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पश्चिम रेल में भी दस जोड़ी विशेष गाड़ियाँ जल्द ही नियमित होने जा रही है।

25 मार्च 2026, बुधवार, चैत्र, शुक्ल पक्ष, सप्तमी, विक्रम संवत 2083

रेल प्रशासन के द्वारा एक अच्छा निर्णय रेल यात्रिओंके अनुकूल लिया गया है। इस निर्णय के तहत जितनी भी लोकप्रिय विशेष गाड़ियाँ, विशेष किराया श्रेणियों में चल रही है, उन्हें नियमित किया जा रहा है। यह निर्णय से यात्रिओंको काफी राहत मिलने वाली है। एक तो अतिरिक्त किराया देने से मुक्ति मिलेगी, दूसरा बुकिंग में विविध कोटे लागू हो जायेंगे। साथ ही गाड़ी समयानुसार परीचालित होगी। कृपया निम्नलिखित सूची देखिए, ब्रैकट में हाल में चल रहे विशेष गाड़ियोंके गाड़ी क्रमांक है।

19057/58 (09057/58) सूरत मंगालुरु सूरत द्विसाप्ताहिक एक्सप्रेस

19047/48 (09051/52) दादर भुसावल दादर वाया वलसाड, भेस्तान, नंदुरबार, जलगाँव त्रिसाप्ताहिक एक्सप्रेस

21907/08 (09075/76) मुम्बई सेंट्रल काठगोदाम मुम्बई सेंट्रल साप्ताहिक सुपरफास्ट वाया वडोदरा, रतलाम, कोटा, मथुरा, कासगंज, बरेली, लालकुआं

19560/59 (09520/19) ओखा तिरुपति ओखा साप्ताहिक एक्सप्रेस वाया हापा, अहमदाबाद, सूरत, भुसावल, अकोला, नान्देड़, काचेगुड़ा, धोन, कड़प्पा, रेनिगुंटा

19055/56 (09055/56) बांद्रा टर्मिनस उधना बांद्रा टर्मिनस प्रतिदिन इंटरसिटी

59239/40 (09529/30) ढोला भावनगर ढोला सवारी

59231/32 (09215/16) गांधीग्राम भावनगर गांधीग्राम सवारी

59237/38 (09211/12) गांधीग्राम बोटाद गांधीग्राम सवारी

21905/06 (09447/48) अहमदाबाद पटना अहमदाबाद साप्ताहिक अमृतभारत एक्सप्रेस वाया आणंद गोधरा, रतलाम, कोटा, गंगापुर सिटी, आगरा, टूण्डला, गोविन्दपुरी, सूबेदारगंज, पण्डित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन

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रेल आरक्षण में कन्फर्म्ड टिकट रद्दीकरण के नियम बदल रहे है।

24 मार्च 2026, मंगलवार, चैत्र, शुक्ल पक्ष, षष्टी, विक्रम संवत 2083

मित्रों, भारतीय रेल अपने कार्यप्रणाली में रिफॉर्म्स अर्थात क्रांतिकारी बदलाव लाना चाह रही है। इसके तहत आनेवाले 52 सप्ताह याने एक वर्ष की कालावधि में 52 बदलाव की सूची बनाई गई है। उनमें से पांच बदलाव की जानकारी माननिय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा पत्रकार परिषद में दी गई।

दो बदलाव रेल कॉर्गो से सम्बंधित है, एक निर्माण से और बचे दो रेल यात्रिओंसे जुड़े हुए है। उक्त परिषद की युट्युब लिंक हम यहाँ प्रस्तुत कर रहे है।

https://www.youtube.com/live/rhl7yYeEw6A?feature=shared

निम्नलिखित तस्वीरें इसी वीडियो से प्राप्त है,

फिलहाल रेल आरक्षण के कन्फ़र्म टिकटों में जो रद्दीकरण शुल्क उसमे व्यापक बदलाव किया जा रहा है।

नए नियम अनुसार गाड़ी प्रस्थान समय से 72 घण्टे पूर्व रद्दीकरण (कैंसलेशन)में ही प्रचलित रद्दीकरण शुल्क अनुसार धनवापसी (रिफण्ड) की जाएगी।

गाड़ी प्रस्थान समय से 72 घण्टे से 24 घण्टे तक देय किराए में 25% कटौती या कमसे कम रद्दीकरण शुल्क लगता है, इनमें जो भी ज्यादा हो, काटकर  बाकी रिफण्ड किया जाएगा।

