरयालागुड़ा – काचेगुड़ा प्रतिदिन विशेष और 12703 हावडा सिकंदराबाद प्रतिदिन फलकनुमा सुपरफास्ट

12747 गुण्टूर विकाराबाद प्रतिदिन पलनाडू एक्सप्रेस, 17229 तिरुवनंतपुरम सिकंदराबाद प्रतिदिन शबरी एक्सप्रेस, 17016 सिकंदराबाद भुबनेश्वर प्रतिदिन विशाखा एक्सप्रेस, 12513 सिकंदराबाद गौहाटी साप्ताहिक सुपरफास्ट, 12748 विकाराबाद गुण्टूर प्रतिदिन पलनाडू सुपरफास्ट, 17256 लिंगमपल्ली नरसापुर प्रतिदिन एक्सप्रेस

09 अप्रैल 2023, रविवार, वैशाख, कृष्ण पक्ष, तृतीया, विक्रम संवत 2080
भारतीय रेल में यात्रिओंके रेल यात्रा हेतु विभिन्न श्रेणियाँ उपलब्ध है। वातानुकूल में प्रथम, टू टियर, थ्री टियर, चेयर कार, एग्जीक्यूटिव चेयर कार, हाल ही आविष्कृत थ्री टियर इकोनॉमी, विस्टाडोम और ग़ैरवातानुकूल में स्लीपर, द्वितीय श्रेणी। उपरोक्त सभी श्रेणियों में द्वितीय श्रेणी जनरल वर्ग छोड़ दे तो सबसे किफायती वर्ग स्लीपर क्लास है। यात्रिओंके लिए सुविधाजनक और सुव्यवस्थित लेग स्पेस, सीट्स, बर्थस और वह भी कम दामों में इसके चलते यात्रिओंमें यह श्रेणी अत्याधिक लोकप्रिय है।
स्लीपर क्लास का अविष्कार भारतीय रेल में लगभग 1993 में आया। इससे पहले ग़ैरवातानुकूल शायिका केवल टू टियर फॉर्मेट में थी जिसमें दो स्तर में नीचे सीट्स और बर्थ आरक्षित की जा सकती थी। थ्री टियर में जितनी यात्री क्षमता उतने ही यात्री आरक्षित अर्थात पुराने ICF कोच में 72/75 यात्री क्षमता होती है और नए LHB कोचेस में 80 यात्री क्षमता है।
अब हम इस लोकप्रिय स्लीपर क्लास की आजकल हुई दुर्गति पर आते है। एक वक्त था, स्लीपर क्लास के प्रत्येक कोच पर रेल विभाग के वाणिज्यिक विभाग के कर्मचारी अर्थात TTE अमेनेटीज यात्री सुविधा हेतु हाजिर रहते थे। केवल आरक्षण धारक यात्री ही सम्पूर्ण आरक्षित स्लीपर कोच में यात्रा कर सकता था। यूँ तो अभी भी स्लीपर कोच सम्पूर्ण आरक्षित श्रेणी ही है, मगर रेल विभाग ने अपने कर्मचारियों के अभाव में इनकी देखभाल, यात्री सुविधाओं की और ध्यान देना कम कर दिया है। स्लीपर क्लास के कोचेस में आजकल अनारक्षित यात्री, वेटिंग लिस्ट के यात्री बिना खटके चढ़ जाते है और महीनों पहले आरक्षण किये यात्रिओंको परेशान करते है। स्लीपर क्लास की यहाँ तक दुरावस्था हो गयी है, की टिकट जाँच दल और TTE कोचोंमे किसी अवैध यात्रिओंको नही रोकते, अपितु जनरल टिकट धारक यात्रिओंको दण्डित कर, कोच की लेग स्पेस, दरवाजों, पैसेज की जगहोंपर या ऊपरी बर्थ पर एडजस्ट करा देते है।