गाड़ी प्रस्थान समय से 24 घण्टे से 8 घण्टे तक देय किराए में 50% कटौती या कमसे कम रद्दीकरण शुल्क लगता है, इनमें जो भी ज्यादा हो, काटकर बाकी रिफण्ड किया जाएगा।

अब गाड़ी प्रस्थान समय से 8 घण्टे से कम समय हो तो टिकट रद्दीकरण पर कोई धनवापसी नही दी जाएगी।

मित्रों, रेल विभाग इस सन्दर्भ में बाक़ायदा एक परिपत्र जारी करेंगी और उसमे यह बदलाव कब से लागू किए जाएंगे यह दर्ज होगा। जहाँतक पता चला है, 01 एप्रिल से 15 एप्रिल के बीच यह बदलाव लागू किए जा सकते है।

रेल प्रशासन का यह मानना है, जल्द रद्दीकरण अवधि के चलते अवैध आरक्षण के गोरखधंदे पर नकैल कसी जा सकती है।

इसके साथ ही बोर्डिंग स्टेशन बदलने के नियम में भी बदलाव किए गए है। लेकिन परिपत्र का इंतज़ार है।

तत्काल बुकिंग्ज में किए गए बदलाव से 3 करोड़ संदेहास्पद यूजर्स रद्द किए गए।

चार्टिंग में बदलाव : पुराने गाड़ी प्रस्थान समय से 4 घण्टे पहले की चार्टिंग समय को 9 से 18 घण्टे पहले तक बदला गया। इससे यात्री को अपनी रेल यात्रा सुनिश्चित करने में मद्त होने लगी।

चार्टिंग समय का बदलाव होने से रद्दीकरण का पहले का पैटर्न जो 48/12/4 घण्टे के स्लैब वाला था जिसे अब बदल कर 72/24/8 घण्टे किया जाएगा।

ई-टिकट धारकोंको अब TDR फॉर्म्स भरने की आवश्यकता नही रहेगी। टिकट रद्दीकरण के बाद रिफण्ड ऑटोमेटिक खातों में जमा होगा।

बोर्डिंग स्टेशन बदलने के नए नियम :

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दक्षिण पश्चिम रेल SWR में 19 जोड़ी विशेष गाड़ियाँ नियमित की जा रही है।

19 मार्च 2026, गुरुवार, चैत्र, शुक्ल पक्ष, प्रतिपदा, विक्रम संवत 2083

द प रेल में कुल 19 जोड़ी विशेष गाड़ियाँ नियमित होने जा रही है, जिसमे 6 जोड़ी मेल/एक्सप्रेस श्रेणी की है और 13 जोड़ी गाड़ियाँ सवारी/डेमू/मेमू श्रेणी में नियमित की जा रही है।

मेल/एक्सप्रेस श्रेणी की गाड़ियाँ :

1: 16281/82 मैसुरु अजमेर मैसुरु साप्ताहिक एक्सप्रेस वाया अरसीकेरे, हुब्बाली, लौंडा, मिरज, पुणे, कल्याण, वसई रोड, वडोदरा, रतलाम, चित्तौड़गढ़

2: 16563/64 बेंगलुरू कैंट कलबुर्गी बेंगलुरू कैंट साप्ताहिक एक्सप्रेस वाया गुंटकल, रायचूर, वाड़ी

3: 16559/60 सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया टर्मिनस बेंगलुरू बीदर सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया टर्मिनस बेंगलुरू साप्ताहिक एक्सप्रेस वाया गुंटकल, रायचूर, वाड़ी, कलबुर्गी, हुमनाबाद

4: 16555/56 यशवंतपुर तालगुप्पा यशवंतपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस वाया अरसीकेरे, शिवमोग्गा टाउन

5: 17363/64 हुब्बाली योगनगरी ऋषिकेश हुब्बाली साप्ताहिक एक्सप्रेस वाया लोंडा, मिरज, पुणे, मनमाड़, भुसावल, इटारसी, बीना, झाँसी, मथुरा, हज़रत निजामुद्दीन, मुजफ्फरनगर, टपरी, रूड़की, हरिद्वार

6: 10109/10 मडगांव कारवार मडगांव प्रतिदिन एक्सप्रेस

13 जोड़ी सवारी / डेमू / मेमू गाड़ियाँ निम्नलिखित है।

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रेल विभाग ने खानपान सामग्री की अनधिकृत बिक्री पर लगाम लगाने हेतु व्यापक उपाय किए।

19 मार्च 2026, गुरुवार, चैत्र, शुक्ल पक्ष, प्रतिपदा, विक्रम संवत 2083

रेल विभाग यह मानता है, की रेल परिसर एवं रेल गाड़ियोंमें अनधिकृत विक्रेता खाद्य सामग्री की बिक्री करते है। हालाँकि इस तरीकेसे रेल में फेरी लगाकर सामान बेचना दण्डनीय अपराध है और रेल एवं आईआरसीटीसी के अधिकारी, रेल सुरक्षा बल को साथ ले कर विशेष अभियान चलाकर इन्हें धरते है।

रेल विभाग अब अधिकृत विक्रेताओं को QR कोड सक्षम पहचान पत्र जारी करेगी। साथ ही खाद्य सामग्रियों के पैकिंग पर भी QR कोड लगवाया जाएगा। विस्तृत सूचना निम्नप्रकार है,

pib.gov.in से उध्दृत

आम यात्रिओंका यह कहना है, QR कोड रेल विभाग के जाँच करने वाले दल के लिए ठीक है, आम यात्रिओंके लिए तो रेल विभाग का आश्वासन महत्व का है, की इन तमाम व्यवस्था के बाद उसे खराब खाना न मिले, अनधिकृत विक्रेताओं से उसकी माथापच्ची करने की नौबत कभी न आए और यदि कोई अधिकृत  विक्रेता उससे दुर्व्यवहार करता है तो उसके शिकायत की फौरन दख़ल ली जाए।

दरअसल रेल यात्रा में अनधिकृत विक्रेताओं की  तो छोड़िए, आजकल अधिकृत वैंडर्स से ही बहुत विवाद होते है। कोई यात्री, इन वेन्डर्स की शिकायत करता है तो उसकी पूछताछ आईआरसीटीसी द्वारा की जाती है और संबंधित संस्था या एजेंसी को दण्डित किया जाता है। इससे यात्री को सीधे तौर पर कोई समाधान नही मिलता, उसे कई बार शिकायत का फॉलोअप लेने के बाद सूचित कर दिया जाता है की संबंधित व्यक्ती को दण्डित किया गया है, बस। जबकि यात्री की अपेक्षा रहती है, उसे जो भी परेशानी हुई है या खाद्यान्न में ज्यादा चार्ज किया है उसका समाधान हो, उसे कोई राहत मिले मगर आईआरसीटीसी द्वारा ऐसा कुछ नही किया जाता। 

दूसरी महत्वपूर्ण बात यह है, रेल यात्रा के दौरान यात्री और विक्रेता सीधे आमने-सामने रहते है। छोटे से विवाद पर बड़ा बवाल हो जाता है। इसमे यात्री अकेला पड़ जाता है, जबकि विक्रेताओं का गुट हाथापाई तक उतर जाता है। रेल विभाग या आईआरसीटीसी यह सुनिश्चित करें कि सभी अधीकृत विक्रेता यात्री के प्रति विनम्र हो, व्यवहार केवल बिल देकर ही किया जाए और खाद्यान्न के दाम मीनू पर दर्ज अनुसार ही लिए जाए। यात्री या वेन्डर्स किसी की शिकायत पर वेन्डर्स के मैनेजर का निर्णय, बयान या उसने किस तरह समाधान किया इस पर विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। यात्री की शिकायत का समाधान हो सके जब तक मौक़े पर हो ऐसी व्यवस्था रेल प्रशासन द्वारा होना चाहिए।

रही बात अनधिकृत विक्रेताओं की, इसके लिए स्थानीय सुरक्षा बल को जिम्मेदारी सौप देनी चाहिए। यदि यात्री की, अनधिकृत विक्रेताओं सम्बन्धी कोई भी शिकायत आती है तो रेल प्रशासन उसकी पड़ताल सीधे स्थानीय सुरक्षा बल के कर्मी जिसे इस व्यवस्था को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, उस से की जानी चाहिए। व्यवस्था में खामी पाई जाती है तो जिम्मेदार व्यक्ति पर कड़ी कार्रवाई की जाए। इस तरह कामकाज रहा तो कुछ ही दिनों में सम्पूर्ण रेल विभाग अनधिकृत विक्रेता मुक्त किया जा सकता है।