एक बेहतरीन यात्री संहिता वाली स्लीपर श्रेणी रेल विभाग के अनदेखी की वजहसे यात्रिओंकी प्राधान्यता से दूर होते जा रही है। थोड़े अधिक धन खर्च कर सकने वाले यात्री सीधे वातानुकूल थ्री टियर की ओर रुख कर गए है और जो अब भी स्लीपर क्लास में यात्रा करते है, रेल विभाग को कोसते रेल की यात्रा पूर्ण करते है। रेल विभाग को स्लीपर क्लास की गरिमा, व्यवस्था को कायम करने के लिए कुछ कठोर कदम उठाने की जरूरत है।
रेल आरक्षण की ARP एडवांस रिजर्वेशन पीरियड, अग्रिम आरक्षण अवधि को 120 दिनोंसे घटाकर 30 दिनोंतक ले आना। इससे अनावश्यक रूपसे महीनों पहले सीट्स का बुक होना, आरक्षित टिकटों का ब्लैक मार्केट कम/ बन्द होगा।
सभी आरक्षित वर्गोमे प्रतिक्षासूची को अनिवार्य रूप से बन्द करना चाहिए। यदि पूर्व आरक्षण रद्द होते है, तो टिकट बुकिंग साइट्स पर अपनेआप ही सीट्स, बर्थ उपलब्ध दिखेंगे अन्यथा “नॉट अवेलेबल” यह पर्याय दिखेंगा। इससे प्रतिक्षासूची धारक का आरक्षित कोचेस में अवैध प्रवेश पर रोक लगेगी और यदि द्वितीय श्रेणी अनारक्षित टिकट धारक सीधे दण्डित या कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकेंगे।
सभी स्लीपर कोच (हालांकि अब दिनोंदिन गाड़ी संरचना में घटाए जा रहे) में अनिवार्य रूप से रेल प्रतिनिधि अर्थात TTE यात्री सुविधा के लिए मौजूद हो। इससे आरक्षित यात्री अपनी सीट्स, बर्थ पर सुरक्षित महसूस करेंगे।
सीजन धारक की पास पर अनिवार्य रूप से गाड़ी अंकित की जानी चाहिए, ताकि अन्य गाड़ियोंमे मुक्त रेल यात्रा पर प्रतिबंध लग सके। साथ ही रेल विभाग रोजाना यात्रा करने वाले इन सीजन पास धारकोंके पास आबंटन का उचित जायजा लेकर कम अन्तर की गाड़ियाँ चलवाई जाए।
07 अप्रैल 2023, शुक्रवार, वैशाख, कृष्ण पक्ष, प्रतिपदा, विक्रम संवत 2080
हाल ही शुरू की गई रानी कमलापति – हज़रत निजामुद्दीन – रानी कमलापति वन्देभारत प्रीमियम एक्सप्रेस को सुव्यवस्थित और तीव्र गामी बने रहने के लिए 11 नियमित मेल/एक्सप्रेस गाड़ियोंको इधर- उधर खिसकाकर स्लॉट (खाली जगह) बनाई जा रही है। अभी 2 – 4 पहले ही हमने हमारे ब्लॉग पर https://wp.me/pajx4R-42M इस लेख के जरिये इस विषय को छेड़ा था। देख लीजिए, किस कदर प्रीमियम गाड़ियोंके लिए जगह बनाकर उन्हें ठूंसा जाता है,
12807 विशाखापट्टनम निजामुद्दीन समता एक्सप्रेस के बीना से निजामुद्दीन के बीच समय बदले

12647 कोयम्बटूर निजामुद्दीन कोंगु एक्सप्रेस, 12617 एर्नाकुलम निजामुद्दीन मङ्गला एक्सप्रेस, 12625 तिरुवनंतपुरम नई दिल्ली केरल एक्सप्रेस

12781 मैसूरु निजामुद्दीन स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस, 12645 एर्नाकुलम निजामुद्दीन एक्सप्रेस, 12803 विशाखापट्टनम निजामुद्दीन स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस, 12643 तिरुवनंतपुरम निजामुद्दीन एक्सप्रेस

यात्रीगण निवेदन है, कृपया अपनी समयसारणी में उपरोक्त बदलाव कर लीजिएगा। 😊☺️